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Blog by Vanshika | Digital Diary

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काकोरी कांड

काकोरी कांड
 काकोरी कांड  अक्टूबर 1924 ईस्वी में क्रांतिकारी युवकों का कानपुर में एक सम्मेलन हुआ और हिंदुस्तान पब्लिक संगठन का गठन किया गया इसमें देश से अंग्रेजी सत्ता को जड़ से अखाड़ फेंकना तथा भारत को स्वतंत्र करने का संकल्प लिया गया संघर्ष छोड़ने के लिए धन का अभाव था इन क्रांतिकारियों ने 9 अगस्त 1925 ई को लखनऊ के निकट कटोरी में एक रेलगाड़ी रोककर सरकारी खजाने को अपने अधिकार में ले लिया बाद में वह पकड़े गए इ... Read More
 काकोरी कांड  अक्टूबर 1924 ईस्वी में क्रांतिकारी युवकों का कानपुर में एक सम्मेलन हुआ और हिंदुस्तान पब्लिक संगठन का गठन किया गया इसमें देश से अंग्रेजी सत्ता को जड़ से अखाड़ फेंकना तथा भारत को स्वतंत्र करने का संकल्प लिया गया संघर्ष छोड़ने के लिए धन का अभाव था इन क्रांतिकारियों ने 9 अगस्त 1925 ई को लखनऊ के निकट कटोरी में एक रेलगाड़ी रोककर सरकारी खजाने को अपने अधिकार में ले लिया बाद में वह पकड़े गए इस लूट कांड में पंडित राम प्रसाद बिस्मिल रोशन सिंह राजेंद्र लाहिड़ी तथा अशफाक अल्लाह खान को फांसी दी गई अन्य व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा देकर अंडमान भेज दिया गया और 17 लोगों को लंबी सजा सुनाई गई चंद्रशेखर आजाद फरार हो गए  धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 08 Mar 2026 101 Views

गांधी जी की डाडी यात्रा

गांधी जी की डाडी यात्रा
गांधी जी की  डाडी यात्रा:-  सन 1930 के कांग्रेस के वार्षिक अधिवेशन में कांग्रेस को सविनय अवज्ञा आंदोलन करने का अधिकार दे दिया गया था अतः गांधीजी के नेतृत्व में स्वराज की प्राप्ति के लिए सामान्य अवज्ञा आंदोलन प्रारंभ किया गया गांधी जी ने 1930 ईस्वी में नमक कानून को तोड़कर सविनय अवज्ञा आंदोलन का आह्वान किया 12 मार्च 1930 ई को गांधीजी ने साबरमती आश्रम से अपने 78 सहयोगियों के साथ डंडी की और यात्रा प्र... Read More
गांधी जी की  डाडी यात्रा:-  सन 1930 के कांग्रेस के वार्षिक अधिवेशन में कांग्रेस को सविनय अवज्ञा आंदोलन करने का अधिकार दे दिया गया था अतः गांधीजी के नेतृत्व में स्वराज की प्राप्ति के लिए सामान्य अवज्ञा आंदोलन प्रारंभ किया गया गांधी जी ने 1930 ईस्वी में नमक कानून को तोड़कर सविनय अवज्ञा आंदोलन का आह्वान किया 12 मार्च 1930 ई को गांधीजी ने साबरमती आश्रम से अपने 78 सहयोगियों के साथ डंडी की और यात्रा प्रारंभ की तथा 6 अप्रैल 1930 ईस्वी में दांडी पहुंचकर गांधी जी ने समुद्र के किनारे नमक बनाकर अंग्रेजों का कानून तोड़ दिया  इस सविनय अवज्ञा आंदोलन में सर ही बहुत बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष स्वयं सबको ने भाग लिया विदेशी माल का बहिष्कार किया गया कहीं-कहीं किसानों ने लग्न देना बंद कर दिया सरकार ने निर्मम दमन हत्या स्त्री पुरुषों पर लाठी और गोली की बौछार के द्वारा इस आंदोलन को को दबाने का प्रयास किया 5 में 1930 ई को सरकार ने गांधी जी को गिरफ्तार कर लिया इसके विरोध में मद्रास चेन्नई कोलकाता और कराची आदि नगरों में प्रदर्शन हुए और प्रदर्शन कार्यों की विशाल भीड और पुलिस के बीच टकराव हुई  धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 08 Mar 2026 72 Views

चोरी चोरी कांड

चोरी चोरी कांड
 चोरी चोरी कांड   4 फरवरी 1922 ईस्वी में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के चोरी चोरी नामक स्थान के किस थाने पर अपने विरोध प्रदर्शन के लिए आए थे क्योंकि पुलिस ने उनके एक साथी को बहुत मारा था जब वह थाने पर आए तो पुलिस ने उन पर भी गोली चलाने शुरू कर दी गुस्से में आकर किसानों ने थाने में आग लगा दी इस घटना से गांधी जी को काफी दुख हुआ था 12 फरवरी 1922 ई को उन्होंने आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया उनका म... Read More
 चोरी चोरी कांड   4 फरवरी 1922 ईस्वी में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के चोरी चोरी नामक स्थान के किस थाने पर अपने विरोध प्रदर्शन के लिए आए थे क्योंकि पुलिस ने उनके एक साथी को बहुत मारा था जब वह थाने पर आए तो पुलिस ने उन पर भी गोली चलाने शुरू कर दी गुस्से में आकर किसानों ने थाने में आग लगा दी इस घटना से गांधी जी को काफी दुख हुआ था 12 फरवरी 1922 ई को उन्होंने आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया उनका मन था कि हिंसा से स्वाधीनता प्राप्त नहीं की जा सकती उनके अनुसार किसी भी उद्देश्य की प्राप्ति के लिए अप्लाई गए तरीका भी महत्वपूर्ण है अब गांधी जी ने रचनात्मक कार्य करने का निश्चय किया इसमें हाथ से कटाई बुनाई छुआछूत का निवारण एवं संपादक एकता की स्थापना आदि थे   
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kumarivanshika01232@gmail.com 07 Mar 2026 74 Views

असहयोग आंदोलन 1920 से 1922 ई

असहयोग आंदोलन 1920 से 1922 ई
 असहयोग आंदोलन  ऐसी विकट स्थिति में गांधीजी ने देश भर में असहयोग आंदोलन शुरू किया 1857 ई के विरुद्ध के बाद पूरे देश में एक साथ अंग्रेजी हुकूमत के विरोध में होने वाला यह पहला बड़ा आंदोलन था इसका उद्देश्य था अन्य अंग्रेज शासन का सहयोग न करना   धन्यवाद Read More
 असहयोग आंदोलन  ऐसी विकट स्थिति में गांधीजी ने देश भर में असहयोग आंदोलन शुरू किया 1857 ई के विरुद्ध के बाद पूरे देश में एक साथ अंग्रेजी हुकूमत के विरोध में होने वाला यह पहला बड़ा आंदोलन था इसका उद्देश्य था अन्य अंग्रेज शासन का सहयोग न करना   धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 07 Mar 2026 61 Views

आएइ जाने जलियां वाले कांड के बारे में जो की 1919 ईस्वी में हुआ था

आएइ जाने जलियां वाले कांड के बारे में जो की 1919 ईस्वी में हुआ था
 जलियांवाला कांड  इसी समय अमृतसर में 13 अप्रैल 1919 ई को एक भयानक हत्याकांड हुआ पंजाब के नेता डॉक्टर सत्यपाल और डॉक्टर सैफुद्दीन किचलू की गिरफ्तारी के विरोध में अमित सर के जलियांवाला बाग में एक विशाल सभा का आयोजन हुआ सभा के मध्य में ही पंजाब के सैनिक कमांडर जनरल डायर ने सैनिकों को लेकर बाघ को घेर लिया बिना चेतावनी दिए हुए उसने निहती भीड़ पर गोली चलाने का आदेश दे दिया इससे कहीं तो निर्दोष लोगों की... Read More
 जलियांवाला कांड  इसी समय अमृतसर में 13 अप्रैल 1919 ई को एक भयानक हत्याकांड हुआ पंजाब के नेता डॉक्टर सत्यपाल और डॉक्टर सैफुद्दीन किचलू की गिरफ्तारी के विरोध में अमित सर के जलियांवाला बाग में एक विशाल सभा का आयोजन हुआ सभा के मध्य में ही पंजाब के सैनिक कमांडर जनरल डायर ने सैनिकों को लेकर बाघ को घेर लिया बिना चेतावनी दिए हुए उसने निहती भीड़ पर गोली चलाने का आदेश दे दिया इससे कहीं तो निर्दोष लोगों की मृत्यु हो गई और हजारों लोग घायल हुए  जलियांवाला बाग हत्याकांड से सांसद देश में हाहाकार मच गया इसके विरोध में रविंद्र नाथ टैगोर ने अपनी सर की उपाधि वापस कर दी इसने मध्यवर्गीय के राष्ट्रवाद को जान राष्ट्रवाद के रूप में परिवर्तित कर दिया जिसमें किसान मजदूर छात्र दस्तकार कारीगर आदि सम्मिलित हुए अब राष्ट्रीय आंदोलन पहले की अपेक्षा अधिक दंड हो गया इसमें हिंदू मुस्लिम एकता का अभूतपूर्व प्रदर्शन हुआ जिससे भारतीय राष्ट्रवाद को काफी बल मिला धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 07 Mar 2026 58 Views

गांधी जी का नेतृत्व(1919 1935)

गांधी जी का नेतृत्व(1919 1935)
 गांधी जी का नेतृत्व(1919-1935)  प्रथम विश्व युद्ध के समय महात्मा गांधी के नेतृत्व में भारतीयों ने अंग्रेजों की बहुत सहायता की गांधी जी ने सोचा कि इस युद्ध की समाप्ति पर अंग्रेज देश को आजाद कर देंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ ब्रिटिश सरकार ने कांग्रेस को क्रांतिकारी की बढ़ती हुई शक्ति का दमन करने के लिए मार्च 1919 ईस्वी में रोलेट एक्ट पास कर दिया जिसके अंतर्गत सरकार किसी भी व्यक्ति को बिना मुकदमे के कैद क... Read More
 गांधी जी का नेतृत्व(1919-1935)  प्रथम विश्व युद्ध के समय महात्मा गांधी के नेतृत्व में भारतीयों ने अंग्रेजों की बहुत सहायता की गांधी जी ने सोचा कि इस युद्ध की समाप्ति पर अंग्रेज देश को आजाद कर देंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ ब्रिटिश सरकार ने कांग्रेस को क्रांतिकारी की बढ़ती हुई शक्ति का दमन करने के लिए मार्च 1919 ईस्वी में रोलेट एक्ट पास कर दिया जिसके अंतर्गत सरकार किसी भी व्यक्ति को बिना मुकदमे के कैद कर सकती थी गांधी जी ने फरवरी 1919 ईस्वी में इसके विरोध में सत्याग्रह आंदोलन प्रारंभ कर दिया धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 07 Mar 2026 93 Views

अहिंसा और सत्याग्रह

अहिंसा और सत्याग्रह
 अहिंसा और सत्याग्रह  शिवराज के लिए अंग्रेजों की हत्या करने का रास्ता सबको उचित नहीं लगता था हिंसा वह हत्या का विरोध करने बालों में गांधी की प्रमुख थे उनका मन था कि अगर हमारी बात सत्य है तो बिना जोर जबरदस्ती वह हिंसा के उसे प्राप्त करना चाहिए अतः हमें सत्य के लिए सिर्फ आग्रह करना चाहिए यानी सत्याग्रह सत्य को हिंसा से प्राप्त करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए  धन्यवाद Read More
 अहिंसा और सत्याग्रह  शिवराज के लिए अंग्रेजों की हत्या करने का रास्ता सबको उचित नहीं लगता था हिंसा वह हत्या का विरोध करने बालों में गांधी की प्रमुख थे उनका मन था कि अगर हमारी बात सत्य है तो बिना जोर जबरदस्ती वह हिंसा के उसे प्राप्त करना चाहिए अतः हमें सत्य के लिए सिर्फ आग्रह करना चाहिए यानी सत्याग्रह सत्य को हिंसा से प्राप्त करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए  धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 07 Mar 2026 64 Views

गांधी जी ने सत्याग्रह करने के लिए यह कार्यक्रम बनाए थे जिनके बारे में मैं आज आपको बताऊंगी

गांधी जी ने सत्याग्रह करने के लिए यह कार्यक्रम बनाए थे जिनके बारे में मैं आज आपको बताऊंगी
 गांधी जी ने सत्याग्रह करने के लिए यह कार्यक्रम बनाए हैं  अन्याय करने वाले का सहयोग न करना यानी अ सहयोग करना  अनुचित लग रही बातों को मारने से इनकार कर देना यानि अविद्या करना   गांधी जी ने राष्ट्रीय आंदोलन में अंग्रेज शासन के सहयोग और अवज्ञा का तरीका जोड़ा जब गांधी जी राष्ट्रीय आंदोलन में शामिल हुए तो उसे आंदोलन में एक नया मोड़ आया गांधी जी लोगों की छोटी-छोटी वह ठोस डिकटों को हल करने के लिए आंदोलन... Read More
 गांधी जी ने सत्याग्रह करने के लिए यह कार्यक्रम बनाए हैं  अन्याय करने वाले का सहयोग न करना यानी अ सहयोग करना  अनुचित लग रही बातों को मारने से इनकार कर देना यानि अविद्या करना   गांधी जी ने राष्ट्रीय आंदोलन में अंग्रेज शासन के सहयोग और अवज्ञा का तरीका जोड़ा जब गांधी जी राष्ट्रीय आंदोलन में शामिल हुए तो उसे आंदोलन में एक नया मोड़ आया गांधी जी लोगों की छोटी-छोटी वह ठोस डिकटों को हल करने के लिए आंदोलन चढ़ते थे वह अंग्रेज सरकार से मांग करते थे की लगन कम करें नमक पर कर हटाए जंगल के उपयोग पर पाबंदी हटाए शराब की बिक्री बंद करें शराब की बिक्री से सरकार को बहुत आए मिलती थी गांधी जी के नेतृत्व में हजारों की संख्या में लोग अपनी ईट हो समस्याओं से लड़ने के लिए आंदोलन की रहा पर निकलने लगे इसके पहले के किसी भी प्रयास से भारी संख्या में आम लोग राष्ट्रीय आंदोलन में नहीं उतरे थे गांधी जी ने ही देश भर में छुआछूत मिटाने का अभियान भी शुरू किया ताकि लोग नया राष्ट्रीय बनाने के आंदोलन में शामिल हो सके धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 07 Mar 2026 79 Views

आएइ जाने जंग फूड के बारे में

आएइ जाने जंग फूड के बारे में
 जंक फूड :-  आधुनिक सभ्यता के विकास के साथ-साथ मानव समाज ने विभिन्न पारंपरिक भोज्य पदार्थों के अतिरिक्त कुछ नए प्रकार के भोज्य पदार्थ तैयार करना प्रारंभ किया है इस वर्ग के कुछ अति लोकप्रिय भोज्य पदार्थों को जंक फूड या फास्ट फूड के नाम से जाना जाता है जंक फूड में मुख्य उदाहरण है चिप्स चॉकलेट पिज़्ज़ा बर्गर तथा अनेक प्रकार के तले होने भोज्य पदार्थ   जंक फूड का प्रचलन पूरे विश्व में बहुत तेजी से हुआ... Read More
 जंक फूड :-  आधुनिक सभ्यता के विकास के साथ-साथ मानव समाज ने विभिन्न पारंपरिक भोज्य पदार्थों के अतिरिक्त कुछ नए प्रकार के भोज्य पदार्थ तैयार करना प्रारंभ किया है इस वर्ग के कुछ अति लोकप्रिय भोज्य पदार्थों को जंक फूड या फास्ट फूड के नाम से जाना जाता है जंक फूड में मुख्य उदाहरण है चिप्स चॉकलेट पिज़्ज़ा बर्गर तथा अनेक प्रकार के तले होने भोज्य पदार्थ   जंक फूड का प्रचलन पूरे विश्व में बहुत तेजी से हुआ है वैसे तो यह भोज्य पदार्थ सभी आयु वर्ग के व्यक्तियों द्वारा अपनाई जा रहे हैं परंतु बच्चों तथा युवा वर्ग की यह पहली पसंद बन गए हैं  परी सभी जंक फूड में पर संस्कृत कार्बोहाइड्रेट की अधिक मात्रा होती है इनमें तेल तथा खाद पदार्थों के संरक्षण के लिए इस्तेमाल होने वाले रासायनिक रेट काफी अधिक मात्रा में होती है इसके अतिरिक्त इन भोज्य पदार्थों को स्वादिष्ट बनाने के लिए अनेक प्रकार के मिर्च मसाले भी इस्तेमाल किए जाते हैं  जंक फूड के प्रभाव  जंक फूड का प्रचलन बहुत अधिक है तथा इन्होंने सुविधाजनक होने के कारण हमारे आहार में विशेष स्थान पा लिया है परंतु विभिन्न अध्ययनों से ज्ञात हुआ है कि जंक फूड के अधिक इस्तेमाल से जन स्वास्थ्य पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है धन्यवाद  
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kumarivanshika01232@gmail.com 07 Mar 2026 66 Views

यूरोपीय व्यापार

यूरोपीय व्यापार
 यूरोपीय व्यापार  पुर्तगालियों ने हिंद महासागर के माध्यम से होने वाले व्यापार पर अपना अधिकार कर लिया वह सोना चांदी आदि और हमारे देश से सूती रेशमी कपड़े और विभिन्न मसाले ले जाते थे और बहुत मुनाफा कमाते थे पुर्तगाल की मजबूत नौसेना के कारण हिंद महासागर से कोई दूसरा देश पुर्तगाल की इजाजत के बिना अपना जहाज नहीं ले जा सकता था वास्कोडिगामा के भारत पहुंचने के बाद एक-एक करके हाइलैंड फ्रांस और इंग्लैंड के व... Read More
 यूरोपीय व्यापार  पुर्तगालियों ने हिंद महासागर के माध्यम से होने वाले व्यापार पर अपना अधिकार कर लिया वह सोना चांदी आदि और हमारे देश से सूती रेशमी कपड़े और विभिन्न मसाले ले जाते थे और बहुत मुनाफा कमाते थे पुर्तगाल की मजबूत नौसेना के कारण हिंद महासागर से कोई दूसरा देश पुर्तगाल की इजाजत के बिना अपना जहाज नहीं ले जा सकता था वास्कोडिगामा के भारत पहुंचने के बाद एक-एक करके हाइलैंड फ्रांस और इंग्लैंड के व्यापारी भारत आने लगे धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 06 Mar 2026 55 Views