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Blog by Vanshika | Digital Diary

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Meri Kalam Se
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वसा के कार्य

वसा के कार्य
 वसा के कार्य:- 1. शरीर की त्वचा को सुंदरता प्रदान करती है  2. शरीर के ताप का नियंत्रण करती है 3. वसा का प्रयोग करने से भूख कम लगती है  4. शरीर के आंतरिक और बाहरी अंगों को चिकनाई प्रदान करती है 5. मांसपेशियों को शक्ति प्रदान करती है 6. यह कार्बोहाइड्रेट से दो गुनी ऊर्जा प्रदान करती है  धन्यवाद   Read More
 वसा के कार्य:- 1. शरीर की त्वचा को सुंदरता प्रदान करती है  2. शरीर के ताप का नियंत्रण करती है 3. वसा का प्रयोग करने से भूख कम लगती है  4. शरीर के आंतरिक और बाहरी अंगों को चिकनाई प्रदान करती है 5. मांसपेशियों को शक्ति प्रदान करती है 6. यह कार्बोहाइड्रेट से दो गुनी ऊर्जा प्रदान करती है  धन्यवाद  
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kumarivanshika01232@gmail.com 24 Feb 2026 134 Views

वसा के स्रोत

वसा के स्रोत
 वसा के स्रोत:-  वास विभिन्न प्राकृतिक स्रोतों में पाई जाती है न्यूनाधिक मात्रा में यह अनेक पदार्थ में विद्वान है इसके स्रोतों को हम मुख्य रूप से दो वर्गों में विभक्त कर सकते हैं:-1. प्राणी जगत से प्राप्त होने वाली वसा तथा 2. वनस्पति जगत से प्राप्त होने वाली वास प्राणी जगत से प्राप्त होने वाली वसा के मुख्य स्रोत है- दूध तथा दूध से बने पदार्थ मांस मछली अंडे का पीला भाग मस्तिष्क यकृत तथा मछलियों के... Read More
 वसा के स्रोत:-  वास विभिन्न प्राकृतिक स्रोतों में पाई जाती है न्यूनाधिक मात्रा में यह अनेक पदार्थ में विद्वान है इसके स्रोतों को हम मुख्य रूप से दो वर्गों में विभक्त कर सकते हैं:-1. प्राणी जगत से प्राप्त होने वाली वसा तथा 2. वनस्पति जगत से प्राप्त होने वाली वास प्राणी जगत से प्राप्त होने वाली वसा के मुख्य स्रोत है- दूध तथा दूध से बने पदार्थ मांस मछली अंडे का पीला भाग मस्तिष्क यकृत तथा मछलियों के यकृत से निकला तेल पशुओं की चर्बी आदि बीजों एवं अनाज से निकले हुए तेल और सुख मेरे तथा फल वास के वानस्पतिक स्रोत है  धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 24 Feb 2026 151 Views

आएइ जाने की वसा क्या है

आएइ जाने की वसा क्या है
 वसा क्या है  वास ऊर्जा का मुख्य स्रोत होता है वास के मुख्य घटक कार्बन हाइड्रोजन और ऑक्सीजन है वास में ऑक्सीजन की मात्रा कम होती है इसलिए वास को ऑक्सीकरण के लिए बाहर से ऑक्सीजन लेनी पड़ती है वास के प्रमुख स्रोत निम्नलिखित है   वनस्पति वसा :- वनस्पति वर्षा मुख्य सरसों नारियल मूंगफली तिल अरंडी आदि के तेल से मिलती है यह संतृप्त वर्ष है तथा इसमें विटामिन कम होती है  पशु वसा :- यह दूध तथा दूध से बने पद... Read More
 वसा क्या है  वास ऊर्जा का मुख्य स्रोत होता है वास के मुख्य घटक कार्बन हाइड्रोजन और ऑक्सीजन है वास में ऑक्सीजन की मात्रा कम होती है इसलिए वास को ऑक्सीकरण के लिए बाहर से ऑक्सीजन लेनी पड़ती है वास के प्रमुख स्रोत निम्नलिखित है   वनस्पति वसा :- वनस्पति वर्षा मुख्य सरसों नारियल मूंगफली तिल अरंडी आदि के तेल से मिलती है यह संतृप्त वर्ष है तथा इसमें विटामिन कम होती है  पशु वसा :- यह दूध तथा दूध से बने पदार्थ मांस मछली अंडे आदि से प्राप्त होती है यह संतृप्त वसा है तथा इसमें विटामिन ए विटामिन डी और विटामिन के प्रचुर मात्रा में मिलते हैं  धन्यवाद 
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kumarivanshika01232@gmail.com 23 Feb 2026 138 Views

कार्बोहाइड्रेट की कमी से होने वाली हानियां

कार्बोहाइड्रेट की कमी से होने वाली हानियां
 कार्बोहाइड्रेट की कमी से होने वाली हानियां :-  1.शरीर का वजन घट जाता है  2.धीरे-धीरे शरीर गैलन लगता है और विकास रुक जाता है 3. व्यक्ति को थकावट कमजोरी तथा अलसी रहता है  4.शरीर में पर्याप्त ऊर्जा की कमी हो जाती है 5. कार्बज युक्त आहार प्राप्त न होने से कार्य क्षमता घट जाती है   6.स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाता है तथा घबराहट होने लगती है  धन्यवाद Read More
 कार्बोहाइड्रेट की कमी से होने वाली हानियां :-  1.शरीर का वजन घट जाता है  2.धीरे-धीरे शरीर गैलन लगता है और विकास रुक जाता है 3. व्यक्ति को थकावट कमजोरी तथा अलसी रहता है  4.शरीर में पर्याप्त ऊर्जा की कमी हो जाती है 5. कार्बज युक्त आहार प्राप्त न होने से कार्य क्षमता घट जाती है   6.स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाता है तथा घबराहट होने लगती है  धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 23 Feb 2026 130 Views

आएइ जाने की कार्बोहाइड्रेट के कार्य

आएइ जाने की कार्बोहाइड्रेट के कार्य
 कार्बोहाइड्रेट के कार्य:- 1. यह शरीर में गर्मी तथा शक्ति को बढ़ाता है 2. यह शरीर के ताप को नियंत्रित करता है सर्दी के मौसम में कार्बोहाइड्रेट अधिक आवश्यक होता है 3. यह शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है 4. कार्बोहाइड्रेट पाचन को स्वस्थ धन्यवाद बनाता है  5. कैल्शियम के अवशोषण में सहायक होता है 6. कार्बोहाइड्रेट लाभदायक बैक्टीरिया का निर्माण करके विटामिन बी का निर्माण करता है 7. वसा को बचाने में सहयोग कर... Read More
 कार्बोहाइड्रेट के कार्य:- 1. यह शरीर में गर्मी तथा शक्ति को बढ़ाता है 2. यह शरीर के ताप को नियंत्रित करता है सर्दी के मौसम में कार्बोहाइड्रेट अधिक आवश्यक होता है 3. यह शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है 4. कार्बोहाइड्रेट पाचन को स्वस्थ धन्यवाद बनाता है  5. कैल्शियम के अवशोषण में सहायक होता है 6. कार्बोहाइड्रेट लाभदायक बैक्टीरिया का निर्माण करके विटामिन बी का निर्माण करता है 7. वसा को बचाने में सहयोग करता है 8. जब कार्बोहाइड्रेट अधिक मात्रा में शरीर में पहुंच जाता है तो यह यकृत में ग्लाइकोजन के रूप में स्थित हो जाता है तथा आवश्यकता पड़ने पर पुनर शक्कर के रूप में कार्य करने लगता है  धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 23 Feb 2026 134 Views

आएइ जाने की कार्बोहाइड्रेट क्या है

आएइ जाने की कार्बोहाइड्रेट क्या है
 कार्बोहाइड्रेट:-  यह ऊर्जा प्रदान करने वाला पोषक तत्व है यह कार्बन हाइड्रोजन और ऑक्सीजन तत्वों का योग है कार्बोहाइड्रेट दो प्रकार का होता है  श्वेतशार कार्बोहाइड्रेट:- यह कार्बोहाइड्रेट ठंडे जल में ए घुलनशील होती है यह वनस्पतियों से प्राप्त होता है यह मोटे अनाज जैसे गेहूं मक्का जो ज्वार चना बाजार आदि से प्राप्त होता है  सक्रयुक्त कार्बोहाइड्रेट :- यह मीठे फल जैसे खजूर अंगूर चकुंदर गाना पपीता केला... Read More
 कार्बोहाइड्रेट:-  यह ऊर्जा प्रदान करने वाला पोषक तत्व है यह कार्बन हाइड्रोजन और ऑक्सीजन तत्वों का योग है कार्बोहाइड्रेट दो प्रकार का होता है  श्वेतशार कार्बोहाइड्रेट:- यह कार्बोहाइड्रेट ठंडे जल में ए घुलनशील होती है यह वनस्पतियों से प्राप्त होता है यह मोटे अनाज जैसे गेहूं मक्का जो ज्वार चना बाजार आदि से प्राप्त होता है  सक्रयुक्त कार्बोहाइड्रेट :- यह मीठे फल जैसे खजूर अंगूर चकुंदर गाना पपीता केला आम दूध आदि में मिलता है यह अंगूर में ग्लूकोज के रूप में पपीता केला आदि में सुक्रोज के रूप में दूध में लैक्टोज के रूप में तथा शंकर में सुक्रोज के रूप में मिलती है  कार्बोहाइड्रेट के स्रोत:- कार्बोहाइड्रेट की प्राप्ति के शमशाद स्रोत वनस्पति जगत में ही विद्वान है यह विभिन्न अनाजों फलों सब्जियों तथा अन्य भोज्य पदार्थों में विद्वान रहता है अनाजों में मुख्य रूप से गेहूं चावल मक्का ज्वार बाजरा चना आदि में कार्बोहाइड्रेट प्रचुर मात्रा में पाया जाता है सूखे मटर सोयाबीन तथा विभिन्न दलों में भी इनकी समुचित मात्रा पाई जाती है खजूर अंगूर किशमिश मुनक्का सूखी खुबानी अंजीर जैसी फल भी कार्बोहाइड्रेट के अच्छे स्रोत है अनजु ए फलों के अतिरिक्त कुछ अन्य पदार्थ अच्छा शहर अरारोट सिर शकरकंद आलू आदि में भी कार्बोहाइड्रेट प्रचुर मात्रा में पाया जाता है वैसे न्यूनाधिक मात्रा में कार्बोहाइड्रेट कार्य सभी भोज्य पदार्थ में विद्यमान रहता है   धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 22 Feb 2026 146 Views

आएइ जाने की प्रोटीन की कमी से क्या हानियां होती है

आएइ जाने की  प्रोटीन की कमी से क्या हानियां होती है
 प्रोटीन की कमी से हानियां:- 1. त्वचा तथा बालों के रंग में परिवर्तन हो जाता है तथा बाल झड़ने लगते हैं  2. प्रोटीन की कमी से बच्चों को क्वाशियार कर तथा मारासमुस नामक रोग हो जाता है 3. हाथों तथा पैरों में सूजन आ जाती है 4. चेहरा गोलाकार हो जाता है 5. रक्त की कमी हो जाती है 6. दूध पान करने वाली स्त्री के आहार में प्रोटीन की कमी से दूध का स्राव काम हो जाता है 7. गर्भवती स्त्री के शरीर में प्रोटीन की क... Read More
 प्रोटीन की कमी से हानियां:- 1. त्वचा तथा बालों के रंग में परिवर्तन हो जाता है तथा बाल झड़ने लगते हैं  2. प्रोटीन की कमी से बच्चों को क्वाशियार कर तथा मारासमुस नामक रोग हो जाता है 3. हाथों तथा पैरों में सूजन आ जाती है 4. चेहरा गोलाकार हो जाता है 5. रक्त की कमी हो जाती है 6. दूध पान करने वाली स्त्री के आहार में प्रोटीन की कमी से दूध का स्राव काम हो जाता है 7. गर्भवती स्त्री के शरीर में प्रोटीन की कमी से भ्रूण की वृद्धि तथा विकास में रुकावट आती है   धन्यवाद:-  
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kumarivanshika01232@gmail.com 22 Feb 2026 139 Views

आएइ जाने की प्रोटीन के कार्य

आएइ जाने की प्रोटीन के कार्य
 प्रोटीन के कार्य:-  1.प्रोटीन पोषक तत्वों का संवहन करते हैं   2.प्रोटीन के द्वारा प्रतिरक्षी कोशिकाओं का निर्माण होता है  3. प्रोटीन शरीर का निर्माण करता है प्रोटीन से शरीर की वृद्धि तथा शरीर में होने वाले टूट-फूट का पुनर्निर्माण संभव होता है 4. प्रोटीन चोट लगने के समय होने वाले रक्त प्रभाव को रोकते हैं 5. प्रोटीन के ऑक्सीकरण से ऊर्जा प्राप्त होती है 6. सभी एंजाइम्स प्रोटीन द्वारा निर्मित होते है... Read More
 प्रोटीन के कार्य:-  1.प्रोटीन पोषक तत्वों का संवहन करते हैं   2.प्रोटीन के द्वारा प्रतिरक्षी कोशिकाओं का निर्माण होता है  3. प्रोटीन शरीर का निर्माण करता है प्रोटीन से शरीर की वृद्धि तथा शरीर में होने वाले टूट-फूट का पुनर्निर्माण संभव होता है 4. प्रोटीन चोट लगने के समय होने वाले रक्त प्रभाव को रोकते हैं 5. प्रोटीन के ऑक्सीकरण से ऊर्जा प्राप्त होती है 6. सभी एंजाइम्स प्रोटीन द्वारा निर्मित होते हैं 7. रक्त में पाए जाने वाला पदार्थ हीमोग्लोबिन प्रोटीन पर आधारित होता है 8. आवश्यकता से अधिक प्रोटीन लेने पर यह व्हाट्सएप में परिवर्तित हो जाता है तथा गार्बेज के अभाव में यही वसा तथा एकत्रित प्रोटीन ऑक्सीजन के फल स्वरुप ऊर्जा प्रदान करता है  धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 22 Feb 2026 123 Views

आएइ जाने की प्रोटीन क्या है और प्रोटीन का वर्गीकरण

आएइ जाने की प्रोटीन क्या है और प्रोटीन का वर्गीकरण
 प्रोटीन:-  प्रोटीन जीवन के लिए सबसे अधिक आवश्यक तत्व होता है इसके बिना जीवन संभव है प्रोटीन की रचना कार्बन हाइड्रोजन ऑक्सीजन नाइट्रोजन तथा गंधक से होती है इसमें कुछ अंश फास्फोरस का भी होता है प्रोटीन शरीर निर्माण भजन तत्व है प्रोटीन की इकाई अमीनो एसिड कहलाती है प्रोटीन में नाइट्रोजन की मात्रा 13 से 20% तक होती है  प्रोटीन का वर्गीकरण:-  विभिन्न स्रोतों के आधार पर प्रोटीन को दो भागों में बांटा गया... Read More
 प्रोटीन:-  प्रोटीन जीवन के लिए सबसे अधिक आवश्यक तत्व होता है इसके बिना जीवन संभव है प्रोटीन की रचना कार्बन हाइड्रोजन ऑक्सीजन नाइट्रोजन तथा गंधक से होती है इसमें कुछ अंश फास्फोरस का भी होता है प्रोटीन शरीर निर्माण भजन तत्व है प्रोटीन की इकाई अमीनो एसिड कहलाती है प्रोटीन में नाइट्रोजन की मात्रा 13 से 20% तक होती है  प्रोटीन का वर्गीकरण:-  विभिन्न स्रोतों के आधार पर प्रोटीन को दो भागों में बांटा गया है  जंतु प्रोटीन:- यह प्रोटीन जंतु जगत से प्राप्त होता है जैसे दूध दूध से बने पदार्थ पनीर दही मांस मछली तथा एंड आदि इस प्रकार का प्रोटीन उत्तम प्रोटीन कहलाता है तथा शारीरिक वृद्धि एवं भरण पोषण के लिए सहायक है   वनस्पति प्रोटीन :- यह प्रोटीन वनस्पति जगत से प्राप्त होता है जैसे अनाज दालें में वह फल सब्जी आदेश प्रकार के प्रोटीन से वृद्धि तो संभव है पर विकास नहीं  प्राप्ति के स्रोत:-  प्रोटीन प्राप्ति के विभिन्न स्रोत है इसे पशु जगत तथा वनस्पति जगत दोनों से ही प्राप्त किया जा सकता है प्रत्येक प्रकार के मांस अंडे मछली दूध तथा दूध से बनी हुई वस्तुओं में भरपूर मात्रा में प्रोटीन होती है वनस्पति जगत में मुख्य रूप से सोयाबीन मटर तथा दलों आदि में पर्याप्त प्रोटीन होती है मूंगफली गेहूं धान आदि के अतिरिक्त गाजर शलजम पत्ता गोभी पालक आदि कुछ साथ सब्जी में विभिन्न मात्रा में प्रोटीन पाई जाती है  धन्यवाद ​
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kumarivanshika01232@gmail.com 22 Feb 2026 141 Views

आहार का अर्थ एवं परिभाषा

आहार का अर्थ एवं परिभाषा
 आहार का अर्थ है परिभाषा-  भूख लगा प्राणी मात्र का एक नेस ग्रीक लक्षण है जो कुछ भी खाक पदार्थ ग्रहण करने से भूख शांत हो जाए साधारण उसे आहार कहा जाता है उदाहरण के लिए किसी प्रणीय मनुष्य को भूख लगे और वह कोई फलिया कंदमूल खा ले तथा उसकी बुक शांत हो जाए तो उसे फल या कंदमूल को उसका आहार कहां जाएगा अतः जो सामग्री ग्रहण करने से प्राणी एवं मनुष्य की भूख शांत हो जाए वह सामग्री आहार है आहार का यह अर्थ अति स... Read More
 आहार का अर्थ है परिभाषा-  भूख लगा प्राणी मात्र का एक नेस ग्रीक लक्षण है जो कुछ भी खाक पदार्थ ग्रहण करने से भूख शांत हो जाए साधारण उसे आहार कहा जाता है उदाहरण के लिए किसी प्रणीय मनुष्य को भूख लगे और वह कोई फलिया कंदमूल खा ले तथा उसकी बुक शांत हो जाए तो उसे फल या कंदमूल को उसका आहार कहां जाएगा अतः जो सामग्री ग्रहण करने से प्राणी एवं मनुष्य की भूख शांत हो जाए वह सामग्री आहार है आहार का यह अर्थ अति साधारण एवं आशिक है मनुष्य एक विवेकशील प्राणी है उसने आहार के विषय में व्यापक अध्ययन किया तथा ज्ञात किया कि इसका एकमात्र उद्देश्य भूख मिटाना ही नहीं वास्तव में आहार के विभिन्न उद्देश्य है यह हमारी भूख को तो शांत करता ही है इसके अतिरिक्त यह शरीर को शक्तियां ऊर्जा प्रदान करता है इसकी वृद्धि एवं विकास में योगदान देता है उसके रखरखाव के साथ उसकी रोगों से बचने की क्षमता भी प्रदान करता है इन सांसद उद्देश्यों की पूर्ति करने वाले सामग्री को आहार कहते हैं   निष्कर्ष रूप से हम कह सकते हैं कि" वह ठोस या तरल सामग्री आहार कहलाती है जिसे ग्रहण करने से भूख मिटी है शरीर शक्ति प्राप्त करता है इसकी वृद्धि एवं विकास होता है उसके अंदर होने वाले टूट-फूट की मरम्मत होती है तथा रोगों से लड़ने की क्षमता प्राप्त होती है" इसके अतिरिक्त और ग्रहण करने से एक विशेष प्रकार की टरपट्टी या संतुष्टि भी प्राप्त होती है  धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 21 Feb 2026 134 Views