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Vanshika

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Blog by Vanshika | Digital Diary

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आएइ जाने दलित जातियों के सुधार आंदोलन के बारे में


 दलित जातियों के सुधार आंदोलन के बारे में  ज्योतिष फुले (1827-90) कपूर ज्योतिराम गोविंद राव फुले था इन्होंने सितंबर 18 73 ईस्वी में महाराष्ट्र में सत्यशोधक समाज का गठन किया ज्योतिष पहले ने दलित माने जाने वाले लोगों की समस्याओं से संबंधित नाटक तथा पुस्तक लिखिए इन्होंने दलित एवं महिलाओं के विकास के लिए शिक्षा की व्यवस्था की और विद्यालय खोलें  धन्यवाद Read More

 दलित जातियों के सुधार आंदोलन के बारे में

 ज्योतिष फुले (1827-90) कपूर ज्योतिराम गोविंद राव फुले था इन्होंने सितंबर 18 73 ईस्वी में महाराष्ट्र में सत्यशोधक समाज का गठन किया ज्योतिष पहले ने दलित माने जाने वाले लोगों की समस्याओं से संबंधित नाटक तथा पुस्तक लिखिए इन्होंने दलित एवं महिलाओं के विकास के लिए शिक्षा की व्यवस्था की और विद्यालय खोलें 

धन्यवाद


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  • Author:- kumarivanshika01232@gmail.com
  • Date:- 2026:03:14
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आएइ जाने स्वामी विवेकानंद के बारे में


 स्वामी विवेकानंद  (1862-1902)- रामकृष्ण परमहंस के शिष्य थे इन्होंने सन 1996 में राम कृष्ण मिशन की स्थापना की सन 1893 में शिकागो में विश्व धार्मिक संसद में हिंदू तत्व की बात रखी वह भारतीय समाज में पश्चिमी छाप के विरोधी थे में गर्व से कहते थे कि मैं भारतीय हूं तथा प्रत्येक भारतीय मेरा भाई है वह अंधविश्वास तथा अस्पृश्यता के विरोधी थे उन्होंने मानवता स्वतंत्रता तथा समानता की शिक्षा दी इन्हो... Read More

 स्वामी विवेकानंद 

(1862-1902)- रामकृष्ण परमहंस के शिष्य थे इन्होंने सन 1996 में राम कृष्ण मिशन की स्थापना की सन 1893 में शिकागो में विश्व धार्मिक संसद में हिंदू तत्व की बात रखी वह भारतीय समाज में पश्चिमी छाप के विरोधी थे में गर्व से कहते थे कि मैं भारतीय हूं तथा प्रत्येक भारतीय मेरा भाई है वह अंधविश्वास तथा अस्पृश्यता के विरोधी थे उन्होंने मानवता स्वतंत्रता तथा समानता की शिक्षा दी इन्होंने ज्ञान भक्ति योग और कम पर विशेष बल दिया उन्होंने वैज्ञानिक सोच को महत्व दिया

 धन्यवाद


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  • Date:- 2026:03:14
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लोकतंत्र का भविष्य :कुछ चुनौतियां


 लोकतंत्र का भविष्य :कुछ चुनौतियां  हम सबको अपनी स्थिति में सुधार लाने के लिए जरूरी है कि हम सही नेताओं का चुनाव करें यदि उन्हें सही नेताओं को चुनने के लिए कोई ठीक विकल्प नहीं मिलता है या चुने हुए प्रतिनिधि असमार्क्ष है तथा उनमें बदलाव लाने की दंड इच्छा शक्ति नहीं है तब लोकतंत्र एक अनुपयोगी वह महंगा ढांचा मंत्र सिद्ध होता है अतः हमें याद रखना चाहिए कि एक जवाब दे लोकतांत्रिक व्यवस्था लाना... Read More

 लोकतंत्र का भविष्य :कुछ चुनौतियां

 हम सबको अपनी स्थिति में सुधार लाने के लिए जरूरी है कि हम सही नेताओं का चुनाव करें यदि उन्हें सही नेताओं को चुनने के लिए कोई ठीक विकल्प नहीं मिलता है या चुने हुए प्रतिनिधि असमार्क्ष है तथा उनमें बदलाव लाने की दंड इच्छा शक्ति नहीं है तब लोकतंत्र एक अनुपयोगी वह महंगा ढांचा मंत्र सिद्ध होता है अतः हमें याद रखना चाहिए कि एक जवाब दे लोकतांत्रिक व्यवस्था लाना हमारा महत्वपूर्ण दायित्व है इस जिम्मेदारी से हम बच नहीं सकते हैं

 धन्यवाद


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  • Date:- 2026:03:14
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सामाजिक आर्थिक एवं राजनीतिक समानता


 सामाजिक आर्थिक एवं राजनीतिक समानता:-  लोकतंत्र समानता पर आधारित शासन व्यवस्था है विगत कई शताब्दी से हमारे समाज में अनेक प्रकार की असमानताएं विद्यमान रही है धर्म जाति एवं लिंक पर आधारित भेदभाव हमारी सामाजिक व्यवस्था का प्रभावित करते रहे हैं लोकतंत्र इस भेदभाव को समाप्त करके सभी को समान अवसर देने पर जोर देता है  यदि देश में आए का आसमान वितरण होगा यानी कुछ लोग बहुत अमीर और अन्य लोग बह... Read More

 सामाजिक आर्थिक एवं राजनीतिक समानता:-

 लोकतंत्र समानता पर आधारित शासन व्यवस्था है विगत कई शताब्दी से हमारे समाज में अनेक प्रकार की असमानताएं विद्यमान रही है धर्म जाति एवं लिंक पर आधारित भेदभाव हमारी सामाजिक व्यवस्था का प्रभावित करते रहे हैं लोकतंत्र इस भेदभाव को समाप्त करके सभी को समान अवसर देने पर जोर देता है

 यदि देश में आए का आसमान वितरण होगा यानी कुछ लोग बहुत अमीर और अन्य लोग बहुत ज्यादा गरीब होंगे तो लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर हो गया आर्थिक समानता प्रत्येक व्यक्ति को अपनी पसंद के अनुसार व्यवसाय छूने का अधिकार देता है 

 राजनीतिक समानता का अर्थ है कि समाज में सभी व्यक्तियों को एक समान मताधिकार चुनाव लड़ने का अधिकार तथा सरकार में कोई भी पद पाने का अधिकार प्राप्त हो

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  • Date:- 2026:03:14
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महिलाओं के अधिकार


 महिलाओं के अधिकार  कानून के समक्ष समानता  लिंग के आधार पर भेदभावना करना   समान कार्य के लिए समान वेतन  कार्य के लिए उपयुक्त और मानवीय वातावरण बनाना और प्रसूति लाभ सुनिश्चित करना  महिलाओं के समान के विरुद्ध गतिविधियों को रोकना   पंचायत और नगर पालिकाओं में महिलाओं के लिए सीटों का आसन   स्वास्थ्य की सुविधाएं बेहतर बनाना और पोषण के स्तर में सुधार... Read More

 महिलाओं के अधिकार

 कानून के समक्ष समानता

 लिंग के आधार पर भेदभावना करना 

 समान कार्य के लिए समान वेतन

 कार्य के लिए उपयुक्त और मानवीय वातावरण बनाना और प्रसूति लाभ सुनिश्चित करना

 महिलाओं के समान के विरुद्ध गतिविधियों को रोकना 

 पंचायत और नगर पालिकाओं में महिलाओं के लिए सीटों का आसन 

 स्वास्थ्य की सुविधाएं बेहतर बनाना और पोषण के स्तर में सुधार करना

 कमजोर वर्ग की महिलाओं के शैक्षणिक व आर्थिक हितों को बढ़ावा देना

 धन्यवाद


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आएइ जाने लोकतंत्र की कुछ विशेष बातें


 लोकतंत्र की कुछ विशेष बातें   लोकतंत्र की कुछ विशेष बातें होती है जो लोकतंत्र के आधार है लोकतंत्र का पहला आवश्यक आधार है स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव  भारतीय संविधान के तहत भारत में एक लोकतंत्रात्मक सरकार की स्थापना की गई ऐसी सरकार लोगों के प्रतिनिधियों द्वारा संचालित होती है जिनका निर्वाचन चुनाव लोगों द्वारा किया जाता है इस कार्य के संचालन के लिए भारतीय संविधान में निर्वाचन आयो... Read More

 लोकतंत्र की कुछ विशेष बातें 

 लोकतंत्र की कुछ विशेष बातें होती है जो लोकतंत्र के आधार है लोकतंत्र का पहला आवश्यक आधार है स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव

 भारतीय संविधान के तहत भारत में एक लोकतंत्रात्मक सरकार की स्थापना की गई ऐसी सरकार लोगों के प्रतिनिधियों द्वारा संचालित होती है जिनका निर्वाचन चुनाव लोगों द्वारा किया जाता है इस कार्य के संचालन के लिए भारतीय संविधान में निर्वाचन आयोग की व्यवस्था की है 

 निर्वाचन आयोग यह सुनिश्चित करता है कि देश में होने वाले चुनाव स्वतंत्र एवं निष्पक्ष हो इसके लिए निर्वाचन आयोग चुनाव में होने वाले हुए की सीमा तय करता है जिसका राजनीतिक दलों एवं प्रत्याशियों द्वारा पालन किया जाता है चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए यह जरूरी है कि पर्याप्त मात्रा में पुलिस का चुनाव अधिकारी नियुक्त किया जाए किसी भी प्रकार के चुनाव विवादों में चुनाव आयोग तथा उच्चतम न्यायालय की भूमिका सर्वोपरि होती है

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आएइ जाने आजादी के बाद लोकतंत्र की स्थापना


 लोकतंत्र की स्थापना  आजादी के बाद लोकतंत्र की स्थापना करने के लिए देश का संविधान लिखा गया संविधान का निर्माण करने वालों को भी लोगों ने चुना था संविधान में केंद्र और राज्य दोनों प्रकार की सरकारों को बनाने और चलने के लिए कानून दिए गए हैं संविधान के कानून सबसे उंचे कानून है यह कानून देश के सभी लोगों को समान रूप से करने पड़ते हैं उनको भी जिन्होंने यह कानून बनाए हैं यदि कोई भी व्यक्ति कानून... Read More

 लोकतंत्र की स्थापना

 आजादी के बाद लोकतंत्र की स्थापना करने के लिए देश का संविधान लिखा गया संविधान का निर्माण करने वालों को भी लोगों ने चुना था संविधान में केंद्र और राज्य दोनों प्रकार की सरकारों को बनाने और चलने के लिए कानून दिए गए हैं संविधान के कानून सबसे उंचे कानून है यह कानून देश के सभी लोगों को समान रूप से करने पड़ते हैं उनको भी जिन्होंने यह कानून बनाए हैं यदि कोई भी व्यक्ति कानून तोड़ता है तो उसे कानून के अनुसार सजा मिलती है

 धन्यवाद


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हमारे देश में लोकतंत्र कब आया आएइ जाने


 हमारे देश में लोकतंत्र कब आया " हमारे देश में लोकतंत्र की नींव एक दिन में नहीं पड़ी इसकी न्यू अंग्रेजों से लड़ते हुए आजादी के समय पड़ी थी कारण यह था कि इस आजादी का मुख्य आधार लोगों की सक्रिय भागीदारी थी "  पुराने समय में जब राजा राज्य करते थे वह अपने कुछ खास लोगों की मदद से कानून बनाते थे राजा के बाद उसका बेटा उसे राज्य का राजा बनकर ऐसा ही करता था कानून बनाने या लागू करने में... Read More

 हमारे देश में लोकतंत्र कब आया

" हमारे देश में लोकतंत्र की नींव एक दिन में नहीं पड़ी इसकी न्यू अंग्रेजों से लड़ते हुए आजादी के समय पड़ी थी कारण यह था कि इस आजादी का मुख्य आधार लोगों की सक्रिय भागीदारी थी "

 पुराने समय में जब राजा राज्य करते थे वह अपने कुछ खास लोगों की मदद से कानून बनाते थे राजा के बाद उसका बेटा उसे राज्य का राजा बनकर ऐसा ही करता था कानून बनाने या लागू करने में लोगों की कोई भागीदारी नहीं रहती थी पर लोगों को उसे कानून का पालन करना पड़ता था अतः हमारे नेताओं ने यह तय किया कि देश का शासन देश के लोगों के हाथों में होगा तभी हमें लोकतंत्र स्थापित करने की प्रेरणा मिले क्योंकि यही ऐसी अवस्था है जिसमें सर्वसाधारण को अधिकतम भागीदारी का अवसर मिलता है

धन्यवाद


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हमारा लोकतंत्र


 हमारा लोकतंत्र  लोकतंत्र क्या है? "  लोकतंत्र का शाब्दिक अर्थ लोगों का शासन पर इसका अर्थ यह नहीं कि लोग एक दूसरे पर शासन करें बल्कि लोकतंत्र का तात्पर्य ऐसी शासन व्यवस्था से है जिस देश के लोगों की प्रत्येक्स या अप्रत्यक्ष रूप से सम्मान भागीदारी हो इसमें महिला पुरुषों दलित एवं अल्पसंख्यक को सहित समाज के अन्य सभी वर्गों की समान भागीदारी होते हैं हमारे लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभ... Read More

 हमारा लोकतंत्र

 लोकतंत्र क्या है? "

 लोकतंत्र का शाब्दिक अर्थ लोगों का शासन पर इसका अर्थ यह नहीं कि लोग एक दूसरे पर शासन करें बल्कि लोकतंत्र का तात्पर्य ऐसी शासन व्यवस्था से है जिस देश के लोगों की प्रत्येक्स या अप्रत्यक्ष रूप से सम्मान भागीदारी हो इसमें महिला पुरुषों दलित एवं अल्पसंख्यक को सहित समाज के अन्य सभी वर्गों की समान भागीदारी होते हैं हमारे लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी व्यस्त 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोग अपने मत का प्रयोग करके कुछ प्रतिनिधियों को चुनते हैं चुने हुए प्रतिनिधि मिलकर देश के लिए कानून बनाते हैं यह कानून भी अधिकांश चुने हुए लोगों की सहमति से बनते हैं लोग अपनी मर्जी से कानून नहीं बना सकते हैं इसके लिए बहुमत द्वारा निर्णय करने का अधिकार सबको बराबर मिलता है लोकतंत्र में व्यक्तिगत निर्णय नहीं अपितु सामूहिक निर्णय महत्व रहता है

 धन्यवाद


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  • Date:- 2026:03:13
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सैनी संगठन के बारे में जाने


 सैनी संगठन   भारतीय सेवा का सर्वोच्च सेनापति कमांडर राष्ट्रपति है किंतु देश की वास्तविक सुरक्षा का दायित्व मंत्रिमंडल पर होता है मंत्रिमंडल की ओर से रक्षा संबंधी मामलों पर विचार विमर्श करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति है जिसका अध्यक्ष प्रधानमंत्री होता है रक्षा मंत्री और रक्षा मंत्रालय इसके कार्य का संचालन करता है और सुना के तीनों अंगों के कार्यों की निगरानी रखता है  अपने गणतं... Read More

 सैनी संगठन 

 भारतीय सेवा का सर्वोच्च सेनापति कमांडर राष्ट्रपति है किंतु देश की वास्तविक सुरक्षा का दायित्व मंत्रिमंडल पर होता है मंत्रिमंडल की ओर से रक्षा संबंधी मामलों पर विचार विमर्श करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति है जिसका अध्यक्ष प्रधानमंत्री होता है रक्षा मंत्री और रक्षा मंत्रालय इसके कार्य का संचालन करता है और सुना के तीनों अंगों के कार्यों की निगरानी रखता है

 अपने गणतंत्र दिवस के अवसर पर टेलीविजन में सेवा के तीनों अंगों तथा जल सीनेटल सेवा एवं वायु सेवा को मार्च पास्ट करते देखा होगा

 धन्यवाद


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  • Date:- 2026:03:12
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