
मत्स्य उत्पादन (मछली उत्पादन) हमारे भोजन में मछली प्रोटीन का एक समृद्ध स्रोत है मछली उत्पादन में प्रयुक्त मछलियां कवचीय मछलियां जैसे प्रों तथा मूल शक सम्मिलित है मछली प्राप्त करने की दो विधियां है एक प्राकृतिक स्रोत जिसे मछली पकड़ना कहते हैं तथा दूसरा स्रोत मछली पालन या मछली सावधान मछली के जल स्रोत समुद्री जल तथा ताजा जल अलवर में जल है अलबरणीय जल नदियां तथा तालाबों में होता...
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मत्स्य उत्पादन (मछली उत्पादन)
हमारे भोजन में मछली प्रोटीन का एक समृद्ध स्रोत है मछली उत्पादन में प्रयुक्त मछलियां कवचीय मछलियां जैसे प्रों तथा मूल शक सम्मिलित है मछली प्राप्त करने की दो विधियां है एक प्राकृतिक स्रोत जिसे मछली पकड़ना कहते हैं तथा दूसरा स्रोत मछली पालन या मछली सावधान
मछली के जल स्रोत समुद्री जल तथा ताजा जल अलवर में जल है अलबरणीय जल नदियां तथा तालाबों में होता है इसलिए मछली पकड़ना तथा मछली संवर्धन समुद्र तथा ताजे जल के पारिस्थितिकी तंत्र में किया जा सकता है
धन्यवाद-
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- Date:- 2026:02:13
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मुर्गी पालन- अंडे में कुक्कुट मास के उत्पादन को बढ़ाने के लिए मुर्गी पालन किया जाता है इसलिए कुकुट पालन में उन्नत मुर्गी की नेस्ले विकसित की जाती है अंडों के लिए अंडे देने वाली लेयर मुर्गी पालन किया जाता है तथा मांस के लिए ब्रायलर को पाला जाता है नइ -नई किस में विकसित की जाती है नहीं किस में बनाने के लिए देसी जैसे अश्लील तथा विदेशी जैसे लेखन नसों का संकरण कराया जाता है &nbs...
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मुर्गी पालन-
अंडे में कुक्कुट मास के उत्पादन को बढ़ाने के लिए मुर्गी पालन किया जाता है इसलिए कुकुट पालन में उन्नत मुर्गी की नेस्ले विकसित की जाती है अंडों के लिए अंडे देने वाली लेयर मुर्गी पालन किया जाता है तथा मांस के लिए ब्रायलर को पाला जाता है
नइ -नई किस में विकसित की जाती है नहीं किस में बनाने के लिए देसी जैसे अश्लील तथा विदेशी जैसे लेखन नसों का संकरण कराया जाता है
चीजों की संख्या तथा गुणवत्ता:
छोटे कद के रोलर माता पिता द्वारा चीजों के व्यावसायिक उत्पादन हेतु:
गर्मी अनुकूलन क्षमता उच्च तापमान को सहने की क्षमता
देखभाल में कम खर्च की आवश्यकता
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- Date:- 2026:02:13
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पशुपालन- पशुधन के प्रबंधन को पशुपालन कहते हैं इसके अंतर्गत बहुत से कार्य जैसे भजन देना प्रजनन तथा रोगों पर नियंत्रण करना आता है जनसंख्या वृद्धि तथा दहन सहन के स्तर में वृद्धि के कारण दूध तथा मांस खपत भी बढ़ रही है पशुधन के लिए मानवीय व्यवहार के प्रति जागरूकता होने के कारण पशुधन खेती में कुछ नहीं परेशानियां भी आ गई है इसलिए पशुधन उत्पादन बढ़ाने व उसमें सुधार की आवश्यकता है ध...
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पशुपालन-
पशुधन के प्रबंधन को पशुपालन कहते हैं इसके अंतर्गत बहुत से कार्य जैसे भजन देना प्रजनन तथा रोगों पर नियंत्रण करना आता है जनसंख्या वृद्धि तथा दहन सहन के स्तर में वृद्धि के कारण दूध तथा मांस खपत भी बढ़ रही है पशुधन के लिए मानवीय व्यवहार के प्रति जागरूकता होने के कारण पशुधन खेती में कुछ नहीं परेशानियां भी आ गई है इसलिए पशुधन उत्पादन बढ़ाने व उसमें सुधार की आवश्यकता है
धन्यवाद
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- Date:- 2026:02:13
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आंखों की स्वच्छता आंखों का मनुष्य के जीवन में बहुत महत्व होता है आंख के द्वारा ही संपूर्ण संसार को देखा जा सकता है अतः आंखों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए थोड़ी सी लापरवाही आंखों को भयंकर नुकसान पहुंचती है आंखों की स्वच्छता के लिए निम्नलिखित उपाय करने चाहिए- आंखों में रात्रि को सोते समय गुलाब जल डालना चाहिए तथा प्राप्त ठंडे पानी के चीते देना चाहिए आंखों को तेज...
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आंखों की स्वच्छता
आंखों का मनुष्य के जीवन में बहुत महत्व होता है आंख के द्वारा ही संपूर्ण संसार को देखा जा सकता है अतः आंखों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए थोड़ी सी लापरवाही आंखों को भयंकर नुकसान पहुंचती है
आंखों की स्वच्छता के लिए निम्नलिखित उपाय करने चाहिए-
आंखों में रात्रि को सोते समय गुलाब जल डालना चाहिए तथा प्राप्त ठंडे पानी के चीते देना चाहिए
आंखों को तेज धूप प्रकाश में धुएं से बचना चाहिए
गंदा ओला या रुमाल आंखों पर नहीं लगना चाहिए और ना ही आंखों को अधिक रगड़ना चाहि
पढ़ने लिखने अथवा महीन कार्य करते समय रोशनी की उचित व्यवस्था होनी चाहिए
आंखों की रोशनी बढ़ाने वह उन्हें स्वस्थ रखने के लिए विटामिन ए युक्त भोजन का सेवन करना चाहिए
अध्ययन करते समय पुस्तक को नेत्रों के बहुत निकट नहीं रखना चाहिए
आशिक दृष्टि दोष का पता चलते ही तुरंत नेत्र विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए
नेटवर्क को तेज रोशनी में धूप से भी बचना चाहिए धूप में घर से बाहर जाते समय उच्च कोटि का धूप का चश्मा लगाना चाहिए
धन्यवाद
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- Date:- 2026:02:13
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दांतों की स्वच्छता दांत मुंह की शोभा होते हैं चमकते हुए दांत हंसी में चार चांद लगा देते हैं और व्यक्ति के व्यक्ति तत्व को प्रभावशाली बना देते हैं इसके अतिरिक्त दांत ग्रहण किया आहार को चबाकर पाचन योग्य बनाने का कार्य करते हैं अतः शारीरिक स्वास्थ्य में दांतों का विशेष योगदान होता है स्वस्थ दांतों से पाचन का कार्य ठीक ढंग से हो पता है परंतु अस्वस्थ दांत होने पर भोजन ठीक से नहीं चलाय...
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दांतों की स्वच्छता
दांत मुंह की शोभा होते हैं चमकते हुए दांत हंसी में चार चांद लगा देते हैं और व्यक्ति के व्यक्ति तत्व को प्रभावशाली बना देते हैं इसके अतिरिक्त दांत ग्रहण किया आहार को चबाकर पाचन योग्य बनाने का कार्य करते हैं अतः शारीरिक स्वास्थ्य में दांतों का विशेष योगदान होता है स्वस्थ दांतों से पाचन का कार्य ठीक ढंग से हो पता है परंतु अस्वस्थ दांत होने पर भोजन ठीक से नहीं चलाया जा सकता है और दांतों का शेष कार्य आंतों को करना पड़ता है ऐसा होने से पहले पेट संबंधित रोग हो जाते हैं और मुंह से बदबू आने लगती है यदि दांतों की सुरक्षा का स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है तो कैरिज व्यापार या नामक रोग हो जाते हैं
धन्यवाद
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- Date:- 2026:02:12
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आंतों की स्वच्छता जो भी भोजन हम ग्रहण करते हैं वह पाचन तंत्र के विभिन्न भागों द्वारा बचाया जाता है और भोजन में विद्वान सभी पौष्टिक तत्व ग्रहण कर लिए जाते हैं शेष बचे हुए व्यर्थ पदार्थ का शरीर से बाहर निकलना आवश्यक होता है जिसे माल के रूप में बड़ी आंत द्वारा बाहर निकाल दिया जाता है जो व्यक्ति ठीक समय पर सो जाते हैं उनकी आंखे तुरंत साफ हो जाती है परंतु जो व्यक्ति सो जाने में...
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आंतों की स्वच्छता
जो भी भोजन हम ग्रहण करते हैं वह पाचन तंत्र के विभिन्न भागों द्वारा बचाया जाता है और भोजन में विद्वान सभी पौष्टिक तत्व ग्रहण कर लिए जाते हैं शेष बचे हुए व्यर्थ पदार्थ का शरीर से बाहर निकलना आवश्यक होता है जिसे माल के रूप में बड़ी आंत द्वारा बाहर निकाल दिया जाता है
जो व्यक्ति ठीक समय पर सो जाते हैं उनकी आंखे तुरंत साफ हो जाती है परंतु जो व्यक्ति सो जाने में अलसी या अनियमित बढ़ाते हैं उन्हें विभिन्न प्रकार के रोग जैसे कब्ज जीव मिचलाना चक्कर आना अलसी पेट दर्द बवासीर आदि रोग हो जाते हैं
पता प्रत्येक व्यक्ति को चाहिए कि वह अपनी आंतों की स्वच्छता आवश्यक करें इसके लिए सदा पानी नींबू का पानी अशुभ गोल की भूसी त्रिफला चूर्ण आदि का नियमित प्रयोग भी किया जा सकता है
धन्यवाद
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- Date:- 2026:02:12
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हाथ व पैरों की स्वच्छता भोजन करने से पहले हाथ वह पैरों को भली भांति स्वच्छ कर लेना चाहिए हाथों में जमीन गंदगी भोजन के माध्यम से हमारे पेट में पहुंच जाती है और विभिन्न प्रकार के रोग हो जाते हैं हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए हाथ धोने के लिए वास बेसिन साबुन तथा तोलिए का एक स्नान पर प्रबंध होना चाहिए हाथ के साथ-साथ पैरों को भी भली प्रकार साफ करना चाहिए स्नान करते समय पैरों क...
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हाथ व पैरों की स्वच्छता
भोजन करने से पहले हाथ वह पैरों को भली भांति स्वच्छ कर लेना चाहिए हाथों में जमीन गंदगी भोजन के माध्यम से हमारे पेट में पहुंच जाती है और विभिन्न प्रकार के रोग हो जाते हैं हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए हाथ धोने के लिए वास बेसिन साबुन तथा तोलिए का एक स्नान पर प्रबंध होना चाहिए
हाथ के साथ-साथ पैरों को भी भली प्रकार साफ करना चाहिए स्नान करते समय पैरों को अच्छी तरह रगड़कर साफ करना चाहिए हाथों की तरह पैरों के नाखून भी साफ करने चाहिए पैरों में चप्पल पहननी चाहिए साफ पर करके ही रात्रि में सोना चाहिए ऊंची हील की चप्पल नहीं पहननी चाहिए
धन्यवाद
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- Date:- 2026:02:12
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नाखूनों की स्वच्छता हाथों से भोजन करने पर नाखूनों में भारी गंदगी भोजन के साथ पेट में पहुंचती है जिसका कुप्रभाव व्यक्ति के स्वास्थ्य पर पड़ता है अतः नाखूनों को समय-समय पर काटते रहना चाहिए तथा स्नान करते समय पतले ब्रश से साबुन लगाकर नाखून की साफ करना चाहिए ऐसा करने से नाखून साफ हो जाते हैं तथा हाथों में पैरों की सुंदरता भी पड़ती है धन्यवाद
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नाखूनों की स्वच्छता
हाथों से भोजन करने पर नाखूनों में भारी गंदगी भोजन के साथ पेट में पहुंचती है जिसका कुप्रभाव व्यक्ति के स्वास्थ्य पर पड़ता है अतः नाखूनों को समय-समय पर काटते रहना चाहिए तथा स्नान करते समय पतले ब्रश से साबुन लगाकर नाखून की साफ करना चाहिए ऐसा करने से नाखून साफ हो जाते हैं तथा हाथों में पैरों की सुंदरता भी पड़ती है
धन्यवाद
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- Date:- 2026:02:12
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बालों की स्वच्छता- बाल चेहरे की शोभा बढ़ाते हैं बालों को स्वच्छ ना रखने से सिर में दाने वह जुड़े आदि हो जाती है फल स्वरुप बाल झड़ने लगते हैं और बालों की वृद्धि भी रुक जाती है अतः बालों को स्वस्थ रखने के लिए निम्न बातों को ध्यान में रखना चाहिए लंबे बालों को सत्ता में काम से कम दो बार तथा छोटे बालों को प्रतिदिन आवश्यक धोना चाहिए बालों को बेसन या मुल्तानी मिट्टी अखबार रीता वाल...
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बालों की स्वच्छता-
बाल चेहरे की शोभा बढ़ाते हैं बालों को स्वच्छ ना रखने से सिर में दाने वह जुड़े आदि हो जाती है फल स्वरुप बाल झड़ने लगते हैं और बालों की वृद्धि भी रुक जाती है अतः बालों को स्वस्थ रखने के लिए निम्न बातों को ध्यान में रखना चाहिए
लंबे बालों को सत्ता में काम से कम दो बार तथा छोटे बालों को प्रतिदिन आवश्यक धोना चाहिए
बालों को बेसन या मुल्तानी मिट्टी अखबार रीता वाला सिकाई से धोना चाहिए
यदि शैंपू से धोना हो तो उत्तम प्रकार के शैंपू का प्रयोग करना चाहिए
बालों को धोने के पश्चात सुखाकर तेल डालना चाहिए तथा घर के प्रत्येक सदस्य की कंगी अलग-अलग होनी चाहिए
यदि सर में जो पड़ जाए तो लाइसेंस लगाने से जो नष्ट हो जाती है
बालों को दिन में काम से कम तीन बार कंघी करना चाहिए
धन्यवाद
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- Date:- 2026:02:12
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वसा की कमी का स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव- आहार में वसा की कमी का भी व्यक्ति के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है वास की कमी का व्यक्ति के शरीर की वृद्धि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है इस दशा में व्यक्ति की त्वचा खुरदरी हो जाती है तथा उसमें कुछ विकार भी आ जाता है वसा की कमी से व्यक्ति के पैरों में सूजन आ जाती है वास की कमी से शरीर में ऊर्जा की कमी आ जाती है तथा उसकी चुस्ती फुर्ती घटन...
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वसा की कमी का स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव-
आहार में वसा की कमी का भी व्यक्ति के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है वास की कमी का व्यक्ति के शरीर की वृद्धि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है इस दशा में व्यक्ति की त्वचा खुरदरी हो जाती है तथा उसमें कुछ विकार भी आ जाता है वसा की कमी से व्यक्ति के पैरों में सूजन आ जाती है वास की कमी से शरीर में ऊर्जा की कमी आ जाती है तथा उसकी चुस्ती फुर्ती घटने लगती है वह शीघ्र थकान अनुभव करने लगता है आहार में वसा की कमी के कारण व्यक्ति के शरीर में वर्षा गलत विटामिनों का भी कमी होने लगती है तथा व्यक्ति संबंधित अभाव जनित रोगों का शिकार होने लगता है
धन्यवाद
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