कार्बन डाइऑक्साइड गैस के गुण कार्बन डाइऑक्साइड गैस मैं निम्नलिखित गुण पाए जाते हैं 1.कार्बन डाइऑक्साइड गैस की मात्रा वायु में अधिकतम 0. 4% तक होती है जो बहुत कम है 2.हम जब सांस छोड़ते हैं तो हमारे शरीर से कार्बन डाइऑक्साइड गैस निकलती है 3.पेड़ पौधों कार्बन डाइऑक्साइड गैस के न मिलने पर मुरझा जाते हैं अतः यह गैस पेड़ पौधों के लिए आवश्यक है 4.पेड़ पौधे कार्बन डाइऑक्साइड से कार्बोहाइड्रेट का नि...
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कार्बन डाइऑक्साइड गैस के गुण कार्बन डाइऑक्साइड गैस मैं निम्नलिखित गुण पाए जाते हैं 1.कार्बन डाइऑक्साइड गैस की मात्रा वायु में अधिकतम 0. 4% तक होती है जो बहुत कम है 2.हम जब सांस छोड़ते हैं तो हमारे शरीर से कार्बन डाइऑक्साइड गैस निकलती है 3.पेड़ पौधों कार्बन डाइऑक्साइड गैस के न मिलने पर मुरझा जाते हैं अतः यह गैस पेड़ पौधों के लिए आवश्यक है 4.पेड़ पौधे कार्बन डाइऑक्साइड से कार्बोहाइड्रेट का निर्माण करते हैं जो मनुष्य के भजन का अत्यंत महत्वपूर्ण तत्व है 5. कार्बन डाइऑक्साइड गैस ऑक्सीजन गैस के विपरीत काम करती है ऑक्सीजन गैस आग जलाने का काम करती है तो कार्बन डाइऑक्साइड गैस आग बुझाने का काम करती है 6. कार्बन डाइऑक्साइड गैस खमीर बनाने में सहायता प्रदान करती है खमीर से ही डबल रोटी आदि बन पाती है इस गैस का प्रयोग सोडा वाटर बनाते समय भी किया जाता है यह रंगहीन में स्वाधीन गैस है परंतु अगर इस गैस को छूने के पानी में छोड़ जाए तो उसे दूदिया कर देती है धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com
16 Feb 2026
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नाइट्रोजन गैस के गुण वायु में पाए जाने वाले नाइट्रोजन गैस के निम्नलिखित गुण होते हैं 1.वायुमंडल में सबसे अधिक मात्रा नाइट्रोजन गैस की ही होती है यह वायु में लगभग 78% होती है 2.नाइट्रोजन गैस ऑक्सीजन गैस के साथ मिलकर उसके जलने के गुण की तीव्रता को काम करके उसे सांस लेने के लिए उपयुक्त बनती है 3.नाइट्रोजन एक रंगीन गांधी एवं स्वाधीन कैसे जो पानी में बहुत कम घुलती है 4. नाइट्रोजन गैस अपने...
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नाइट्रोजन गैस के गुण वायु में पाए जाने वाले नाइट्रोजन गैस के निम्नलिखित गुण होते हैं 1.वायुमंडल में सबसे अधिक मात्रा नाइट्रोजन गैस की ही होती है यह वायु में लगभग 78% होती है 2.नाइट्रोजन गैस ऑक्सीजन गैस के साथ मिलकर उसके जलने के गुण की तीव्रता को काम करके उसे सांस लेने के लिए उपयुक्त बनती है 3.नाइट्रोजन एक रंगीन गांधी एवं स्वाधीन कैसे जो पानी में बहुत कम घुलती है 4. नाइट्रोजन गैस अपने स्वरूप को परिवर्तित करती रहती है यह गैस से ठोस रूप में भी बदल जाती है धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com
16 Feb 2026
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ऑक्सीजन गैस के गुण प्राण दायक शक्ति - ऑक्सीजन सभी प्राणियों और पेड़ पौधों के अस्तित्व के लिए अत्यंत आवश्यक है तथा इस गैस को प्राण वायु भी कहा जाता है स्वास्थ्य द्वारा हम ऑक्सीजन को फेफड़ों में ग्रहण करते हैं फेफड़ों में गई वायु में से ऑक्सीजन का कुछ अंश रक्त अपने साथ मिल लेता है यह ऑक्सीजन रक्त में उपस्थित बचे हुए पाचन के साथ मिलकर जलता है इस जलने की क्रिया को किसी कारण कहते हैं जिससे शरीर में...
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ऑक्सीजन गैस के गुण प्राण दायक शक्ति - ऑक्सीजन सभी प्राणियों और पेड़ पौधों के अस्तित्व के लिए अत्यंत आवश्यक है तथा इस गैस को प्राण वायु भी कहा जाता है स्वास्थ्य द्वारा हम ऑक्सीजन को फेफड़ों में ग्रहण करते हैं फेफड़ों में गई वायु में से ऑक्सीजन का कुछ अंश रक्त अपने साथ मिल लेता है यह ऑक्सीजन रक्त में उपस्थित बचे हुए पाचन के साथ मिलकर जलता है इस जलने की क्रिया को किसी कारण कहते हैं जिससे शरीर में उर्जा उत्पन्न होती है उर्जा शरीर को क्रियाशील एवं जीवित रखती है दहन क्रिया में सहायक - ऑक्सीजन न केवल भोजन के साथ जलकर ऊर्जा उत्पन्न करती है वरन यह अन्य ज्वलन या दहन क्रियो में भी सहायक होती है जैसे घर में खाना बनाने के लिए अंगूठियां चूल्हे को जालना बस का ट्रैक्टर रेलवे इंजन हवाई जहाज, समुद्र जहाज में ज्वलन दहन क्रिया करना ताकि वे चल सके बिजली का उत्पादन करना आदि अत्यंत क्रियाशील गैस- ऑक्सीजन एक अत्यंत क्रियाशील गैस है जिसके कारण यह है अन्य गैसों के साथ शीघ्र ही मिल जाती है अशुद्धियों को दूर करने में सहायक- ऑक्सीजन वायुमंडल की सभी अशुद्धियां को नष्ट करती है सड़े हुए पदार्थ के जीवाणुओं द्वारा उत्पन्न की गई गढ़ ऑक्सीजन के प्रभाव से नष्ट हो जाती है अन्य गैसों का निर्माण- ऑक्सीजन कार्बन के साथ मिलकर कार्बन डाइऑक्साइड और हाइड्रोजन के साथ मिलकर हाइड्रोजन ऑक्साइड गैस पानी बनती है इस प्रकार यह अन्य गैस का निर्माण करती है मूल रूप से ग्रहण करना संभव नहीं- यद्यपि ऑक्सीजन हमारे अस्तित्व के लिए अत्यंत आवश्यक है तो भी हम इसको मूल रूप से स्वास्थ्य द्वारा ग्रहण नहीं कर सकते यदि मूल रूप में इसे ग्रहण किया जाए तो हमारा शरीर जल जाएगा अतः वायु में ऑक्सीजन के साथ नाइट्रोजन मिलकर ऑक्सीजन के ज्वलन गुनिया तीव्रता को काफी कम कर देती है ताकि हम ऑक्सीजन में सांस ले सके धन्यवाद -
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kumarivanshika01232@gmail.com
16 Feb 2026
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वायु के कार्य महत्व मुख्यतः वायु के कार्य तथा महत्व निम्नलिखित होते हैं गैसों का आदान-प्रदान - जब हम सांस लेते हैं तो कार्बन डाइऑक्साइड गैस बाहर निकलती है तथा ऑक्सीजन गैस ग्रहण करते हैं जीवित रहने के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है ऑक्सीजन शरीर में पहुंचकर रक्त को शुद्ध करती है वह शरीर की प्रत्येक कोशिका को जीवन देती है और शरीर में विभिन्न प्रकार की क्रियाएं होने के पश्चात कार्बन डाइऑक्साइ...
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वायु के कार्य महत्व मुख्यतः वायु के कार्य तथा महत्व निम्नलिखित होते हैं गैसों का आदान-प्रदान - जब हम सांस लेते हैं तो कार्बन डाइऑक्साइड गैस बाहर निकलती है तथा ऑक्सीजन गैस ग्रहण करते हैं जीवित रहने के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है ऑक्सीजन शरीर में पहुंचकर रक्त को शुद्ध करती है वह शरीर की प्रत्येक कोशिका को जीवन देती है और शरीर में विभिन्न प्रकार की क्रियाएं होने के पश्चात कार्बन डाइऑक्साइड के रूप में शरीर से बाहर कर दी जाती है शरीर के ताप को सामान्य बनती है- वायु शरीर की अशुद्धियों को बाहर करती है तथा शरीर को वाष्प के रूप में बदलकर त्वचा को सुख देती है और शरीर के ताप को सामान्य 98.4 डिग्री अप बना देती है जल की उत्पत्ति करती है- दो भाग हाइड्रोजन और एफ भाग ऑक्सीजन को मिलने से जल की उत्पत्ति होती है इसका संकेत h2o लिखा जाता है वनस्पति को भोजन देकर उनकी वृद्धि करती है - पेड़ पौधे कार्बन डाइऑक्साइड और सूर्य के प्रकाश से अपना भोजन बनाते हैं तथा वृद्धि करते हैं और बदले में ऑक्सीजन गैस वायुमंडल में छोड़ देते हैं इसके विपरीत मनुष्य ऑक्सीजन ग्रहण करता है और कार्बन डाइऑक्साइड निकलता है इसलिए मनुष्य को बाघों में टहलने तथा घूमने के लिए कहा जाता है क्योंकि ऐसे स्थान में ऑक्सीजन का अनुपात अधिक मात्रा में रहता है जो मानव के लिए हितकर होता है तथा स्वास्थ्य मैं वृद्धि करता है धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com
16 Feb 2026
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आएइ जाने की शुद्ध वायु का महत्व क्या है प्रस्तावना- "शरीर की निरोगाता में शुद्ध वायु का सर्वोपरि महत्व है और शुद्ध वायु की उपलब्धता उत्तम सब वतन व्यवस्था पर निर्भर है" वायु प्राणी के जीवन का आधार है भोजन के बिना मनुष्य कुछ दिन तक जीवित रह सकता है परंतु वायु के बिना मनुष्य कुछ क्षण भी जीवित नहीं रह सकता है हमारे चारों ओर वायु है वायु गैसों का मिश्रण है यह रंगीन गांधी तथा स्वाधीन होती है हमारे सं...
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आएइ जाने की शुद्ध वायु का महत्व क्या है प्रस्तावना- "शरीर की निरोगाता में शुद्ध वायु का सर्वोपरि महत्व है और शुद्ध वायु की उपलब्धता उत्तम सब वतन व्यवस्था पर निर्भर है" वायु प्राणी के जीवन का आधार है भोजन के बिना मनुष्य कुछ दिन तक जीवित रह सकता है परंतु वायु के बिना मनुष्य कुछ क्षण भी जीवित नहीं रह सकता है हमारे चारों ओर वायु है वायु गैसों का मिश्रण है यह रंगीन गांधी तथा स्वाधीन होती है हमारे संपूर्ण वायुमंडल को विभिन्न गैसीय पदार्थ चारों ओर से घिरे रहते हैं अतः वायु को जीवन का आधार माना जाता है वायु का संगठन- वायु कोई तत्व नहीं है बल्कि तत्वों का योगिक मिश्रण है वायु में मुख्य रूप मैं ऑक्सीजन तथा नाइट्रोजन होती है इन गैसों के अतिरिक्त कार्बन डाइऑक्साइड ओजोन कार्बन मोनोऑक्साइड हाइड्रोजन अंग तथा जल वाष्प भी वायु में मौजूद रहती है वायु का लगभग पांचवा भाग ऑक्सीजन होती है धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com
15 Feb 2026
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जलवाष्प और अन्य गैस क्या है- जलवाष्प :-जलवाष्प का प्रतिशत वायुमंडल के तापक्रम पर आधारित होता है जहां जलवाष्प अधिक होती है वहां की वायु में नमी होती है और उसमें जीवाणु अधिक पनपते हैं जलवाष्प का कार्य वायु को नमीयुक्त तथा ठंडा करना होता है सर्दियों की वायु में वाष्प कारण अधिक होते हैं अब वर्षा ऋतु में उससे भी अधिक होती है इसलिए इन ऋतुओं में कपड़े देर से सकते हैं इसके अतिरिक्त वर्ष के दिनों में प्...
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जलवाष्प और अन्य गैस क्या है- जलवाष्प :-जलवाष्प का प्रतिशत वायुमंडल के तापक्रम पर आधारित होता है जहां जलवाष्प अधिक होती है वहां की वायु में नमी होती है और उसमें जीवाणु अधिक पनपते हैं जलवाष्प का कार्य वायु को नमीयुक्त तथा ठंडा करना होता है सर्दियों की वायु में वाष्प कारण अधिक होते हैं अब वर्षा ऋतु में उससे भी अधिक होती है इसलिए इन ऋतुओं में कपड़े देर से सकते हैं इसके अतिरिक्त वर्ष के दिनों में प्रत्येक वस्तु सिली सी अनुभव होती है और खुली रखी वस्तुओं पर सीलन के कारण फौजी लग जाती है बंद रखी वस्तु खराब हो जाती है उनमें कीड़े पड़ जाते हैं इस प्रकार वायु में जलवाष्प की अधिक मात्रा मानव जीवन के लिए हानिकारक होती है परंतु इसके विपरीत वनस्पति जगत के लिए लाभदायक होती है वर्षा ऋतु में सभी पेड़ पौधे हरे-भरे हो जाते हैं जहां ना मात्र की मिट्टी होती है वहां भी छोटे-छोटे पौधे अपने आप उग जाते हैं अतः व्यू की नमी व पानी वनस्पति जगत के लिए लाभकारी होती है अन्य गैस:- तीन मुख्य गैसों ऑक्सीजन नाइट्रोजन और कार्बन डाइऑक्साइड के अतिरिक्त वायु में कुछ अन्य गैस भी अति अल्प मात्रा में पाई जाती है इन गैसों में मुख्य है कार्बन मोनोऑक्साइड हाइड्रोजन अंग हीलियम आदि इन गैसों में कार्बन मोनोऑक्साइड गैस अत्यधिक विषैली गैस है जिसकी अल्प मात्रा भी घातक सिद्ध हो जाती है अन्य गैसों के भी अपने-अपने गुण होते हैं परंतु वायु में इनकी मात्रा अत्यंत अल्प होती है इसलिए इसके कोई स्पष्ट प्रभाव नहीं देखे जा सकते धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com
15 Feb 2026
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ऑक्सीजन क्या है ऑक्सीजन एक महत्वपूर्ण रंगीन गांधी में स्वाधीन गैस है जो सांसद प्राणियों के जीवन हेतु परम आवश्यक है शुद्ध वायु में लगभग 21% ऑक्सीजन की मात्रा पाई जाती है यह अत्यंत सक्रिय गैस है और अन्य अनेक गैसों से सिरका के साथ क्रिया करती है यह सभी वस्तुओं के जलने में सहायक होती है तथा गंदगियों को जलाकर वायुमंडल को शुद्ध करने का कार्य भी करती है इसके अभाव की स्थिति में ज्वलन क्रिया संभव नहीं है...
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ऑक्सीजन क्या है ऑक्सीजन एक महत्वपूर्ण रंगीन गांधी में स्वाधीन गैस है जो सांसद प्राणियों के जीवन हेतु परम आवश्यक है शुद्ध वायु में लगभग 21% ऑक्सीजन की मात्रा पाई जाती है यह अत्यंत सक्रिय गैस है और अन्य अनेक गैसों से सिरका के साथ क्रिया करती है यह सभी वस्तुओं के जलने में सहायक होती है तथा गंदगियों को जलाकर वायुमंडल को शुद्ध करने का कार्य भी करती है इसके अभाव की स्थिति में ज्वलन क्रिया संभव नहीं है यह जब अन्य तत्वों से क्रिया करती है तो विभिन्न ऑक्साइड बनते हैं तथा इस क्रिया को ऑक्सीकरण कहा जाता है प्राणी शरीर की विभिन्न क्रियो में भी ऑक्सीजन का उल्लेख में योगदान रहता है हमारे शरीर को गर्म रखने का कार्य ऑक्सीजन ही करती है इसके अतिरिक्त इसे ही हमारा शरीर शक्ति ग्रहण करता है हम जो भोजन ग्रहण करते हैं शरीर के अंदर उसे भोजन का ज्वलन भी इसके द्वारा ही होता है जोलना के बाद ही हमारा भोजन शरीर को शक्ति प्रदान करता है इसलिए हम निरंतर सांस लेते रहते हैं हम ऑक्सीजन ग्रहण करते हैं तथा कार्बन डाइऑक्साइड निकासीट करते हैं यह हमारे रक्त के शोध में भी सहायक होता है स्पष्ट है कि ऑक्सीजन एक उपयोगी एवं महत्वपूर्ण गैस है धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com
15 Feb 2026
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नाइट्रोजन क्या है वायु में मिश्रित दूसरी मुख्य गैस नाइट्रोजन है वायु में यह बहुत अधिक मात्रा में होती है यह ऑक्सीजन के विपरीत गुना से युक्त होती है इसलिए यह गैस वायुमंडल में ऑक्सीजन की तीव्रता तथा क्रियाशीलता को घटती है यह गैस जलने की क्रिया को रोकते हैं वायु में इसकी उपस्थिति ही वायु को स्वास्थ्य लेने के लिए उपयुक्त बनती है यदि वायु में नाइट्रोजन ना हो तो सांस लेने से हमारे फेफड़ों ही जल जाए यह...
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नाइट्रोजन क्या है वायु में मिश्रित दूसरी मुख्य गैस नाइट्रोजन है वायु में यह बहुत अधिक मात्रा में होती है यह ऑक्सीजन के विपरीत गुना से युक्त होती है इसलिए यह गैस वायुमंडल में ऑक्सीजन की तीव्रता तथा क्रियाशीलता को घटती है यह गैस जलने की क्रिया को रोकते हैं वायु में इसकी उपस्थिति ही वायु को स्वास्थ्य लेने के लिए उपयुक्त बनती है यदि वायु में नाइट्रोजन ना हो तो सांस लेने से हमारे फेफड़ों ही जल जाए यह भी स्वयं में एक गांधी रंगीन और स्वाधीन गैस होती है तथा पानी में अति अल्प मात्रा में घुलनशील होती है हमारे लिए नाइट्रोजन गैस का मुख्य उपयोग यह है कि इससे ऑक्सीजन की तीव्रता कम होती है धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com
15 Feb 2026
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कार्बन डाइऑक्साइड क्या है वायु में कार्बन डाइऑक्साइड गैस अल्प मात्रा में ही पाई जाती है यह भी एक रंगीन गैस है जिसमें गढ़ तथा हल्का स्वाद भी होता है यह गैस विभिन्न वस्तुओं के सड़ने गैलन तथा जीव धारी के श्वसन के परिणाम स्वरुप बनती रहती है ऑक्सीजन तथा नाइट्रोजन दोनों से भारी होने के कारण यह वायुमंडल में गेराज स्थान पर एकत्रित हो जाती है केन तथा गहरी खानों में इस गैस की मात्रा बहुत अधिक होती है यह ग...
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कार्बन डाइऑक्साइड क्या है वायु में कार्बन डाइऑक्साइड गैस अल्प मात्रा में ही पाई जाती है यह भी एक रंगीन गैस है जिसमें गढ़ तथा हल्का स्वाद भी होता है यह गैस विभिन्न वस्तुओं के सड़ने गैलन तथा जीव धारी के श्वसन के परिणाम स्वरुप बनती रहती है ऑक्सीजन तथा नाइट्रोजन दोनों से भारी होने के कारण यह वायुमंडल में गेराज स्थान पर एकत्रित हो जाती है केन तथा गहरी खानों में इस गैस की मात्रा बहुत अधिक होती है यह गैस जीवधारी के जीवित रहने में तो सहायक नहीं होती परंतु पेड़ पौधे के लिए बहुत उपयोगी होती है सूर्य के प्रकाश में पेड़ पौधे कार्बन डाइऑक्साइड ग्रहण करते हैं तथा अपना भोजन तैयार करते हैं यह गैस छूने के पानी को धो दिया तथा नीले लिटमस को लाल कर देती है ऑक्सीजन के विपरीत कार्बन डाइऑक्साइड जलने की क्रिया में बाधक होती है अतः आज को बुझाने के लिए इस गैस को इस्तेमाल किया जाता है यह डबल रोटी आदि बनाने हेतु आवश्यक खमीर तैयार करने के लिए भी उपयोगी होती है धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com
14 Feb 2026
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जल की कमी का स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव हमारे आहार में जल का भी विशेष महत्वपूर्ण स्थान है यदि हम जल की अल्प मात्रा ग्रहण करते हैं या शरीर में जल की कमी हो जाती है तो निश्चित रूप से व्यक्ति के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है शरीर में जल की कमी को निर्जलीकरण कहते हैं निर्जलीकरण अपने आप में एक गंभीर स्थिति है तथा इसके तुरंत उपचार न होने की दशा में व्यक्ति की मृत्यु तक हो सकती है उपयुक्त विवरण...
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जल की कमी का स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव हमारे आहार में जल का भी विशेष महत्वपूर्ण स्थान है यदि हम जल की अल्प मात्रा ग्रहण करते हैं या शरीर में जल की कमी हो जाती है तो निश्चित रूप से व्यक्ति के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है शरीर में जल की कमी को निर्जलीकरण कहते हैं निर्जलीकरण अपने आप में एक गंभीर स्थिति है तथा इसके तुरंत उपचार न होने की दशा में व्यक्ति की मृत्यु तक हो सकती है उपयुक्त विवरण द्वारा स्वास्थ्य की कुछ उन असामान्य प्रतिकूल दशाओं का परिचय प्राप्त होता है जो आहार के पोषक तत्व ऑन की कमी के परिणाम स्वरुप उत्पन्न होती है यहां यह स्पष्ट कर देना आवश्यक है कि स्वास्थ्य की इन असामान्य दशाओं रोगों से मुक्ति पानी के लिए किसी उपचार की आवश्यकता नहीं होती बल्कि केवल आहार में विद्वान अभाव या कमी को दूर करना ही पर्याप्त होता है उपयुक्त विवरण द्वारा स्पष्ट है कि आई हैव स्वास्थ्य का परस्पर घनिष्ठ संबंधी वास्तव में स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारकों में सर्वाधिक महत्व उचित पोषण का है नवीनतम अनुसंधानों से शुद्ध हो चुका है कि प्रत्येक मनुष्य को अपनी आयु लिंग एवं कार्य आदि के अनुसार एक निश्चित मात्रा में आहार की आवश्यकता होती है इस आहार में भोजन के सभी अनिवार्य तत्व एक निश्चित अनुपात में होने आवश्यक है यदि किसी व्यक्ति को आहार के माध्यम से भोजन के सभी तत्व समुचित मात्रा एवं अनुपात में प्राप्त होते रहते हैं तो उसे व्यक्ति का स्वास्थ्य ठीक रहता है तथा शरीर की वृद्धि विकास साहब रखरखाव की उचित प्रकार से होता है इस प्रकार के आहार प्राप्त होने की स्थिति को उचित पोषण कहते हैं उचित पोषण आहार प्राप्त करने की उसे अवस्था को कहा जाता है जिसमें आहार के सभी कार्य एवं उद्देश्य संचार रूप से पूर्ण होते रहते हैं उचित पोषण के अंतर्गत भोजन की मात्रा एवं प्रकार इस तरह का होता है कि शरीर की संसद आवश्यकताओं एवं क्रियाकलापों के लिए पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो जाते हैं इस अवस्था में शरीर की संसद कोशिकाओं का पोषण होता रहता है शरीर की संसद ग्रंथियां में उचित मात्रा में रसों का निर्माण एवं श्रवण होता रहता है सांसद एंजाइम उचित मात्रा में बनते रहते हैं इसके अतिरिक्त शरीर की क्रियो के लिए पर्याप्त ऊर्जा प्राप्त होती रहती है तथा शरीर में होने वाली टूट-फूट की मरम्मत भी होती रहती है उचित पोषण की अवस्था में शमशाद शारीरिक क्रियो सुचारू रूप से चलती रहती है तथा शरीर का ढांचा भी स्वस्थ एवं सुविक्षित होता रहता है इस प्रकार स्पष्ट है कि उत्तम स्वास्थ्य के लिए उचित पोषण अनिवार्य कारक है इस प्रकार की संदेश रूप से कहा जा सकता है कि आर एवं स्वास्थ्य में पारस्परिक घनिष्ठ संबंध है धन्यवाद-
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kumarivanshika01232@gmail.com
14 Feb 2026
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