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Blog by Vanshika | Digital Diary

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Meri Kalam Se
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आहार के पोषक तत्व

आहार के पोषक तत्व
 आहार के पोषक तत्व :-  प्रस्तावना- " प्रोटीन कार्बोहाइड्रेट वसा खनिज लवण जल तथा विटामिन आदि आहार के पोषक तत्व कहलाते हैं"  आर्य भोजन ग्रहण करने का उद्देश्य भूख शांत करने के साथ-साथ अनिवार्य रूप से शरीर का पोषण करना भी है आहार द्वारा शरीर का पोषण एक निश्चित प्रक्रिया के माध्यम से होता है इस प्रक्रिया के मुख्य रूप से दो भाग है प्रथम भाग है आहार का पाचन तथा द्वितीय भाग है पोशाक तत्व ऑन का शोषण आहार क... Read More
 आहार के पोषक तत्व :-  प्रस्तावना- " प्रोटीन कार्बोहाइड्रेट वसा खनिज लवण जल तथा विटामिन आदि आहार के पोषक तत्व कहलाते हैं"  आर्य भोजन ग्रहण करने का उद्देश्य भूख शांत करने के साथ-साथ अनिवार्य रूप से शरीर का पोषण करना भी है आहार द्वारा शरीर का पोषण एक निश्चित प्रक्रिया के माध्यम से होता है इस प्रक्रिया के मुख्य रूप से दो भाग है प्रथम भाग है आहार का पाचन तथा द्वितीय भाग है पोशाक तत्व ऑन का शोषण आहार के पाचन के अंतर्गत ग्रहण किए गए जटिल भोज्य पदार्थों को सरल तथा गलत अवस्था में परिवर्तन किया जाता है पचे हुए आहार में विद्यमान पोषक तत्वों को शरीर द्वारा आत्मसात कर लेने की क्रिया को पोषक तत्वों का शोषण कहा जाता है हमारे आहार में मुख्य पोषक तत्व है प्रोटीन वसा तथा कार्बोहाइड्रेट धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 21 Feb 2026 145 Views

सोने तथा चांदी के तंतु

सोने तथा चांदी के तंतु
 सोने तथा चांदी के तंतु -  सोने तथा चांदी के तंतुओं से वस्त्र निर्माण की कला अति प्राचीन है इन वेस्टन के तंतु विशेष धातुओं से खींचे गए तार होते हैं जालीदार व किम ख्वाब के वस्त्र सोने में चांदी जैसी धातुओं से तंतु खींचकर बनाए जाते हैं यह वस्त्र बहुत कीमती होते हैं पहले धातुएं सस्ती होती थी और लोग आसानी से उनके बने वस्त्र पहनते थे परंतु अब यह धातुए अधिक मूल्यवान हो गई है अब लोग स्टील के तारों का प्र... Read More
 सोने तथा चांदी के तंतु -  सोने तथा चांदी के तंतुओं से वस्त्र निर्माण की कला अति प्राचीन है इन वेस्टन के तंतु विशेष धातुओं से खींचे गए तार होते हैं जालीदार व किम ख्वाब के वस्त्र सोने में चांदी जैसी धातुओं से तंतु खींचकर बनाए जाते हैं यह वस्त्र बहुत कीमती होते हैं पहले धातुएं सस्ती होती थी और लोग आसानी से उनके बने वस्त्र पहनते थे परंतु अब यह धातुए अधिक मूल्यवान हो गई है अब लोग स्टील के तारों का प्रयोग करने लगे हैं उनकी चमक खराब नहीं होती है  धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 21 Feb 2026 198 Views

असली रेशम की पहचान

असली रेशम की पहचान
 असली रेशम की पहचान  1.जलने पर बालों के जलने जैसी गंध आती है 2. अम्ल के घोल में डालने पर गुल जाएगा  3.तंतु जलने पर कई गोली सा बन जाता है   धन्यवाद Read More
 असली रेशम की पहचान  1.जलने पर बालों के जलने जैसी गंध आती है 2. अम्ल के घोल में डालने पर गुल जाएगा  3.तंतु जलने पर कई गोली सा बन जाता है   धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 20 Feb 2026 125 Views

उन क्या है

उन क्या है
 उन क्या है -  यह तंतु पशुओं के बालों तथा रोग से प्राप्त होता है जिन जानवरों के शरीर पर लंबे बाल होते हैं उनके बालों को मशीनों द्वारा खींच लिया जाता है अंगोरा बकरी तथा भेद के में मन से पश्मीना ऊन प्राप्त की जाती है यह उन बहुत मुलायम तथा बहुत गर्म होती है उनको गर्मी का कुछ अलग कहा जाता है उनका तंतुला चिल तथा मजबूत होता है इसमें चमक नहीं होती है बढ़िया उन तंतु की लंबाई 5 से 12 सेंटीमीटर तथा खराब उनक... Read More
 उन क्या है -  यह तंतु पशुओं के बालों तथा रोग से प्राप्त होता है जिन जानवरों के शरीर पर लंबे बाल होते हैं उनके बालों को मशीनों द्वारा खींच लिया जाता है अंगोरा बकरी तथा भेद के में मन से पश्मीना ऊन प्राप्त की जाती है यह उन बहुत मुलायम तथा बहुत गर्म होती है उनको गर्मी का कुछ अलग कहा जाता है उनका तंतुला चिल तथा मजबूत होता है इसमें चमक नहीं होती है बढ़िया उन तंतु की लंबाई 5 से 12 सेंटीमीटर तथा खराब उनके लंबाई 12 सेंटीमीटर से अधिक होती है उनके वस्त्र तप को शरीर से बाहर नहीं निकलने देते हैं यही कारण है कि सर्दी में उन निर्मित वस्त्र पहने जाते हैं  उन के तंतु में सल्फर पाया जाता है इसमें ऑक्सीजन नाइट्रोजन हाइड्रोजन कार्बन तथा सल्फर के सहयोग से कैरोटीन नामक प्रोटीन का निर्माण होता है इसकी अनुप्रस्थ काट का आकार गोल और अंडाकार होता है उनके तंतु में कुछ टेढ़ी-मेढ़ी रेखाएं दिलाई  देती है   धन्यवाद 
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kumarivanshika01232@gmail.com 20 Feb 2026 140 Views

प्राणी जगत से प्राप्त तंतु

प्राणी जगत से प्राप्त तंतु
 प्राणी जगत से प्राप्त तंतु-  इन तंतुओं की उत्पत्ति जीव जंतु जगत से होती है इसलिए इनको केंद्रीय जनता तंतु कहते हैं यह प्रोटीन निर्मित तंतु है इनके दो प्रमुख उदाहरण उन और रेशम है इसके बारे में मैं आपको इस ब्लॉग मैं मैं आपको रेशम के बारे में बताऊंगी और अगर आपको उनके बारे में जानना है तो मैं आपको दूसरे ब्लॉक में जानकारी दूंगी  रेशम-  रेशम का निर्माण एक विशेष प्रकार के कीड़ों द्वारा होता है इन्हें रेश... Read More
 प्राणी जगत से प्राप्त तंतु-  इन तंतुओं की उत्पत्ति जीव जंतु जगत से होती है इसलिए इनको केंद्रीय जनता तंतु कहते हैं यह प्रोटीन निर्मित तंतु है इनके दो प्रमुख उदाहरण उन और रेशम है इसके बारे में मैं आपको इस ब्लॉग मैं मैं आपको रेशम के बारे में बताऊंगी और अगर आपको उनके बारे में जानना है तो मैं आपको दूसरे ब्लॉक में जानकारी दूंगी  रेशम-  रेशम का निर्माण एक विशेष प्रकार के कीड़ों द्वारा होता है इन्हें रेशम के कीड़े रहते हैं रेशम के कीड़े अधिकतर शहतूत के पेड़ों पर पाले जाते हैं युवा अवस्था में यह कीड़ा अपने मुख से एक विशेष प्रकार का लसदर पदार्थ निकलता है जिससे कोई कोकून के रूप में अपने चारों ओर लपेट चला जाता है यह रस हवा में सुख कर लंबा तंतु बन जाता है रेशम के कीड़ों को मारकर रेशम प्राप्त कर लिया जाता है रेशम पा अवस्था में ही प्राप्त होता है यदि थोड़ी देर हो जाए तो कीड़ा अपने चारों ओर धागे को काटकर पा की अवस्था से निकलकर बाहर हो जाता है और चारों ओर का लगता हुआ धागा नष्ट हो जाता है रेशम दो प्रकार का होता है प्रथम प्रकार के रेशम का तंतु शहतूत के पत्तों पर पहले कीड़ों से प्राप्त होता है जो चिकन चमकीला एक सा मोटा और पारदर्शक होता है यह तंतु कार्य क्रीम रंग का और उच्च कोटि का होता है इसी से रेशम होता है इस रेशम के तंतुओं की लंबाई सामान्य 800 से 1200 मीटर तक होती है लेकिन कभी-कभी यह 3000 मीटर तक लंबे होते हैं  घटिया रेशम जंगली कीड़ों से प्राप्त होता है और जंगली कीड़े आंख के पत्तों पर पाले जाते हैं यह रेशम मोटा कड़ा तथा कुछ भूरापन लिए होता है  धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 20 Feb 2026 126 Views

सन का रेशा क्या है

सन का रेशा क्या है
 सन कर क्या है:-  सन का रेशा झूठ कह रहे से अच्छा होता है इसका रंग भी हल्का होता है इसमें तनाव सहने की क्षमता अधिक होती है सन के पैसे का प्रयोग कागज उद्योग में मछली पकड़ने के जल के नीचे कालीन सुतली आदि बनाने में होता है यह एशिया के दक्षिण भाग विशेष कर भारतवर्ष में उत्पन्न होता है  धन्यवाद Read More
 सन कर क्या है:-  सन का रेशा झूठ कह रहे से अच्छा होता है इसका रंग भी हल्का होता है इसमें तनाव सहने की क्षमता अधिक होती है सन के पैसे का प्रयोग कागज उद्योग में मछली पकड़ने के जल के नीचे कालीन सुतली आदि बनाने में होता है यह एशिया के दक्षिण भाग विशेष कर भारतवर्ष में उत्पन्न होता है  धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 19 Feb 2026 142 Views

नारियल का रेशा

नारियल का रेशा
 नारियल का रेशा-  यह कड़ा तथा रुख रे ऐसा होता है इसका प्रयोग भी सीमित है समुद्र के नमकीन पानी में फुल कर पीट कर इसका रेशा साफ किया जाता है यह मोटे कपड़े चटाई डोर मेट दरी गलीचे ब्रश आदि बनाने में उपयोग आता है  धन्यवाद Read More
 नारियल का रेशा-  यह कड़ा तथा रुख रे ऐसा होता है इसका प्रयोग भी सीमित है समुद्र के नमकीन पानी में फुल कर पीट कर इसका रेशा साफ किया जाता है यह मोटे कपड़े चटाई डोर मेट दरी गलीचे ब्रश आदि बनाने में उपयोग आता है  धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 19 Feb 2026 131 Views

हेंप क्या होता है

हेंप क्या होता है
 हेंप क्या होता है  हेंप का रेशा अभिलेख पौधे के ताने से प्राप्त होता है इसमें कुछ आवश्यक गुना का भाव होता है वैसे इस रेशे में चमक अधिक होती है यह भारत में व्युत्पन्न होता है कागज गलीचे जूते आदि बनाने में प्रयोग किया जाता है   धन्यवाद:-   Read More
 हेंप क्या होता है  हेंप का रेशा अभिलेख पौधे के ताने से प्राप्त होता है इसमें कुछ आवश्यक गुना का भाव होता है वैसे इस रेशे में चमक अधिक होती है यह भारत में व्युत्पन्न होता है कागज गलीचे जूते आदि बनाने में प्रयोग किया जाता है   धन्यवाद:-  
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kumarivanshika01232@gmail.com 19 Feb 2026 122 Views

आएइ जाने की जूट क्या है

आएइ जाने की जूट क्या है
जूट क्या है   यह झूठ के पौधे से प्राप्त होता है इसका पौधा 5 से 12 फीट तक ऊंचा होता है मोटी उंगली के बराबर होती है यह रेशे पीले रंग के होते हैं स्पर्श में चिकने तथा कोमल होते हैं इसके रेशे उलझे और आसमान होते हैं भारत में बंगाल राज्य में इसका उत्पादन सबसे अधिक होता है तट गले से डरी आदि का निर्माण जूठ के रेशों से होता है धन्यवाद Read More
जूट क्या है   यह झूठ के पौधे से प्राप्त होता है इसका पौधा 5 से 12 फीट तक ऊंचा होता है मोटी उंगली के बराबर होती है यह रेशे पीले रंग के होते हैं स्पर्श में चिकने तथा कोमल होते हैं इसके रेशे उलझे और आसमान होते हैं भारत में बंगाल राज्य में इसका उत्पादन सबसे अधिक होता है तट गले से डरी आदि का निर्माण जूठ के रेशों से होता है धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 19 Feb 2026 242 Views

आएइ जाने की तने वाले तंतु क्या है

आएइ जाने की तने वाले तंतु क्या है
 तने वाले तंतु   कुछ पौधे ऐसे होते हैं जिनके तानों से तंतु प्राप्त किए जाते हैं पौधों के तानों से विभिन्न क्रियो द्वारा तंतु ऑन को निकाला जाता है इसमें लेकिन झूठ अथवा हेंप आते हैं   लिनन का तंतु -  लेनिन का तंतु सानिया परसों के पौधे से प्राप्त होता है यह इस पौधे के तनु में पाया जाता है संकेत तने को पानी में भिगोने से तने का शेष भाग गैल कर नष्ट हो जाता है तथा लेनिन का तंतु धीरे-धीरे निकल आता है यह... Read More
 तने वाले तंतु   कुछ पौधे ऐसे होते हैं जिनके तानों से तंतु प्राप्त किए जाते हैं पौधों के तानों से विभिन्न क्रियो द्वारा तंतु ऑन को निकाला जाता है इसमें लेकिन झूठ अथवा हेंप आते हैं   लिनन का तंतु -  लेनिन का तंतु सानिया परसों के पौधे से प्राप्त होता है यह इस पौधे के तनु में पाया जाता है संकेत तने को पानी में भिगोने से तने का शेष भाग गैल कर नष्ट हो जाता है तथा लेनिन का तंतु धीरे-धीरे निकल आता है यह तंतु बेलनाकार होता है और इस पर गांठे होती है यह कपास के तंतु से लंबा और मजबूत होता है इसमें लचीलापन और रो नहीं होते धन्यवाद  
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kumarivanshika01232@gmail.com 18 Feb 2026 146 Views