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Vanshika

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Blog by Vanshika | Digital Diary

" To Present local Business identity in front of global market"

Meri Kalam Se Digital Diary Submit Post


डॉक्टर भीमराव अंबेडकर


" मैं आज आपको एक महान डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के बारे में बता रही जिन्होंने हमारे संविधान का निर्माण किया इन्हें हमेशा याद किया जाएगा"  "अगर मरने के बाद भी जीना चाहते हो तो एक काम जरुर करना पढ़ने लायक कुछ लिख जाना या लिखने लायक कुछ कर जाना" डॉ भीमराव अंबेडकर एक महान समाज सुधारक विधि बेटा और भारत के संविधान निर्माता थे उनका जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश को महू नामक स्थान... Read More

" मैं आज आपको एक महान डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के बारे में बता रही जिन्होंने हमारे संविधान का निर्माण किया इन्हें हमेशा याद किया जाएगा"

 "अगर मरने के बाद भी जीना चाहते हो तो एक काम जरुर करना पढ़ने लायक कुछ लिख जाना या लिखने लायक कुछ कर जाना"

डॉ भीमराव अंबेडकर एक महान समाज सुधारक विधि बेटा और भारत के संविधान निर्माता थे उनका जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश को महू नामक स्थान पर हुआ था में एक दलित परिवार से थे और बचपन से ही उन्होंने जातिगत भेदभाव का सामना किया इसके बावजूद उन्होंने शिक्षा प्राप्त करने में कभी हार नहीं मानी 

 डॉक्टर अंबेडकर ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी और लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स से उच्च शिक्षा प्राप्त की वह पहले भारतीय थे जिन्होंने विदेश से अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की उन्होंने समाज में बराबरी और न्याय की स्थापना के लिए जीवन पर संघर्ष किया इन्होंने दलितों को उनके अधिकार दिलाने के लिए कई आंदोलन चलाए 

 डॉक्टर अंबेडकर भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार थे उन्होंने ऐसा संविधान बनाया जिसमें हर नागरिक को समान अधिकार मिल सके उन्होंने मिलाओ के अधिकार शिक्षा और सामाजिक न्याय पर विशेष ध्यान दिया 

 14 अप्रैल को उनके जन्मदिन अंबेडकर जयंती के रूप में मनाया जाता है डॉक्टर अंबेडकर का जीवन प्रेरणा का स्रोत है हमें सच्चे अर्थों में भारत रत्न थे जिनका योगदान सदैव याद किया जाएगा

 सच्चाई को कभी यारों छोड़ना नहीं अपनी बातों से मुख कभी मोड़ना नहीं जो भूल गए भीम के एहसान को हमेशा ऐसे मत करो से रिश्ता भूल कर भी जोड़ना नहीं

 धन्यवाद-


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  • Author:- kumarivanshika01232@gmail.com
  • Date:- 2026:01:30
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पराक्रम दिवस


पराक्रम दिवस भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी और आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेता जी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के उपलक्ष में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व है यह दिवस हर वर्ष 23 जनवरी को मनाया जाता है और इसका उद्देश्य नेताजी के अधीन भी साहस देश भक्ति और अनेक योगदान को याद करना है  परिचय:- सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को उड़ीसा के कटक में हुआ था उनके पिता जानकी नाथ बस एक... Read More

पराक्रम दिवस भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी और आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेता जी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के उपलक्ष में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व है यह दिवस हर वर्ष 23 जनवरी को मनाया जाता है और इसका उद्देश्य नेताजी के अधीन भी साहस देश भक्ति और अनेक योगदान को याद करना है

 परिचय:- सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को उड़ीसा के कटक में हुआ था उनके पिता जानकी नाथ बस एक प्रसिद्ध वकील थे नेताजी बचपन से ही तेज सभी और कस्बा बुद्धि के थे उन्होंने अपनी शिक्षा कोलकाता और इंग्लैंड में पुरी की भारतीय प्रशासनिक सेवा आईसीएस में चयनित होने के बदलाव उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए इस सेवा को त्याग दिया

पराक्रम दिवस की शुरुआत :- भारत सरकार ने 2021 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर 23 जनवरी को पराक्रम दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की इस दिवस का उद्देश्य युवाओं को नेताजी के साहस निर्धारणता और संघर्ष से प्रेरणा देना ही नेताजी ने अपने जीवन में जो पराक्रम दिखाया वह हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है

 नेताजी का योगदान और पराक्रम नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने स्वतंत्रता संग्राम में एक अलग रहता चुन्नी उन्होंने महात्मा गांधी की अहिंसा की नीति का सम्मान करते हुए अपनी अलग विचारधारा पर चलने का निर्णय किया उनका मानना था कि स्वतंत्रता केवल संघर्ष और बलिदान से प्राप्त हो सकती है

 उन्होंने आजाद हिंद फौज का गठन किया और दिल्ली चलो का नारा आती है यह नारा भारती के दिलों में आजादी की नई लहर लेकर आया उन्होंने तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा के माध्यम से युवाओं को स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने के लिए प्रेरित किया

 पराक्रम दिवस का महत्व:-

 पराक्रम दिवस केवल नेताजी के योगदान को याद करने का दिन नहीं है बल्कि यह हर भारतीय को यह याद दिलाता है कि पराक्रम और साहस के बिना स्वतंत्रता और सम्मान की प्राप्ति संभव है इस दिन विभिन्न कार्यक्रमों रेडियो और संगतियों का आयोजन किया जाता है जिसमें नेताजी के जीवन और उनके आदर्शों पर चर्चा की जाती है

 नेताजी की शिक्षाएं और आज का युग :-

 नेताजी ने भारतीय युवाओं को हमेशा अपने अधिकारों के लिए खड़े होने और अपने कर्तव्य को निभाने की प्रेरणा दी उनका जीवन यह सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी आत्मविश्वास और दंड निश्चय के साथ आगे बढ़ना चाहिए आज के समय में जब युवा पीढ़ी के सामने कई चुनौतियां हैं नेताजी का जीवन एक आदर्श है

 नेताजी का संदेश और प्रेरणा:-

 नेताजी का संदेश था कि हम अपनी मातृभूमि की सेवा के लिए हर संभव प्रयास करें उन्होंने अपने जीवन के हर क्षण कोर्स देश की स्वतंत्रता के लिए समर्पित किया उनकी यह भावना हमें सिखाती है कि किसी भी नागरिक का प्रथम कर्तव्य देश के प्रति नागरिक से होना चाहिए

 निष्कर्ष:-

पराक्रम दिवस केवल एक तिथि नहीं है बल्कि एक भावना है जो हमें नेताजी के पराक्रम निष्ठा और त्याग की याद दिलाती है यह दिन हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि हमें अपनी आजादी की कितनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी थी इसकी प्राप्ति में न जाने कितने क्रांतिकारी शहीद हुए इसलिए हमें इस आजादी को बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए

Thanks for watching -

 


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  • Author:- kumarivanshika01232@gmail.com
  • Date:- 2026:01:30
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Planets roll call


Eight planets around the sun,  Listen as I call each one,  Mercury! year! number one, Closest  planet to the sun.  Vinus year number two,  Shining bright just like new.  Earth! here !number three Earth is home to you and me.  Mars !  Here! number four,  Red and ready  to explore.  Jupiter! here !number five,  Largest planet, that's no... Read More

Eight planets around the sun, 

Listen as I call each one, 

Mercury! year! number one,

Closest  planet to the sun. 

Vinus year number two, 

Shining bright just like new. 

Earth! here !number three

Earth is home to you and me. 

Mars !  Here! number four, 

Red and ready  to explore. 

Jupiter! here !number five, 

Largest planet, that's no jive. 

Saturn! Here! Number six , 

With rings of dust and ice that mix. 

Uranus! Here! Number seven, 

A planet tilted high in heaven. 

Neptune! Here! Number  eight, 

With one dark Spot whose size is great

 Thank you so much-


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  • Date:- 2026:01:30
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The man who gave India wings


 do you know the name of the man who gave India wings  it was Jahangir ratn ji Dada bhai Tata he was properly know as grd he was born in Paris of July 29 , 1904 his father Ratanji Dadabhai Tata was Persi and mother Suzanne bruere was France Tata childhood was spent travelling between France and India . Some people said in just that he got his surname from an a​​​ncestor who is tooed on t... Read More

 do you know the name of the man who gave India wings

 it was Jahangir ratn ji Dada bhai Tata he was properly know as grd he was born in Paris of July 29 , 1904 his father Ratanji Dadabhai Tata was Persi and mother Suzanne bruere was France Tata childhood was spent travelling between France and India .

Some people said in just that he got his surname from an a​​​ncestor who is tooed on the shores  Bombay and waved  ta- ta  desperating ships

In 1924 at the age of 20 as a friends citizen he was recruited into the French Army a year letter he was sent to England to prepare for admission in Cambridge University but his father Ratanji asked him to return to Bombay to work in his crystal plant called the Tata Steel industry is father did not consider a College degree necessary to  succeed in life a year letter ratnajee died his elderst son and heir Jahangir inherited the directorship of the Tata sons and board

Jrd became Indians first licensed pilot in  1929 it was jrd who gave India wins of fly in 1932 jrd setup data aviation  service by piloting the first flight himself from Karachi to Bombay in a small aircraft jrd at the age of 34 vause elected the chairman of Tata and sons in 1938 making him the youngest head  of the largest industrial group in India in 1948 Air India was launched jointly by jrd and the Indian government in 1953 jrd was made the chairperson of air India for the next 25 years he worked tirelessly to make Air India successful jrd excelled not only as an aviator but also as a philanthripist, educationist, sportman poet and sculptor he received the highest civilian award the Bharat Ratna in 1992 from the Indian government

Jrd last major public statement was an appeal to  Indians to maintain peace he breathed his last own November 2993 to you know jrd Tata was not only the director of the TATA company but also a great human being he made sure that 75% of the company profit was spent on looking after the work is and those in need

 When you work ,work as if Everything depends on you when you pray as if everything depend on god - JRD Tata

 Thank you so much-


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The Missile man of India


Avul pakir jainulabdeen Abdul Kalam usually known as doctor APJ Abdul Kalam was the 11th president of India (from 2002 to 2007) APJ Abdul Kalam was born 15th October 1931 at Rameshwaram in  Tamilnadu all thought he was born in a poor family ? he was an exceptionally brilliant child his father jainulabdeen was a boat owner who ferried Hindu pilgrims temple in Tamilnadu his father was also and... Read More

Avul pakir jainulabdeen Abdul Kalam usually known as doctor APJ Abdul Kalam was the 11th president of India (from 2002 to 2007) APJ Abdul Kalam was born 15th October 1931 at Rameshwaram in  Tamilnadu all thought he was born in a poor family ? he was an exceptionally brilliant child his father jainulabdeen was a boat owner who ferried Hindu pilgrims temple in Tamilnadu his father was also and iman at the local mosque and his mother Ashi Amma he he sold tamarind seeds and newspaper to support his family

After completing his schooling at the Rameshwaram Elementary School Kalam went attend saint joseph's college in tiruchirappalli the college was affiliated to the university of Madras from where hegraduated in Physics in 1954 he specialised in aero engineering from Madras Institute of Technology (MIT) 

Doctor APJ Abdul Kalam was a great scientist he was made the Chancellor of the institute of space Science and Technology he worked in defence research and development organisation (DRDO) in 1958 and then joined Indian space research Organisation (ISRO) in 1963 he made significant  contribution to Indian statellite 

And also in the Missile program of DADO as a project director of SLV-lll, he contributed to the development and management of india first indigenous satellite launch vehicle ??⛵? SLV- lll  in injecting rohinisatellite in the orbit of the earth?? his greatest contribution was in the field of missiles Agni Prithvi Aakash Trishul and Nag missiles where developed by him for him work on the developedment of ballistic and launch vehicle Technology he is known as the Missile man of India

Besides begin such a great scientist he was a great writer to he has written many books such as Wings of Fire lanited minds, target 3 billon, turrning point India 20- 20 A vision for the new millenium my journey he has mentioned his dream of making India a developed country in his book India 20-20 ab vision  for the new millenium. Is advised to the youngest of the Nation was to Dream dream dream dreams dance from into thought and thoughts result in action

The Government of India honoured him with Padma Bhushan 1981 Padma vibhushan 1990 Bharat ratn 1997 including Indira Gandhi Award for National Integration 1997.

Dr Kalam passed Away on 27th July 2015 while delivering  a lecture at the  Indian Institute of Management in Shillong the wolworld was sold and suddenned by the sudden and untimely death of the simple humble yet one of the greatest man of all times

 in you want to sign like a sun first burn like a Sun

 thank you:-


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  • Author:- kumarivanshika01232@gmail.com
  • Date:- 2026:01:30
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Another chance


How often we wish for another chance,  To make a fresh beginning.  A chance to blot out our mistakes,  And change failure into winning.  It does not take a new day,  To make a brand new start.  It only takes a deep Desire,  To try with all our heart.  To leave a little better,  And to always be forgiving. And to add a little sunshine,  To the world... Read More

How often we wish for another chance,

 To make a fresh beginning.

 A chance to blot out our mistakes,

 And change failure into winning.

 It does not take a new day,

 To make a brand new start.

 It only takes a deep Desire,

 To try with all our heart.

 To leave a little better,

 And to always be forgiving.

And to add a little sunshine,

 To the world in which we' re living.

 See never give up in this pair.

 And think, you are thought,

 Four there's always a tomorrow,

 And the hope of starting a new.

 


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  • Author:- kumarivanshika01232@gmail.com
  • Date:- 2026:01:30
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राष्ट्रीय मतदाता दिवस


" मैं आज आपको मतदाता दिवस के बारे में बताऊंगी:"  भूमिका-  भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है जहां जनता को अपनी सरकार चुनने का अधिकार है यह अधिकार लोकतंत्र का मूल आधार है और इसे मजबूत बनाने के लिए मतदाता का सक्रिय और जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए हर वर्ष 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है यह तीन देश के सभी नागरिकों को अनेक म... Read More

" मैं आज आपको मतदाता दिवस के बारे में बताऊंगी:"

 भूमिका-

 भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है जहां जनता को अपनी सरकार चुनने का अधिकार है यह अधिकार लोकतंत्र का मूल आधार है और इसे मजबूत बनाने के लिए मतदाता का सक्रिय और जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए हर वर्ष 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है यह तीन देश के सभी नागरिकों को अनेक मतदान के अधिकार और कर्तव्य के प्रति जागरूक करने के लिए समर्पित

 राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुरुआत-

 राष्ट्रीय मतदाता दिवस पहली बार वर्ष 2011 में मनाया गया इस दिन का आयोजन भारत के निर्वाचन आयोग की स्थापना की उपलक्ष में किया गया भारत निर्वाचन आयोग का गठन 25 जनवरी 1950 को हुआ था इस दिवस का मुख्य उद्देश्य उन युवाओं को प्रोत्साहित करना है जो 18 वर्ष की आयु पूरी कर पहली बार मतदाता बनने के योग्य होते हैं

 मतदाता और लोकतंत्र-

 लोकतंत्र जनता का जनता के लिए और जनता द्वारा संचालित शासन प्रणाली है इसमें प्रत्येक व्यक्ति को अपनी पसंद के प्रतिनिधि का चयन करने का अधिकार मिलता है यही प्रक्रिया लोकतंत्र की नींव है जब मतदाता जागरूक और सक्रिय होता है तो वह अपने मत का सही उपयोग करता है और एक योग्य सरकार का गठन करता है

 राष्ट्रीय मतदाता दिवस का उद्देश्य -

नए मतदाताओं को जोड़ना 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नए मतदाताओं को मतदाता सूची में पंजीकृत करना जागरूकता फैलाना लोगों को अनेक मतदान के अधिकार और महत्व के बारे में जागरूक करना लोकतंत्र को सशक्त बनाना मतदान के महत्व को समझ कर देश की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को मजबूत करना सत प्रतिशत मतदान मतदान में अधिकतम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना

 भारत में मतदान का महत्व-

 भारत जैसे बहुलतावादी समाज में मतदान अत्यंत महत्वपूर्ण है यह न केवल लोगों को अपने अधिकारों का प्रयास करने का अवसर देता है बल्कि उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा भी देता है एक सशक्त लोकतंत्र के निर्माण के लिए आवश्यक है कि हर नागरिक अपने मत का प्रयोग करें

 मतदान में युवाओं की भूमिका-

 देश का भविष्य युवा पीढ़ी के हाथों में होता है युवा वर्ग को समझना होगा कि उनका एक-एक वोट देश की नीतियों और दिशा को प्रभावित करता है राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर युवाओं को इस बात के लिए प्रेरित किया जाता है कि मैं अपने मत का प्रयोग करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें

 राष्ट्रीय मतदाता दिवस की गतिविधियां-

 रेलिया और कार्यक्रम स्कूलों कॉलेजों और संसाधनों में मतदाता जागृत रेलिया का आयोजन

 शपथ ग्रहण मतदाता दिवस पर लोग मतदान के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की शपथ लेते हैं

 प्रशिक्षण नहीं मतदाताओं को मतदान प्रक्रिया की जानकारी दी जाती है

 प्रचार प्रसार विभिन्न माध्यमों से जैसे पोस्टर बैनर सोशल मीडिया आदि के जरिए जागरूकता फैलाना

 मतदान से संबंधित चुनौतियां -

 अन्याय पूर्ण प्रक्रिया: कहीं पर मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ियां हो जाती है जो निरपक्ष चुनाव में बाधा उत्पन्न करती है

 अनिल सरता और जागरूकता की कमी :ग्रामीण और पिछले इलाकों में लोगों को मतदान के महत्व की जानकारी नहीं होती

 जातिवाद और धनबल: चुनाव में जातिवाद और धनपाल का प्रभाव पड़ रहा है जो लोकतंत्र के लिए हानिकारक है

 शहरी मतदाता की उदासी: नेता शहरी क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग मतदान के प्रति उदासीन रहते हैं

 समाधान और सुधार-

 शिक्षा का प्रचार :लोगों को मतदान के महत्व के प्रति शिक्षित करना

 तकनीकी सुधार :मतदान प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने के लिए तकनीकी का उपयोग 

 सख्त कानून: चुनाव प्रक्रिया में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कड़े नियम और कानून लागू करना

 जागरूकता अभियान :राष्ट्रीय मतदाता दिवस जैसे कार्यक्रमों के जरिए लोगों को प्रेरित करना

 निष्कर्ष-

 राष्ट्रीय मतदाता दिवस न केवल एक पाव है बल्कि है लोकतंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास भी है हर भारतीय नागरिक का कर्तव्य है कि वह मतदान प्रक्रिया में भाग ले वह लोकतंत्र को सशक्त बनाएं हमारा एक वोट न केवल हमारे अधिकार को व्यक्त करता है बल्कि है हमारे भविष्य को भी तय करता है इस दिन हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम न केवल स्वयं मतदान करेंगे बल्कि अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे

 धन्यवाद-


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  • Author:- kumarivanshika01232@gmail.com
  • Date:- 2026:01:28
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हमारे देश में बेरोजगारी के कारण


" हमारे देश में बेरोजगारी एक प्रमुख समस्या है जिसके बारे में मैं आपको आज बताऊंगी" बेरोजगारी भारत की एक गंभीर सामाजिक और आर्थिक समस्या है जब योग्य और इच्छुक व्यक्ति को कम नहीं मिलता तो उसे बेरोजगार कहा जाता है बेरोजगारी से व्यक्ति का आत्मविश्वास कम होता है और परिवार के आर्थिक स्थिति कमजोर हो जाती है इसके कारण गरीबी अपराध और मानसिक तनाव जैसी समस्या पड़ती है बेरोजगारी का मुख्य कारण जनसंख्या... Read More

" हमारे देश में बेरोजगारी एक प्रमुख समस्या है जिसके बारे में मैं आपको आज बताऊंगी"

बेरोजगारी भारत की एक गंभीर सामाजिक और आर्थिक समस्या है जब योग्य और इच्छुक व्यक्ति को कम नहीं मिलता तो उसे बेरोजगार कहा जाता है बेरोजगारी से व्यक्ति का आत्मविश्वास कम होता है और परिवार के आर्थिक स्थिति कमजोर हो जाती है इसके कारण गरीबी अपराध और मानसिक तनाव जैसी समस्या पड़ती है बेरोजगारी का मुख्य कारण जनसंख्या वृद्धि शिक्षा की कमी और रोजगार के अवसरों का प्रभाव है ग्रामीण क्षेत्रों में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही है जैसे सब रोजगार योजना और कौशल विकास कार्यक्रम युवाओं को तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा अपनाकर स्वयं को समक्ष बनाना चाहिए इस बेरोजगारी कम होगी और देश की प्रगति होगी 

 बेरोजगारी की समस्या?

 रूपरेखा  - 1 प्रस्तावना  2 बेरोजगारी का अर्थ 3 बेरोजगारी का 4 कारण बेरोजगारी को रोकने के उपाय 5 उपसंहार

 प्रस्तावना- बेरोजगारी की समस्या हमारे देश की एक प्रमुख एवं गंभीर समस्या है यह दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है इससे एक और गरीबी भुखमरी तो दूसरी तरफ युवकों में आक्रोश तथा अनुशासन हीनता को भी बढ़ावा मिलता है चोरी डकैती हिंसा एवं आत्महत्या आदि अनेक समस्याओं का मूल कारण बेरोजगारी है 

 बेरोजगारी का अर्थ- जब कोई योग्य तथा काम करने के लिए इच्छुक व्यक्ति प्रचलित मजदूरी पर काम करने के लिए तैयार हो और उसे काम ना मिले तो ऐसी अवस्था बेरोजगारी कहलाती है बालक व्रत असम एवं अपंग व्यक्तियों को बेरोजगारी की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता क्योंकि वह काम करने के योग्य नहीं है

 बेरोजगारी का कारण - बेरोजगारी के प्रमुख कारण इस प्रकार है -

 जनसंख्या में तीव्र गति से वृद्धि शिक्षा का अभाव वैज्ञानिक उपकरणों का अधिक मात्रा में उपयोग अनेक प्रकार की मशीनों का उपयोग या निर्माण भारी संख्या में सारनाथ का आगमन मानसून की अन्य नेता श्रम की मांग एवं पूर्ति से संतुलन एवं सरकारी नौकरी में कमी आदि

 बेरोजगारी को रोकने के उपाय- बेरोजगारी को रोकने के लिए हमें निम्न तरीके बनाने चाहिए -

 जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण परिवार नियोजन का वास्तविक करना शिक्षा के क्षेत्र में विकास करना कुटीर उद्योगों का विकास करना देश में व्यापक स्तर पर औद्योगिक करण शुरू करना कृषि के क्षेत्र में विकास करने के साथ पशुपालन तथा मुर्गी पालन को विकसित करना सड़कों का निर्माण रेल परिवहन का विकास मां रंगों को सुचारू रूप से चालू रखना इत्यादि 

 उपसंहार - बेरोजगारी को दूर करने के लिए हमें एक झूठ होकर प्रयास करना चाहिए यह कम दरों पर काम कर नहीं करना चाहिए हमें स्वस्थ का छोटा धंधा व्यवसाय शुरू करके लोगों को रोजगार देना चाहिए तथा बहुत ही ज्यादा जरूरत पड़ने पर मशीनों का उपयोग करना चाहिए ज्यादा से ज्यादा मजदूरों को रोजगार देना चाहिए इन तरीकों को अपना कर हम बेरोजगारी की समस्या को दूर कर सकते हैं

 


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  • Author:- kumarivanshika01232@gmail.com
  • Date:- 2026:01:28
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खाघ संसाधनों में सुधार


हम सभी जानते हैं कि सभी जीवधारियों को भोजन की आवश्यकता होती है भोजन से हमें प्रोटीन कार्बोहाइड्रेट वसा विटामिन तथा खनिज लवण प्राप्त होते हैं इन सभी तत्वों की आवश्यकता हमारे विकास वृद्धि तथा स्वास्थ्य के लिए होती है पौधों तथा जंतु दोनों ही हमारे भोजन के मुख्य स्रोत है अधिकांश भोज्य पदार्थ हमें कृषि तथा पशुपालन से प्राप्त होते हैं  हम पार्य समाचार पत्रों में पढ़ते हैं की कृषि उत्पादन तथा पशुपाल... Read More

हम सभी जानते हैं कि सभी जीवधारियों को भोजन की आवश्यकता होती है भोजन से हमें प्रोटीन कार्बोहाइड्रेट वसा विटामिन तथा खनिज लवण प्राप्त होते हैं इन सभी तत्वों की आवश्यकता हमारे विकास वृद्धि तथा स्वास्थ्य के लिए होती है पौधों तथा जंतु दोनों ही हमारे भोजन के मुख्य स्रोत है अधिकांश भोज्य पदार्थ हमें कृषि तथा पशुपालन से प्राप्त होते हैं

 हम पार्य समाचार पत्रों में पढ़ते हैं की कृषि उत्पादन तथा पशुपालन को बढ़ाने के प्रयास हो रहे हैं यह आवश्यक क्यों है? हम वर्तमान उत्पादन स्तर पर ही क्यों नहीं निर्वाह कर सकते?

 भारत की जनसंख्या बहुत अधिक है हमारे देश की जनसंख्या 100 करोड़ एक बिलियन से अधिक है तथा इसमें लगातार वृद्धि हो रही है इस बढ़ती हुई जनसंख्या के लिए अधिक उत्पादन की आवश्यकता होगी यह वृद्धि अधिक भूमि पर कृषि करने से संभव हो सकती है परंतु भारत में पहले से ही अत्यधिक स्थान पर खेती होती है अटैक ऋषि के लिए और अधिक भूमि की उपलब्धता संभव नहीं है इसलिए फसल तथा पशुधन के उत्पादन की क्षमता को बढ़ाना आवश्यक है

 अभी तक फसल उत्पादन को बढ़ाने के हमारे प्रयास कुछ सीमा तक सफल रहे हैं हमने हरित क्रांति द्वारा फसल उत्पादन में वृद्धि की है तथा श्वेत क्रांति द्वारा दूध का उत्पादन बढ़ाया है और उसका अच्छा प्रबंध भी किया है 

 इन क्रांतियां की प्रक्रिया में हमारी प्राकृतिक संपदाओं का बहुत अधिक प्रयोग हुआ है इसके परिणाम स्वरुप हमारे प्राकृतिक संपदा को हानि होने के अवसर बढ़ गए हैं जिससे प्राकृतिक संतुलन बिगड़ने का खतरा बढ़ गया है अतः यह महत्वपूर्ण है की फसल उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रयास पर्यावरण तथा पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने वाले कारकों को श्रुति ना पहुंचाएं इसलिए कृषि तथा पशुपालन के लिए संपूर्ण को अपनाने की आवश्यकता होती है

 केवल फसल उत्पादन बढ़ाने तथा उन्हें गोदाम में संचित करने से ही कुपोषण तथा भू की समस्या का समाधान नहीं हो सकता लोगों को अनाज खरीदने के लिए धन की आवश्यकता भी होती है खाघ सुरक्षा उसके उत्पादन तथा उपलब्धता दोनों पर निर्भर है हमारे देश की अधिकांश जनसंख्या अपने जीवन यापन के लिए कृषि पर ही निर्भर है इसलिए कृषि क्षेत्र में लोगों की आयु बढ़ाने चाहिए जिससे की भूख की समस्या का समाधान हो सके कृषि से अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए हमें वैज्ञानिक प्रबंधन प्रणालियों को अपनाना होगा संपूर्ण जीवन यापन के लिए मिश्रित खेती पत्र फसल कारण तथा संगठित कृषि प्रणालियां अपनाना चाहिए उदाहरण के लिए पशुधन को कोर्ट पालन मध्य पालन मधुमक्खी पालन के साथ कृषि अत्यधिक 

 अब प्रश्न यह है कि हम फसल तथा पशुधन की उत्पादन को कैसे बड़ाए?

 फसल उत्पादन में उन्नति?

 ऊर्जा की आवश्यकता के लिए अनाज जैसे गेहूं चावल मक्का बाजार तथा ज्वर से कार्बोहाइड्रेट प्राप्त होता है डाले जैसे चना मटर उड़द मूंग हर हर मसूर से प्रोटीन प्राप्त होती है और तेल वाले बीजों जैसे सोयाबीन मूंगफली तिल और और सरसों अलसी तथा सूरजमुखी से हमें आवश्यक वर्षा प्राप्त होती है सब्जियां मसाले तथा फलों से हमें विटामिन तथा खनिज लवणों कुछ मात्रा में प्रोटीन वसा तथा कार्बोहाइड्रेट भी प्राप्त होते हैं चार फैसले जैसे अथवा सुदन घास का उत्पादन पशुधन के चारे के रूप में किया जाता है

 विभिन्न फसलों के लिए विभिन्न जलवायु संबंधित परिस्थितियों तापमान तथा दीप्त कल की आवश्यकता होती है जिससे कि उनकी समुचित वृद्धि हो सके और मैं अपना जीवन चक्र पूरा कर सके गुप्त काल सूर्य प्रकाश के कल से संबंधित होता है पौधों में पशुपालन तथा वृद्धि सूर्य प्रकाश पर निर्भर करती है जैसे कि हम सभी जानते हैं कि फोटो सूर्य के प्रकाश में प्रकाश संश्लेषण द्वारा अपना भोजन बनाते हैं कुछ ऐसी फैसले जिन्हें हम वर्षा ऋतु में उगते हैं खरीफ फसल कहलाती है जो जून से आरंभ होकर अक्टूबर मार्च तक होती है कुछ फैसला सेट ऋतु में उगाई जाती है जो नवंबर से अप्रैल मार्च तक होती है इन फसलों को रवि फसल कहते हैं धन सोयाबीन अरहर मक्का मूंग तथा उड़द खरीफ फैसले हैं गेहूं चना मटर सरसों तथा अलसी रबी फसल है 

 भारत में सन 1992 से सन 2010 तक कृषि भूमि में 25% की वृद्धि हुई है जबकि अन्य की पैदावार में चार गुनी वृद्धि हुई है पैदावार में यह उन्नति कैसे हुई यदि हम कृषि में शामिल प्रणालियों के विषय में सोच तो हम हमको तीन चरणों में बांट सकते हैं सबसे पहले है बी का चुना दूसरा फसल की उचित देखभाल तथा तीसरा खेतों में होगी फसल की सुरक्षा तथा कटी हुई फसल को हानि से बचाना इस प्रकार फसल उत्पादन में सुधार की प्रक्रिया में प्रयुक्त गतिविधियों को निम्न  प्रमुख वर्गों में बांटा गया है 

 फसल की किस्म में सुधार

फसल उत्पादन प्रबंधन

फसल सुरक्षा प्रबंध

 फसल की किस्म में सुधार?

 फसलों का उत्पादन अच्छा हो यह प्रयास फसलों की किस्म के चयन पर निर्भर करता है फसल की किस्म या पर बीडीओ के लिए विभिन्न उपयोग को गुना जैसे रोग प्रतिरोधक क्षमता अभ्रक के प्रति अनुरूपता उत्पादन की गुणवत्ता तथा उच्च उत्पादन का चयन प्रचंड द्वारा कर सकते हैं फसल की किस्म में अच्छी गुना को संकरण द्वारा डाला जा सकता है संकरण विधि में विभिन्न अनुवांशिक गुना वाले पौधों में संकरण करवाते हैं यह संकरण पत्र किस लिए विभिन्न किस्म में अठरा स्पीशीज एक ही जीनस की दो विभिन्न स्पीशीज में अथवा अंतर वंशीय विभिन्न जनर में हो सकता है फसल सुधार की दूसरी विधि है अच्छे गुना वाले जीव का डालना इनके परिणाम स्वरुप अनुवांशिक के रूपांतरित फसल प्राप्त होती है

 फसल उत्पादन प्रबंधन?

 अनेक कृषि प्रधान देश के समान भारत में भी कृषि छोटे-छोटे खेतों से लेकर बहुत बड़े फार्मा तक में होते हैं इसलिए विभिन्न किसानों के पास भूमि धन सूचना तथा तकनीकी की उपलब्धता कम अत्यधिक होती है संक्षिप्त में धन अथवा आर्थिक परिस्थितियों किस को विभिन्न कृषि प्रणालियां तथा कृषि तकनीक को अपने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है योगदान उच्च निर्देश तथा फसल उत्पादन में सहसंबंध है इस प्रकार किसान की लागत क्षमता फसल तंत्र तथा उत्पादन प्रणालियों का निर्धारण करती है इसलिए उत्पादन प्रैंक लिया भी विभिन्न स्तर की हो सकती है बिना लागत उत्पादन अल्प लागत उत्पादन तथा अधिक लागत उत्पादन प्रणालियों इसमें सम्मिलित है

 पोशक प्रबंधन-

 जैसे हमें विकास वृद्धि तथा स्वस्थ रहने के लिए भोजन की आवश्यकता होती है वैसे ही पौधों को भी वृद्धि के लिए पोषक पदार्थ की आवश्यकता होती है पौधों को पोषक पदार्थ हवा पानी तथा मिट्टी से प्राप्त होते हैं पौधों के लिए अनेक पोषक पदार्थ आवश्यक है हवा से कार्बन तथा ऑक्सीजन पानी से हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन पोषक पदार्थ मिट्टी से प्राप्त होते हैं इन पोशाक में से कुछ की अधिक मात्रा चाहिए इसलिए इन्हें वृहद पोशाक कहते हैं शेष पोजीसन की आवश्यकता कम मात्रा में होती है इसलिए इन्हें सुषमा पोशाक कहते हैं

 इन पोजीसन की कमी के कारण पौधों की शारीरिक भीम सहित जनन वृद्धि तथा रोगों के प्रति प्रवृत्ति पर प्रभाव पड़ता है अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए मिट्टी में खाद तथा उर्वरक के रूप में इन पोजीसन को मिलना आवश्यक है

खाघ -

 खाद में कार्बनिक पदार्थ की मात्रा अधिक होती है तथा यह मिट्टी को अल्प मात्रा में पोषक प्रदान करते हैं खाद को जंतुओं के अपशिष्ट तथा पौधों के कचरे के अपघटन से तैयार किया जाता है खाद मिट्टी को पोजीसन तथा कार्बनिक पदार्थ से पूरी पूर्ण करती है और मिट्टी की आवश्यकता को बढ़ाती है खाद में कार्बनिक पदार्थ की अधिक मात्रा मिट्टी की संरचना में सुधार करती है इसके कारण रेतीली मिट्टी में पानी को रखने की क्षमता बढ़ जाती है चिकनी मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ की अधिक मात्रा पानी को निकालने में सहायता करती है जिससे पानी एकत्रित नहीं होता

 खाद के बनाने में हम जैविक कचरे का उपयोग करते हैं इससे उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग की आवश्यकता नहीं होगी तथा इस प्रकार से पर्यावरण संरक्षण में सहयोग मिलेगा खाद बनाने की प्रक्रिया में विभिन्न जैव पदार्थ के उपयोग किया जाता है

 उर्वरक-

 उर्वरक व्यावसायिक रूप में तैयार पादप पोशाक है उर्वरक नाइट्रोजन फास्फोरस तथा पोटेशियम प्रदान करते हैं उनके उपयोग से अच्छी कैक वृद्धि प्रत्यय सखे तथा फूल होते हैं और स्वस्थ पौधों की प्राप्ति होती है अधिक उत्पादन के लिए उर्वरक का भी उपयोग होता है परंतु यह आर्थिक दृष्टि से महंगे पड़ते हैं 

 उर्वरक का उपयोग बड़े ध्यान से करना चाहिए और उसके सदुपयोग के लिए इसकी खुराक की उचित मात्रा उचित समय तथा वर्ग देने से पहले तथा उसके बाद की सावधानियां को अपनाना चाहिए उदाहरण के लिए कभी-कभी अर्क अधिक सिंचाई के कारण पानी में बह जाते हैं और पौधे उसका पूरा अवशोषण नहीं कर पाते उर्वरक की यह अधिक मात्रा जल प्रदूषण का कारण होता है

 सिंचाई-

 प्रकाश में अधिकांश खेती वर्ष पर आधारित है अर्थात अधिकांश क्षेत्रों में फसल की उपज समय पर मानसून आने तथा वृद्धि काल में उचित वर्षा होने पर निर्भर करती है इसलिए कम वर्षा होने पर फसल उत्पादन कम हो जाता है फसल की वृद्धि काल में उचित समय पर सिंचाई करने से संभावित फसल उत्पादन में वृद्धि हो सकती है इसलिए अधिकार अधिक कृषि भूमि को संचित करने के लिए बहुत से उपाय किए जाते हैं

 फसल पैटर्न -

 अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए फसल उगाने की विभिन्न विधियां का उपयोग कर सकते हैं

 मिश्रित फसल में दो अथवा दो से अधिक फसलों को एक साथ ही एक खेत में उगते हैं जिससे की गेहूं चना अथवा गेहूं सरसों अथवा मूंगफली सूर्यमुखी इससे हानि होने की संभावना कम हो जाती है क्योंकि फसल के नष्ट हो जाने पर भी फसल उत्पादन की आशा बनी रहती है

 अंतर फसलीकरण में दो अथवा दो से अधिक फसल को एक साथ एक ही खेत में निर्धारित पैटर्न पर लगाते हैं कुछ पंक्तियों में एक प्रकार की फसल तथा अनेक अंक कतार में स्थित दूसरी पंक्तियों में दूसरी प्रकार की फसल उगाते हैं इसके उदाहरण है सोयाबीन मक्का अथवा बाजार लोबिया फसल का चुनाव इस प्रकार करते हैं कि उनके पोषक तत्व की आवश्यकता भिन्न हो जिससे पोशाक का अधिकतम उपयोग हो सके इस विधि द्वारा पीड़क व रोगों को एक प्रकार की फसल के सभी पौधों में फैलने से रोका जा सकता है इस प्रकार दोनों फसलों से अच्छा उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है

 धन्यवाद-

 


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  • Author:- kumarivanshika01232@gmail.com
  • Date:- 2026:01:28
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Bobby: the robot


Atul read and Advertisement in the newspaper-" who can make you  own  robot,  A robot that hops. "  as soon as he read this he said excitedly, " now I can make my own hoping robot. " He  rushed to the stop and bought a robot kit. On reaching home he assembled all the parts of the robot and named it Bobby but Atul could not make Bobby hope he read the in... Read More

Atul read and Advertisement in the newspaper-" who can make you  own  robot,

 A robot that hops. "

 as soon as he read this he said excitedly, " now I can make my own hoping robot. " He  rushed to the stop and bought a robot kit.

On reaching home he assembled all the parts of the robot and named it Bobby but Atul could not make Bobby hope he read the instruction carefully and tried to  reassemble it, but failed

 Atul called his mother to help him. Mother also tried very hard but see to could not make Bobby hope. Atul' s father came into find out what they were doing

 One after the other everyone in the house tried no one could make Bobby hope at last Atul sister Mala say the phone number of the Shop on the packet she called up the shopkeeper she asked why is bobby not hoping? " The shopkeeper  replied. " You must tap it on its head after assembling all the parts. " Now Atul tapped on the Bobby head wonder of wonders Bobby hopped!

 Bobby the robot hopped all around in the room Atul called his friends to play with it Prashant on of his friends asked, what are the other functions of your robot? " " it perform  various functions it walks speaks and movers its arms too. " Atul replied.

 All his friends played with Bobby and enjoyed


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  • Date:- 2026:01:25
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