हमारे देश को भारत ( Bharat) इंडिया (India) और हिंदुस्तान( Hindustn ) इन तीन नामों क्यों जाना जाता है यह नाम अलग-अलग ऐतिहासिक, भौगोलिक, और भाषाई सूत्रों में आए हैं ' भारत ' प्राचीन राज्यों से जुड़ा है ' इंडिया ' सिंधु नदी(lndus) से लिया गया है ' हिंदुस्तान 'फारसी और मध्यकालीन पभाव नाम से आया है भारत के संविधान में भारत और इंडिया आधि...
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हमारे देश को भारत ( Bharat) इंडिया (India) और हिंदुस्तान( Hindustn ) इन तीन नामों क्यों जाना जाता है यह नाम अलग-अलग ऐतिहासिक, भौगोलिक, और भाषाई सूत्रों में आए हैं ' भारत ' प्राचीन राज्यों से जुड़ा है ' इंडिया ' सिंधु नदी(lndus) से लिया गया है ' हिंदुस्तान 'फारसी और मध्यकालीन पभाव नाम से आया है भारत के संविधान में भारत और इंडिया आधिकारिक नाम है:
नाम के पीछे के कारण
भारत(bhart)
. यह भारत का मूल और प्राचीन नाम है जो राजा भरत ( दुष्यंत और कुसुंतला के पुत्र या ऋष भ देव के पुत्र )के नाम पर पड़ा है :
. यह नाम देवो और प्राणों में भी मिलता है, और भारतीय संविधान में भी यह नामो आधिकारिक के तौर पर दर्ज है,( भारत अर्थात इंडिया).
इंडिया (India)
यह नाम इंडस (lndus) नदी से आया है जिसे लोग प्राचीन और गरिक और रोमन लोग इंडेंस कहते हैं :
हिंदुस्तान( Hindustan )
यह नाम फारसी और मध्यकालीन काल से आया है:
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- Date:- 2026:01:13
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राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग स्वाधिकार - प्रगति ने मानव को स्वत: कुछ अधिकार प्रदान किए हैं, जो मांगा व्यक्ति ने नैतिक, आधयात्मक एवं शारीरिक विकास के लिए आवश्यक होती है, मैं मानव अधिकार कहा जाता है मानव अधिकारों में व्यक्ति हित के साथ लोकगीत भी जुड़ा हुआ है मुझे अधिकारों को राज्य द्वारा प्रत्यय भूत (गारंटी ) के रूप में प्रदान किया जाता है, उन्हें मौलिक अधिकार कहा जात...
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राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग
स्वाधिकार - प्रगति ने मानव को स्वत: कुछ अधिकार प्रदान किए हैं, जो मांगा व्यक्ति ने नैतिक, आधयात्मक एवं शारीरिक विकास के लिए आवश्यक होती है, मैं मानव अधिकार कहा जाता है मानव अधिकारों में व्यक्ति हित के साथ लोकगीत भी जुड़ा हुआ है मुझे अधिकारों को राज्य द्वारा प्रत्यय भूत (गारंटी ) के रूप में प्रदान किया जाता है, उन्हें मौलिक अधिकार कहा जाता है जनवरी 1947 ईस्वी में मानव अधिकार आयोग का गठन किया गया किसने 1948 ईस्वी में मानव अधिकारों की घोषणा की थी मानव अधिकारों के संबंध में जो उद्देश्य घोषणा की गई है उसमें 40 अनुच्छेद है इन अधिकारों के अभाव में मानव की आर्थिक, सामाजिक, संस्कृति, एवं अधिकार प्रक्रियाए प्रभावित होती है?
मानव अधिकार जीवन की वे महत्वपूर्ण परिस्थितियों है, जिसके बिना व्यक्ति का सर्वागिण विकास होना संभव नहीं है मानव स्वतंत्रता रानी की कामना करता है जब राज्य उसकी इच्छा को स्वीकार कर लेता है तो वह मानव अधिकार बन जाती है मानव अधिकार कौन शब्दों में व्यक्त किया जा सकता है-" मानव जीवन के विकास हेतु स्वतंत्रता, समानता और आर्थिक सुविधाओं की आवश्यकता होती है, राज्य उसके लिए सुविधा उपलब्ध कराता है, द्रव्य मानव अधिकार की श्रेणी आ जाती है / मानव अधिकार के बिना कोई भी नागरिक सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और सानसंस्कृती विकास नहीं कर पाता
10 दिसंबर, 1948 ई को संयुक्त राष्ट्र संघ ने सार्वभौम मानव अधिकारों की घोषणा करके मानव जाति के चारों मुखी विकास का प्रकाशित किया इस घोषणा पत्र में 30 धारा ओ को सम्मिलित किया गया, जिसमें मानव सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक तथा आर्थिक अधिकार प्रदान किए गए को इसी घोषणा ने समूचे विश्व में मानव को अधिकार दिलाने का बिगुल बजाया? अंतरराष्ट्रीय मंच पर मानव अधिकारों के प्रति जागृती गति पैदा करने के लिए प्रति वर्ष 10 दिसंबर को मानव अधिकार दिवस मनाया जाता है?
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भारतीय संविधान की रचना भारत का संविधान लिखित, निर्मित तथा विशाल है मूल रूप से इसके चार भाग हैं -(1) प्रस्तावना (2) अनुच्छेद (3) अनुसूचियां एवं (4 ) परिशिष्ट निर्माण के समय इसमें 22 भागों में विभाजित 395 अनुच्छेद एवं 8 अनुसूचियां एवं चार परिशिष्ट थे जबकि वर्तमान में इसमें 25 भागों में विभाजित 465 अनुच्छेद एवं 12 अनुसूचियां एवं 5 परिशिष्ट है प्रत्येक संवैधान...
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भारतीय संविधान की रचना
भारत का संविधान लिखित, निर्मित तथा विशाल है मूल रूप से इसके चार भाग हैं -(1) प्रस्तावना (2) अनुच्छेद (3) अनुसूचियां एवं (4 ) परिशिष्ट निर्माण के समय इसमें 22 भागों में विभाजित 395 अनुच्छेद एवं 8 अनुसूचियां एवं चार परिशिष्ट थे जबकि वर्तमान में इसमें 25 भागों में विभाजित 465 अनुच्छेद एवं 12 अनुसूचियां एवं 5 परिशिष्ट है प्रत्येक संवैधानिक संशोधन के साथ इसके स्वरूप का विकास होता रहता है अपनी प्रस्तावना के अनुकूल या संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न लोकतंत्रात्मक गणराज्य की स्थापना करता है साथी यह न्याय, स्वतंत्रता, सामान्य तथा बुद्ध तत्व के लक्ष्य को 20 स्वीकार करता है भारतीय संविधान में शासन की संसदीय प्रणाली की स्थापना की गई, परंतु साथी अध्यक्षा त्मक प्रणाली के विशिष्ट तत्वों को भी स्वीकार किया गया याद्दापि यह है एका त्मक तत्वों से युक्त है तथा अपनी संगीत शासन की व्यवस्था करता है उसकी एक माहिती विशेषता धर्म निरपेक्ष राज्य की स्थापना है एक और इसमें जहां नागरिक को के लिए वाया कब मौलिक अधिकारों का उल्लेख है वहीं दूसरी ओर यह राज्य के नीति निर्देशक तत्वों की भी व्यवस्था करता है संविधान के अनुच्छेद 326 के अनुसार लोकसभा तथा राज्य विधान मंडलों के सदस्य का निवचनायक मताधिकार के आधार पर किया जाएगा वर्तमान में भारत में मतदान की आयु 18 वर्ष है संविधान में संशोधन का अधिकार संसद को प्राप्त है?
भारतीय संविधान के मूल आदर्श
भारतीय संविधान के पीछे जो दर्शन कार्य कर रहा था, इस से इसके मूल आदर्श स्पष्ट हो जाते हैं भारतीय संविधान के मूल आदर्श निम्नलिखित है -
1 भारतीय संविधान का मूल आदर्श होगा राष्ट्र के निर्माण में निधन से निर्धन व्यक्ति की भूमिका तथा सत्ता सत्ता में उसकी भागीदारी
2 भारतीय संविधान का मूल आदर्श छुआछूत, नशीले पदार्थों का उन्मूलन तथा स्त्रियों को पुरुष के समान अधिकारों में सम्मानित होगा
3 यह डॉक्टर भीमराव के सपने, भेदभाव और असमानता से मुक्त भारत के निर्माण के आदर्श का पोषक होगा
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सरदार वल्लभभाई पटेल ( मुंबई )की एक सभा में सिंह की तरह गुजरते हुए एक देशभक्त ने कहा था कि, अंग्रेज भारत को जितने जल्दी आजाद कर दे, उतना ही अच्छा यदि देरी की गई, तो यह उन्हीं के लिए खराब बात होगी सिंह गजरना करने वाले व्यक्ति थे लोह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल"! बल्लभ भाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के पेट लड़ता लोक के करमसाद गांव में हुआ था ...
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सरदार वल्लभभाई पटेल
( मुंबई )की एक सभा में सिंह की तरह गुजरते हुए एक देशभक्त ने कहा था कि, अंग्रेज भारत को जितने जल्दी आजाद कर दे, उतना ही अच्छा यदि देरी की गई, तो यह उन्हीं के लिए खराब बात होगी सिंह गजरना करने वाले व्यक्ति थे लोह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल"!
बल्लभ भाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के पेट लड़ता लोक के करमसाद गांव में हुआ था उनके पिता का नाम झबेर भाई पटेल और माता का नाम लाड बाई था जबर भाई किस द सरदार पटेल के बचपन की घटना है उनकी आंख के पास एक कोड़ा निकल आया बहुत दवा दी गई पर ठीक ना हुआ किसी व्यक्ति ने सलाह दी की लोहे की सलाख को गर्म करके फोड़े मैं दशा दी जाए तो घोड़ा फूट जाएगा सलाख ग्राम की गई किंतु किसी में यह सांस ना होता था कि गम सलाख को फोड में दशाएं ताकि कहीं आंख में ना लगे इस बालक बल्लभ ने कहा, देखते क्या हो, चालक ठंडी हो रही है और फीस स्वयं ही उसे लेकर फोड़ में दशा दिया बालक के इस सांस को देखकर उपस्थित लोगों ने कहा कि यह बालक आगे चलकर बहुत ही शशि होगा 22 वर्ष की उम्र में उन्होंने नदी याद स्कूल में मैट्रिक परीक्षा पास की फिर मुख्य तारीख परीक्षा पास करके गोधरा में मुखतारी करने लगे कुछ समय बाद बलम भाई वकालत पढ़ने के लिए विदेश चले गए जहां वह रहते थे, मां पुस्तकालय 11 मिल डाल था या नीति सवेरे उठकर उसे पुस्तकालय में जाते और शाम को पुस्तकालय के बंद होने पर मन से उठने अपने इसी अध्ययन के फल स्वरुप वह उसे साल वकालत की परीक्षा में सर्वप्रथम रहे इस पर उन्हें पचास पौड का पुरस्कार भी मिला विदेश से लौटकर वह अहमदाबाद में वकालत करने लगे बहुत थोड़े ही समय में अत्यंत प्रसिद्ध हो गए इसी समय वह गांधी जी के संपर्क में आए उन्हें वकालत छोड़ दी और पूरी तरह तन मन धन से देश की सेवा में जुट गए
सर्वप्रथम बल्लम भाई ने गोदारा में हुए प्रांतीय राजनीतिक सम्मेलन में गुजरात की बेकार प्रथा को समाप्त करने के लिए एक प्रस्ताव पास कराया इस सम्मेलन में पहली बार भारतीय भाषाओं का प्रयोग किया गया वल्लभ भाई ने प्रयासों के फल स्वरुप कानूनी बेकार पता बंद हो गई बालम भाई ने नागपुर के झंडा साहित्य ग्रह का निवेदन भी किया इस सत्याग्रह के कारण अंग्रेज सरकार को समझौते के लिए झुकना पड़ा इस सत्याग्रह के बाद उनका नाम सारे भारत में फैल गया
सन 1927 में बारदोली का प्रसिद्ध सत्याग्रह शुरू हुआ किसानों पर सरकार ने लगाना की दर बढ़ा दिया किस बल्लम भाई के पास गए इस तरह उनके लिए ने तत्व मैं आंदोलन प्रारंभ हो गया उन्हें उन्होंने गांव वालों को इस तरह संगठित किया की लगन मिलन तो दूर गांव में अंग्रेज अफसर का भो जन, जी हां इस और सवारी तक मिलना मुश्किल हो गया
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(नकसीर फूटना ) गर्मी, चोट, रक्त नलिका के फटने या रक्त की न्यूनता के कारण से रक्त बहने को नकसीर फूटना कहते हैं ऐसी अवस्था में रोगी को तुरंत खुली ताजी हवा मे गर्दन को पीछे झुका कर सीधा कुर्सी या चौकी पर बैठा देना चाहिए उसके वस्त्रो को ढीला करके, उसे मुंह द्वारा सांस लेने को कहा जाए तत्पश्चात नाक से ऊपर तथा गर्दन पर बर्फ की थिली से सिकाई करनी चाहिए उसके पैरों को गर्म पानी में रखना चाहिए व...
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(नकसीर फूटना )
गर्मी, चोट, रक्त नलिका के फटने या रक्त की न्यूनता के कारण से रक्त बहने को नकसीर फूटना कहते हैं ऐसी अवस्था में रोगी को तुरंत खुली ताजी हवा मे गर्दन को पीछे झुका कर सीधा कुर्सी या चौकी पर बैठा देना चाहिए उसके वस्त्रो को ढीला करके, उसे मुंह द्वारा सांस लेने को कहा जाए तत्पश्चात नाक से ऊपर तथा गर्दन पर बर्फ की थिली से सिकाई करनी चाहिए उसके पैरों को गर्म पानी में रखना चाहिए वह चूसने के लिए बर्फदेनी चाहिए रोगी को बिना हिलाए - डुलाए उसकी नाक को अंगूठे और उंगली के बीच पकड़ कर लगभग 5 मिनट तक दबाना चाहिए नकसीर के बंद न होने पर कुछ और देर नाक दवाए या ना के अंदर हुई भर दे.
रोगी को धैर्य एवं सानत्वना देते रहना चाहिए और नाक साफ नहीं करने देना चाहिए सब प्रयासों के भी फल होने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए!
(दम घुटना)
धुएं, कार्बन डाइऑक्साइड या अन्य विषैली गैसो से युक्त हवा में सांस लेने, डूबने, फांसी लगाने आदि कारणो से दम घुटने लगता है
विषैली हवा में सांस लेने से दम घुटने पर व्यक्ति को तुरंत खुली ताजी हवा में लिटा देना चाहिए उसकी पंखे से हवा करें और और उसके आसपास भीड इकट्टी ना होने दे.
डूबने से दम घुटने पर व्यक्ति को पानी से बाहर निकाल कर उल्टा लिटा चाहिए और पेट का पानी निकाल देना चाहिए और पेट का पानी निकाल देना चाहिए फिर गले वस्तु उतार कर उसे कंबल मैं लपेट देना चाहिए तब कृतिम विधि से उसे सांस देना चाहिए उसे पीने के लिए चाय, कॉफी या दूध देना चाहिए.
फांसी लगने से दम घुटने पर व्यक्ति को थोड़ा ऊपर उठकर उसके गर्दन से रस्सी का फंदा निकला ना चाहिए फिर उसे लिटाकर कीतम विधि से सांस देना चाहिए.
उपरोक्त प्राथमिक चिकित्सा के पश्चात डॉक्टर से परामर्श अवश्य कर लेना चाहिए!
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- Date:- 2025:12:29
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(पर्यावरण प्रदूषण) (Environmental pollution) का मतलब है पर्यावरण( हवा, पानी, मिट्टी) मैं हानिकारक पदार्थ या ऊर्जा का मिलना, जिससे उसमें अवांछित बदलाव आते हैं और यह सभी जीवो के लिए असुरक्षित व हानिकारक हो जाता है,जो मुख्य रूप से मानवीय गतिविधियों जैसा औद्योगिकरण, शहरीकरण और परिवहन के कारण होता है! पर्यावरण प्रदूषण से बचने के उपाय: 1. वृक्षारोपण: ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाए औ...
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(पर्यावरण प्रदूषण)
(Environmental pollution)
का मतलब है पर्यावरण( हवा, पानी, मिट्टी) मैं हानिकारक पदार्थ या ऊर्जा का मिलना, जिससे उसमें अवांछित बदलाव आते हैं और यह सभी जीवो के लिए असुरक्षित व हानिकारक हो जाता है,जो मुख्य रूप से मानवीय गतिविधियों जैसा औद्योगिकरण, शहरीकरण और परिवहन के कारण होता है!
पर्यावरण प्रदूषण से बचने के उपाय:
1. वृक्षारोपण: ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाए और पेड़ो की कटाई रोके.
2. प्लास्टिक का त्याग : सिंगल- यूज़ प्लास्टिक( पॉलिथीन, स्टोर) बंद करें, कपड़े या कागज के थैंलो का इस्तेमाल करें.
3. वहान का सही उपयोग करें: कम दूरी के लिए पैदल चले, साइकिल चलाएं, यह सार्वजनिक परिवहन कहां पर करें, कार पुलिंग करें.
4.ध्वनि प्रदूषण कम करें: तेज आवाज में संगीत, हॉर्न का प्रयोग कम करें:
5. कचरा प्रबंधन : कचरे को अलग-अलग करें (गीला,सूखा )रिसायकल करे, और कंपोस्ट बनाएं.
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- Date:- 2025:12:27
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(libre office lmpress) (लिब्रे ऑफिस एलम्प्रेस) लिब्रे ऑफिस सोसाइटी का एक शक्तिशाली पजिस्ट्रेशन( स्लाइल्ड शो ) है, जो माइक्रोसॉफ्ट (पावरप्वाइंट )(ppt) के समान है जो आपको आकर्षक2/D3/D ग्राफिकस, एनीमेशन, क्रोनाइजेशन के शानदार पजिस्ट्रेशन बनाने की सुविधा देता है जो ट्रेक्स डायग्राम के टूल्स पर भरपूर है और हाउस यह फ्री ओपन शॉश और माइक्रोसॉफ्ट फाइलों के साथ संगत सॉफ्टवेयर है!
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(libre office lmpress)
(लिब्रे ऑफिस एलम्प्रेस)
लिब्रे ऑफिस सोसाइटी का एक शक्तिशाली पजिस्ट्रेशन( स्लाइल्ड शो ) है, जो माइक्रोसॉफ्ट (पावरप्वाइंट )(ppt) के समान है जो आपको आकर्षक2/D3/D ग्राफिकस, एनीमेशन, क्रोनाइजेशन के शानदार पजिस्ट्रेशन बनाने की सुविधा देता है जो ट्रेक्स डायग्राम के टूल्स पर भरपूर है और हाउस यह फ्री ओपन शॉश और माइक्रोसॉफ्ट फाइलों के साथ संगत सॉफ्टवेयर है!
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- Date:- 2025:12:26
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(libre office calc) ( लिब्रे ऑफिस कैल्क) मुख्य रूप से कैलकुलेटर( calculator) का छोटा रूप है जो एक इल्क टॉनिक डिवाइस या सॉफ्टवेयर है जिसका उपयोग गणितीय गणनाए करने के लिए करते हैं और यह libre office जैसा ही फ्री ओपन कर सोसाइटी जैसा लोकप्रिय स्पेडशीट प्रोग्राम भी है!
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( लिब्रे ऑफिस कैल्क)
मुख्य रूप से कैलकुलेटर( calculator) का छोटा रूप है जो एक इल्क टॉनिक डिवाइस या सॉफ्टवेयर है जिसका उपयोग गणितीय गणनाए करने के लिए करते हैं और यह libre office जैसा ही फ्री ओपन कर सोसाइटी जैसा लोकप्रिय स्पेडशीट प्रोग्राम भी है!
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- Author:- ak7749787@gamil.com
- Date:- 2025:12:25
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ites ( Information Technology Enable service ) lt औरltes दोनों ही आधुनिकव्यवसाय के लिए महत्वपूर्ण है लेकिन वह अलग-अलग उद्देश्य और कार्य क्षेत्र में काम करते हैं आईटी तकनीकी समाधान हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर पर केंद्रित होता है जबकि इट्स वह मासिक प्रक्रिया के उद्देश्यों और संबंधित करने की प्रति होता है आईटी और इट्स के बीच या अंतर व्यवसाययो को अपनी विशेष जरूरत के अनुसार सेवाओं का चयन करने म...
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ites ( Information Technology Enable service )
lt औरltes दोनों ही आधुनिकव्यवसाय के लिए महत्वपूर्ण है लेकिन वह अलग-अलग उद्देश्य और कार्य क्षेत्र में काम करते हैं आईटी तकनीकी समाधान हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर पर केंद्रित होता है जबकि इट्स वह मासिक प्रक्रिया के उद्देश्यों और संबंधित करने की प्रति होता है आईटी और इट्स के बीच या अंतर व्यवसाययो को अपनी विशेष जरूरत के अनुसार सेवाओं का चयन करने में मदद करता है और उन्हेउनकी दृष्ट और प्रभास शीलता को बढ़ाने में सहायक होता है
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जिसे हिंदी में सोचना प्रौद्योगिकी कहा जाता है आधुनिक युग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो कंप्यूटर सॉफ्टवेयर नॉट वर्किंगडाटा प्रबंध जैसा तकनीकी का प्रयोग करता है इसका मुख्य उद्देश्य सूचना का प्रबंध संग्रह और प्रेस कारण कहता है आईटी का प्रयोग लगभग हर उद्योग में होता है और यह व्यवस्था को उनकी प्रक्रियाओं को अधिक कुशल और प्रभावित बनाने में मदद करता है आईटीसेवाएं विभिन्न प्रकार की होती है जो वह व्यवसायो और संगठनों की विभिन्न जरूरत को पूरा कहते हैं
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- Author:- ak7749787@gamil.com
- Date:- 2025:12:23
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