तांबा क्या है हमारे शरीर के स्वस्थ बने रहने तथा सुचारू रूप से कार्य करते रहने के लिए तांबा नमक खनिज भी आवश्यक होता है शरीर में पाए जाने वाले विभिन्न एंजाइमों में यह आवश्यक तत्व के रूप में तथा रक्त में प्रोटीन के साथ जटिल रूप में विद्यमान होता है एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में लगभग 100 से 150 मिलीग्राम तांबा सामान्य पाया जाता है प्राप्ति के स्रोत सामान्य रूप से सभी अनाजों में तांबे की अल्प मात्र...
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तांबा क्या है हमारे शरीर के स्वस्थ बने रहने तथा सुचारू रूप से कार्य करते रहने के लिए तांबा नमक खनिज भी आवश्यक होता है शरीर में पाए जाने वाले विभिन्न एंजाइमों में यह आवश्यक तत्व के रूप में तथा रक्त में प्रोटीन के साथ जटिल रूप में विद्यमान होता है एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में लगभग 100 से 150 मिलीग्राम तांबा सामान्य पाया जाता है प्राप्ति के स्रोत सामान्य रूप से सभी अनाजों में तांबे की अल्प मात्रा विद्यमान होती है अनाजों के अतिरिक्त या करंट मांस चाय कॉफी है कोक भी तांबा प्राप्ति के स्रोत है मां के दूध में भी तांबा पाया जाता है उपयोगिता तथा महत्व धन्यवाद तांबे उपयोगी खनिज है यह लोहे खनिज वसा तथा विटामिन सी के अवशोषण में सहायक रक्त के हीमोग्लोबिन के निर्माण में योगदान देता है कमी के प्रभाव यदि किसी कारणवश व्यक्ति के शरीर में तांबा की कमी हो जाए तो उसे व्यक्ति में व्यक्त एनीमिया या रक्त अल्पता का शिकार हो जाता है इससे मुक्त होने के लिए तांबे तथा लोहे खनिज का मिश्रण लिया जा सकता है धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com
28 Feb 2026
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मैग्नीशियम की कमी के प्रभाव यदि किसी कारणवश किसी व्यक्ति के शरीर में मैग्नीशियम की कमी आ जाती है तो उसे व्यक्ति की मांसपेशियां कांपने लगती है हाथ पांव में ऐंठन रहने लगती है उनमें आज शैंपू भी हो जाता है तथा गंभीर स्थिति में दिल्ली धन्यवाद
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मैग्नीशियम की कमी के प्रभाव यदि किसी कारणवश किसी व्यक्ति के शरीर में मैग्नीशियम की कमी आ जाती है तो उसे व्यक्ति की मांसपेशियां कांपने लगती है हाथ पांव में ऐंठन रहने लगती है उनमें आज शैंपू भी हो जाता है तथा गंभीर स्थिति में दिल्ली धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com
28 Feb 2026
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मैग्नीशियम की उपयोगिता एवं महत्व मैग्नीशियम भी हमारे शरीर के लिए एक उपयोगी खनिज है इसका मुख्य कार्य शरीर में विद्वान ऐसे एंजाइमों को सक्रियता प्रदान करता है जो कार्बोहाइड्रेट के पक्ष में सहायक होते हैं यह कैल्शियम तथा फास्फोरस के जयापक्ष में भी सहायक होता है धन्यवाद
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मैग्नीशियम की उपयोगिता एवं महत्व मैग्नीशियम भी हमारे शरीर के लिए एक उपयोगी खनिज है इसका मुख्य कार्य शरीर में विद्वान ऐसे एंजाइमों को सक्रियता प्रदान करता है जो कार्बोहाइड्रेट के पक्ष में सहायक होते हैं यह कैल्शियम तथा फास्फोरस के जयापक्ष में भी सहायक होता है धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com
27 Feb 2026
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मैग्नीशियम- अन्य कुछ खनिजों के समान मैग्नीशियम भी अल्प मात्रा में हमारे शरीर के लिए आवश्यक है यह हमारे शरीर के उत्तर को एवं कोशिकाओं में विद्यमान रहता है इसका कुछ भाग प्रोटीन के साथ मिलकर कोमल उत्तकों में भी विद्यमान रहता है सामान्य रूप से एक वेदक व्यक्ति के शरीर में इसकी 20 से 28 ग्राम मात्रा रहती है प्राप्ति के स्रोत- सामान्य रूप से सभी अनाजों डालो सब्जियां किले एवं खजूर में मैग्नीशियम की कु...
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मैग्नीशियम- अन्य कुछ खनिजों के समान मैग्नीशियम भी अल्प मात्रा में हमारे शरीर के लिए आवश्यक है यह हमारे शरीर के उत्तर को एवं कोशिकाओं में विद्यमान रहता है इसका कुछ भाग प्रोटीन के साथ मिलकर कोमल उत्तकों में भी विद्यमान रहता है सामान्य रूप से एक वेदक व्यक्ति के शरीर में इसकी 20 से 28 ग्राम मात्रा रहती है प्राप्ति के स्रोत- सामान्य रूप से सभी अनाजों डालो सब्जियां किले एवं खजूर में मैग्नीशियम की कुछ ना कुछ मात्रा आवश्यक पाई जाती है इन खाक सामग्रियों से हमारी आवश्यकता के अनुरूप ही अभीष्ट मंत्र हमें प्राप्त हो जाती है
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kumarivanshika01232@gmail.com
27 Feb 2026
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पोटेशियम की कमी सामान्य रूप से हमारे शरीर में पोटेशियम की कमी नहीं हुआ करती परंतु विशेष परिस्थितियों में यदि इसकी कमी हो ही जाए तो हमारी मांसपेशियां कमजोर पड़ जाती है तथा शरीर में चुस्ती नहीं रहती बच्चों में प्रोटीन के पर्याप्त शोषण के अभाव में पोटेशियम की कमी आ जाती है बड़ों में इसकी कमी के कारण हृदय की सामान्य गति भी प्रभावित होती है धन्यवाद
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पोटेशियम की कमी सामान्य रूप से हमारे शरीर में पोटेशियम की कमी नहीं हुआ करती परंतु विशेष परिस्थितियों में यदि इसकी कमी हो ही जाए तो हमारी मांसपेशियां कमजोर पड़ जाती है तथा शरीर में चुस्ती नहीं रहती बच्चों में प्रोटीन के पर्याप्त शोषण के अभाव में पोटेशियम की कमी आ जाती है बड़ों में इसकी कमी के कारण हृदय की सामान्य गति भी प्रभावित होती है धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com
27 Feb 2026
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पोटेशियम के कार्य महत्व - यह शरीर में सर एवं अम्ल की मात्रा को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है अंत कोशिका रस के बनने में भी इसका उल्लेखनीय योगदान है अस्थियों के उत्तम कैलशिफिकेशन में भी यह सहायक होता है हमारे शरीर में यह विभिन्न नियामक कार्य भी करता है यह हृदय की गति को नियमित बनाए रखना है तथा मांसपेशियों के संकुचन एवं स्नायु उतरे जन के संवहन में सहायक होता है धन्यवाद
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पोटेशियम के कार्य महत्व - यह शरीर में सर एवं अम्ल की मात्रा को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है अंत कोशिका रस के बनने में भी इसका उल्लेखनीय योगदान है अस्थियों के उत्तम कैलशिफिकेशन में भी यह सहायक होता है हमारे शरीर में यह विभिन्न नियामक कार्य भी करता है यह हृदय की गति को नियमित बनाए रखना है तथा मांसपेशियों के संकुचन एवं स्नायु उतरे जन के संवहन में सहायक होता है धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com
27 Feb 2026
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पोटैशियम:- हमारे शरीर में पोटेशियम का भी उतना ही महत्व है जितना की सोडियम क्लोरीन का है शरीर में पर्याप्त मात्रा में पोटेशियम की संग्रहित करने की क्षमता होती है यह मुख्य रूप से अंत कोशिका रस में ही पाया जाता है इसके अतिरिक्त है मांसपेशियों तथा लाल रक्त कणों में भी रहता है प्राप्ति के स्रोत:- सोडियम की ही भांति पोटेशियम भी न्यूनाधिक मात्रा में सभी भोज्य पदार्थों में पाया जाता है यह मानस एंड तथा...
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पोटैशियम:- हमारे शरीर में पोटेशियम का भी उतना ही महत्व है जितना की सोडियम क्लोरीन का है शरीर में पर्याप्त मात्रा में पोटेशियम की संग्रहित करने की क्षमता होती है यह मुख्य रूप से अंत कोशिका रस में ही पाया जाता है इसके अतिरिक्त है मांसपेशियों तथा लाल रक्त कणों में भी रहता है प्राप्ति के स्रोत:- सोडियम की ही भांति पोटेशियम भी न्यूनाधिक मात्रा में सभी भोज्य पदार्थों में पाया जाता है यह मानस एंड तथा विभिन्न वनस्पतियों में विद्यमान रहता है इसकी कुछ मात्रा चाय कॉफी को को चावल तथा विभिन्न मसाले में भी पाई जाती शरीर के लिए आवश्यक पोटेशियम खाद पदार्थ से ही सरलता से मिल जाता है धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com
27 Feb 2026
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क्लोरीन- शरीर में क्लोरीन का भी महत्वपूर्ण स्थान है यह हमारे शरीर में रक्त के प्लाज्मा तथा ब्रा कोशिका रस में सोडियम क्लोराइड तथा पोटेशियम क्लोराइड के रूप में पाया जाता है प्राप्ति के स्रोत- निरनैतिक मात्रा में क्लोरीन सभी भोज्य पदार्थों में पाया जाता है परंतु सर्वाधिक मात्रा में यह नमक में पाया जाता है शुगर के मांस अंडे तथा पनीर मैं इसकी पर्याप्त मात्रा पाई जाती है सभी फलों और सब्जियों में भ...
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क्लोरीन- शरीर में क्लोरीन का भी महत्वपूर्ण स्थान है यह हमारे शरीर में रक्त के प्लाज्मा तथा ब्रा कोशिका रस में सोडियम क्लोराइड तथा पोटेशियम क्लोराइड के रूप में पाया जाता है प्राप्ति के स्रोत- निरनैतिक मात्रा में क्लोरीन सभी भोज्य पदार्थों में पाया जाता है परंतु सर्वाधिक मात्रा में यह नमक में पाया जाता है शुगर के मांस अंडे तथा पनीर मैं इसकी पर्याप्त मात्रा पाई जाती है सभी फलों और सब्जियों में भी अल्प मात्रा में क्लोरीन आवश्यक रहती है अतः शरीर की दैनिक आवश्यकता के लिए पर्याप्त क्लोरीन भोजन से ही प्राप्त हो जाती है कार्य महत्व - क्लोरीन का एक मुख्य कार्य शरीर में सर एवं अमल में संतुलन बनाने में सहायता प्रदान करता है सोडियम के ही समान क्लोरीन भी दशाकर्षण के दबाव को उचित बनाए रखने में सहायक होती है आमाशय में पाए जाने वाली उपयोगी हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के निर्माण में भी इसका योगदान होता है इसकी कमी से शरीर की सामान्य वृद्धि में बाधा आती है धन्यवाद:-
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kumarivanshika01232@gmail.com
27 Feb 2026
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आयोडीन की कमी से होने वाली हानियां मांसपेशियां डेली वह कमजोर हो जाती है तथा अस्थियों का विकास नहीं हो पता बाल गिरने लगते हैं तथा नाखून कमजोर हो जाते हैं शारीरिक वृद्धि रुक जाती है तथा मानसिक विकास अवरुद्ध हो जाता है आवाज विक्रांत हो जाती है आयोडीन की कमी से गेगा रोग हो जाता है धन्यवाद
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आयोडीन की कमी से होने वाली हानियां मांसपेशियां डेली वह कमजोर हो जाती है तथा अस्थियों का विकास नहीं हो पता बाल गिरने लगते हैं तथा नाखून कमजोर हो जाते हैं शारीरिक वृद्धि रुक जाती है तथा मानसिक विकास अवरुद्ध हो जाता है आवाज विक्रांत हो जाती है आयोडीन की कमी से गेगा रोग हो जाता है धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com
26 Feb 2026
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आयोडीन क्या है शारीरिक स्वास्थ्य शरीर के संचार रूप से कार्य करने के लिए आयोडीन नमक खनिज लवण का विशेष महत्व है अत्यधिक महत्वपूर्ण होते हुए भी आयोडीन की अति अल्प मात्रा ही शरीर के लिए आवश्यक होती है शरीर की एक मुख्य ग्रंथि चुली का ग्रंथि की सुचारू क्रियाशीलता के लिए यह अनिवार्य होती है चूल्हे का ग्रंथि से रट्रावित होने वाला टायरों किशन शरीर की विभिन्न क्रियो का नियमन करता है यदि शरीर में आयोडीन की...
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आयोडीन क्या है शारीरिक स्वास्थ्य शरीर के संचार रूप से कार्य करने के लिए आयोडीन नमक खनिज लवण का विशेष महत्व है अत्यधिक महत्वपूर्ण होते हुए भी आयोडीन की अति अल्प मात्रा ही शरीर के लिए आवश्यक होती है शरीर की एक मुख्य ग्रंथि चुली का ग्रंथि की सुचारू क्रियाशीलता के लिए यह अनिवार्य होती है चूल्हे का ग्रंथि से रट्रावित होने वाला टायरों किशन शरीर की विभिन्न क्रियो का नियमन करता है यदि शरीर में आयोडीन की कमी हो जाती है तो इन किया में विघ्न पड़ जाता है इसकी कमी से चुली का ग्रंथि बढ़ जाती है तथा गला फूल जाता है इस रोग को घाघरा कहा जाता है प्राप्ति के स्रोत आयोडीन को विभिन्न प्राकृतिक स्रोतों से प्राप्त किया जा सकता है समुद्र के जल वनस्पति तथा समुद्र में पाए जाने वाली मछलियों में आयोडीन पाई जाती है समुद्र के तट पर पाली जाने वाली गायों के दूध में भी इसकी कुछ मात्रा पाई जाती है प्याज आदि कुछ सब्जियों में भी अल्प मात्रा में आयोडीन होती है आयोडीन नाइट साल्ट तथा फूल पत्ती में पर्याप्त मात्रा में तथा पानी में अल्प मात्रा में आयोडीन होती है धन्यवाद
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26 Feb 2026
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