prastavana:- Hamara Sharir ki antriyan engine ke Saman Hai Jiske vibhinn bhagyantra ke cal punjon ke Saman Har Samay kriyashil rahte hain iski kriyashilta ko banae rakhne ke liye indhan ki avashyakta Hoti Hai Jise Ham bhojan ke roop Mein prapt Karte Hain Shamshad jivit prani niyamit Roop se Jivan Bhar Aahar grahan Karte Hain manushya ke atirikt Karya Anya sabhi praniyon ka Aahar prakrutik Roop...
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prastavana:- Hamara Sharir ki antriyan engine ke Saman Hai Jiske vibhinn bhagyantra ke cal punjon ke Saman Har Samay kriyashil rahte hain iski kriyashilta ko banae rakhne ke liye indhan ki avashyakta Hoti Hai Jise Ham bhojan ke roop Mein prapt Karte Hain Shamshad jivit prani niyamit Roop se Jivan Bhar Aahar grahan Karte Hain manushya ke atirikt Karya Anya sabhi praniyon ka Aahar prakrutik Roop se nishchit AVN nirdharit hai manushya Ke Aahar Mein atyadhik vividhta Pai Jaati Hai manushya Ek baudhik prani hai tatha vah apne sharirik Vikas AVN Swasthya ke Prati purn Roop se Jagruk Hai manushya ne apne adhyayan ke vistar se jaan liya hai ki Hamare liye Kisi Ek Ya Kuchh khak padarthon ko grahan karna anivarya Nahin Hai sharirik Swasthya AVN Vikas ke liye Kuchh Poshak Tatv ki avashyakta Hoti Hai yah Poshak Tatv Hai protein carbohydrate Varsha vitamin khanij tatha Jal inhen Aahar ke avashyak Poshak Tatv Kaha Jata Hai ine Poshak tatvon ko Vividh Prakar ke khak padarthon se prapt kiya Ja sakta hai atah manushya Ne Anek Prakar ke padarthon ko Apne Aahar Mein sammilit Kar Liya manushya ne apne adhyayan se yah Vigyan kar liya hai ki Khad padarthon ko Keval grahan karna hi Kafi Nahin Hai grahan kiye Gaye padarthon ka Sharir Mein pachan Hona bhi avashyak hai Hamare Sharir Mein Ek alag Tantra Hai Jise pachan Tantra Kaha jata hai tatha bhojan ke Poshak Tatv ko avshoshit kar lete hain isase hi Sharir ka Vikas AVN poshan Hota Hai thank you
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kumarivanshika01232@gmail.com
03 Mar 2026
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जल की कमी से हानियां :- उत्सर्जित पदार्थों का बाहर निष्कासना नहीं हो पता गुर्दे संबंधित रोग हो जाते हैं रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है शारीरिक वृद्धि पर प्रभाव पड़ता है चेहरा निस्तेज लगता है पाचन ठीक प्रकार नहीं हो पता शरीर का भार कम होने लगता है अतः व्यक्ति को प्रतिदिन तरल पदार्थ का सेवन करना चाहिए तथा जल पीना चाहिए धन्यवाद
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जल की कमी से हानियां :- उत्सर्जित पदार्थों का बाहर निष्कासना नहीं हो पता गुर्दे संबंधित रोग हो जाते हैं रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है शारीरिक वृद्धि पर प्रभाव पड़ता है चेहरा निस्तेज लगता है पाचन ठीक प्रकार नहीं हो पता शरीर का भार कम होने लगता है अतः व्यक्ति को प्रतिदिन तरल पदार्थ का सेवन करना चाहिए तथा जल पीना चाहिए धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com
02 Mar 2026
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जल के कार्य क्या है:_ शरीर के विसर्जन योग्य पदार्थ को शरीर से बाहर निकलने में सहायक होता है चेहरे में चमक लाता है शरीर के ताप को नियंत्रित रखता है विभिन्न प्रकार के पाचक रसों का निर्माण करता है रक्त को तरलता प्रदान करता है धन्यवाद
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जल के कार्य क्या है:_ शरीर के विसर्जन योग्य पदार्थ को शरीर से बाहर निकलने में सहायक होता है चेहरे में चमक लाता है शरीर के ताप को नियंत्रित रखता है विभिन्न प्रकार के पाचक रसों का निर्माण करता है रक्त को तरलता प्रदान करता है धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com
02 Mar 2026
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वाटर :- पेपरदार तुम्हें जल का मुख्य स्थान है शरीर का लगभग एक अध्याय भाग जल की होती है तो शरीर को भोजन के अपेक्षा जल की अधिक मात्रा में आवश्यकता होती है यही कारण है कि भोजन के बिना मनुष्य 30 या 40 दिन तक जीवित रह सकता है परंतु जल के बिना दो या तीन दिन तक जीवित रहना भी कठिन हो जाता है की आवश्यकता मुख्य रूप से जल की पीकर पूर्ण की जाती है तथा कुछ जल हमें पूज्य पदार्थ तथा पर पदार्थ द्वारा भी प्राप्त ह...
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वाटर :- पेपरदार तुम्हें जल का मुख्य स्थान है शरीर का लगभग एक अध्याय भाग जल की होती है तो शरीर को भोजन के अपेक्षा जल की अधिक मात्रा में आवश्यकता होती है यही कारण है कि भोजन के बिना मनुष्य 30 या 40 दिन तक जीवित रह सकता है परंतु जल के बिना दो या तीन दिन तक जीवित रहना भी कठिन हो जाता है की आवश्यकता मुख्य रूप से जल की पीकर पूर्ण की जाती है तथा कुछ जल हमें पूज्य पदार्थ तथा पर पदार्थ द्वारा भी प्राप्त होता है जल की आवश्यक मात्रा:- व्यक्ति को केवल पीने के लिए ही नहीं बल्कि अनेक देने कार्यों के लिए भी जल की आवश्यकता होती है जैसे नहाने धोने सफाई भोजन पकाने आदि के लिए परंतु पीने के लिए प्रतिदिन एक व्यक्ति को लगभग चार लीटर जल पानी चाहिए वैसे यह अपनी रुचि मौसम आदि के अनुसार काम या अधिक भी हो सकता है किंतु अत्यधिक जल पीना तथा भोजन के बीच-बीच में अधिक जल पीना हानिकारक होता है इसमें भोजन अधिक पतला हो जाता है तथा पाचन में कठिनाई होती है हां प्यास लगने पर खूब जल पीना चाहिए तथा पीते समय स्वास्थ्य की दृष्टि से जल की शुद्धता का ध्यान रखना भी नियंत्रांता आवश्यक है धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com
02 Mar 2026
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प्राप्ति के स्रोत प्रोटीन के अतिरिक्त मांस मछली अंडे तथा दूध से भी गंधक की प्राप्ति होती रहती है अनाज डाले मूली पालक आदि भी गंधक प्राप्ति के स्रोत है उपयोगिता एवं महत्व गंधक एक उपयोगी खनिज है या प्रोटीन के पाचन एवं अवशोषण में सहायक है इसके अतिरिक्त बलों तथा नाखूनों की उचित वृद्धि और स्वास्थ्य के लिए भी यह उपयोगी है शरीर में होने वाली ऑक्सीकरण की प्रक्रिया में भी इसका योगदान होता है
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प्राप्ति के स्रोत प्रोटीन के अतिरिक्त मांस मछली अंडे तथा दूध से भी गंधक की प्राप्ति होती रहती है अनाज डाले मूली पालक आदि भी गंधक प्राप्ति के स्रोत है उपयोगिता एवं महत्व गंधक एक उपयोगी खनिज है या प्रोटीन के पाचन एवं अवशोषण में सहायक है इसके अतिरिक्त बलों तथा नाखूनों की उचित वृद्धि और स्वास्थ्य के लिए भी यह उपयोगी है शरीर में होने वाली ऑक्सीकरण की प्रक्रिया में भी इसका योगदान होता है
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kumarivanshika01232@gmail.com
01 Mar 2026
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गंधक क्या है शरीर के लिए अल्प मात्रा में आवश्यक खनिजों में गंधक भी एक है हमारे शरीर में गंधक की समानता कमी नहीं होती है वास्तव में प्रोटीन के एक आवश्यक के रूप में हमारे शरीर में पहुंचता रहता है यदि हमारे आहार में प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा हो तो शरीर में गंधक की कमी का प्रश्न ही नहीं उठाता प्राप्ति के स्रोत प्रोटीन के अतिरिक्त मांस मछली अंडे तथा दूध से भी गंधक की प्राप्ति होती रहती है अनाज दा...
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गंधक क्या है शरीर के लिए अल्प मात्रा में आवश्यक खनिजों में गंधक भी एक है हमारे शरीर में गंधक की समानता कमी नहीं होती है वास्तव में प्रोटीन के एक आवश्यक के रूप में हमारे शरीर में पहुंचता रहता है यदि हमारे आहार में प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा हो तो शरीर में गंधक की कमी का प्रश्न ही नहीं उठाता प्राप्ति के स्रोत प्रोटीन के अतिरिक्त मांस मछली अंडे तथा दूध से भी गंधक की प्राप्ति होती रहती है अनाज दालें मूली पालक आदि भी गंधक प्राप्ति के स्रोत है उपयोगिता एवं महत्व गंधक एक उपयोगी खनिज है यह प्रोटीन के पाचन एवं अवशोषण में सहायक है इसके अतिरिक्त बलों तथा नाखूनों की उचित वृद्धि एवं स्वास्थ्य के लिए भी यह उपयोगी है शरीर में होने वाली ऑक्सीकरण की प्रक्रिया में भी इसका योगदान है कमी के प्रभाव यदि किसी कारण में शरीर में गंधक की कमी हो जाए तो इसका प्रतिकूल प्रभाव बलों तथा एवं नाखूनों के अतिरिक्त प्रोटीन के अवशोषण पर भी पड़ता है धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com
28 Feb 2026
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तांबा क्या है हमारे शरीर के स्वस्थ बने रहने तथा सुचारू रूप से कार्य करते रहने के लिए तांबा नमक खनिज भी आवश्यक होता है शरीर में पाए जाने वाले विभिन्न एंजाइमों में यह आवश्यक तत्व के रूप में तथा रक्त में प्रोटीन के साथ जटिल रूप में विद्यमान होता है एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में लगभग 100 से 150 मिलीग्राम तांबा सामान्य पाया जाता है प्राप्ति के स्रोत सामान्य रूप से सभी अनाजों में तांबे की अल्प मात्र...
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तांबा क्या है हमारे शरीर के स्वस्थ बने रहने तथा सुचारू रूप से कार्य करते रहने के लिए तांबा नमक खनिज भी आवश्यक होता है शरीर में पाए जाने वाले विभिन्न एंजाइमों में यह आवश्यक तत्व के रूप में तथा रक्त में प्रोटीन के साथ जटिल रूप में विद्यमान होता है एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में लगभग 100 से 150 मिलीग्राम तांबा सामान्य पाया जाता है प्राप्ति के स्रोत सामान्य रूप से सभी अनाजों में तांबे की अल्प मात्रा विद्यमान होती है अनाजों के अतिरिक्त या करंट मांस चाय कॉफी है कोक भी तांबा प्राप्ति के स्रोत है मां के दूध में भी तांबा पाया जाता है उपयोगिता तथा महत्व धन्यवाद तांबे उपयोगी खनिज है यह लोहे खनिज वसा तथा विटामिन सी के अवशोषण में सहायक रक्त के हीमोग्लोबिन के निर्माण में योगदान देता है कमी के प्रभाव यदि किसी कारणवश व्यक्ति के शरीर में तांबा की कमी हो जाए तो उसे व्यक्ति में व्यक्त एनीमिया या रक्त अल्पता का शिकार हो जाता है इससे मुक्त होने के लिए तांबे तथा लोहे खनिज का मिश्रण लिया जा सकता है धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com
28 Feb 2026
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मैग्नीशियम की कमी के प्रभाव यदि किसी कारणवश किसी व्यक्ति के शरीर में मैग्नीशियम की कमी आ जाती है तो उसे व्यक्ति की मांसपेशियां कांपने लगती है हाथ पांव में ऐंठन रहने लगती है उनमें आज शैंपू भी हो जाता है तथा गंभीर स्थिति में दिल्ली धन्यवाद
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मैग्नीशियम की कमी के प्रभाव यदि किसी कारणवश किसी व्यक्ति के शरीर में मैग्नीशियम की कमी आ जाती है तो उसे व्यक्ति की मांसपेशियां कांपने लगती है हाथ पांव में ऐंठन रहने लगती है उनमें आज शैंपू भी हो जाता है तथा गंभीर स्थिति में दिल्ली धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com
28 Feb 2026
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मैग्नीशियम की उपयोगिता एवं महत्व मैग्नीशियम भी हमारे शरीर के लिए एक उपयोगी खनिज है इसका मुख्य कार्य शरीर में विद्वान ऐसे एंजाइमों को सक्रियता प्रदान करता है जो कार्बोहाइड्रेट के पक्ष में सहायक होते हैं यह कैल्शियम तथा फास्फोरस के जयापक्ष में भी सहायक होता है धन्यवाद
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मैग्नीशियम की उपयोगिता एवं महत्व मैग्नीशियम भी हमारे शरीर के लिए एक उपयोगी खनिज है इसका मुख्य कार्य शरीर में विद्वान ऐसे एंजाइमों को सक्रियता प्रदान करता है जो कार्बोहाइड्रेट के पक्ष में सहायक होते हैं यह कैल्शियम तथा फास्फोरस के जयापक्ष में भी सहायक होता है धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com
27 Feb 2026
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मैग्नीशियम- अन्य कुछ खनिजों के समान मैग्नीशियम भी अल्प मात्रा में हमारे शरीर के लिए आवश्यक है यह हमारे शरीर के उत्तर को एवं कोशिकाओं में विद्यमान रहता है इसका कुछ भाग प्रोटीन के साथ मिलकर कोमल उत्तकों में भी विद्यमान रहता है सामान्य रूप से एक वेदक व्यक्ति के शरीर में इसकी 20 से 28 ग्राम मात्रा रहती है प्राप्ति के स्रोत- सामान्य रूप से सभी अनाजों डालो सब्जियां किले एवं खजूर में मैग्नीशियम की कु...
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मैग्नीशियम- अन्य कुछ खनिजों के समान मैग्नीशियम भी अल्प मात्रा में हमारे शरीर के लिए आवश्यक है यह हमारे शरीर के उत्तर को एवं कोशिकाओं में विद्यमान रहता है इसका कुछ भाग प्रोटीन के साथ मिलकर कोमल उत्तकों में भी विद्यमान रहता है सामान्य रूप से एक वेदक व्यक्ति के शरीर में इसकी 20 से 28 ग्राम मात्रा रहती है प्राप्ति के स्रोत- सामान्य रूप से सभी अनाजों डालो सब्जियां किले एवं खजूर में मैग्नीशियम की कुछ ना कुछ मात्रा आवश्यक पाई जाती है इन खाक सामग्रियों से हमारी आवश्यकता के अनुरूप ही अभीष्ट मंत्र हमें प्राप्त हो जाती है
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kumarivanshika01232@gmail.com
27 Feb 2026
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