गदर पार्टी:- युद्ध काल में बंगाल महाराष्ट्र तथा उत्तर प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में सशस्त्र राष्ट्रवादी विरोधी की योजना तैयार होने लगी भारत के बाहर अमेरिका और कनाडा में बसे भारतीयों देशभक्तों ने 1913 ईस्वी में गदर पार्टी की स्थापना की इस पार्टी के प्रमुख नेता लाल हरदयाल थे इस दल के अन्य प्रमुख सदस्यों में रासबिहारी बोस राजा महेंद्र प्रताप बरकत अल्लाह उबेद अल्लाह हिंदी भगवान सिंह तथा सुहाना सिंह ब...
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गदर पार्टी:- युद्ध काल में बंगाल महाराष्ट्र तथा उत्तर प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में सशस्त्र राष्ट्रवादी विरोधी की योजना तैयार होने लगी भारत के बाहर अमेरिका और कनाडा में बसे भारतीयों देशभक्तों ने 1913 ईस्वी में गदर पार्टी की स्थापना की इस पार्टी के प्रमुख नेता लाल हरदयाल थे इस दल के अन्य प्रमुख सदस्यों में रासबिहारी बोस राजा महेंद्र प्रताप बरकत अल्लाह उबेद अल्लाह हिंदी भगवान सिंह तथा सुहाना सिंह बना अधिक सक्रिय थे गदर पार्टी की ओर से एक सामाजिक पत्र गदर नाम से प्रकाशित होता था उसके भोग पृष्ठ पर लिखा रहता था अंग्रेजी राज का दुश्मन धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com
03 Apr 2026
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क्रांतिकारी आंदोलन ब्रिटिश शासन द्वारा राष्ट्रीय आंदोलन के क्रूर दमन के कारण कुछ देशभक्ति ने स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए सशस्त्र क्रांति का मार्ग अपनाया क्रांतिकारी सिर्फ परिणाम के इच्छुक थे बंगाल पंजाब और महाराष्ट्र में क्रांतिकारी आंदोलन ने गति प्राप्त कर ली इसका विश्वास था की क्रांति से ही देश को आजाद कराया जा सकता है क्रांतिकारियों ने बंगाल में अनुशीलन समिति की स्थापना की खुदीराम बोस पर फूल च...
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क्रांतिकारी आंदोलन ब्रिटिश शासन द्वारा राष्ट्रीय आंदोलन के क्रूर दमन के कारण कुछ देशभक्ति ने स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए सशस्त्र क्रांति का मार्ग अपनाया क्रांतिकारी सिर्फ परिणाम के इच्छुक थे बंगाल पंजाब और महाराष्ट्र में क्रांतिकारी आंदोलन ने गति प्राप्त कर ली इसका विश्वास था की क्रांति से ही देश को आजाद कराया जा सकता है क्रांतिकारियों ने बंगाल में अनुशीलन समिति की स्थापना की खुदीराम बोस पर फूल चकी और अरविंद घोष प्रमुख क्रांतिकारी थे महाराष्ट्र के चाफेकर भाइयों की भी इस प्रकार के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका थी उसे आंदोलन को व्यापार बनाने के लिए क्रांतिकारी समाचार पत्रों का प्रशासन भी शुरू किया गया बंगाल के संध्या और युगांतर तथा महाराष्ट्र का काल प्रमुख समाचार पत्र थे धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com
02 Apr 2026
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बहिष्कार और स्वदेशी आंदोलन बंग भंग का विरोध करने के लिए भारतीयों ने अंग्रेजों से प्रार्थना करने की बजाय अपने बल पर स्वराज्य हासिल करने की भावना से दो तरह के कार्यक्रम बनाएं बड़ी मात्रा में अंग्रेजी कपड़े शंकर आदि माल का बहिष्कार दूसरा स्वदेशी यानी अपने देश के लोगों द्वारा बनाई चीजों का ही उपयोग भारतीयों में स्वदेशी का विचार पनपन लगावे कहते हम अपने अवॉगड़ लगाएंगे अपने स्कूल कॉलेज खोलेंगे ग...
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बहिष्कार और स्वदेशी आंदोलन बंग भंग का विरोध करने के लिए भारतीयों ने अंग्रेजों से प्रार्थना करने की बजाय अपने बल पर स्वराज्य हासिल करने की भावना से दो तरह के कार्यक्रम बनाएं बड़ी मात्रा में अंग्रेजी कपड़े शंकर आदि माल का बहिष्कार दूसरा स्वदेशी यानी अपने देश के लोगों द्वारा बनाई चीजों का ही उपयोग भारतीयों में स्वदेशी का विचार पनपन लगावे कहते हम अपने अवॉगड़ लगाएंगे अपने स्कूल कॉलेज खोलेंगे गांव के लोगों के बीच काम करके उनकी समस्या दूर करेंगे हम अपनी अपनी पंचायत व कचहरी चलाएंगे हम अपने विकास के लिए अंग्रेजों पर निर्भर नहीं रहेंगे और अपनी आत्म शक्ति बढ़ाएंगे धन्यवाद
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01 Apr 2026
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बंग भंग आंदोलन:- तेजी से बढ़ते राष्ट्रीय आंदोलन के प्रभाव को कम करने के लिए तत्कालीन गवर्नर जनरल लॉर्ड कर्जन ने बंगाल को 1905 ईस्वी में दो भागों में विभाजित कर दिया अंग्रेजों ने विभाजन का कारण बढ़िया प्रशासन व्यवस्था प्रदान करना बताया परंतु वास्तविक कारण हिंदू व मुसलमान लोगों में फूट डालना था ब्रिटिश सरकार ने बंगाल प्रेसीडेंसी प्रांत को दो हिस्सों में बांट दिया एक पश्चिम बंगाल जिसमें हिंदू अधिक...
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बंग भंग आंदोलन:- तेजी से बढ़ते राष्ट्रीय आंदोलन के प्रभाव को कम करने के लिए तत्कालीन गवर्नर जनरल लॉर्ड कर्जन ने बंगाल को 1905 ईस्वी में दो भागों में विभाजित कर दिया अंग्रेजों ने विभाजन का कारण बढ़िया प्रशासन व्यवस्था प्रदान करना बताया परंतु वास्तविक कारण हिंदू व मुसलमान लोगों में फूट डालना था ब्रिटिश सरकार ने बंगाल प्रेसीडेंसी प्रांत को दो हिस्सों में बांट दिया एक पश्चिम बंगाल जिसमें हिंदू अधिक थे दूसरा पूर्वी बंगाल जिसमें मुसलमान अधिक थे विभाजन के कारण सारे बंगाल में रोज की लहर दौड़ गई विभिन्न स्थानों पर संभव है वह आंदोलन किए गए नरम दल और गरम दल के नेताओं ने मिलकर इस आंदोलन को नेतृत्व दिया इसी बीच 1906 ईस्वी में भारतीय मुस्लिम लीग की स्थापना हुई धन्यवाद
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01 Apr 2026
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कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन में घोषित उद्देश्य - देश के विभिन्न भागों के राजनीतिक व सामाजिक नेताओं को एकजुट करना भारतीयों में राष्ट्रीय एकता की भावना विकसित करना राजनीतिक और सार्वजनिक प्रश्नों पर अपने विचार को अभिव्यक्त करना कांग्रेस के अधिवेशन में देश के हर वर्ग के लोगों की समस्याओं पर चर्चा होती थी सरकारी नीतियों की आलोचना भी होती थी सरकार को कैसी नीतियां अपनानी चाहिए इसके बारे में प्...
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कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन में घोषित उद्देश्य - देश के विभिन्न भागों के राजनीतिक व सामाजिक नेताओं को एकजुट करना भारतीयों में राष्ट्रीय एकता की भावना विकसित करना राजनीतिक और सार्वजनिक प्रश्नों पर अपने विचार को अभिव्यक्त करना कांग्रेस के अधिवेशन में देश के हर वर्ग के लोगों की समस्याओं पर चर्चा होती थी सरकारी नीतियों की आलोचना भी होती थी सरकार को कैसी नीतियां अपनानी चाहिए इसके बारे में प्रस्ताव पास किए जाते हैं धन्यवाद
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01 Apr 2026
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना में अग्रणी भूमिका श्री एलेन ऑक्टेवियन हम नमक अवकाश प्राप्त अधिकारी की राही में आधार वादी अंग्रेज थे कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन में सम्मिलित होने वाले प्रमुख भारतीय नेता दादा भाई नूराजे नाथ फिरोज शाह मेहता बनर्जी इस अधिवेशन के अध्यक्ष थे
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना में अग्रणी भूमिका श्री एलेन ऑक्टेवियन हम नमक अवकाश प्राप्त अधिकारी की राही में आधार वादी अंग्रेज थे कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन में सम्मिलित होने वाले प्रमुख भारतीय नेता दादा भाई नूराजे नाथ फिरोज शाह मेहता बनर्जी इस अधिवेशन के अध्यक्ष थे
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31 Mar 2026
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नए बुद्धिजीवी वर्ग नए बुद्धिजीवी लोग कार्य कनिष्ठ प्रशासनक वकील डॉक्टर अध्यापक अत्यधिक है इनमें से कुछ लोग इंग्लैंड में भी शिक्षा प्राप्त कर चुके थे उन्हें वहां इन राजनीतिक संस्थाओं की व्यवस्था भी देखी थी यहां लौटने पर उन्हें यह अनुभव हुआ कि उनके मौलिक अधिकार सुनने के बराबर है और वातावरण में दास्तान ही दस्त है अंग्रेजी पढ़कर लिखे बुद्धिजीवी वर्ग अपने राजनीतिक अधिकार से परिचित थे उन्होंने अनुभव...
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नए बुद्धिजीवी वर्ग नए बुद्धिजीवी लोग कार्य कनिष्ठ प्रशासनक वकील डॉक्टर अध्यापक अत्यधिक है इनमें से कुछ लोग इंग्लैंड में भी शिक्षा प्राप्त कर चुके थे उन्हें वहां इन राजनीतिक संस्थाओं की व्यवस्था भी देखी थी यहां लौटने पर उन्हें यह अनुभव हुआ कि उनके मौलिक अधिकार सुनने के बराबर है और वातावरण में दास्तान ही दस्त है अंग्रेजी पढ़कर लिखे बुद्धिजीवी वर्ग अपने राजनीतिक अधिकार से परिचित थे उन्होंने अनुभव किया की सन 1833 ई के चार्टर एक्ट तथा रानी विक्टोरिया की सन 1858 ईस्वी में की गई घोषणा के दिए गए वचनों के बावजूद ऊंचे ऊंचे पदों के द्वारा भारतीय के लिए बंद ही थे यही लोग नवोदित राजनीतिक असंतोष का क्रोध बिंदु बने तथा भारतीय राजनीतिक संस्थाओं को नृत्य तत्व प्रदान किया धन्यवाद
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27 Mar 2026
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आर्थिक राष्ट्रवाद :- अंग्रेजों की पक्षपातपुर आर्थिक तथा राजस्व नीति की प्रतिक्रिया के रूप में भारत में राष्ट्रवाद का उदय हुआ 19वीं शताब्दी के पूर्वार्ध में इंग्लैंड औद्योगिक क्रांति का नेता था और उसे अपने सत्य कच्चे माल तथा तैयार माल के लिए एक मंडी चाहिए थी भारत की सभी आर्थिक नीतियों कृषि उद्योग वित्त शुल्क विदेशी पूंजी निवेदन विदेशी व्यापार बैंक व्यापार अत्यधिक अंग्रेजी अर्थव्यवस्था को बनाए रखन...
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आर्थिक राष्ट्रवाद :- अंग्रेजों की पक्षपातपुर आर्थिक तथा राजस्व नीति की प्रतिक्रिया के रूप में भारत में राष्ट्रवाद का उदय हुआ 19वीं शताब्दी के पूर्वार्ध में इंग्लैंड औद्योगिक क्रांति का नेता था और उसे अपने सत्य कच्चे माल तथा तैयार माल के लिए एक मंडी चाहिए थी भारत की सभी आर्थिक नीतियों कृषि उद्योग वित्त शुल्क विदेशी पूंजी निवेदन विदेशी व्यापार बैंक व्यापार अत्यधिक अंग्रेजी अर्थव्यवस्था को बनाए रखने के लिए घटित की गई जब कभी भी भारतीय विकास तथा अंग्रेजों हटाना में टकराव होता था तो बाली सदैव भारतीय हितों की होती थी इस व्यवस्था का दादाभाई नौरोजी ने अपनी पुस्तक द प्रॉपर्टी और उन ब्रिटिश रूल इन इंडिया में धन निष्कासन के सिद्धांत द थ्योरी ऑफ़ ड्रेन के रूप में उल्लेख किया है धन्यवाद
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27 Mar 2026
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अंग्रेज शासको का नक्सलीय डब भारत में राष्ट्रीय भावनाओं के विकास का एक महत्वपूर्ण कारण अंग्रेजों की जातियां श्रेष्ठ कदम था भारतीय यूरोपीय लोगों के कमल में नहीं जा सकते थे और उन्हें गाड़ी के उसे डिब्बे में यात्रा की अनुमति नहीं थी जिसमें यूरोपीय यात्रा जा रहे हो धन्यवाद
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अंग्रेज शासको का नक्सलीय डब भारत में राष्ट्रीय भावनाओं के विकास का एक महत्वपूर्ण कारण अंग्रेजों की जातियां श्रेष्ठ कदम था भारतीय यूरोपीय लोगों के कमल में नहीं जा सकते थे और उन्हें गाड़ी के उसे डिब्बे में यात्रा की अनुमति नहीं थी जिसमें यूरोपीय यात्रा जा रहे हो धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com
27 Mar 2026
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भारतीय समाचार पत्र और साहित्य की भूमिका भारत में राष्ट्रीय भावना के विकास में भारतीय समाचार पत्र और साहित्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही उनके द्वारा भारतीयों ने देश भक्ति की भावनाओं का आधुनिक आर्थिक सामाजिक और राजनीतिक विचारों का प्रचार किया तथा एक अखिल भारतीय चेतना जगाई इन राष्ट्रवादी समाचार पत्रों में संवाद को मोदी सम विकास भंगदूत केसरी हिंदू एवं अमृत बाजार पत्रिका और प्रमुख है इसी प्रकार साहित्य...
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भारतीय समाचार पत्र और साहित्य की भूमिका भारत में राष्ट्रीय भावना के विकास में भारतीय समाचार पत्र और साहित्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही उनके द्वारा भारतीयों ने देश भक्ति की भावनाओं का आधुनिक आर्थिक सामाजिक और राजनीतिक विचारों का प्रचार किया तथा एक अखिल भारतीय चेतना जगाई इन राष्ट्रवादी समाचार पत्रों में संवाद को मोदी सम विकास भंगदूत केसरी हिंदू एवं अमृत बाजार पत्रिका और प्रमुख है इसी प्रकार साहित्य रचनाओं में आनंद मठ भारत दुर्दशा गीतांजलि आदि ने राष्ट्रीय भावना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई धन्यवाद
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27 Mar 2026
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