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Vanshika

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Blog by Vanshika | Digital Diary

" To Present local Business identity in front of global market"

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पिट्स इंडिया एक्ट 1784 ई


​​ पिट्स इंडिया एक्ट 1784 ई  ब्रिटिश संसद ने 1784 ईस्वी में एक नया कानून पारित किया जो पीठ इंडिया एक्ट कहलाया इस अधिनियम के द्वारा1. ब्रिटेन में एक नियंत्रण परिषद बोर्ड ऑफ कंट्रोल की कंपनी के सैनिक ए सैनिक तथा राजस्व संबंधी मामलों में एकाधिकार प्राप्त हो गया है गवर्नर जनरल को भारत स्थित सभी ब्रिटिश फौजियों का मुख्य सेनापति बनाया गया व्यावसायिक मामलों में कंपनी की स्थिति यथावत रखी गई इस कानून... Read More

​​ पिट्स इंडिया एक्ट 1784 ई

 ब्रिटिश संसद ने 1784 ईस्वी में एक नया कानून पारित किया जो पीठ इंडिया एक्ट कहलाया इस अधिनियम के द्वारा1. ब्रिटेन में एक नियंत्रण परिषद बोर्ड ऑफ कंट्रोल की कंपनी के सैनिक ए सैनिक तथा राजस्व संबंधी मामलों में एकाधिकार प्राप्त हो गया है गवर्नर जनरल को भारत स्थित सभी ब्रिटिश फौजियों का मुख्य सेनापति बनाया गया व्यावसायिक मामलों में कंपनी की स्थिति यथावत रखी गई इस कानून के द्वारा ही वर्षा सैनिक ढांचे का निर्माण किया गया जिसके आधार पर 1857 ई तक भारत में कंपनी का शासन चलता रहा ब्रिटिश संसद ने कुछ चार्ट्स एक्ट पास किया

 धन्यवाद

 


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  • Date:- 2026:03:21
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रेगुलेटिंग एक्ट 1773 ई


 रेगुलेटिंग एक्ट 1773 ई   कंपनी की गतिविधियों को नियंत्रित एवं निर्देशित करने के लिए 1773 ईस्वी में रेगुलेटिंग एक्ट बनाया गया कंपनी के डायरेक्टर से कहा गया कि 1. वह कंपनी के राजनीतिक व्यापार सैनिक सैनिक और राज्यसभा संबंधी सभी तथ्य ब्रिटिश संसद के सामने रखा करें 2. कंपनी के अधिकारी अतिरिक्त धना कमाई इसके लिए यह आवश्यक हो गया कि इंग्लैंड वापस लौटने पर अपनी संपत्ति का बुरा दे 3. इस एक्... Read More

 रेगुलेटिंग एक्ट 1773 ई 

 कंपनी की गतिविधियों को नियंत्रित एवं निर्देशित करने के लिए 1773 ईस्वी में रेगुलेटिंग एक्ट बनाया गया कंपनी के डायरेक्टर से कहा गया कि 1. वह कंपनी के राजनीतिक व्यापार सैनिक सैनिक और राज्यसभा संबंधी सभी तथ्य ब्रिटिश संसद के सामने रखा करें 2. कंपनी के अधिकारी अतिरिक्त धना कमाई इसके लिए यह आवश्यक हो गया कि इंग्लैंड वापस लौटने पर अपनी संपत्ति का बुरा दे 3. इस एक्ट के अंतर्गत बंगाल के गवर्नर को कंपनी के संपूर्ण भारतीय क्षेत्र का गवर्नर जनरल नियुक्त किया गया उसकी मदद के लिए चार सदस्य की एक परिषद बनाई गई4. न्याय व्यवस्था को पूर्ण गठित करने के लिए कोलकाता में एक सर्वोच्च न्यायालय स्थापित किया गया

 धन्यवाद


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भारतीय उद्योग धंधों का विनाश


 भारतीय उद्योग  धंधों का विनाश  अंग्रेज भारत से कच्चा माल सूट कपास ले जाते थे तथा मशीनों से माल तैयार करते थे जो कि हर से बने सामान से सस्ता होता था वह तैयार माल को ज्यादा दाम में भारत में बेच देते थे इसी कारण भारतीय उद्योग इंग्लैंड के उद्योग के समक्ष ठीक नहीं पाए इसी कारण भारतीय उपभोग धंधों का विनाश होने लगा  धन्यवाद Read More

 भारतीय उद्योग  धंधों का विनाश

 अंग्रेज भारत से कच्चा माल सूट कपास ले जाते थे तथा मशीनों से माल तैयार करते थे जो कि हर से बने सामान से सस्ता होता था वह तैयार माल को ज्यादा दाम में भारत में बेच देते थे इसी कारण भारतीय उद्योग इंग्लैंड के उद्योग के समक्ष ठीक नहीं पाए इसी कारण भारतीय उपभोग धंधों का विनाश होने लगा

 धन्यवाद


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  • Date:- 2026:03:19
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महालवाड़ी प्रथा


 महालवाड़ी प्रथा   उत्तर प्रदेश के पश्चिम में दिल्ली और पंजाब के आसपास मालगुजारी कई गांव के समूह के स्वामियों से वसूल की जाती थी यह समूह महल कहलाते थे इसलिए इस प्रथा को महालवाड़ी प्रथा कहते हैं सरकार महल पर स्वामित्व रखने वाले से मालगुजारी वसूल करने का समझौता करती थी   धन्यवाद   Read More

 महालवाड़ी प्रथा 

 उत्तर प्रदेश के पश्चिम में दिल्ली और पंजाब के आसपास मालगुजारी कई गांव के समूह के स्वामियों से वसूल की जाती थी यह समूह महल कहलाते थे इसलिए इस प्रथा को महालवाड़ी प्रथा कहते हैं सरकार महल पर स्वामित्व रखने वाले से मालगुजारी वसूल करने का समझौता करती थी 

 धन्यवाद

 


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रैयतवाड़ी प्रथा के बारे में


 रैयतवाड़ी प्रथा  दक्षिण भारत के मद्रास प्रांत में मालगुजारी देने का उत्तरदायित्व रयत काश्तकार को सोपा गया मालगुजारी की धनराशि लगभग 3 वर्ष के लिए निश्चित कर दी गई रेस अपनी उपज का लगभग आधा भाग सरकार को मालगुजारी के रूप में देता था   धन्यवाद Read More

 रैयतवाड़ी प्रथा

 दक्षिण भारत के मद्रास प्रांत में मालगुजारी देने का उत्तरदायित्व रयत काश्तकार को सोपा गया मालगुजारी की धनराशि लगभग 3 वर्ष के लिए निश्चित कर दी गई रेस अपनी उपज का लगभग आधा भाग सरकार को मालगुजारी के रूप में देता था 

 धन्यवाद


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स्थाई बंदोबस्त लागू


 स्थाई बंदोबस्त लागू   उसने अधिक से अधिक मालगुजारी वसूल करके देने वाले को नीलामी बोली के आधार पर उन्हें तथा उनके पुत्रों को आजीवन स्थाई रूप से उसे गांव का जमीदार घोषित कर दिया यही जमींदारी प्रथा या स्थाई बंदोबस्त कहलाता है अब यह लोग जमीन के मालिक हो गए किंतु यह है स्वामित्व तभी तक रहता जब तक में माल गुजरी देते रहते थे उन्हें जमीन जोतने बोले वाले कष्ट करो को हटाने और उनसे जमीन छीन ले... Read More

 स्थाई बंदोबस्त लागू 

 उसने अधिक से अधिक मालगुजारी वसूल करके देने वाले को नीलामी बोली के आधार पर उन्हें तथा उनके पुत्रों को आजीवन स्थाई रूप से उसे गांव का जमीदार घोषित कर दिया यही जमींदारी प्रथा या स्थाई बंदोबस्त कहलाता है अब यह लोग जमीन के मालिक हो गए किंतु यह है स्वामित्व तभी तक रहता जब तक में माल गुजरी देते रहते थे उन्हें जमीन जोतने बोले वाले कष्ट करो को हटाने और उनसे जमीन छीन लेने का भी अधिकार था यह प्रथा बंगाल उड़ीसा और अवध प्रति में प्रारंभ की गई

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आएइ जाने भूमि सुधार के बारे में


 भूमि सुधार  अंग्रेज सरकार अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए मालगुजारी भूमिका वसूल करने के तरीके पर भी विचार करने लगी बारे में हिस्ट्री गैस में यह नियम बनाया कि गांव की मालगुजारी वसूल करने के लिए किसी को ठेका दे दिया जाए और यदि माल गुजरी वसूल करने वाले का काम ठीक ना हो तो दूसरे व्यक्ति को यह काम सौंप दिया जाए लड़ कारण वाली सुनने इस प्रथा में कुछ सुधार किए हैं इसके बारे में हम आपको अगले ब्लॉग मैं... Read More

 भूमि सुधार

 अंग्रेज सरकार अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए मालगुजारी भूमिका वसूल करने के तरीके पर भी विचार करने लगी बारे में हिस्ट्री गैस में यह नियम बनाया कि गांव की मालगुजारी वसूल करने के लिए किसी को ठेका दे दिया जाए और यदि माल गुजरी वसूल करने वाले का काम ठीक ना हो तो दूसरे व्यक्ति को यह काम सौंप दिया जाए लड़ कारण वाली सुनने इस प्रथा में कुछ सुधार किए हैं इसके बारे में हम आपको अगले ब्लॉग मैं बताएंगे 

 धन्यवाद


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  • Date:- 2026:03:19
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बंगाल में दोहरी शासन व्यवस्था


 बंगाल में दोहरी शासन व्यवस्था   बंगाल पर नियंत्रण होने के बाद लाड क्लाइव ने बंगाल में दोहरी शासन व्यवस्था प्रारंभ की इस व्यवस्था में कंपनी के पास राज्यसभा वसूली का कार्य था और नेपाल के पास राज्य की कानून व्यवस्था तथा राज्य के विकास कार्यों की जिम्मेदारी थी कंपनी के पास अधिकार थे परंतु कोई दायित्व नहीं जबकि नवाब के पास दायित्व थे परंतु अधिकार नहीं   किसी दौरान 1769 से 70 ई... Read More

 बंगाल में दोहरी शासन व्यवस्था 

 बंगाल पर नियंत्रण होने के बाद लाड क्लाइव ने बंगाल में दोहरी शासन व्यवस्था प्रारंभ की इस व्यवस्था में कंपनी के पास राज्यसभा वसूली का कार्य था और नेपाल के पास राज्य की कानून व्यवस्था तथा राज्य के विकास कार्यों की जिम्मेदारी थी कंपनी के पास अधिकार थे परंतु कोई दायित्व नहीं जबकि नवाब के पास दायित्व थे परंतु अधिकार नहीं 

 किसी दौरान 1769 से 70 ईस्वी में काल पढ़ने के कारण बंगाल की जनता की कठिनाई और भी बढ़ गई थी जनता को राहत पहुंचाने का कोई कार्य नहीं किया गया था इससे इंग्लैंड में कंपनी की बहुत आलोचना हुई परंतु कंपनी के अधिकारी अधिक धन कमाने में लग रहे

धन्यवाद


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भारत में कंपनी राज्य का प्रभाव


 भारत में कंपनी राज्य का प्रभाव  अंग्रेजों ने भारत के विशाल साम्राज्य पर कब्जा जमाने के बाद उसे पर नियंत्रण रखने और शासन चलाने के तरीके तैयार किए प्लासी के युद्ध 1757 ई से प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 ई की 100 वर्षों की लंबी अवधि के दौरान भारत पर कंपनी की पकड़ को बनाए रखा और उसे सुगंद करने की प्रसाद सैनिक नीति में अक्सर बदलाव आता रहा   अंग्रेजी शासन का प्रस सैनिक ढांचा इन्हीं... Read More

 भारत में कंपनी राज्य का प्रभाव

 अंग्रेजों ने भारत के विशाल साम्राज्य पर कब्जा जमाने के बाद उसे पर नियंत्रण रखने और शासन चलाने के तरीके तैयार किए प्लासी के युद्ध 1757 ई से प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 ई की 100 वर्षों की लंबी अवधि के दौरान भारत पर कंपनी की पकड़ को बनाए रखा और उसे सुगंद करने की प्रसाद सैनिक नीति में अक्सर बदलाव आता रहा 

 अंग्रेजी शासन का प्रस सैनिक ढांचा इन्हीं उद्देश्यों को पूरा करने के लिए बनाया गया सबसे अधिक जोर कानून और व्यवस्था को बनाए रखने पर दिया जाता था जिससे बिना रुकावट के भारत में साथ व्यापार किया जा सके तथा उसके भौतिक एक प्राकृतिक संसाधनों का अधिक से अधिक अपने लाभ के लिए उपयोग किया जा सके

 धन्यवाद


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भारत में कंपनी राज्य का विस्तार


 भारत में कंपनी राज्य का विस्तार  जिस समय अंग्रेज भारत के उत्तर पूर्वी भाग में अपने साम्राज्य का विस्तार कर रहे थे उसी समय दक्षिण भारत के मैसूर हैदराबाद तथा मराठा राज्य के शासक आपसी युद्ध में व्यस्त थे देश के शासन कार्य अपनी सीमा के विस्तार या उत्तर अधिकार के लिए संघर्षरत थे जो राजा या शासक अपने को कमजोर समझने में अंग्रेजों की शरण में चले जाते जो शासन अंग्रेजों से मदद मांगने के लिए जाते... Read More

 भारत में कंपनी राज्य का विस्तार

 जिस समय अंग्रेज भारत के उत्तर पूर्वी भाग में अपने साम्राज्य का विस्तार कर रहे थे उसी समय दक्षिण भारत के मैसूर हैदराबाद तथा मराठा राज्य के शासक आपसी युद्ध में व्यस्त थे देश के शासन कार्य अपनी सीमा के विस्तार या उत्तर अधिकार के लिए संघर्षरत थे जो राजा या शासक अपने को कमजोर समझने में अंग्रेजों की शरण में चले जाते जो शासन अंग्रेजों से मदद मांगने के लिए जाते उन्हें अंग्रेज सैनिक मदद देते अंग्रेज बदले में उसे व्यक्ति से जीते हुए राज्य का कुछ भाग व अन्य जयते लेते भारतीय शासक अंग्रेजों के हाथ की कोटपूतली बनकर रह गई अंग्रेज लगभग 90 वर्ष में 1764 ई से 1856 ई भारत के अधिकांश हिस्से पर राज्य करने लगे

 अंग्रेज ने विभिन्न नीतियों के अंतर्गत जैसे वेलेजली की सहायक संधि नीति डलहौजी की बिल्ली नीति को शासन का आरोप लगाकर राज्य हड़पने युद्ध में पराजित करके शासको से लाखों रुपए वार्षिक लेने वह फूट डालो और राज करो जैसे कूटनीतियों के जरिए भारत के राज्यों को कंपनी राज्य में मिलाया 

 धन्यवाद


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