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Blog by Vanshika | Digital Diary

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महालवाड़ी प्रथा

महालवाड़ी प्रथा
 महालवाड़ी प्रथा   उत्तर प्रदेश के पश्चिम में दिल्ली और पंजाब के आसपास मालगुजारी कई गांव के समूह के स्वामियों से वसूल की जाती थी यह समूह महल कहलाते थे इसलिए इस प्रथा को महालवाड़ी प्रथा कहते हैं सरकार महल पर स्वामित्व रखने वाले से मालगुजारी वसूल करने का समझौता करती थी   धन्यवाद   Read More
 महालवाड़ी प्रथा   उत्तर प्रदेश के पश्चिम में दिल्ली और पंजाब के आसपास मालगुजारी कई गांव के समूह के स्वामियों से वसूल की जाती थी यह समूह महल कहलाते थे इसलिए इस प्रथा को महालवाड़ी प्रथा कहते हैं सरकार महल पर स्वामित्व रखने वाले से मालगुजारी वसूल करने का समझौता करती थी   धन्यवाद  
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kumarivanshika01232@gmail.com 19 Mar 2026 139 Views

रैयतवाड़ी प्रथा के बारे में

रैयतवाड़ी प्रथा के बारे में
 रैयतवाड़ी प्रथा  दक्षिण भारत के मद्रास प्रांत में मालगुजारी देने का उत्तरदायित्व रयत काश्तकार को सोपा गया मालगुजारी की धनराशि लगभग 3 वर्ष के लिए निश्चित कर दी गई रेस अपनी उपज का लगभग आधा भाग सरकार को मालगुजारी के रूप में देता था   धन्यवाद Read More
 रैयतवाड़ी प्रथा  दक्षिण भारत के मद्रास प्रांत में मालगुजारी देने का उत्तरदायित्व रयत काश्तकार को सोपा गया मालगुजारी की धनराशि लगभग 3 वर्ष के लिए निश्चित कर दी गई रेस अपनी उपज का लगभग आधा भाग सरकार को मालगुजारी के रूप में देता था   धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 19 Mar 2026 132 Views

स्थाई बंदोबस्त लागू

स्थाई बंदोबस्त लागू
 स्थाई बंदोबस्त लागू   उसने अधिक से अधिक मालगुजारी वसूल करके देने वाले को नीलामी बोली के आधार पर उन्हें तथा उनके पुत्रों को आजीवन स्थाई रूप से उसे गांव का जमीदार घोषित कर दिया यही जमींदारी प्रथा या स्थाई बंदोबस्त कहलाता है अब यह लोग जमीन के मालिक हो गए किंतु यह है स्वामित्व तभी तक रहता जब तक में माल गुजरी देते रहते थे उन्हें जमीन जोतने बोले वाले कष्ट करो को हटाने और उनसे जमीन छीन लेने का भी अधिकार... Read More
 स्थाई बंदोबस्त लागू   उसने अधिक से अधिक मालगुजारी वसूल करके देने वाले को नीलामी बोली के आधार पर उन्हें तथा उनके पुत्रों को आजीवन स्थाई रूप से उसे गांव का जमीदार घोषित कर दिया यही जमींदारी प्रथा या स्थाई बंदोबस्त कहलाता है अब यह लोग जमीन के मालिक हो गए किंतु यह है स्वामित्व तभी तक रहता जब तक में माल गुजरी देते रहते थे उन्हें जमीन जोतने बोले वाले कष्ट करो को हटाने और उनसे जमीन छीन लेने का भी अधिकार था यह प्रथा बंगाल उड़ीसा और अवध प्रति में प्रारंभ की गई  धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 19 Mar 2026 132 Views

आएइ जाने भूमि सुधार के बारे में

आएइ जाने भूमि सुधार के बारे में
 भूमि सुधार  अंग्रेज सरकार अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए मालगुजारी भूमिका वसूल करने के तरीके पर भी विचार करने लगी बारे में हिस्ट्री गैस में यह नियम बनाया कि गांव की मालगुजारी वसूल करने के लिए किसी को ठेका दे दिया जाए और यदि माल गुजरी वसूल करने वाले का काम ठीक ना हो तो दूसरे व्यक्ति को यह काम सौंप दिया जाए लड़ कारण वाली सुनने इस प्रथा में कुछ सुधार किए हैं इसके बारे में हम आपको अगले ब्लॉग मैं बताएंगे   ... Read More
 भूमि सुधार  अंग्रेज सरकार अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए मालगुजारी भूमिका वसूल करने के तरीके पर भी विचार करने लगी बारे में हिस्ट्री गैस में यह नियम बनाया कि गांव की मालगुजारी वसूल करने के लिए किसी को ठेका दे दिया जाए और यदि माल गुजरी वसूल करने वाले का काम ठीक ना हो तो दूसरे व्यक्ति को यह काम सौंप दिया जाए लड़ कारण वाली सुनने इस प्रथा में कुछ सुधार किए हैं इसके बारे में हम आपको अगले ब्लॉग मैं बताएंगे   धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 19 Mar 2026 167 Views

बंगाल में दोहरी शासन व्यवस्था

बंगाल में दोहरी शासन व्यवस्था
 बंगाल में दोहरी शासन व्यवस्था   बंगाल पर नियंत्रण होने के बाद लाड क्लाइव ने बंगाल में दोहरी शासन व्यवस्था प्रारंभ की इस व्यवस्था में कंपनी के पास राज्यसभा वसूली का कार्य था और नेपाल के पास राज्य की कानून व्यवस्था तथा राज्य के विकास कार्यों की जिम्मेदारी थी कंपनी के पास अधिकार थे परंतु कोई दायित्व नहीं जबकि नवाब के पास दायित्व थे परंतु अधिकार नहीं   किसी दौरान 1769 से 70 ईस्वी में काल पढ़ने के कार... Read More
 बंगाल में दोहरी शासन व्यवस्था   बंगाल पर नियंत्रण होने के बाद लाड क्लाइव ने बंगाल में दोहरी शासन व्यवस्था प्रारंभ की इस व्यवस्था में कंपनी के पास राज्यसभा वसूली का कार्य था और नेपाल के पास राज्य की कानून व्यवस्था तथा राज्य के विकास कार्यों की जिम्मेदारी थी कंपनी के पास अधिकार थे परंतु कोई दायित्व नहीं जबकि नवाब के पास दायित्व थे परंतु अधिकार नहीं   किसी दौरान 1769 से 70 ईस्वी में काल पढ़ने के कारण बंगाल की जनता की कठिनाई और भी बढ़ गई थी जनता को राहत पहुंचाने का कोई कार्य नहीं किया गया था इससे इंग्लैंड में कंपनी की बहुत आलोचना हुई परंतु कंपनी के अधिकारी अधिक धन कमाने में लग रहे धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 18 Mar 2026 198 Views

भारत में कंपनी राज्य का प्रभाव

भारत में कंपनी राज्य का प्रभाव
 भारत में कंपनी राज्य का प्रभाव  अंग्रेजों ने भारत के विशाल साम्राज्य पर कब्जा जमाने के बाद उसे पर नियंत्रण रखने और शासन चलाने के तरीके तैयार किए प्लासी के युद्ध 1757 ई से प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 ई की 100 वर्षों की लंबी अवधि के दौरान भारत पर कंपनी की पकड़ को बनाए रखा और उसे सुगंद करने की प्रसाद सैनिक नीति में अक्सर बदलाव आता रहा   अंग्रेजी शासन का प्रस सैनिक ढांचा इन्हीं उद्देश्यों को पूरा क... Read More
 भारत में कंपनी राज्य का प्रभाव  अंग्रेजों ने भारत के विशाल साम्राज्य पर कब्जा जमाने के बाद उसे पर नियंत्रण रखने और शासन चलाने के तरीके तैयार किए प्लासी के युद्ध 1757 ई से प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 ई की 100 वर्षों की लंबी अवधि के दौरान भारत पर कंपनी की पकड़ को बनाए रखा और उसे सुगंद करने की प्रसाद सैनिक नीति में अक्सर बदलाव आता रहा   अंग्रेजी शासन का प्रस सैनिक ढांचा इन्हीं उद्देश्यों को पूरा करने के लिए बनाया गया सबसे अधिक जोर कानून और व्यवस्था को बनाए रखने पर दिया जाता था जिससे बिना रुकावट के भारत में साथ व्यापार किया जा सके तथा उसके भौतिक एक प्राकृतिक संसाधनों का अधिक से अधिक अपने लाभ के लिए उपयोग किया जा सके  धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 18 Mar 2026 161 Views

भारत में कंपनी राज्य का विस्तार

भारत में कंपनी राज्य का विस्तार
 भारत में कंपनी राज्य का विस्तार  जिस समय अंग्रेज भारत के उत्तर पूर्वी भाग में अपने साम्राज्य का विस्तार कर रहे थे उसी समय दक्षिण भारत के मैसूर हैदराबाद तथा मराठा राज्य के शासक आपसी युद्ध में व्यस्त थे देश के शासन कार्य अपनी सीमा के विस्तार या उत्तर अधिकार के लिए संघर्षरत थे जो राजा या शासक अपने को कमजोर समझने में अंग्रेजों की शरण में चले जाते जो शासन अंग्रेजों से मदद मांगने के लिए जाते उन्हें अंग... Read More
 भारत में कंपनी राज्य का विस्तार  जिस समय अंग्रेज भारत के उत्तर पूर्वी भाग में अपने साम्राज्य का विस्तार कर रहे थे उसी समय दक्षिण भारत के मैसूर हैदराबाद तथा मराठा राज्य के शासक आपसी युद्ध में व्यस्त थे देश के शासन कार्य अपनी सीमा के विस्तार या उत्तर अधिकार के लिए संघर्षरत थे जो राजा या शासक अपने को कमजोर समझने में अंग्रेजों की शरण में चले जाते जो शासन अंग्रेजों से मदद मांगने के लिए जाते उन्हें अंग्रेज सैनिक मदद देते अंग्रेज बदले में उसे व्यक्ति से जीते हुए राज्य का कुछ भाग व अन्य जयते लेते भारतीय शासक अंग्रेजों के हाथ की कोटपूतली बनकर रह गई अंग्रेज लगभग 90 वर्ष में 1764 ई से 1856 ई भारत के अधिकांश हिस्से पर राज्य करने लगे  अंग्रेज ने विभिन्न नीतियों के अंतर्गत जैसे वेलेजली की सहायक संधि नीति डलहौजी की बिल्ली नीति को शासन का आरोप लगाकर राज्य हड़पने युद्ध में पराजित करके शासको से लाखों रुपए वार्षिक लेने वह फूट डालो और राज करो जैसे कूटनीतियों के जरिए भारत के राज्यों को कंपनी राज्य में मिलाया   धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 18 Mar 2026 202 Views

आएइ जाने हैदर अली के बारे मे

आएइ जाने हैदर अली के बारे मे
हैदर अली  हैदर को आगे बढ़ने से रोकने के लिए अंग्रेजों ने हैदर अली के विरुद्ध निजाम मराठों और कर्नाटक के अनुभव का एक सम्मिलित मोर्चा बनाया किंतु हैदर अली विचलित नहीं हुआ उसने मैराथन को धन देकर तथा निजाम को प्रदेश का रोल बंद देकर अपनी और मिल लिया इसके पश्चात उसने कर्नाटक पर आक्रमण कर दिया डेढ़ वर्ष तक युद्ध होता रहा हैदर अली ने मद्रास चेन्नई को घेर लिया 4 अप्रैल 1769 ई को हैदर अली तथा अंग्रेजों के म... Read More
हैदर अली  हैदर को आगे बढ़ने से रोकने के लिए अंग्रेजों ने हैदर अली के विरुद्ध निजाम मराठों और कर्नाटक के अनुभव का एक सम्मिलित मोर्चा बनाया किंतु हैदर अली विचलित नहीं हुआ उसने मैराथन को धन देकर तथा निजाम को प्रदेश का रोल बंद देकर अपनी और मिल लिया इसके पश्चात उसने कर्नाटक पर आक्रमण कर दिया डेढ़ वर्ष तक युद्ध होता रहा हैदर अली ने मद्रास चेन्नई को घेर लिया 4 अप्रैल 1769 ई को हैदर अली तथा अंग्रेजों के मध्य सिंधी हो गई इस हिंदी के द्वारा जीते हुए प्रदेशों को एक दूसरे को लौटा दिया गया तथा विपत्ति में एक दूसरे की सहायता करने का वचन भी दिया गया धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 18 Mar 2026 249 Views

डलहौजी की विलय नीति

डलहौजी की विलय नीति
 डलहौजी की विलय नीति   सहायक संधि नीति द्वारा जिस तरह वेलेजली ने भारत के अनेक राजाओं को अपने नियंत्रण में कर लिया था उसी प्रकार लडल हो जी ने भी राज्यों को हड़पने की एक नीति अपनाई इस नीति के अंतर्गत उसने यह नियम घोषित किया कि भारत के जिन जिन राजाओं को कोई पुत्र ना हो, वह अंग्रेजों की अनुमति के बिना किसी को गोद नहीं ले सकते थे हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार प्रत्येक संतानहीन व्यक्ति को गोद लेने का... Read More
 डलहौजी की विलय नीति   सहायक संधि नीति द्वारा जिस तरह वेलेजली ने भारत के अनेक राजाओं को अपने नियंत्रण में कर लिया था उसी प्रकार लडल हो जी ने भी राज्यों को हड़पने की एक नीति अपनाई इस नीति के अंतर्गत उसने यह नियम घोषित किया कि भारत के जिन जिन राजाओं को कोई पुत्र ना हो, वह अंग्रेजों की अनुमति के बिना किसी को गोद नहीं ले सकते थे हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार प्रत्येक संतानहीन व्यक्ति को गोद लेने का अधिकार प्राप्त है किंतु डलहौजी ने अंग्रेजी राज्य के अधीन किसी संतानहीन भारतीय नरेश को गोद लेने का अधिकार निषेध कर दिया इस नीति के अंतर्गत सतारा नागपुर उदयपुर जैतपुर व घाट संबलपुर तथा झांसी के राज्यों को अंग्रेजी राज्य में मिल लिया गया डलहौजी ने यह भी नीति अपनाई की भारतीय नरेशों की दी जाने वाली पेशेंट तथा उपाधियां से भी विचित्र कर दिया जाए कर्नाटक के नवाब और सुर के राजा तथा नाना साहब की पेटेंट और उपाध्य ए समाप्त कर दी गई  धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 18 Mar 2026 177 Views

सिराजुद्दौला के बारे में

सिराजुद्दौला के बारे में
 सिराजुद्दौला के बारे में   1756 ईस्वी में अली वर्दी कहां की मृत्यु होने पर उसका पुत्र सिराजुद्दौला बंगाल का नवाब बना सत्ता संभालते ही उसे घरेलू और बाहरी शत्रुओं का सामना करना पड़ा नवाब के इन विरोधियों को बंगाल के कुछ धनी सीटों का भी समर्थन प्राप्त था अवसर पाकर ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने नवाब के विरोधियों की साजिशों में भाग लेना आरंभ कर दिया इस समय यूरोपीय कंपनियां शाही फरमान द्वारा दी गई व्यापा... Read More
 सिराजुद्दौला के बारे में   1756 ईस्वी में अली वर्दी कहां की मृत्यु होने पर उसका पुत्र सिराजुद्दौला बंगाल का नवाब बना सत्ता संभालते ही उसे घरेलू और बाहरी शत्रुओं का सामना करना पड़ा नवाब के इन विरोधियों को बंगाल के कुछ धनी सीटों का भी समर्थन प्राप्त था अवसर पाकर ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने नवाब के विरोधियों की साजिशों में भाग लेना आरंभ कर दिया इस समय यूरोपीय कंपनियां शाही फरमान द्वारा दी गई व्यापारिक सुविधाओं का दुरुपयोग कर रही थी साथ ही कोलकाता स्थित अपनी बस्तियों की किलेबंदी भी करने लगी थी जब सिराजुद्दौला को इसकी सूचना मिली तब उसने अंग्रेज व्यापारिक द्वारा की जाने वाली सैन्य तैयारी पर प्रतिबंध लगाया अंग्रेजों ने नवाब के आदेशों की अभेलना की   धन्यवाद
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kumarivanshika01232@gmail.com 17 Mar 2026 126 Views