डाल्टन का परमाणु सिद्धांत डाल्टन के परमाणु सिद्धांत के आधार पर (1) सभी पदार्थ सूक्ष्म कणों से बनी है जिन्हें परमाणु कहते हैं! (2) परमाणु को विभाजित नहीं किया जा सकता और वह रासायनिक अभिक्रिया में परिवर्तित बना रहता है! (3) परमाणु कोना ही उत्पन्न किया जा सकता है और ना ही नष्ट किया जा सकता है! (4) एक ही तत्व के सभी परमाणु आकार द्रव्यमान तथा रासायनिक गुना में एक दूस...
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डाल्टन का परमाणु सिद्धांत
डाल्टन के परमाणु सिद्धांत के आधार पर
(1) सभी पदार्थ सूक्ष्म कणों से बनी है जिन्हें परमाणु कहते हैं!
(2) परमाणु को विभाजित नहीं किया जा सकता और वह रासायनिक अभिक्रिया में परिवर्तित बना रहता है!
(3) परमाणु कोना ही उत्पन्न किया जा सकता है और ना ही नष्ट किया जा सकता है!
(4) एक ही तत्व के सभी परमाणु आकार द्रव्यमान तथा रासायनिक गुना में एक दूसरे के समान होते हैं और इनका द्रव्यमान निश्चित होता है!
(5) विभिन्न तत्वों के परमाणु आकार द्रव्यमान तथा अन्य सभी गुना में एक दूसरे से अलग होते हैं!
(6) रासायनिक परिवर्तनों में परमाणु समान होते हैं!
(7) एक योग के सभी योग परमाणु समान होते हैं!
(8) किसी योगी के योग परमाणु में तत्व के परमाणु की संख्या निश्चित होती है!
आता है परमाणु तत्व का वह सूक्ष्म या विभाज्य कौन है जो किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में भाग ले सकता है?
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हमारे देश को भारत ( Bharat) इंडिया (India) और हिंदुस्तान( Hindustn ) इन तीन नामों क्यों जाना जाता है यह नाम अलग-अलग ऐतिहासिक, भौगोलिक, और भाषाई सूत्रों में आए हैं ' भारत ' प्राचीन राज्यों से जुड़ा है ' इंडिया ' सिंधु नदी(lndus) से लिया गया है ' हिंदुस्तान 'फारसी और मध्यकालीन पभाव नाम से आया है भारत के संविधान में भारत और इंडिया आधि...
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हमारे देश को भारत ( Bharat) इंडिया (India) और हिंदुस्तान( Hindustn ) इन तीन नामों क्यों जाना जाता है यह नाम अलग-अलग ऐतिहासिक, भौगोलिक, और भाषाई सूत्रों में आए हैं ' भारत ' प्राचीन राज्यों से जुड़ा है ' इंडिया ' सिंधु नदी(lndus) से लिया गया है ' हिंदुस्तान 'फारसी और मध्यकालीन पभाव नाम से आया है भारत के संविधान में भारत और इंडिया आधिकारिक नाम है:
नाम के पीछे के कारण
भारत(bhart)
. यह भारत का मूल और प्राचीन नाम है जो राजा भरत ( दुष्यंत और कुसुंतला के पुत्र या ऋष भ देव के पुत्र )के नाम पर पड़ा है :
. यह नाम देवो और प्राणों में भी मिलता है, और भारतीय संविधान में भी यह नामो आधिकारिक के तौर पर दर्ज है,( भारत अर्थात इंडिया).
इंडिया (India)
यह नाम इंडस (lndus) नदी से आया है जिसे लोग प्राचीन और गरिक और रोमन लोग इंडेंस कहते हैं :
हिंदुस्तान( Hindustan )
यह नाम फारसी और मध्यकालीन काल से आया है:
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प्रकाश का परावर्तन (Reflection of light ) आपने देखा होगा कि किसी तालाब के किनारे स्थित पेड़ में हमें तालाब के जाल में दिखाई पड़ता है स्टेनलेस स्टील की स्वच्छ ताली में देखने पर हमें अपना चेहरा दिखाई पड़ता है ऐसा क्यों? किसी चमकीले परषठ से टकराने के पश्चात प्रकाश की हिंदी इस माध्यम में वापस लौट आती है, जिसके फल स्वरुप हम तालाब के किनारे स्थित वर्कशाॅ को जल में तथा चमकीले स्ट...
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प्रकाश का परावर्तन
(Reflection of light )
आपने देखा होगा कि किसी तालाब के किनारे स्थित पेड़ में हमें तालाब के जाल में दिखाई पड़ता है स्टेनलेस स्टील की स्वच्छ ताली में देखने पर हमें अपना चेहरा दिखाई पड़ता है ऐसा क्यों?
किसी चमकीले परषठ से टकराने के पश्चात प्रकाश की हिंदी इस माध्यम में वापस लौट आती है, जिसके फल स्वरुप हम तालाब के किनारे स्थित वर्कशाॅ को जल में तथा चमकीले स्टील की थाली में अपना चेहरा देख पाते हैं/ वास्तव में हमारे चेहरे से चलने वाली प्रकाश की की ने जब चिकनी थाली पर पड़ती है तो थाली की सतह से टकराकर वापस हमारी आंख तक आती है, जिससे हमें अपना चेहरा दिखाई देता है/ प्रकाश की इस घटना को प्रवर्तन कहते हैं/
प्रकाश की किरण का किसकी परस्ट से टकरा कर इस माध्यम में वापस लौटने की घटना प्रकाश का परावर्तन कहलाती है /
प्रकाश की कि नहीं जब किसी वस्तु की सतह पर पड़ती है तो तीन प्रकार की घटनाएं घटती है - वस्तु द्वारा प्रकाश ऊर्जा का अवशोषण, वस्तु से प्रकाश ऊर्जा का परागमन, वास्तु के प्रस्ट प्रकाश ऊर्जा का परावर्तन/
अधिकांश वस्तुएं अपने ऊपर पढ़ने वाले प्रकाश ऊर्जा का परावर्तन करती है/ कुछ वस्तुएं प्रकाश ऊर्जा का काम प्रवर्तन करती है तथा कुछ वस्तुएं प्रकाश ऊर्जा अधिक प्रवर्तन करती हैं
पॉलिशदार चमकीली सट्टा वाली वस्तु पोलिश रहित सातो वाली वस्तुओं की अपेक्षा प्रकाश ऊर्जा का अधिक प्रवर्तन करती है /
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राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग स्वाधिकार - प्रगति ने मानव को स्वत: कुछ अधिकार प्रदान किए हैं, जो मांगा व्यक्ति ने नैतिक, आधयात्मक एवं शारीरिक विकास के लिए आवश्यक होती है, मैं मानव अधिकार कहा जाता है मानव अधिकारों में व्यक्ति हित के साथ लोकगीत भी जुड़ा हुआ है मुझे अधिकारों को राज्य द्वारा प्रत्यय भूत (गारंटी ) के रूप में प्रदान किया जाता है, उन्हें मौलिक अधिकार कहा जात...
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राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग
स्वाधिकार - प्रगति ने मानव को स्वत: कुछ अधिकार प्रदान किए हैं, जो मांगा व्यक्ति ने नैतिक, आधयात्मक एवं शारीरिक विकास के लिए आवश्यक होती है, मैं मानव अधिकार कहा जाता है मानव अधिकारों में व्यक्ति हित के साथ लोकगीत भी जुड़ा हुआ है मुझे अधिकारों को राज्य द्वारा प्रत्यय भूत (गारंटी ) के रूप में प्रदान किया जाता है, उन्हें मौलिक अधिकार कहा जाता है जनवरी 1947 ईस्वी में मानव अधिकार आयोग का गठन किया गया किसने 1948 ईस्वी में मानव अधिकारों की घोषणा की थी मानव अधिकारों के संबंध में जो उद्देश्य घोषणा की गई है उसमें 40 अनुच्छेद है इन अधिकारों के अभाव में मानव की आर्थिक, सामाजिक, संस्कृति, एवं अधिकार प्रक्रियाए प्रभावित होती है?
मानव अधिकार जीवन की वे महत्वपूर्ण परिस्थितियों है, जिसके बिना व्यक्ति का सर्वागिण विकास होना संभव नहीं है मानव स्वतंत्रता रानी की कामना करता है जब राज्य उसकी इच्छा को स्वीकार कर लेता है तो वह मानव अधिकार बन जाती है मानव अधिकार कौन शब्दों में व्यक्त किया जा सकता है-" मानव जीवन के विकास हेतु स्वतंत्रता, समानता और आर्थिक सुविधाओं की आवश्यकता होती है, राज्य उसके लिए सुविधा उपलब्ध कराता है, द्रव्य मानव अधिकार की श्रेणी आ जाती है / मानव अधिकार के बिना कोई भी नागरिक सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और सानसंस्कृती विकास नहीं कर पाता
10 दिसंबर, 1948 ई को संयुक्त राष्ट्र संघ ने सार्वभौम मानव अधिकारों की घोषणा करके मानव जाति के चारों मुखी विकास का प्रकाशित किया इस घोषणा पत्र में 30 धारा ओ को सम्मिलित किया गया, जिसमें मानव सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक तथा आर्थिक अधिकार प्रदान किए गए को इसी घोषणा ने समूचे विश्व में मानव को अधिकार दिलाने का बिगुल बजाया? अंतरराष्ट्रीय मंच पर मानव अधिकारों के प्रति जागृती गति पैदा करने के लिए प्रति वर्ष 10 दिसंबर को मानव अधिकार दिवस मनाया जाता है?
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भारतीय संविधान की रचना भारत का संविधान लिखित, निर्मित तथा विशाल है मूल रूप से इसके चार भाग हैं -(1) प्रस्तावना (2) अनुच्छेद (3) अनुसूचियां एवं (4 ) परिशिष्ट निर्माण के समय इसमें 22 भागों में विभाजित 395 अनुच्छेद एवं 8 अनुसूचियां एवं चार परिशिष्ट थे जबकि वर्तमान में इसमें 25 भागों में विभाजित 465 अनुच्छेद एवं 12 अनुसूचियां एवं 5 परिशिष्ट है प्रत्येक संवैधान...
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भारतीय संविधान की रचना
भारत का संविधान लिखित, निर्मित तथा विशाल है मूल रूप से इसके चार भाग हैं -(1) प्रस्तावना (2) अनुच्छेद (3) अनुसूचियां एवं (4 ) परिशिष्ट निर्माण के समय इसमें 22 भागों में विभाजित 395 अनुच्छेद एवं 8 अनुसूचियां एवं चार परिशिष्ट थे जबकि वर्तमान में इसमें 25 भागों में विभाजित 465 अनुच्छेद एवं 12 अनुसूचियां एवं 5 परिशिष्ट है प्रत्येक संवैधानिक संशोधन के साथ इसके स्वरूप का विकास होता रहता है अपनी प्रस्तावना के अनुकूल या संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न लोकतंत्रात्मक गणराज्य की स्थापना करता है साथी यह न्याय, स्वतंत्रता, सामान्य तथा बुद्ध तत्व के लक्ष्य को 20 स्वीकार करता है भारतीय संविधान में शासन की संसदीय प्रणाली की स्थापना की गई, परंतु साथी अध्यक्षा त्मक प्रणाली के विशिष्ट तत्वों को भी स्वीकार किया गया याद्दापि यह है एका त्मक तत्वों से युक्त है तथा अपनी संगीत शासन की व्यवस्था करता है उसकी एक माहिती विशेषता धर्म निरपेक्ष राज्य की स्थापना है एक और इसमें जहां नागरिक को के लिए वाया कब मौलिक अधिकारों का उल्लेख है वहीं दूसरी ओर यह राज्य के नीति निर्देशक तत्वों की भी व्यवस्था करता है संविधान के अनुच्छेद 326 के अनुसार लोकसभा तथा राज्य विधान मंडलों के सदस्य का निवचनायक मताधिकार के आधार पर किया जाएगा वर्तमान में भारत में मतदान की आयु 18 वर्ष है संविधान में संशोधन का अधिकार संसद को प्राप्त है?
भारतीय संविधान के मूल आदर्श
भारतीय संविधान के पीछे जो दर्शन कार्य कर रहा था, इस से इसके मूल आदर्श स्पष्ट हो जाते हैं भारतीय संविधान के मूल आदर्श निम्नलिखित है -
1 भारतीय संविधान का मूल आदर्श होगा राष्ट्र के निर्माण में निधन से निर्धन व्यक्ति की भूमिका तथा सत्ता सत्ता में उसकी भागीदारी
2 भारतीय संविधान का मूल आदर्श छुआछूत, नशीले पदार्थों का उन्मूलन तथा स्त्रियों को पुरुष के समान अधिकारों में सम्मानित होगा
3 यह डॉक्टर भीमराव के सपने, भेदभाव और असमानता से मुक्त भारत के निर्माण के आदर्श का पोषक होगा
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to the little girl he was a figure to be feared and avoided. Every morning before going to work he come into her room and give her a casual kiss, to which she responded with goodbye, father . And oh, there was a glad sense of relief when She heard the noise of the carriage growing fainter and fainter down the long road! In the evening w...
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to the little girl he was a figure to be feared and avoided. Every morning before going to work he come into her room and give her a casual kiss, to which she responded with goodbye, father . And oh, there was a glad sense of relief when She heard the noise of the carriage growing fainter and fainter down the long road!
In the evening when he come home she stood near the staircase and heard his loud voice in the hell. My tea into the drawing room... Hasn "t the paper come yet? Mother, go and see my papers out their - and bring me my slippers.
Kezia, mother world call to her , if you re a good girl, you can come down and take off fathers boots. Slowly the girl world slip down the stairs, more slowly still across the hall, and push open the drawing room door.
By that time he had his spectacles on and looked at her over the way that was toterrifying the little girl.
Well, kezia, hurry up pull off and these boots and take tthem outside. Have you been a good girl today?
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सरदार वल्लभभाई पटेल ( मुंबई )की एक सभा में सिंह की तरह गुजरते हुए एक देशभक्त ने कहा था कि, अंग्रेज भारत को जितने जल्दी आजाद कर दे, उतना ही अच्छा यदि देरी की गई, तो यह उन्हीं के लिए खराब बात होगी सिंह गजरना करने वाले व्यक्ति थे लोह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल"! बल्लभ भाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के पेट लड़ता लोक के करमसाद गांव में हुआ था ...
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सरदार वल्लभभाई पटेल
( मुंबई )की एक सभा में सिंह की तरह गुजरते हुए एक देशभक्त ने कहा था कि, अंग्रेज भारत को जितने जल्दी आजाद कर दे, उतना ही अच्छा यदि देरी की गई, तो यह उन्हीं के लिए खराब बात होगी सिंह गजरना करने वाले व्यक्ति थे लोह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल"!
बल्लभ भाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के पेट लड़ता लोक के करमसाद गांव में हुआ था उनके पिता का नाम झबेर भाई पटेल और माता का नाम लाड बाई था जबर भाई किस द सरदार पटेल के बचपन की घटना है उनकी आंख के पास एक कोड़ा निकल आया बहुत दवा दी गई पर ठीक ना हुआ किसी व्यक्ति ने सलाह दी की लोहे की सलाख को गर्म करके फोड़े मैं दशा दी जाए तो घोड़ा फूट जाएगा सलाख ग्राम की गई किंतु किसी में यह सांस ना होता था कि गम सलाख को फोड में दशाएं ताकि कहीं आंख में ना लगे इस बालक बल्लभ ने कहा, देखते क्या हो, चालक ठंडी हो रही है और फीस स्वयं ही उसे लेकर फोड़ में दशा दिया बालक के इस सांस को देखकर उपस्थित लोगों ने कहा कि यह बालक आगे चलकर बहुत ही शशि होगा 22 वर्ष की उम्र में उन्होंने नदी याद स्कूल में मैट्रिक परीक्षा पास की फिर मुख्य तारीख परीक्षा पास करके गोधरा में मुखतारी करने लगे कुछ समय बाद बलम भाई वकालत पढ़ने के लिए विदेश चले गए जहां वह रहते थे, मां पुस्तकालय 11 मिल डाल था या नीति सवेरे उठकर उसे पुस्तकालय में जाते और शाम को पुस्तकालय के बंद होने पर मन से उठने अपने इसी अध्ययन के फल स्वरुप वह उसे साल वकालत की परीक्षा में सर्वप्रथम रहे इस पर उन्हें पचास पौड का पुरस्कार भी मिला विदेश से लौटकर वह अहमदाबाद में वकालत करने लगे बहुत थोड़े ही समय में अत्यंत प्रसिद्ध हो गए इसी समय वह गांधी जी के संपर्क में आए उन्हें वकालत छोड़ दी और पूरी तरह तन मन धन से देश की सेवा में जुट गए
सर्वप्रथम बल्लम भाई ने गोदारा में हुए प्रांतीय राजनीतिक सम्मेलन में गुजरात की बेकार प्रथा को समाप्त करने के लिए एक प्रस्ताव पास कराया इस सम्मेलन में पहली बार भारतीय भाषाओं का प्रयोग किया गया वल्लभ भाई ने प्रयासों के फल स्वरुप कानूनी बेकार पता बंद हो गई बालम भाई ने नागपुर के झंडा साहित्य ग्रह का निवेदन भी किया इस सत्याग्रह के कारण अंग्रेज सरकार को समझौते के लिए झुकना पड़ा इस सत्याग्रह के बाद उनका नाम सारे भारत में फैल गया
सन 1927 में बारदोली का प्रसिद्ध सत्याग्रह शुरू हुआ किसानों पर सरकार ने लगाना की दर बढ़ा दिया किस बल्लम भाई के पास गए इस तरह उनके लिए ने तत्व मैं आंदोलन प्रारंभ हो गया उन्हें उन्होंने गांव वालों को इस तरह संगठित किया की लगन मिलन तो दूर गांव में अंग्रेज अफसर का भो जन, जी हां इस और सवारी तक मिलना मुश्किल हो गया
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- Date:- 2026:01:07
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A House is Not a Home My first here of high School felt awkward. After leaving junior high at the head of my class with all the seniority the upper levels could afford me, it felt strange starting over as a freshman. The school was twice as big as my old school, and to make matters worse, my closest friends were sent to a different high school. I felt very isolated. I missed my old...
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A House is Not a Home
My first here of high School felt awkward. After leaving junior high at the head of my class with all the seniority the upper levels could afford me, it felt strange starting over as a freshman. The school was twice as big as my old school, and to make matters worse, my closest friends were sent to a different high school. I felt very isolated.
I missed my old teachers so much that I hold go back and visit them. They world encourage me to get involved in a school activies so that I could meet new prople. They told me that in time I world abjust and probably end up loving my new schoolmore than I had my old one. They made me promise that when that happened I would still came by but I took some come fort in it nonetheless.
One Sunday afternoon, note long after I had started high school, I was sitting at home at our dining room table doing homework. It was a cold and windy fall day. And we had a fire going in aurfireplace. As usual, my red tabby cat was lying on top of all my papers.
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The Beggar Kind sir, have:, turn your attention to a poor, hungry man! for three days I have had nothing to eat:, I haven,t five copecks for a lodging I swear it before God. For eight years I was a village school teacher and then I lost my place throgh intriues.I fell a victim to calumny. It is a year now Since I have had anything to do. The advocate,...
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The Beggar
Kind sir, have:, turn your attention to a poor, hungry man! for three days I have had nothing to eat:, I haven,t five copecks for a lodging I swear it before God. For eight years I was a village school teacher and then I lost my place throgh intriues.I fell a victim to calumny. It is a year now Since I have had anything to do.
The advocate, Serhei, looked at the ragged, fawn -coloured overcoat of the suppliant, at the red spot on either cheek, and it seemed to him as if he had seen this man somewhere before.
I have now had an offer of a position in the province of kaluga, the mendicant went on, but I haven, t the money to get there. Help me kindly, I am ashamed to ask, but -I am obliged to by circumstances.
Sersei, s eyes fell on the man, overshoes, one of which was high and the other low, and he suddenly remembered something.
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In the Kingdom of fools In The Kingdom of fools, both the king and the Minister were idiots. They didn,t plant things like other kings, so they decided to change night into day and day into night. They orered that everyone should be awake at night, till their fields and run their businesses only after Drak , and go to bed us soon as the sun come up. Anyone who disobeyed w...
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In the Kingdom of fools
In The Kingdom of fools, both the king and the Minister were idiots. They didn,t plant things like other kings, so they decided to change night into day and day into night. They orered that everyone should be awake at night, till their fields and run their businesses only after Drak , and go to bed us soon as the sun come up. Anyone who disobeyed would be punished with death. The people did as they were told for fear of death. The king and the Minister were deilighted at the success of their project. One day gurn and his disciple arrived in the City. It was a beautiful city. It was broad day night, but there was no one about. Everyone was asleep, not a mouse stirring. even the cattle had beentaught to sleep by day. The two Strangers were amazed by what they saw around them and wandered around town till evening. When suddenly the whole town work up and went about its nightly business.
The two men were hungry. Now that the Shops were open, theygroceries. to buy some to their astonishment, they found that everything cost the some, a single duddu- they bought a measure of rice or a bunch of Bananas, it cost a duddy. gurn and his disciple were delighted they had neverheard of aby things like this.they could buy all the food they wanted for a eupee.
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