कैल्शियम:- यह एक आवश्यक खनिज तत्व है तथा हड्डियों में धातु के निर्माण में सहायक होता है यह रक्त में भी पाया जाता है शरीर में पाए जाने वाले कुल खनिज लवणों का आधा भाग कैल्शियम ही होता है प्राप्ति के स्रोत:- कैल्शियम प्रताप का सबसे अच्छा एवं समृद्ध स्रोत दूध है दूध में इसकी भरपूर मात्रा पाई जाती है दूध में पाए जाने वाले कैल्शियम का शरीर में सरलता से शोषण हो जाता है दूध में अतिरिक्त विभिन्न प्रकार...
Read More
कैल्शियम:- यह एक आवश्यक खनिज तत्व है तथा हड्डियों में धातु के निर्माण में सहायक होता है यह रक्त में भी पाया जाता है शरीर में पाए जाने वाले कुल खनिज लवणों का आधा भाग कैल्शियम ही होता है प्राप्ति के स्रोत:- कैल्शियम प्रताप का सबसे अच्छा एवं समृद्ध स्रोत दूध है दूध में इसकी भरपूर मात्रा पाई जाती है दूध में पाए जाने वाले कैल्शियम का शरीर में सरलता से शोषण हो जाता है दूध में अतिरिक्त विभिन्न प्रकार के अनाज और सब्जियां गेहूं चावल राय आलू मूली शकरकंद शलजम आदि में इसकी समुचित मात्रा विद्यमान होती है सभी ताजे फलों तिलों प्रनिज वास एवं वानस्पतिक तेलों में भी यह पाया जाता है धन्यवाद
Read Full Blog
kumarivanshika01232@gmail.com
25 Feb 2026
58 Views
Likes: 0
खनिज लवण हमारे भोजन के आवश्यक तत्वों में खनिज लवण का महत्वपूर्ण स्थान है खनिज लवण विभिन्न रासायनिक तत्व है जो पर्याप्त मात्रा में प्रकृति में विद्यमान है शरीर के निर्माण एवेरक रेखाओं के लिए कार्बज वसा तथा प्रोटीन की अधिक मात्रा की आवश्यकता होती है इन तत्वों की तुलना में खनिज लवणों की अल्प मात्रा को ही शरीर ग्रहण करता है परंतु इसके अभाव में शरीर का स्वस्थ रखने एवं उसे सुचारू रूप से चला पाना संभव...
Read More
खनिज लवण हमारे भोजन के आवश्यक तत्वों में खनिज लवण का महत्वपूर्ण स्थान है खनिज लवण विभिन्न रासायनिक तत्व है जो पर्याप्त मात्रा में प्रकृति में विद्यमान है शरीर के निर्माण एवेरक रेखाओं के लिए कार्बज वसा तथा प्रोटीन की अधिक मात्रा की आवश्यकता होती है इन तत्वों की तुलना में खनिज लवणों की अल्प मात्रा को ही शरीर ग्रहण करता है परंतु इसके अभाव में शरीर का स्वस्थ रखने एवं उसे सुचारू रूप से चला पाना संभव है शरीर की विभिन्न सामान्य प्रक्रियाओं के परिचालन के लिए खनिज लवणों का शरीर में होना नियंत्रांत आवश्यक है कार्य एवं महत्व खनिज लवण शरीर के निर्माण एवं नियमन संचालन में योगदान देते हैं अत इसके कार्यों को दो भागों में विभक्त किया जाता है प्रथम वर्ग में शरीर के निर्माण से संबंधित कार्य तथा तृतीय वर्ग में शरीर के नियामक कार्य सम्मिलित है धन्यवाद
Read Full Blog
kumarivanshika01232@gmail.com
24 Feb 2026
175 Views
Likes: 0
वसा की अधिकता से होने वाली हानियां - 1. मोटापा अधिक होने से शारीरिक कार्य क्षमता में कमी आ जाती है 2. अधिक वर्षा से ओबेसिटी मोटापा नामक रोग हो जाता है 3. गुर्दे अपना कार्य करना बंद कर देते हैं 4. रक्त में कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है तथा रक्त वाहिनी या संकुचित हो जाती है 5. हृदय संबंधी रोग हो जाते हैं 6. शरीर का रक्तचाप बढ़ जाता है धन्यवाद
Read More
वसा की अधिकता से होने वाली हानियां - 1. मोटापा अधिक होने से शारीरिक कार्य क्षमता में कमी आ जाती है 2. अधिक वर्षा से ओबेसिटी मोटापा नामक रोग हो जाता है 3. गुर्दे अपना कार्य करना बंद कर देते हैं 4. रक्त में कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है तथा रक्त वाहिनी या संकुचित हो जाती है 5. हृदय संबंधी रोग हो जाते हैं 6. शरीर का रक्तचाप बढ़ जाता है धन्यवाद
Read Full Blog
kumarivanshika01232@gmail.com
24 Feb 2026
75 Views
Likes: 0
वसा की कमी से होने वाली हानियां :- 1. त्वचा समृद्धि रोग तोड़ स्किन नामक बीमारी हो जाती है 2. कार्य संता में कमी आ जाती है 3. शरीर शुष्क हो जाता है 4. त्वचा सूखी और निस्तेज लगने लगती है 5. शारीरिक वृद्धि रुक जाती है धन्यवाद
Read More
वसा की कमी से होने वाली हानियां :- 1. त्वचा समृद्धि रोग तोड़ स्किन नामक बीमारी हो जाती है 2. कार्य संता में कमी आ जाती है 3. शरीर शुष्क हो जाता है 4. त्वचा सूखी और निस्तेज लगने लगती है 5. शारीरिक वृद्धि रुक जाती है धन्यवाद
Read Full Blog
kumarivanshika01232@gmail.com
24 Feb 2026
68 Views
Likes: 0
वसा के कार्य:- 1. शरीर की त्वचा को सुंदरता प्रदान करती है 2. शरीर के ताप का नियंत्रण करती है 3. वसा का प्रयोग करने से भूख कम लगती है 4. शरीर के आंतरिक और बाहरी अंगों को चिकनाई प्रदान करती है 5. मांसपेशियों को शक्ति प्रदान करती है 6. यह कार्बोहाइड्रेट से दो गुनी ऊर्जा प्रदान करती है धन्यवाद
Read More
वसा के कार्य:- 1. शरीर की त्वचा को सुंदरता प्रदान करती है 2. शरीर के ताप का नियंत्रण करती है 3. वसा का प्रयोग करने से भूख कम लगती है 4. शरीर के आंतरिक और बाहरी अंगों को चिकनाई प्रदान करती है 5. मांसपेशियों को शक्ति प्रदान करती है 6. यह कार्बोहाइड्रेट से दो गुनी ऊर्जा प्रदान करती है धन्यवाद
Read Full Blog
kumarivanshika01232@gmail.com
24 Feb 2026
64 Views
Likes: 0
वसा के स्रोत:- वास विभिन्न प्राकृतिक स्रोतों में पाई जाती है न्यूनाधिक मात्रा में यह अनेक पदार्थ में विद्वान है इसके स्रोतों को हम मुख्य रूप से दो वर्गों में विभक्त कर सकते हैं:-1. प्राणी जगत से प्राप्त होने वाली वसा तथा 2. वनस्पति जगत से प्राप्त होने वाली वास प्राणी जगत से प्राप्त होने वाली वसा के मुख्य स्रोत है- दूध तथा दूध से बने पदार्थ मांस मछली अंडे का पीला भाग मस्तिष्क यकृत तथा मछलियों के...
Read More
वसा के स्रोत:- वास विभिन्न प्राकृतिक स्रोतों में पाई जाती है न्यूनाधिक मात्रा में यह अनेक पदार्थ में विद्वान है इसके स्रोतों को हम मुख्य रूप से दो वर्गों में विभक्त कर सकते हैं:-1. प्राणी जगत से प्राप्त होने वाली वसा तथा 2. वनस्पति जगत से प्राप्त होने वाली वास प्राणी जगत से प्राप्त होने वाली वसा के मुख्य स्रोत है- दूध तथा दूध से बने पदार्थ मांस मछली अंडे का पीला भाग मस्तिष्क यकृत तथा मछलियों के यकृत से निकला तेल पशुओं की चर्बी आदि बीजों एवं अनाज से निकले हुए तेल और सुख मेरे तथा फल वास के वानस्पतिक स्रोत है धन्यवाद
Read Full Blog
kumarivanshika01232@gmail.com
24 Feb 2026
67 Views
Likes: 0
वसा क्या है वास ऊर्जा का मुख्य स्रोत होता है वास के मुख्य घटक कार्बन हाइड्रोजन और ऑक्सीजन है वास में ऑक्सीजन की मात्रा कम होती है इसलिए वास को ऑक्सीकरण के लिए बाहर से ऑक्सीजन लेनी पड़ती है वास के प्रमुख स्रोत निम्नलिखित है वनस्पति वसा :- वनस्पति वर्षा मुख्य सरसों नारियल मूंगफली तिल अरंडी आदि के तेल से मिलती है यह संतृप्त वर्ष है तथा इसमें विटामिन कम होती है पशु वसा :- यह दूध तथा दूध से बने पद...
Read More
वसा क्या है वास ऊर्जा का मुख्य स्रोत होता है वास के मुख्य घटक कार्बन हाइड्रोजन और ऑक्सीजन है वास में ऑक्सीजन की मात्रा कम होती है इसलिए वास को ऑक्सीकरण के लिए बाहर से ऑक्सीजन लेनी पड़ती है वास के प्रमुख स्रोत निम्नलिखित है वनस्पति वसा :- वनस्पति वर्षा मुख्य सरसों नारियल मूंगफली तिल अरंडी आदि के तेल से मिलती है यह संतृप्त वर्ष है तथा इसमें विटामिन कम होती है पशु वसा :- यह दूध तथा दूध से बने पदार्थ मांस मछली अंडे आदि से प्राप्त होती है यह संतृप्त वसा है तथा इसमें विटामिन ए विटामिन डी और विटामिन के प्रचुर मात्रा में मिलते हैं धन्यवाद
Read Full Blog
kumarivanshika01232@gmail.com
23 Feb 2026
67 Views
Likes: 0
कार्बोहाइड्रेट की कमी से होने वाली हानियां :- 1.शरीर का वजन घट जाता है 2.धीरे-धीरे शरीर गैलन लगता है और विकास रुक जाता है 3. व्यक्ति को थकावट कमजोरी तथा अलसी रहता है 4.शरीर में पर्याप्त ऊर्जा की कमी हो जाती है 5. कार्बज युक्त आहार प्राप्त न होने से कार्य क्षमता घट जाती है 6.स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाता है तथा घबराहट होने लगती है धन्यवाद
Read More
कार्बोहाइड्रेट की कमी से होने वाली हानियां :- 1.शरीर का वजन घट जाता है 2.धीरे-धीरे शरीर गैलन लगता है और विकास रुक जाता है 3. व्यक्ति को थकावट कमजोरी तथा अलसी रहता है 4.शरीर में पर्याप्त ऊर्जा की कमी हो जाती है 5. कार्बज युक्त आहार प्राप्त न होने से कार्य क्षमता घट जाती है 6.स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाता है तथा घबराहट होने लगती है धन्यवाद
Read Full Blog
kumarivanshika01232@gmail.com
23 Feb 2026
64 Views
Likes: 0
कार्बोहाइड्रेट के कार्य:- 1. यह शरीर में गर्मी तथा शक्ति को बढ़ाता है 2. यह शरीर के ताप को नियंत्रित करता है सर्दी के मौसम में कार्बोहाइड्रेट अधिक आवश्यक होता है 3. यह शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है 4. कार्बोहाइड्रेट पाचन को स्वस्थ धन्यवाद बनाता है 5. कैल्शियम के अवशोषण में सहायक होता है 6. कार्बोहाइड्रेट लाभदायक बैक्टीरिया का निर्माण करके विटामिन बी का निर्माण करता है 7. वसा को बचाने में सहयोग कर...
Read More
कार्बोहाइड्रेट के कार्य:- 1. यह शरीर में गर्मी तथा शक्ति को बढ़ाता है 2. यह शरीर के ताप को नियंत्रित करता है सर्दी के मौसम में कार्बोहाइड्रेट अधिक आवश्यक होता है 3. यह शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है 4. कार्बोहाइड्रेट पाचन को स्वस्थ धन्यवाद बनाता है 5. कैल्शियम के अवशोषण में सहायक होता है 6. कार्बोहाइड्रेट लाभदायक बैक्टीरिया का निर्माण करके विटामिन बी का निर्माण करता है 7. वसा को बचाने में सहयोग करता है 8. जब कार्बोहाइड्रेट अधिक मात्रा में शरीर में पहुंच जाता है तो यह यकृत में ग्लाइकोजन के रूप में स्थित हो जाता है तथा आवश्यकता पड़ने पर पुनर शक्कर के रूप में कार्य करने लगता है धन्यवाद
Read Full Blog
kumarivanshika01232@gmail.com
23 Feb 2026
70 Views
Likes: 0
कार्बोहाइड्रेट:- यह ऊर्जा प्रदान करने वाला पोषक तत्व है यह कार्बन हाइड्रोजन और ऑक्सीजन तत्वों का योग है कार्बोहाइड्रेट दो प्रकार का होता है श्वेतशार कार्बोहाइड्रेट:- यह कार्बोहाइड्रेट ठंडे जल में ए घुलनशील होती है यह वनस्पतियों से प्राप्त होता है यह मोटे अनाज जैसे गेहूं मक्का जो ज्वार चना बाजार आदि से प्राप्त होता है सक्रयुक्त कार्बोहाइड्रेट :- यह मीठे फल जैसे खजूर अंगूर चकुंदर गाना पपीता केला...
Read More
कार्बोहाइड्रेट:- यह ऊर्जा प्रदान करने वाला पोषक तत्व है यह कार्बन हाइड्रोजन और ऑक्सीजन तत्वों का योग है कार्बोहाइड्रेट दो प्रकार का होता है श्वेतशार कार्बोहाइड्रेट:- यह कार्बोहाइड्रेट ठंडे जल में ए घुलनशील होती है यह वनस्पतियों से प्राप्त होता है यह मोटे अनाज जैसे गेहूं मक्का जो ज्वार चना बाजार आदि से प्राप्त होता है सक्रयुक्त कार्बोहाइड्रेट :- यह मीठे फल जैसे खजूर अंगूर चकुंदर गाना पपीता केला आम दूध आदि में मिलता है यह अंगूर में ग्लूकोज के रूप में पपीता केला आदि में सुक्रोज के रूप में दूध में लैक्टोज के रूप में तथा शंकर में सुक्रोज के रूप में मिलती है कार्बोहाइड्रेट के स्रोत:- कार्बोहाइड्रेट की प्राप्ति के शमशाद स्रोत वनस्पति जगत में ही विद्वान है यह विभिन्न अनाजों फलों सब्जियों तथा अन्य भोज्य पदार्थों में विद्वान रहता है अनाजों में मुख्य रूप से गेहूं चावल मक्का ज्वार बाजरा चना आदि में कार्बोहाइड्रेट प्रचुर मात्रा में पाया जाता है सूखे मटर सोयाबीन तथा विभिन्न दलों में भी इनकी समुचित मात्रा पाई जाती है खजूर अंगूर किशमिश मुनक्का सूखी खुबानी अंजीर जैसी फल भी कार्बोहाइड्रेट के अच्छे स्रोत है अनजु ए फलों के अतिरिक्त कुछ अन्य पदार्थ अच्छा शहर अरारोट सिर शकरकंद आलू आदि में भी कार्बोहाइड्रेट प्रचुर मात्रा में पाया जाता है वैसे न्यूनाधिक मात्रा में कार्बोहाइड्रेट कार्य सभी भोज्य पदार्थ में विद्यमान रहता है धन्यवाद
Read Full Blog
kumarivanshika01232@gmail.com
22 Feb 2026
78 Views
Likes: 0