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Blog by Vanshika | Digital Diary

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Meri Kalam Se
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आएइ जाने स्थानीय स्वशासन क्या है

आएइ जाने स्थानीय स्वशासन क्या है
 स्थानीय स्वशासन  स्थानीय सरकार के संगठन में कुछ महत्वपूर्ण परिवर्तन किए गए ग्रामीण प्रदेशों में स्थानीय बोर्ड की स्थापना की गई प्रत्येक जिले में जिला उप विभाग तहसील बोर्ड बनाने की आज्ञा हुई नगरों में नगर पालिकाएं स्थापित की गई इन स्थानीय संस्थाओं को निश्चित कार्य तथा आय के साधन दिए गए इन्हें रोशनी गलियों तथा मार्गों की स्वच्छता शिक्षा जल पूर्ति तथा चिकित्सा सहायता का कार्य सोपा गया यह परिवर्तन 18... Read More
 स्थानीय स्वशासन  स्थानीय सरकार के संगठन में कुछ महत्वपूर्ण परिवर्तन किए गए ग्रामीण प्रदेशों में स्थानीय बोर्ड की स्थापना की गई प्रत्येक जिले में जिला उप विभाग तहसील बोर्ड बनाने की आज्ञा हुई नगरों में नगर पालिकाएं स्थापित की गई इन स्थानीय संस्थाओं को निश्चित कार्य तथा आय के साधन दिए गए इन्हें रोशनी गलियों तथा मार्गों की स्वच्छता शिक्षा जल पूर्ति तथा चिकित्सा सहायता का कार्य सोपा गया यह परिवर्तन 1883 से 85 ई के बीच स्थानीय स्वशासन अधिनियम पारित कर दिया गया यही आधारभूत व्यवस्था आज भी लागू है  धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 24 Mar 2026 187 Views

इंडिया काउंसिल एक्ट 1892 ई के बारे में जाने

इंडिया काउंसिल एक्ट 1892 ई के बारे में जाने
 इंडिया काउंसिल एक्ट 1892 ई   1861 ई के एक्ट में भारत की शासन व्यवस्था में जो सुधार किए गए थे उसने भारतीय जनता संतुष्ट नहीं थी भारतीय जनता की मांगों को ध्यान में रखकर भारतीय शासन व्यवस्था में परिवर्तन करने के लिए 1892 का अधिनियम पास किया था वायरस राय की परिषद के सदस्यों की संख्या 12 से 16 कर दी गई इसी कारण के केंद्रीय और प्रांतीय दोनों ही परिषदों में मनोनीत सदस्यों की संख्या निर्वाचित सदस्यों से अ... Read More
 इंडिया काउंसिल एक्ट 1892 ई   1861 ई के एक्ट में भारत की शासन व्यवस्था में जो सुधार किए गए थे उसने भारतीय जनता संतुष्ट नहीं थी भारतीय जनता की मांगों को ध्यान में रखकर भारतीय शासन व्यवस्था में परिवर्तन करने के लिए 1892 का अधिनियम पास किया था वायरस राय की परिषद के सदस्यों की संख्या 12 से 16 कर दी गई इसी कारण के केंद्रीय और प्रांतीय दोनों ही परिषदों में मनोनीत सदस्यों की संख्या निर्वाचित सदस्यों से अधिक हो गई इसका मनोरंजन समाज के विशिष्ट वर्गों से किया जाता था परिषद के सदस्यों को शासन संबंधी विषय पर प्रश्न पूछने और बजट पर विचार विमर्श करने का भी अधिकार दिया गया इस प्रकार शासन संबंधी अधिकार भारतीयों को नाम मात्र के लिए प्राप्त हुए  धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 24 Mar 2026 150 Views

राजनीतिक एवं प्रशासनिक पुनर्गठन

राजनीतिक एवं प्रशासनिक पुनर्गठन
 राजनीतिक एवं प्रसाद सैनिक पुनर्गठन  भारत में प्रसाद सैनिक पुनर्गठन की शुरुआत ब्रिटिश सरकार ने इंडिया काउंसिल एक्ट से की 1861 ई के इस एक्ट के द्वारा गवर्नर जनरल की काउंसिल परिषद का नाम म रियल लेजिसलेटिव पड़ गया   धन्यवाद Read More
 राजनीतिक एवं प्रसाद सैनिक पुनर्गठन  भारत में प्रसाद सैनिक पुनर्गठन की शुरुआत ब्रिटिश सरकार ने इंडिया काउंसिल एक्ट से की 1861 ई के इस एक्ट के द्वारा गवर्नर जनरल की काउंसिल परिषद का नाम म रियल लेजिसलेटिव पड़ गया   धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 23 Mar 2026 166 Views

महारानी विक्टोरिया के घोषणा पत्र की कुछ खास बातें

महारानी विक्टोरिया के घोषणा पत्र की कुछ खास बातें
 महारानी विक्टोरिया के घोषणा पत्र की कुछ खास बातें  क्षेत्र के सीमा विस्तार की नीति समाप्त कर दी गई  अंग्रेजों की हत्या के दोषियों को छोड़ से सभी को समा कर दिया गया   विद्रोह में भाग लेने वाले तालुकेदारों को राजभक्ति प्रदर्शित करने पर उन्हें इसकी जागीर वापस कर दी गई   बिना भेदभाव के योग्यता के आधार पर सरकारी सेवा में भर्ती करने का वचन दिया गया  यूरोपीय सैनिकों की संख्या बढ़ा दी गई तथा भा... Read More
 महारानी विक्टोरिया के घोषणा पत्र की कुछ खास बातें  क्षेत्र के सीमा विस्तार की नीति समाप्त कर दी गई  अंग्रेजों की हत्या के दोषियों को छोड़ से सभी को समा कर दिया गया   विद्रोह में भाग लेने वाले तालुकेदारों को राजभक्ति प्रदर्शित करने पर उन्हें इसकी जागीर वापस कर दी गई   बिना भेदभाव के योग्यता के आधार पर सरकारी सेवा में भर्ती करने का वचन दिया गया  यूरोपीय सैनिकों की संख्या बढ़ा दी गई तथा भारतीय सैनिकों की संख्या घटकर निश्चित कर दी गई बंगाल प्रेसीडेंसी में 1:2 तथा मद्रास चेन्नई और मुंबई प्रेसिडेंसी में 1:3 का अनुपात निश्चित कर दिया गया  धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 23 Mar 2026 215 Views

ब्रिटिश राज के अधीन भारत

ब्रिटिश राज के अधीन भारत
 ब्रिटिश राज के अधीन भारत  सन 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के परिणाम स्वरुप भारत में कंपनी का शासन समाप्त हो गया अब भारत का शासन ब्रिटिश सरकार ने ग्रहण किया तथा रानी विक्टोरिया को भारत की शासिका घोषित किया गया   धन्यवाद Read More
 ब्रिटिश राज के अधीन भारत  सन 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के परिणाम स्वरुप भारत में कंपनी का शासन समाप्त हो गया अब भारत का शासन ब्रिटिश सरकार ने ग्रहण किया तथा रानी विक्टोरिया को भारत की शासिका घोषित किया गया   धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 23 Mar 2026 168 Views

क्रांति के परिणाम

क्रांति के परिणाम
 क्रांति के परिणाम  सन 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम भारतीय इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना थी इसने एक युग का अंत कर दिया और एक नवीन युग के बीच बॉय प्रादेशिक विस्तार के स्थान पर आर्थिक शोषण का युग प्रारंभ हुआ  सन 57 के विद्रोह कायदापि पूर्णतया दमन हो गया फिर भी इसने भारत में अंग्रेजी साम्राज्य को छड़ से हिला दिया था दोबारा सन 57 जैसी घटना ना हो तथा ब्रिटिश शासन को व्यवस्थित एवं सूडान करने के लिए म... Read More
 क्रांति के परिणाम  सन 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम भारतीय इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना थी इसने एक युग का अंत कर दिया और एक नवीन युग के बीच बॉय प्रादेशिक विस्तार के स्थान पर आर्थिक शोषण का युग प्रारंभ हुआ  सन 57 के विद्रोह कायदापि पूर्णतया दमन हो गया फिर भी इसने भारत में अंग्रेजी साम्राज्य को छड़ से हिला दिया था दोबारा सन 57 जैसी घटना ना हो तथा ब्रिटिश शासन को व्यवस्थित एवं सूडान करने के लिए महारानी विक्टोरिया ने 1858 ई के अपने घोषणा पत्र में कुछ महत्वपूर्ण नीतियों का उल्लेख किया इस घोषणा में दोहरा नियंत्रण समाप्त हो गया और ब्रिटिश सरकार ही सीधे भारतीय मामलों के लिए उत्तरदाई हो गई  धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 23 Mar 2026 175 Views

क्रांति की योजना

क्रांति की योजना
 क्रांति की योजना  देश में ऐसी अशांत परिस्थितियों में एक सशक्त संघर्ष द्वारा भारत से अंग्रेजों को बाहर निकालने की योजना बनाई गई स्वतंत्रता संघर्ष की योजना का कार्य नाना साहब तात्या टोपे झांसी की रानी लक्ष्मीबाई तथा कुंवर सिंह आदि ने आरंभ किया इस आंदोलन का अखिल भारतीय नेतृत्व करने के लिए बहादुर शाह जफर को चुना गया दिल्ली लखनऊ झांसी मैसूर वह अवध के नवाबों राजाओं तथा जमीदारों से संपर्क किया गया धन्यव... Read More
 क्रांति की योजना  देश में ऐसी अशांत परिस्थितियों में एक सशक्त संघर्ष द्वारा भारत से अंग्रेजों को बाहर निकालने की योजना बनाई गई स्वतंत्रता संघर्ष की योजना का कार्य नाना साहब तात्या टोपे झांसी की रानी लक्ष्मीबाई तथा कुंवर सिंह आदि ने आरंभ किया इस आंदोलन का अखिल भारतीय नेतृत्व करने के लिए बहादुर शाह जफर को चुना गया दिल्ली लखनऊ झांसी मैसूर वह अवध के नवाबों राजाओं तथा जमीदारों से संपर्क किया गया धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 23 Mar 2026 144 Views

सन 1857 ई की क्रांति

सन 1857 ई की क्रांति
 सन 1857 ई की क्रांति  लगभग 150 वर्षों में अंग्रेज शासको ने सभी भारतीय संस्थानों में राजनीतिक धार्मिक सामाजिक न्यायालय दखल दिया इससे भारत में प्रभुत्व वर्ग वालों को सीधे ठेस पहुंची और शासन एवं जनता के बीच संदेह का माहौल बन गया   धन्यवाद Read More
 सन 1857 ई की क्रांति  लगभग 150 वर्षों में अंग्रेज शासको ने सभी भारतीय संस्थानों में राजनीतिक धार्मिक सामाजिक न्यायालय दखल दिया इससे भारत में प्रभुत्व वर्ग वालों को सीधे ठेस पहुंची और शासन एवं जनता के बीच संदेह का माहौल बन गया   धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 23 Mar 2026 140 Views

प्रथम स्वतंत्रता संग्राम कारण एवं परिणाम

प्रथम स्वतंत्रता संग्राम कारण एवं परिणाम
 प्रथम स्वतंत्रता संग्राम कारण और परिणाम  लाल डलहौजी के बाद 1856 में लॉर्ड कैनिंग भारत में अंग्रेजों का अंतिम गवर्नर जनरल था 1856 तक गवर्नर जनरल को ने अपनी विभिन्न नीतियों के कारण भारत पर विजय लगभग पूर्ण कर ली थी भारत में विदेशी शासन चल बोल सैन्य बल तथा अर्थ बल पर टिका हुआ था किंतु 1757 में प्लासी युद्ध के समय से ही किसने कारीगरों शिल्पकारों राजाओं और सिपाहियों वी अंग्रेजों के बीच विवाद उत्पन्न हो... Read More
 प्रथम स्वतंत्रता संग्राम कारण और परिणाम  लाल डलहौजी के बाद 1856 में लॉर्ड कैनिंग भारत में अंग्रेजों का अंतिम गवर्नर जनरल था 1856 तक गवर्नर जनरल को ने अपनी विभिन्न नीतियों के कारण भारत पर विजय लगभग पूर्ण कर ली थी भारत में विदेशी शासन चल बोल सैन्य बल तथा अर्थ बल पर टिका हुआ था किंतु 1757 में प्लासी युद्ध के समय से ही किसने कारीगरों शिल्पकारों राजाओं और सिपाहियों वी अंग्रेजों के बीच विवाद उत्पन्न होने लगे इसके पूर्व भी समय-समय पर देश के विभिन्न भागों में निम्नलिखित विरोध भी हुए  86 फ़कीरों द्वारा धार्मिक पूर्ण अनुष्ठान के लिए बंगाल का विद्रोह   सिपाहियों का विदेशी शासको एवं विदेशी प्रशासन के विरुद्ध विद्रोह   मध्य प्रदेश में भूल बंगाल बिहार में संस्थाओं उड़ीसा में कॉल गोद तथा मेघालय की खांसी आदि जनजातियों का अंग्रेजों के शोषण के विरुद्ध विद्रोह  धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 23 Mar 2026 170 Views

चार्टर एक्ट 1853 ई

चार्टर एक्ट 1853 ई
 चार्टर एक्ट 1853 ई के अधिकार   इस एक्ट से गवर्नर जनरल की परिषद में 6 सदस्य और बड़ा दिए गए जो ब्रिटिश संसद द्वारा मनोनीत किए जाते थे  परिषद ने कानून बनाने वाली व्यवस्थापिका का भी रूप धारण कर लिया इससे कंपनी शासन पर ब्रिटिश सरकार का नियंत्रण और अधिक बढ़ गया  कंपनी ने सरकार की सेवा के उच्च पदों पर नियुक्ति हेतु नागरिकता सेवा सिविल सर्विस प्रतियोगिता परीक्षा की व्यवस्था भी की  धन्यवाद Read More
 चार्टर एक्ट 1853 ई के अधिकार   इस एक्ट से गवर्नर जनरल की परिषद में 6 सदस्य और बड़ा दिए गए जो ब्रिटिश संसद द्वारा मनोनीत किए जाते थे  परिषद ने कानून बनाने वाली व्यवस्थापिका का भी रूप धारण कर लिया इससे कंपनी शासन पर ब्रिटिश सरकार का नियंत्रण और अधिक बढ़ गया  कंपनी ने सरकार की सेवा के उच्च पदों पर नियुक्ति हेतु नागरिकता सेवा सिविल सर्विस प्रतियोगिता परीक्षा की व्यवस्था भी की  धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 22 Mar 2026 142 Views