नोक कलम की उसने तोड़ी नोक कलाम की उसने तोड़ी फाड़ी पुस्तक, फेंका अवस्था, कॉफी पर स्याही ही फैलाई तोड़ दिया उसने गुलदस्ता दूध दिया जब मां ने उसको दे गिलास को उसके पटका गुस्से ही गुस्से में उसने फोड़ दिया पानी का मटका बचपन में ही बिगड़ा है वह कैसे आगे बढ़ पाएगा! बन जाएगा गुंडा,डाकू जगह ना दुनिया में पाएगा धन्यवाद✍️
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नोक कलम की उसने तोड़ी नोक कलाम की उसने तोड़ी फाड़ी पुस्तक, फेंका अवस्था, कॉफी पर स्याही ही फैलाई तोड़ दिया उसने गुलदस्ता दूध दिया जब मां ने उसको दे गिलास को उसके पटका गुस्से ही गुस्से में उसने फोड़ दिया पानी का मटका बचपन में ही बिगड़ा है वह कैसे आगे बढ़ पाएगा! बन जाएगा गुंडा,डाकू जगह ना दुनिया में पाएगा धन्यवाद✍️
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kumarivanshika01232@gmail.com
04 Aug 2026
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श्रम की आदत उसे पड़ी है :- कपड़े जो अपने खुद धोता मोजे धोकर स्वयं सुखाता खुद करता जूते पर पॉलिश पापा के जूते चमकता श्रम की आदत उसे पड़ी है निश्चय ही जो बहुत बड़ी है है वह ऊंचे खानदान का है अधिकारी वही मान का धन्यवाद✍️
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श्रम की आदत उसे पड़ी है :- कपड़े जो अपने खुद धोता मोजे धोकर स्वयं सुखाता खुद करता जूते पर पॉलिश पापा के जूते चमकता श्रम की आदत उसे पड़ी है निश्चय ही जो बहुत बड़ी है है वह ऊंचे खानदान का है अधिकारी वही मान का धन्यवाद✍️
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kumarivanshika01232@gmail.com
02 Aug 2026
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बचपन में ही खूब ढला है :- काम सफाई से वह करता मात पिता का हाथ बताता, कीजिए सभी तरीके से रख बैठक को सुंदर सजावता रोज समय से पड़ता है वह और समय से खेले खेल नहीं सत्ता छोटों को वह रखता सब बच्चों से मेल सचमुच ही वह बहुत भला है बचपन में ही खूब डाला है ? धन्यवाद✍️
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बचपन में ही खूब ढला है :- काम सफाई से वह करता मात पिता का हाथ बताता, कीजिए सभी तरीके से रख बैठक को सुंदर सजावता रोज समय से पड़ता है वह और समय से खेले खेल नहीं सत्ता छोटों को वह रखता सब बच्चों से मेल सचमुच ही वह बहुत भला है बचपन में ही खूब डाला है ? धन्यवाद✍️
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kumarivanshika01232@gmail.com
02 Aug 2026
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helmet final:- prastavana:- Hamare aaspaas Ki Har chij Chahe prakrutik ghatnayen ho ya Manav Nirmit utpadon se Vigyan ke Madhyam Mein samjhaya Ja sakta hai Hamare Dainik Jivan Mein upyog kiye jaane wale pad vartman ki jarurat hai aur Bhavishya ki mangon ko pura karne aur Unse Aage nikalna ke Manav jaati ki Sanchit prayason ka parinaam Hai chhatron Ko Anek school pathykram ke Hisse ke roop Mein...
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helmet final:- prastavana:- Hamare aaspaas Ki Har chij Chahe prakrutik ghatnayen ho ya Manav Nirmit utpadon se Vigyan ke Madhyam Mein samjhaya Ja sakta hai Hamare Dainik Jivan Mein upyog kiye jaane wale pad vartman ki jarurat hai aur Bhavishya ki mangon ko pura karne aur Unse Aage nikalna ke Manav jaati ki Sanchit prayason ka parinaam Hai chhatron Ko Anek school pathykram ke Hisse ke roop Mein Vigyan padhaayaa Jata Hai Taki vah vibhinn vaigyanik AVN siddhanton ko samajh sake aur Vigyan ki Drishti Se Duniya Ki Khoj karne ki Aadat viksit kar sake Kisi bhi utpad ya Seva ke gunvatta abhilakshan ke Aadhar per Kiya jata hai aur aamtaur per Jise Manav Kaha jata hai use dastavej Mein varnit ki Jaati Hai Vigyan aur Manak Kisi bhi utpad ke mahatvpurn aur abhinn Paksh hai helmet ? Bharat mein Sadak durghatnaon Ke Karan Har Sal lagbhag 1 lakh Logon Ki Jaan Jaati Hai inmein se adhiktar mahoday do pahiya vahanon Se Hoti Hai helmet mahatvpurn Sawari upkaranon Mein Se Ek Hai Jodhpur ghatna ke dauran hone wale Ghatak parinamon se Bachata hai Do pahiya vahan chalakon ke liye Suraksha atmak mahatvpurn helmet Suraksha upkaran hai jo durghatnaon ke Samay sir ki choton ko jokhim ko kam Karta Hai helmet ka upyog Sadiyon Se vibhinn rupon mein kiya Jata raha hai lekin aadhunik helmet ka aavishkar 20वीं Sadi ki shuruaat mein hua tha aaj Kahin deshon Mein helmet anivarya hai aur sawaron ke liye avashyak Vastu ban gaya hai helmet kya hai helmet Ek Prakar ka Suraksha atmak upkaran hai jo sir ki Suraksha ke liye pahna Jata Hai Vishesh Roop Mein helmet khopadi Mein Manav mastishk ki Suraksha karne mein Sahayak hota hai helmet ke Sampark mein aane per sir ki puri satah per chot ke Prabhav ko Saman Roop se vitarit karne ke liye Iske Bahar Kathor aavran hota hai aur andar sir ke sath Sampark ke Kshetra ko badhane ke liye form hota hai jo virupalan ke Prabhav Ke Karan Urja ko nasht karta hai jisse sir per chot lagne ki Sambhavna kam Ho Jaati Hai Thank you ✍️
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kumarivanshika01232@gmail.com
30 Jul 2026
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?सूरदास कवि सूरदास का जन्म दिल्ली के निकट का नामक गांव में सन 1478 ईस्वी में हुआ था कुछ विद्वान इनका जन्म स्थान पूर्ण कक्षा क्षेत्र आगरा को मानते हैं यह मथुरा और वृंदावन के बीच गांव घाट पर रहते थे श्रीनाथजी के मंदिर में भजन कीर्तन करते थे महाप्रभु लंबा चार्य के शिष्य सूरदास अष्टछाप के कवियों में सर्वाधिक प्रसिद्ध है सन 1583 ईस्वी में पारसोली में इनका निधन हुआ सूरदास के बारे में कहा जाता है कि...
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?सूरदास कवि सूरदास का जन्म दिल्ली के निकट का नामक गांव में सन 1478 ईस्वी में हुआ था कुछ विद्वान इनका जन्म स्थान पूर्ण कक्षा क्षेत्र आगरा को मानते हैं यह मथुरा और वृंदावन के बीच गांव घाट पर रहते थे श्रीनाथजी के मंदिर में भजन कीर्तन करते थे महाप्रभु लंबा चार्य के शिष्य सूरदास अष्टछाप के कवियों में सर्वाधिक प्रसिद्ध है सन 1583 ईस्वी में पारसोली में इनका निधन हुआ सूरदास के बारे में कहा जाता है कि यह जन्म से ही दृष्टिहीन थे कृष्ण के जन्म से लेकर मथुरा जाने तक की कथा और उनकी विभिन्न बाल लीलाओं से संबंधित अत्यंत मनोहर पदों की रचना की है श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन अपने सहजता स्वाभिकता और मानो वैज्ञानिकता के कारण अद्वितीय है उनके काव्य में ब्रज भाषा का संजीव भावनाओं फूल और स्वाभाविक प्रयोग है इन्होंने अपने काव्य में उसका उत्प्रेक्षा रूपक और अन्य अनेक अलंकारों का प्रभावित प्रयोग किया है इनका अलंकार विधान उटपुष्ट है जिसमें शब्द चित्र उपस्थित करके एवं प्रसंग की वास्तविकता अनुभूति कराने की पूर्ण क्षमता है सूरदास के सभी पड़ गए हैं और मैं किसी न किसी राह से संबंधित है सूरसागर सरावली और साहित्य लहरी उनके प्रमुख काव्य कृतियां है धन्यवाद✍️
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kumarivanshika01232@gmail.com
23 Jul 2026
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?चिपको आंदोलन क्या है ✍️ चिपको आंदोलन वालों की रक्षा के लिए चलाया गया है इस आंदोलन का सूत्र वाट सुंदरलाल बहुगुणा ने हिमालय क्षेत्र में किया इसके अंतर्गत लोग पेड़ों से चिपक कर उनकी रक्षा करते हैं और उन्हें काटने नहीं देते यह आंदोलन वनों या वृक्ष ऑन की कटाई रोकने में सफल हुआ साथ ही इस आंदोलन में यह भी दिखाया कि स्थानीय पौधों की प्रजातियां का प्रयोग करके सामुदायिक वरुणिकरण अभियान बनाया जा सकता है ध...
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?चिपको आंदोलन क्या है ✍️ चिपको आंदोलन वालों की रक्षा के लिए चलाया गया है इस आंदोलन का सूत्र वाट सुंदरलाल बहुगुणा ने हिमालय क्षेत्र में किया इसके अंतर्गत लोग पेड़ों से चिपक कर उनकी रक्षा करते हैं और उन्हें काटने नहीं देते यह आंदोलन वनों या वृक्ष ऑन की कटाई रोकने में सफल हुआ साथ ही इस आंदोलन में यह भी दिखाया कि स्थानीय पौधों की प्रजातियां का प्रयोग करके सामुदायिक वरुणिकरण अभियान बनाया जा सकता है धन्यवाद✍️
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kumarivanshika01232@gmail.com
22 Jul 2026
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उत्पादन और व्यापार सन 1950 से 51 में भारत में 344 लाख टन कोयले का उत्पादन हुआ था सन 2003 में यह उत्पादन बढ़कर 341 मिलियन टन तक हो गया वर्ष 2003 और 2004 के दौरान कोयले का उत्पादन 36. 177 करोड़ तन अनुमानित था जिसमें 30.63 करो टर्न कॉल इंडिया लिo, 3.385 करो टर्न सिंगरौली कोयला खानों तथा 2.0 93 करोड़ 34.83करोड़ टन 2007 से 2008 में,, 38.44 करो टर्न अप 2009 से 2010 में 43216.93 मिलियन टन कोयले का उत्...
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उत्पादन और व्यापार सन 1950 से 51 में भारत में 344 लाख टन कोयले का उत्पादन हुआ था सन 2003 में यह उत्पादन बढ़कर 341 मिलियन टन तक हो गया वर्ष 2003 और 2004 के दौरान कोयले का उत्पादन 36. 177 करोड़ तन अनुमानित था जिसमें 30.63 करो टर्न कॉल इंडिया लिo, 3.385 करो टर्न सिंगरौली कोयला खानों तथा 2.0 93 करोड़ 34.83करोड़ टन 2007 से 2008 में,, 38.44 करो टर्न अप 2009 से 2010 में 43216.93 मिलियन टन कोयले का उत्पादन हुआ भारत से बांग्लादेश नेपाल भूटान श्रीलंका मॉरीशस तथा म्यांमार आदि देशों को कोयला निर्यात भी किया जाता है निर्यात के साथ भारत लोहा अस्पत बनाने के लिए कुकिंग किस्म का कोयला आयुक्त करता है
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kumarivanshika01232@gmail.com
14 Jul 2026
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प्राथमिक चिकित्सा का अर्थ प्राथमिक चिकित्सा एक प्रकार का उपचार है जो किसी भी दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को तुरंत प्रदान किया जाता है वैसे तो दुर्घटनाग्रस्त हो जाने पर उसके उपचार का कार्य किसी डॉक्टर या चिकित्सक द्वारा किया जाता है परंतु व्यवहार में देखा यह जाता है कि जहां कहीं दुर्घटना घटित होती है वहां कोई चिकित्सक उपलब्ध नहीं होता तथा ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सा सेवा उपलब्ध नहीं हो पाती सामान्य...
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प्राथमिक चिकित्सा का अर्थ प्राथमिक चिकित्सा एक प्रकार का उपचार है जो किसी भी दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को तुरंत प्रदान किया जाता है वैसे तो दुर्घटनाग्रस्त हो जाने पर उसके उपचार का कार्य किसी डॉक्टर या चिकित्सक द्वारा किया जाता है परंतु व्यवहार में देखा यह जाता है कि जहां कहीं दुर्घटना घटित होती है वहां कोई चिकित्सक उपलब्ध नहीं होता तथा ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सा सेवा उपलब्ध नहीं हो पाती सामान्य रूप से दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को चिकित्सा के पास अथवा अस्पताल में ले जाने या चिकित्सा को दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति के पास बुलाने में कुछ ना कुछ समय तो अवश्य ही लगता है शरीर विज्ञान की मान्यता है कि दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को शीघ्र की शीघ्र कुछ ना कुछ सहायता दी जानी चाहिए इस प्रकार की सहायता प्राप्त हो जाने पर दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति की स्थिति कुछ संभाल जाती है या अधिक बिगड़ने से बच जाती है इस प्रकार की सहायता प्राप्त हो जाने पर दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को कुछ सांत्वना मिल जाती है तथा उसका गिरता हुआ मनोबल भी कुछ संभल जाता है इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए ही कभी भी किसी भी प्रकार की दुर्घटना घटित होते ही उसे स्थल पर विद्यमान अन्य व्यक्तियों द्वारा दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति या व्यक्तियों को आवश्यक सहायता प्रदान की जाती है इस प्रकार से दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को दी जाने वाली सहायता को ही प्राथमिक चिकित्सा कहा जाता है निष्कर्ष रूप हम कह सकते हैं दुर्घटनाग्रता व्यक्ति को दी जाने वाली उसे सहायता को प्राथमिक चिकित्सा कहा जाता है जो डॉक्टर अथवा चिकित्सक द्वारा व्यवस्थित उपचार प्रारंभ करने से पूर्व ही दुर्घटना स्थल पर उपस्थित व्यक्तियों द्वारा प्रदान की जाती है प्राथमिक चिकित्सा से दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को विशेष लाभ होता है धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com
05 Apr 2026
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प्राथमिक चिकित्सा किसे कहते हैं " प्राथमिक चिकित्सा वह है जो किसी को अनायास चोट लग जाने अथवा अचानक बीमार पड़ जाने पर डॉक्टर के आने तक रोगी की मरहम पट्टी अथवा उपचार करने में दी जा सके" प्रत्येक व्यक्ति दिन भर कुछ ना कुछ कार्य करता रहता है कोई रोजी-रोटी कमाने के लिए खदानों में कार्यकर्ता है कोई खेतों में कोई कार्यालय में तो कोई नियंत्रण कहीं भी जाते समय कार्य करते समय गृह में कार्य करते समय अर्थात...
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प्राथमिक चिकित्सा किसे कहते हैं " प्राथमिक चिकित्सा वह है जो किसी को अनायास चोट लग जाने अथवा अचानक बीमार पड़ जाने पर डॉक्टर के आने तक रोगी की मरहम पट्टी अथवा उपचार करने में दी जा सके" प्रत्येक व्यक्ति दिन भर कुछ ना कुछ कार्य करता रहता है कोई रोजी-रोटी कमाने के लिए खदानों में कार्यकर्ता है कोई खेतों में कोई कार्यालय में तो कोई नियंत्रण कहीं भी जाते समय कार्य करते समय गृह में कार्य करते समय अर्थात कहीं भी और किसी के भी साथ कोई अक्षय कुमार दुर्घटना हो सकती है किसी वाहन में टकरा जाना फिसल जाना किसी जीव जंतु द्वारा काट लेना अधिक घटनाएं हो सकती है कभी-कभी यह घटनाएं साधारण होती है तथा कभी-कभी एसा धारण होती है ऐसे अवसरों पर तुरंत सहायता की आवश्यकता होती है ऐसे अवसरों पर ही प्राथमिक चिकित्सा की जाती है धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com
05 Apr 2026
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होम रूल आंदोलन सन 1924 में प्रथम विश्व युद्ध आरंभ हो गया इंग्लैंड ने युद्ध में लड़ने के लिए भारतीय जनता और भारतीय साधनों का पूर्ण उपयोग किया भारतीयों को बहुत बड़ी संख्या में सेवा में भर्ती किया गया ब्रिटिश सरकार ने करोड़ों रुपए भारत से ले जाकर युद्ध में खर्च किए युद्ध काल में भारत के कुछ राष्ट्रीय नेता इंग्लैंड की मदद करने के पक्ष में थे वह आशा करते थे कि इस मदद के बदले में इंग्लैंड की सरकार भा...
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होम रूल आंदोलन सन 1924 में प्रथम विश्व युद्ध आरंभ हो गया इंग्लैंड ने युद्ध में लड़ने के लिए भारतीय जनता और भारतीय साधनों का पूर्ण उपयोग किया भारतीयों को बहुत बड़ी संख्या में सेवा में भर्ती किया गया ब्रिटिश सरकार ने करोड़ों रुपए भारत से ले जाकर युद्ध में खर्च किए युद्ध काल में भारत के कुछ राष्ट्रीय नेता इंग्लैंड की मदद करने के पक्ष में थे वह आशा करते थे कि इस मदद के बदले में इंग्लैंड की सरकार भारत को सर्वशासन की दशा के कुछ सुविधा घोषित करेगी कुछ भारतीय नेता युद्ध के दौरान इंग्लैंड पर दबाव डालना चाहते थे जिससे संसाधन के विषय में जल्दी घोषणा कर दी जाए ब्रिटिश सरकार ने युद्ध बंद होने के बाद कांग्रेस की मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था इसी आधार पर भारतीयों ने विश्व युद्ध में ब्रिटिश सरकार की सहायता भी की थी किंतु युद्ध की समाप्ति के बाद अंग्रेज अपने वादे से मुकर गए धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com
04 Apr 2026
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