कुछ ऐसे तरीके जिनसे आप अपनी पढ़ाई करने की क्षमता को कई गुना बढ़ा सकते हैं जानिये कुछ ऐसे तरीकों के बारे में जिनसे आप अपनी पढ़ाई करने की क्षमता को कई गुना बढ़ा सकते हैं| आप अपनी पढ़ाई के तरीकों में छोटे से बदलाव करके अदभुत् लाभ पा सकते हैं | साथ ही साथ कम समय में ज्यादा बेहतर परिणाम हासिल कर सकते हैं | जैसे-जैसे एग्ज़ाम का समय पास आता जाता है, वैसे-वैसे पढ़ाई को ज़्यादा से ज़्यादा समय देने की ज़रूरत बढ़ने...
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कुछ ऐसे तरीके जिनसे आप अपनी पढ़ाई करने की क्षमता को कई गुना बढ़ा सकते हैं जानिये कुछ ऐसे तरीकों के बारे में जिनसे आप अपनी पढ़ाई करने की क्षमता को कई गुना बढ़ा सकते हैं| आप अपनी पढ़ाई के तरीकों में छोटे से बदलाव करके अदभुत् लाभ पा सकते हैं | साथ ही साथ कम समय में ज्यादा बेहतर परिणाम हासिल कर सकते हैं | जैसे-जैसे एग्ज़ाम का समय पास आता जाता है, वैसे-वैसे पढ़ाई को ज़्यादा से ज़्यादा समय देने की ज़रूरत बढ़ने लगती है क्योंकि आख़िरी के महीनों में पूरा सिलेबस दोहराना पड़ता हैं जिसकी वजह से आम दिनों की अपेक्षा ज़्यादा समय लगता है | अगर कोई Engineering Entrance, SSC, Banking, या फिर IAS जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा हैं तो उसे 10 से 12 घंटो तक पढ़ाई करनी पड़ सकता है | किसी भी परीक्षा के लिए लम्बे समय तक अध्ययन करना कठिन और तनावपूर्ण हो सकता है । कई बार तो छात्र बहुत कोशिशों के बाद 10 से 12 घंटे तक बैठते तो है पर पढ़ाई में अपना ध्यान केंद्रित नही कर पाते हैं। इस आर्टिकल के द्वारा हम पढ़ाई करने के कुछ ऐसे तरीकों के बारे में जानेंगे जिनसे आप अपनी पढ़ाई करने की क्षमता को दोगुना कर सकते हैं | आप अपनी पढ़ाई के तरीकों में छोटे से बदलाव करके अदभुत् लाभ पा सकते हैं साथ ही कम समय में ज्यादा बेहतर परिणाम हासिल कर सकते हैं | अपनी बॉडी क्लॉक को समझ कर पढ़ाई का सही वक्त सुनिश्चित करें । हर इंसान की अलग-अलग बॉडी क्लॉक होती हैं | अगर इसे पढ़ाई से रिलेट करे तो आसान शब्दों में इसे इस तरह समझ सकते है कि 24 घंटो के समय में एक समय ऐसा होता है जब हमारी कार्यक्षमता चरम सीमा पर होती है | इस समय जब हम कोई भी काम करते हैं तो वो ज़्यादा अच्छी तरह से और बेहतर तरीके से कर पाते हैं | कुछ लोगों को सुबह जल्दी उठ कर पढ़ने से ज़्यादा समझ आता है और याद रहता है जबकी बहुत से लोगों कों रात में पढ़ने से ज़्यादा समझ आता है और अच्छी तरह याद होता है इसलिए किसी भी एग्ज़ाम की तैयारी शुरू करने से पहले अपनी बॉडी क्लॉकको एनालाइज़ करें | रात को बनाये अगले दिन की योजना छात्र सुबह उठ कर कोचिंग और स्कूल जाते हैं | कुछ ऑफिस जाने वाले लोग भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, उन्हें भी सुबह-सुबह ऑफिस जाना पड़ता हैं | ऐसे में अगर आप हर दिन कुछ भी बिना प्लानिंग के पढ़ाई करेंगे तो आपको कुछ भी हासिल नहीं होगा | इसलिये किसी भी काम को करने के लिये उचित प्लान सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम होता हैं | अगर आपको कोई परीक्षा एक साल में क्लियर करनी है तो आपके पास पूरे साल का (या हर एक महीने का) प्लान ज़रूर होना चाहिये | हालाँकि पूरे साल का और हर महीने का प्लान सिर्फ एक खाका (या ब्लू प्रिंट) होता हैं क्योंकि हमारा हर दिन अलग होता है इसलिए प्रतिदिन के हिसाब से टाइम टेबल बनाना अनिवार्य है इसलिए सबसे ज़्यादा ज़रूरी यह है कि अगले दिन आप क्या करने वाले है इसका पूरा प्लान आपको रात में ही बना लेना चाहिये लेकिन इस बात का ध्यान ज़रूर रखें की आप अपने द्वारा रात में सेट किये गये प्लान या टारगेट्स को समय से पूरा कर पा रहें है या नही | अगर आप सुबह जल्दी (4:00 AM से 5:30 AM) उठ कर, पढ़ाई शुरू कर देते है तो 11:00 PM तक आप सारे काम – काज के साथ-साथ पढ़ाई करने का पर्याप्त समय आराम से निकल पायेंगे | अध्ययन की तकनीकों का मिश्रण कुछ लोग कहते है की सुबह जल्दी उठ कर और देर रात तक पढ़ाई करने के बाद भी समय से सिलेबस ख़त्म नहीं हो पा रहा हैं या उन्हें पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा है | तो उन लोगो को अध्ययन करने की तकनीक पर ध्यान देना चाहिये | आजकल व्यस्तता इतनी ज्यादा बढ़ गयी है ऐसे में सिर्फ नोट्स से आपको पढ़ाई करने का मौका नहीं मिल पाटा | ऐसे में आप किसी टॉपिक को समझने के लिये YouTube का सहारा भी ले सकते है | आप चाहे तो अपने स्मार्ट फ़ोन में डायग्राम, मैप्स इत्यादि की फ़ोटो क्लिक करके सेव कर सकते है और ज़रूरत पड़ने पर उसे देख सकते है और समझ सकते हैं | ये तरीक़े बस या ट्रेन में सफ़र के दौरान बहुत मददगार होते हैं | अध्ययन की अवधि का ख़ास ध्यान रखें । पढ़ाई करते समय या पढ़ाई का प्लान बनाते समय अध्ययन की अवधि का ध्यान ज़रूर रखें | कुछ लोग 1 से 2 घंटे तक आसानी से पढ़ाई कर लेते पर बहुत लोगों के लिये 1 घंटा भी लगातार पढ़ना मुश्किल होता हैं | इन लोगो के लिये ज़रूरी है कि पढ़ाई के दौरान छोटे-छोटे ब्रेक लें या ऊपर दिये गये अध्ययन की तकनीकों का मिश्रण करे | पढ़ाई का पूरा प्लान बनाते समय इन छोटे-छोटे ब्रेक के समय को न नकारे | कोई भी स्टडी प्लान आपको अपनी क्षमता अनुसार ही बनाना चाहिये | अगर आज आप 1 घंटा लगतार पढ़ते है तो 1 महीने बाद कोई ऐसा जादू नहीं होगा की आप 6-9 घंटे लगातार पढ़ने लगेंगे | अपने नोट्स बनाएं । आप चाहे किसी बुक या youtube चैनल से पढ़ रहे हो ऐसे में अपने हाथ से नोट्स बनाना बेहद ज़रूरी हैं क्योंकि परीक्षा हॉल में जाने से कुछ देर पहले न तो आप किताब खोलकर बेथ सकते हैं और न ही youtube इसलिए आपके आप शॉर्ट नोट्स बने होने अनिवार्य हैं. शारीरिक व्यायाम और मस्तिष्क को विकसित करने वाले आहार । अगर आप किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे है या शुरू करने वाले हैं तो चाय कॉफ़ी और फ़ास्ट फ़ूड को जितना जल्दी हो सके गुडबाय कर दीजिये | जैसा की हम जानते हैं, स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है। अगर कोई व्यक्ति बीमार है या कई प्रकार की बीमारियों से ग्रस्त है तो वह अपने मन को एकाग्र नहीं कर सकता और इसका सीधा प्रभाव उसकी परीक्षा की तैयारी पर पड़ेगा इसलिए एकाग्रता में सुधार लाने के लिए शारीरिक व्यायाम और स्वस्थ आहार बहुत ज़रूरी है । तेज़ कदमों से टहलना, जंपिंग जैक्स, दौड़ लगाने जैसे हल्के एरोबिक व्यायाम करने से आपके मस्तिष्क में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती हैं और आप ज़्यादा एकाग्रता से लम्बे समय तक पढ़ाई कर सकते हैं | एवाकाडो, बेर, ब्रोकली, साबूत अनाज, मछली और कद्दू के बीज ये कुछ ऐसे भोजन के उदाहरण हैं जिन्हें खाने के बाद आपकी कार्य क्षमता पर बहुत अच्छा प्रभाव पड़ेगा | सारांश आप चाहे बोर्ड एग्जाम की तैयारी कर रहे हो या फिर किसी प्रतियोगी परीक्षा की, ऊपर दिये गये तरीकों के उपयोग से आपको अच्छे परिणाम ज़रूर हासिल होंगे | शुरू में ये तरीक़े अपनाने में आपको थोड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है पर थोड़े समय बाद आपको कामयाबी अवश्य मिलेगी | सबसे महतवपूर्ण बात ये हैं की जब भी पढ़े और जितना भी पढ़े पूरी एकाग्रता के साथ पढ़े |
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nawazishgayyur@gmail.com
21 Oct 2025
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Hair Care Avoid Baldness: बाल बहुत अधिक झड़ रहे हैं तो इन चीजों पर जरूर दें ध्यान, गंजेपन से बचे रहेंगे बाल तेजी से झड़ने और गंजेपन की तरफ बढ़ने के लक्षण महिलाओं और पुरुषों में अलग-अलग होते हैं। यदि आपको यहां बताई गई कोई भी समस्या है तो समय रहते बालों को सही देखभाल देना जरूरी है झड़ते बालों को समय पर इलाज ना मिले तो गंजेपन की समस्या बढ़ सकती है। बाल कई अलग-अलग कारणों की वजह से गिरते हैं और महिलाओ...
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Hair Care Avoid Baldness: बाल बहुत अधिक झड़ रहे हैं तो इन चीजों पर जरूर दें ध्यान, गंजेपन से बचे रहेंगे बाल तेजी से झड़ने और गंजेपन की तरफ बढ़ने के लक्षण महिलाओं और पुरुषों में अलग-अलग होते हैं। यदि आपको यहां बताई गई कोई भी समस्या है तो समय रहते बालों को सही देखभाल देना जरूरी है झड़ते बालों को समय पर इलाज ना मिले तो गंजेपन की समस्या बढ़ सकती है। बाल कई अलग-अलग कारणों की वजह से गिरते हैं और महिलाओं तथा पुरुषों में इनके झड़ने के लक्षण भी अलग-अलग होते हैं। कुछ लोगों के बाल पहले तेजी से पतले होते हैं और फिर झड़ते हैं तो कुछ केसेज में बाल छोटे और बड़े गुच्छों के रूप में निकलते हैं और गंजापन बढ़ने लगता है।
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04 Oct 2025
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मिल गया सफेद बालों को घर पर काला करने का रामबाण घेरलू उपाय, बस नारियल तेल में ये चीज मिलाकर लगाएं How To Black My White Hair: पहले जहां 50 की उम्र के बाद बालों में सफेदी दिखती थी, अब 20–25 की उम्र में ही लोग इस परेशानी से जूझ रहे हैं. लेकिन, घबराएं नहीं यहां हम एक ऐसा कारगर घरेलू नुस्खा बता रहे हैं जो बालों को नेचुरल काला बना सकता है. White Hair Home Remedy: बालों के सफेद होने की समस्या से ज्यादात...
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मिल गया सफेद बालों को घर पर काला करने का रामबाण घेरलू उपाय, बस नारियल तेल में ये चीज मिलाकर लगाएं How To Black My White Hair: पहले जहां 50 की उम्र के बाद बालों में सफेदी दिखती थी, अब 20–25 की उम्र में ही लोग इस परेशानी से जूझ रहे हैं. लेकिन, घबराएं नहीं यहां हम एक ऐसा कारगर घरेलू नुस्खा बता रहे हैं जो बालों को नेचुरल काला बना सकता है. White Hair Home Remedy: बालों के सफेद होने की समस्या से ज्यादातर लोग परेशान हैं. ये हमारी लाइफस्टाइल, खानपान, तनाव, हार्मोनल बदलाव, वातावरण और कुछ मामलों में जेनेटिक भी होती है. लेकिन, जिस तरीके से युवाओं से लेकर बच्चों तक में बालों के सफेद होने की दिक्कत बढ़ रहे हैं ये वाकई चिंता की बात है. आज हर कोई सफेद बालों को काला करने के उपाय (Remedies to Darken White Hair) तलाश रहा है. पहले जहां 50 की उम्र के बाद बालों में सफेदी दिखती थी, अब 20–25 की उम्र में ही लोग इस परेशानी से जूझ रहे हैं. हालांकि मार्केट में ग्रे हेयर (Grey Hair) से छुटकारा पाने के लिए कई हेयर केयर प्रोडक्ट्स (Hair Care Products) और दवाएं लेते हैं. लोग बालों को काला करने के लिए हेयर डाई (Hair Dye) या कलर का सहारा लेते हैं, लेकिन इनमें मौजूद केमिकल्स बालों को और ज्यादा नुकसान पहुंचा सकते हैं. लेकिन, जब बात प्राकृतिक रूप से बालों को काला करने की हो तो घरेलू नुस्खे ही काम आते हैं. सबसे अच्छी बात इनकी ये है कि कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है. बच्चों से लेकर जवां लोगों तक में बालों के समय से पहले सफेद होने की समस्या से राहत पाने के लिए तो यहां हम एक ऐसा घरेलू उपाय बता रहे हैं, जिसे न सिर्फ आजमाना आसान है बल्कि इसे प्रभावी भी माना गया है. अगर आप आज भी सफेद बालों को काला कैसे करें? जैसे सवालों से परेशान हैं तो आइए जानते हैं उस एक कारगर नुस्खे के बारे में. सफेद बालों के लिए कड़ी पत्ता और नारियल तेल का जादुई मिश्रण- (Magical Combination of Curry Leaves And Coconut Oil For White Hair) कड़ी पत्ता सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने वाला मसाला नहीं है, बल्कि यह बालों के लिए एक औषधि की तरह काम करता है. इसमें मौजूद बीटा-कैरोटीन, आयरन, विटामिन B और C बालों की जड़ों को पोषण देते हैं और सफेद बालों को काला करने में मदद करते हैं. नारियल तेल बालों को मॉइस्चराइज करता है, जड़ों को मजबूत बनाता है और स्कैल्प को ठंडक देता है. जब इन दोनों को मिलाकर गर्म किया जाता है, तो यह मिश्रण बालों के लिए एक नेचुरल हेयर टॉनिक बन जाता है.
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nawazishgayyur@gmail.com
23 Sep 2025
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रोज़ कर लें ये छोटे छोटे 6 योगासन उड़न छू हो जाएगा Heart Attack खतरा एम्स के पूर्व कंसल्टेंट और साओल हार्ट सेंटर के फाउंडर एंड डायरेक्टर और प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट डॉ बिमल झाजर के मुताबिक कुछ योग दिल को हेल्दी रखते हैं और दिल के रोगों से बचाव करते हैं। दिल के रोगों का खतरा दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है और यह बीमारी अब कम उम्र में भी लोगों को अपनी चपेट में ले रही है। खराब खानपान और बिगड़ता हुआ लाइफस्...
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रोज़ कर लें ये छोटे छोटे 6 योगासन उड़न छू हो जाएगा Heart Attack खतरा एम्स के पूर्व कंसल्टेंट और साओल हार्ट सेंटर के फाउंडर एंड डायरेक्टर और प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट डॉ बिमल झाजर के मुताबिक कुछ योग दिल को हेल्दी रखते हैं और दिल के रोगों से बचाव करते हैं। दिल के रोगों का खतरा दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है और यह बीमारी अब कम उम्र में भी लोगों को अपनी चपेट में ले रही है। खराब खानपान और बिगड़ता हुआ लाइफस्टाइल इसके प्रमुख कारण हैं। दिल की बीमारी अचानक नहीं होती, बल्कि यह धीरे-धीरे कई सालों में विकसित होती है। डाइट में ज्यादा ऑयली और प्रोसेस्ड फूड का सेवन करने से दिल की सेहत प्रभावित होती है। ये फूड्स धमनियों में कोलेस्ट्रॉल जमा करते हैं,जिससे आर्टरी में रुकावट पैदा हो जाती है। नतीजा यह होता है कि दिल खून को आसानी से पंप नहीं कर पाता और दिल की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। दिल के रोगों से बचाव करना है तो डाइट का ध्यान रखें। हेल्दी डाइट, ऑयल-फ्री और लो-फैट फूड फूड का सेवन करें। नियमित वॉक और एक्सरसाइज दिल के रोगों से बचाव के लिए जरूरी है। एम्स के पूर्व कंसल्टेंट और साओल हार्ट सेंटर के फाउंडर एंड डायरेक्टर और प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट डॉ बिमल झाजर के मुताबिक कुछ योग दिल को हेल्दी रखते हैं और दिल के रोगों से बचाव करते हैं। कई रिसर्च में ये बात साबित हो चुकी है कि योग से दिल की सेहत में सुधार होता है। ताड़ासन (Mountain Pose) यह आसन पोस्चर को सुधारता है, स्पाइनल कॉर्ड को ठीक रखता है और सर्कुलेशन बढ़ाता है। इससे नर्वस सिस्टम बेहतर होता है और गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, जबकि LDL और कुल कोलेस्ट्रॉल कम होता है वृक्षासन (Tree Pose) यह आसन बैलेंसिंग में सुधारता है, नर्वस सिस्टम को शांत करता है और स्ट्रेस व एंग्जायटी को कम करता है। कुछ स्टडी में यह पाया गया है कि इससे कोर्टिसोल लेवल कम होता है और हार्ट रेट वरिएबिलिटी बेहतर होती है, जो दिल की सेहत के लिए बहुत जरूरी है। भुजंगासन (Cobra Pose) यह आसन लंग्स और लीवर को बेहतर मूवमेंट देता है और कार्डियक एफिशिएंसी तथा रेस्पिरेटरी फंक्शन को सुधारता है। रिसर्च में पाया गया है कि इससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल होता है और ऑक्सीजन स्तर बढ़ता है, जिससे हार्ट डिजीज से रिकवरी में मदद मिलती है। वीरभद्रासन (Warrior Pose) यह आसन हार्ट मसल्स को मजबूत करता है और सर्कुलेशन बढ़ता है। कार्डियक रिहैबिलिटेशन ट्रायल्स में पाया गया है कि इससे कार्डियक आउटपुट और वैस्कुलर फंक्शन में सुधार होता है।
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nawazishgayyur@gmail.com
22 Sep 2025
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आँखो की नजर होने लगी है कम आंखो पर लगया है चश्मा कोई दवाई नहीं ये 1 सिंपल ट्रिक हटा सकती है आपकी आंखों का चश्मा एक बार आँखें कमजोर हो जाएं, तो क्या फिर उनकी रोशनी इंप्रूव की जा सकती है? ये सवाल अक्सर बना रहता है। डॉक्टर कुलबीर जाखड़ ने सिंपल फॉर्मूला शेयर किया है, जो उनके मुताबिक आपका चश्मा भी हटा सकता है। आजकल आपको हर दूसरे इंसान की आंखों पर चश्मा लगा हुआ दिख जाएगा। इनमें से ज्यादातर लोग वो है...
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आँखो की नजर होने लगी है कम आंखो पर लगया है चश्मा कोई दवाई नहीं ये 1 सिंपल ट्रिक हटा सकती है आपकी आंखों का चश्मा एक बार आँखें कमजोर हो जाएं, तो क्या फिर उनकी रोशनी इंप्रूव की जा सकती है? ये सवाल अक्सर बना रहता है। डॉक्टर कुलबीर जाखड़ ने सिंपल फॉर्मूला शेयर किया है, जो उनके मुताबिक आपका चश्मा भी हटा सकता है। आजकल आपको हर दूसरे इंसान की आंखों पर चश्मा लगा हुआ दिख जाएगा। इनमें से ज्यादातर लोग वो हैं, जिन्हें थोड़ी दूर का भी साफ नहीं दिखाई देता। हैरानी तब होती है जब छोटे-छोटे बच्चे भी चश्मा लगाए मिलते हैं। अब इसकी कई वजह हो सकती हैं, लेकिन मोटे तौर पर खानपान, प्रदूषण, ज्यादा स्क्रीन टाइम इसके पीछे जिम्मेदार होते हैं। एक बार आँखें कमजोर हो जाएं, तो क्या फिर उनकी रोशनी इंप्रूव की जा सकती है? ये सवाल अक्सर बना रहता है। इसके लिए डॉक्टर कुलबीर जाखड़ ने वीडियो पोस्ट के जरिए सिंपल फॉर्मूला शेयर किया है, जो उनके मुताबिक आपका चश्मा भी हटा सकता है। आइए विस्तार में जानते हैं। कोई दवा नहीं, ये सिंपल ट्रिक है असरदार कहते हैं कि ऐसी कोई मैजिकल आई ड्रॉप नहीं है, जो आपकी आंखों की रोशनी को बढ़ाए। लेकिन एक सिंपल ट्रिक आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकती है। आयुर्वेद में इसे त्राटक क्रिया कहा गया है। इसमें थोड़ी देर तक एक ही बिंदु या मोमबत्ती की रोशनी पर नजरे टिका कर रखनी होती हैं। डॉक्टर अपने व्यक्तिगत अनुभव से बताते हैं कि ये क्रिया काफी असरदार है और नियमित रूप से करने पर आपके चश्मे भी हटा सकती है। क्या है त्राटक करने का सही तरीका? कहते हैं कि त्राटक एक विशेष तरह की आई एक्सरसाइज है, जिसके फायदे आयुर्वेद में भी बताए गए हैं। इसके करने के लिए एक पेपर पर बिंदु बना लें। अब इसे अपने से लगभग 25 सेंटीमीटर की दूरी पर रखें और लगातार देखें। आपको इस बिंदु को बिना पलके झपकाए एकटक देखते रहता है। डॉक्टर कहते हैं कि आपको कोशिश करनी है कि ज्यादा देर तक पलके नहीं झपकनी चाहिए। जैसे ही आप पलके झपका लेते हैं, एक्सरसाइज खत्म हो जाती है इन बातों का ध्यान रखें कहते हैं कि ये एक्सरसाइज आपको नियमित रूप से करनी है। कई बार काफी लंबा समय भी लग सकता है लेकिन ये आंखों को बहुत फायदा करती है। आपको दिन में दो बार कम से कम ये क्रिया जरूर करनी चाहिए और लगभग दो मिनट के लिए। अगर आपकी आँखें ज्यादा कमजोर हैं, तो हो सकता है चश्मा ना उतरे लेकिन आंखों की रोशनी काफी हद तक इंप्रूव हो सकती है। इसके अलावा अपनी डाइट और स्क्रीन टाइम का भी ध्यान रखना ना भूलें। Thank you comment kerna mat bhulana please Comment me please
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nawazishgayyur@gmail.com
21 Sep 2025
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चाबी खो गई है तो इस ट्रिक से मिनटों में खोल दें ताला, नहीं बनवानी पड़ेगी Key अगर आपकी चाबी खो गई है या फिर टूट गई है तो ताला खोलने के लिए आपको ताला तोड़ने की जरूरत नहीं है. आप कुछ आसान ट्रिक की मदद से ताला खोल सकते हैं. Hacks to Unlock Door Lock: यूं तो दुनिया में हर ताले की चाबी होती है लेकिन कई बार चाबी खो जाने पर ताला किसी काम का नहीं रहता है. खासकर तब जब घर पर ताला लगा हो और चाबी खो जाए. भु...
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चाबी खो गई है तो इस ट्रिक से मिनटों में खोल दें ताला, नहीं बनवानी पड़ेगी Key अगर आपकी चाबी खो गई है या फिर टूट गई है तो ताला खोलने के लिए आपको ताला तोड़ने की जरूरत नहीं है. आप कुछ आसान ट्रिक की मदद से ताला खोल सकते हैं. Hacks to Unlock Door Lock: यूं तो दुनिया में हर ताले की चाबी होती है लेकिन कई बार चाबी खो जाने पर ताला किसी काम का नहीं रहता है. खासकर तब जब घर पर ताला लगा हो और चाबी खो जाए. भुलक्कड़ लोगों के साथ तो ऐसा अक्सर हो जाता है कि चाबी भूल जाते हैं और ताला नहीं (Amazing tips to open lock when Key Missing) खुलता है. ऐसे में लोग तरह तरह के जतन करके ताला खोलने की कोशिश करते हैं लेकिन नाकामी हासिल होती है. मजबूरी में ताले को तोड़ना ही एकमात्र विकल्प बचता है. लेकिन आप चाहें तो कई आसान टिप्स की बदौलत डोर लॉक को तोड़ने की बजाय खोल सकते हैं. चलिए आज आपको ऐसे ही कुछ टिप्स की जानकारी देते हैं जिनकी (tips for Unlocking Door Lock) मदद से आप बंद ताले को आसानी से खोल (how to open door lock with bobby pin)सकते हैं. आपको इस बात का ध्यान रखना है कि आप चाबी खो जाने की स्थिति में ही इन टिप्स की मदद से आप अपने घर का ताला खोलें, इन टिप्स का गलत इस्तेमाल बिलकुल न करें ग्लिसरीन की मदद से खोलें बंद ताला (Glycerin Tips for open lock) इस्टाग्राम हैंडल द सोशल जंक्शन ने इसकी एक ट्रिक शेयर की है. इसके लिए आपको पहले आपको मेडिकल स्टोर पर जाना है और वहां से पोटेशियम परमैंगनेट लाना है. ये एक तरह के मेडिकेटेड क्रिस्टल से बना काले रंग का नमक होता है जो दवा के तौर पर काम में आता है. इसके साथ साथ आपको ग्लिसरीन भी खरीदनी होगी. अब पोटेशियम परमैंगनेट को चुटकी भर लीजिए और ताले में चाबी वाली जगह पर बने सुराख में भर दीजिए. इसके बाद उसी उसी सुराख में ग्लिसरीन की दो से चार बूंदें भी डाल दीजिए. ऐसा करते ही ताले में बने सुराख में धुआं निकलने लगेगा और इसके बाद ताला अपने आप झटके से खुल जाएगा. लॉक खोलने के अन्य तरीके (Different ways to open Lock Without Keys) पिन की मदद से भी खुल जाएगा ताला (hair pin hack to open Lock अक्सर आपने फिल्मों में देखा होगा कि हीरोइन के जूड़े में लगी पिन से हीरो दरवाजे का ताला खोल देता है. देखा जाए तो ये सही आइडिया है. घर के दरवाजे में लगे नॉब लॉक में रॉड लगी होती है जिसके ऊपर नीचे होने पर लॉक खुल जाता है. इसे खोलने के लिए आपको बाल में लगाने वाली पिन चाहिए. अब इस पिन को नब्बे डिग्री मोड़ लीजिए. अब मुड़ी हुई इस पिन को लॉक में चाबी वाली सुराख में डालिए और पिन को नीचे से ऊपर की तरफ उठाइए. इसके बाद पिन को ऊपर से नीचे और नीचे से ऊपर की तरफ उठाते रहिए.इससे नॉब लॉक में लगी रॉड अपनी जगह से हट जाएगी और ताला खुल जाएगा. ये हैक ताला खोलने के साथ साथ ताला अटकने पर भी कारगर साबित होता है चाकू की मदद से खुल जाएगा ताला (use Knife to open lock) कई बार घर की अलमारी का ताला लॉक हो जाता है या अटक जाता है. ऐसी सिचुएशन में घर में रखा चाकू भी काम आ सकता है. इसके लिए आपके घर में उतना छोटा चाकू होना चाहिए जो अलमारी के पैडलॉक के की होल में घुस सके. चाकू को ध्यान से चाबी के सुराख में डालिए और तब तक घुमाएं जब तक ये लॉक के पिछले हिस्से को न छू ले. अब इस चाकू को चाबी की तरह घुमा कर ट्राई करें. दो तीन बार ट्राई करने पर लॉक अनलॉक हो जाएगा. कपड़े के हैंगर से होगी मदद (Cloth Hanger for Unlock lock) आपके घर में कपड़े टांगने के लिए हैंगर तो होगा ही. आप इसकी मदद से भी ताले को अनलॉक कर सकते हैं. कपड़े टांगने वाला एक हैंगर लीजिए और ये देखिए कि उसकी नोक लॉक के सुराख में फिट हो जाएगी या नहीं. अगर हैंगर की नोक लॉक में फिट हो रही है तो हैंगर को सीधा कर लीजिए. अगर हैंगर लंबा है तो आप इसे काट कर छोटा कर सकते हैं. अब हैंगर की नोक को लॉक के होल में घुसाएं और हिलाते हुए घुमाते रहें. ऐसा करने पर की होल के अंदर की रॉड हिलेगी और लॉक आराम से खुल जाएगा. Comment kerna mat bhulana Jrurt btana Kya ye aap ke kuch kam aya tips in me se koi se bhi Comment me please
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nawazishgayyur@gmail.com
20 Sep 2025
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Board Exam: लॉन्ग आंसर याद करने में नहीं लगेगा ज्यादा समय, बस फाॅलो करें ये सिंपल टिप्स रोजाना करनी है इसको फॉलो । इस ट्रिक को परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त करने के लिए हर स्टूडेंट्स अपनी जी-जान लगा देते हैं लेकिन कई बार स्टूडेंट्स को कुछ टफ टॉपिक को समझने में या फिर बड़े उत्तरों को याद करने में परेशानी होती है। इसलिए जरूरी है कि परीक्षार्थी कुछ बातों को ध्यान रखकर इसे लर्न करें जिससे उन्हें कम स...
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Board Exam: लॉन्ग आंसर याद करने में नहीं लगेगा ज्यादा समय, बस फाॅलो करें ये सिंपल टिप्स रोजाना करनी है इसको फॉलो । इस ट्रिक को परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त करने के लिए हर स्टूडेंट्स अपनी जी-जान लगा देते हैं लेकिन कई बार स्टूडेंट्स को कुछ टफ टॉपिक को समझने में या फिर बड़े उत्तरों को याद करने में परेशानी होती है। इसलिए जरूरी है कि परीक्षार्थी कुछ बातों को ध्यान रखकर इसे लर्न करें जिससे उन्हें कम समय में यह याद हो सके। दो पार्ट में करें डिवाइड लॉन्ग आंसर को याद करने के लिए सबसे बेहतर तरीका यह है कि, उत्तर को छोटे-छोटे पार्ट में डिवाइड कर लें। एक समय में केवल एक पार्ट पर ही फोकस करें। इस तरह से बारी-बारी से सारे सेक्शन को याद कर लें। इसके बाद सभी भागों को जोड़कर फिर समराइज कर लें। इस ट्रिक को अपनाने से छात्र-छात्राओं को आंसर लर्न करने में ज्यादा दिक्कत नहीं होगी। किसी को पढ़ाएं जब भी आप कोई टॉपिक किसी दूसरे को पढ़ाते हैं या फिर समझाते हैं तो फिर वह चैप्टर और अच्छी तरह से लर्न हो जाता है। ऐसे में अगर, आप चाहें तो बड़े उत्तरों को याद करने में यह तरकीब भी आप अपना सकते हैं। इसके लिए स्टूडेंट्स अपने फ्रेंड को या फिर फैमिली में ही किसी मेम्बर को पढ़ा सकते हैं। स्टोरी फार्मेट में करें याद लंबे उत्तरों को याद करने का बेहतर तरीका यह भी हो सकता है कि, उसे आप स्टोरी फाॅर्मेट में बदल लें। अगर कोई चीज कहानी के फार्मेट होती है तो उसे भी लोगों को सुनाने से या फिर विजुलाइज करके बताने में ज्यादा देर तक दिमाग में रहता है। मेन-मेन प्वाइंट्स को लिखकर करें याद स्टिक नोट पर मेन-मेन प्वाइंट्स लिख लें और फिर उसे याद करें रहें। ये नोट्स बनाने से आपकी आंसर लिखने की भी प्रैक्टिस होगी। साथ ही, आपको उत्तर भी जल्द ही याद होगा। स्टूडेंट्स चाहें तो यह ट्रिक अपना सकते हैं। रेग्यूलर करें रिवाइज एक बार उत्तर याद करने के बाद उसे डेली रिवाइज करें, क्योंकि कई बार स्टूडेंट्स यह गलती करते हैं कि याद तो कर लेते हैं , लेकिन फिर किसी अन्य टॉपिक पर फोकस करने की वजह से उस आंसर का ध्यान नहीं रखते, जिसके चलते उन्हें फिर से उतना ही समय देना पड़ता है। इसलिए छात्र-छात्राओं को इस बात का ध्यान रखना चाहिए। Comment kerna mat bhulana please Comment me apni ray jrur dena please Comment me please
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nawazishgayyur@gmail.com
18 Sep 2025
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फिटकरी से दांतों का पीलापन कैसे साफ करें? आयुर्वेदिक डॉक्टर ने बताए ओरल हेल्थ के लिए Alum के फायदे ओरल हेल्थ से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने के लिए आप नेचुरल तरीके आजमा सकते हैं. ऐसा ही एक तरीका है फिटकरी का इस्तेमाल. आइए जानते हैं किस तरह फिटकरी आपको फायदा पहुंचा सकती है, साथ ही जानेंगे इसे इस्तेमाल करने का सही तरीका. Alum For Teeth Whitening: दांतों का पीलापन, बदबूदार सांस और मसूड़ों में सड़न, आज...
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फिटकरी से दांतों का पीलापन कैसे साफ करें? आयुर्वेदिक डॉक्टर ने बताए ओरल हेल्थ के लिए Alum के फायदे ओरल हेल्थ से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने के लिए आप नेचुरल तरीके आजमा सकते हैं. ऐसा ही एक तरीका है फिटकरी का इस्तेमाल. आइए जानते हैं किस तरह फिटकरी आपको फायदा पहुंचा सकती है, साथ ही जानेंगे इसे इस्तेमाल करने का सही तरीका. Alum For Teeth Whitening: दांतों का पीलापन, बदबूदार सांस और मसूड़ों में सड़न, आज के समय में ये आम समस्याएं बन चुकी हैं. अब, इन तमाम परेशानियों से निजात पाने के लिए लोग मार्केट में मिलने वाले महंगे माउथवॉश और टूथपेस्ट का इस्तेमाल करते हैं, जो हमेशा असरदार साबित नहीं होते. ऐसे में आप चाहें तो ओरल हेल्थ से जुड़ी इन दिक्कतों को दूर करने के लिए नेचुरल तरीके भी आजमा सकते हैं. ऐसा ही एक तरीका है फिटकरी का इस्तेमाल. आइए जानते हैं किस तरह फिटकरी आपको फायदा पहुंचा सकती है, साथ ही जानेंगे इसे इस्तेमाल करने का सही तरीका. फिटकरी के फायदे इसे लेकर मशहूर आयुर्वेदिक डॉक्टर सलीम जैदी ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में वे बताते हैं, जर्नल ऑफ क्लिनिकल एंड डायग्नोस्टिक रिसर्च (JCDR) में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, फिटकरी के पानी से कुल्ला करना आपके दांत और मसूड़ों की सेहत को बेहतर बना सकता है. फिटकरी में प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुण होते हैं, जो मुंह के अंदर बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करते हैं. इसके नियमित इस्तेमाल से- दांतों का पीलापन और प्लाक कम होता है. जिंजिवाइटिस (मसूड़ों का इंफेक्शन) से राहत मिलती है. ओरल सोर्स यानी मुंह के छाले जल्दी ठीक होते हैं, साथ ही कैसे करें फिटकरी का इस्तेमाल? इसके लिए सबसे पहले आधा गिलास गुनगुने पानी में एक चुटकी फिटकरी पाउडर मिलाएं. इसे अच्छे से मिलाकर इस पानी से दिन में 1-2 बार कुल्ला करें. ध्यान रखें कि इस पानी को आपको पीना नहीं है, सिर्फ कुल्ला करने के बाद थूक दें. नियमित इस्तेमाल से कुछ ही दिनों में आपको फर्क दिखने लगेगा. इन बातों का भी रखें ध्यान वीडियो में डॉक्टर बताते हैं, फिटकरी का इस्तेमाल केवल कुल्ला करने के लिए करें, इसे सीधे दांतों पर रगड़ें नहीं. इससे इनेमल को नुकसान हो सकता है. अगर आपको मसूड़ों में ज्यादा दर्द या खून आने की समस्या है, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें. इन सब से अलग बच्चों के लिए फिटकरी का पानी हल्का बनाएं और निगलने से बचाएं. फिटकरी का ये घरेलू नुस्खा न सिर्फ सस्ता और आसान है, बल्कि बिना साइड इफेक्ट के दांतों को प्राकृतिक चमक भी देता है. ऐसे में आप भी अच्छी ओरल हेल्थ के लिए इसे अपने डेली रूटीन में शामिल कर सकते हैं. Thank you Comment me please Comment kerna mat bhulana Thank you
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nawazishgayyur@gmail.com
15 Sep 2025
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पढ़ाई में फोकस, स्ट्रेस होगा दूर! रोजना बस 10 मिनट करे ये योगा, दिमाग बनेगा कंप्यूटर से भी तेज अनुलोम विलोम योग याददाश्त बढ़ाने, मानसिक शांति और बरसात में बीमारियों से बचाव के लिए बेहद लाभकारी है. रोजना 10 मिनट करने से इसका प्रभाव देखको मिलेगा. गुमलाः आज के इस आधुनिक युग व भाग दौड़ भरी जिंदगी में अपनी सेहत को फिट बनाए रखना बहुत बड़ी चुनौती है. बढ़ती उम्र के साथ अपने आप को फिट और एक्टिव रहने के...
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पढ़ाई में फोकस, स्ट्रेस होगा दूर! रोजना बस 10 मिनट करे ये योगा, दिमाग बनेगा कंप्यूटर से भी तेज अनुलोम विलोम योग याददाश्त बढ़ाने, मानसिक शांति और बरसात में बीमारियों से बचाव के लिए बेहद लाभकारी है. रोजना 10 मिनट करने से इसका प्रभाव देखको मिलेगा. गुमलाः आज के इस आधुनिक युग व भाग दौड़ भरी जिंदगी में अपनी सेहत को फिट बनाए रखना बहुत बड़ी चुनौती है. बढ़ती उम्र के साथ अपने आप को फिट और एक्टिव रहने के लिए योग सबसे सरल व सुगम उपाय हो सकता है. यदि याददाश्त ठीक नहीं रहे, आपका दिमाग तेज काम नहीं करें तो लोग आपसे आगे निकल जाएंगे. पढ़ने वाले बच्चों के लिए ये तो रामवाण है. अनुलोम विलोम योग करने से आपकी याददाश्त बढ़ने लगेगी और आपका दिमाग तेज होगा. यकीनन परीक्षा में आपके अच्छे मार्क्स भी आएंगे. बस ये योग करने से आपको कुछ ही महीनों में फर्क दिखने लगेगा पढ़ाई मे बच्चो का मन नही लगत ! बस ये योग कर लो पतंजलि योग समिति भारत स्वाभिमान के गुमला जिला प्रभारी और मुख्य योग कि आज की युवा पीढ़ी और विशेष कर बच्चे जो कल का भविष्य कहलाते हैं, उनका आजकल पढ़ाई में मन नहीं लगता है या तो कम लगता है ,आजकल के बच्चे सोशल मीडिया, मोबाइल का ज्यादातर इस्तेमाल के कारण काफी डिस्टर्ब होने लगे हैं. यहां तक की स्कूल में शिक्षक जो पढ़ाते वो याद भी नहीं कर पाते हैं. जिनके कारण उनके नंबर अच्छे नहीं आ रहे हैं. रिजल्ट खराब हो रहा है. कैसे बच्चों का पढ़ाई पर मन ज्यादा लगे और जो पढ़े वो उन्हें याद रहे उसके लिए आवश्यकता है, केवल एक योग करने की. जिसका नाम है अनुलोम विलोम जानिए क्या है प्रक्रिया सबसे पहले पद्मासन या वज्रासन में बैठ जाएंगे. दाहिने हाथ की अंगूठे से दाहिनी नासिका(नाक) बंद करेंगे. बाईं नासिका से धीरे-धीरे श्वास लेंगे. फिर अनामिका से बाईं नासिका बंद करेंगे. दाहिने से सांस छोड़ेंगे. फिर उसी से सांस लेंगे फिर बाईं नासिका से सांस छोड़ेंगे. फिर सांस लेंगे यह एक आवृत्ति होगी. इसको बार-बार दोहराते हुए कम से कम 5 मिनट प्रतिदिन अभ्यास करना है. अभ्यास शुरू करने के 15 से 20 दिनों में याददाश्त की स्थिति पहले से बेहतर आपको महसूस होने लगेगी. जिसे हम अपने दिनचर्या में प्रतिदिन ब्रश, शौच जाते हैं उसी तरह इसे भी अपने जीवन में स्वीकार कर लेना है. सुबह शौच क्रिया से निवृत होने के बाद प्रतिदिन 5 मिनट का अनुलोम विलोम का अभ्यास करें. उसके कुछ देर बाद नाश्ता करने के बाद स्कूल वगैरह या काम वगैरह में जाएं. नस हडुडिय कोई भी नस पैर के अंगुठे से लेकर माथे तक ! यहां भी होगा फायदा शरीर के नस नाड़ियों की समस्याओं को भी समाप्त करने में कारगर है. पैर के अंगूठे से लेकर माथे तक किसी भी नस में यदि कोई समस्या है या कहीं कोई अवरोध आ गया है. या कोई नस सिकुड़ने लगा है. शरीर के किसी अंग में झुनझुनी हो रही है, पक्षाघात की समस्या हो रही है, किसी नस में अवरोध आने के कारण आपका कोई अंग सुन्न हो गया है, काम करना बंद कर दिया है, चक्कर, माथे में दर्द, छोटी बड़ी कोई भी समस्या हो यहां तक की कोई हड्डी बढ़ गया हो, नस को दबाने का कार्य कर रहा हो, जिससे आपका रक्त का संचरण अच्छे से नहीं हो पा रहा हो. इन सभी समस्याओं को समाप्त कर देगा यह एक छोटा सा अभ्यास अनुलोम विलोम. Comment kerna mat bhulana Thank you
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nawazishgayyur@gmail.com
14 Sep 2025
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पढ़ाई में फोकस, स्ट्रेस होगा दूर! रोजना बस 10 मिनट करे ये योगा, दिमाग बनेगा कंप्यूटर से भी तेज अनुलोम विलोम योग याददाश्त बढ़ाने, मानसिक शांति और बरसात में बीमारियों से बचाव के लिए बेहद लाभकारी है. रोजना 10 मिनट करने से इसका प्रभाव देखको मिलेगा. गुमलाः आज के इस आधुनिक युग व भाग दौड़ भरी जिंदगी में अपनी सेहत को फिट बनाए रखना बहुत बड़ी चुनौती है. बढ़ती उम्र के साथ अपने आप को फिट और एक्टिव रहने के...
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पढ़ाई में फोकस, स्ट्रेस होगा दूर! रोजना बस 10 मिनट करे ये योगा, दिमाग बनेगा कंप्यूटर से भी तेज अनुलोम विलोम योग याददाश्त बढ़ाने, मानसिक शांति और बरसात में बीमारियों से बचाव के लिए बेहद लाभकारी है. रोजना 10 मिनट करने से इसका प्रभाव देखको मिलेगा. गुमलाः आज के इस आधुनिक युग व भाग दौड़ भरी जिंदगी में अपनी सेहत को फिट बनाए रखना बहुत बड़ी चुनौती है. बढ़ती उम्र के साथ अपने आप को फिट और एक्टिव रहने के लिए योग सबसे सरल व सुगम उपाय हो सकता है. यदि याददाश्त ठीक नहीं रहे, आपका दिमाग तेज काम नहीं करें तो लोग आपसे आगे निकल जाएंगे. पढ़ने वाले बच्चों के लिए ये तो रामवाण है. अनुलोम विलोम योग करने से आपकी याददाश्त बढ़ने लगेगी और आपका दिमाग तेज होगा. यकीनन परीक्षा में आपके अच्छे मार्क्स भी आएंगे. बस ये योग करने से आपको कुछ ही महीनों में फर्क दिखने लगेगा योग शरीर और मन दोनों के लिए बेहद फायदेमंद पतंजलि योग समिति भारत स्वाभिमान के गुमला जिला प्रभारी और मुख्य योग प्रशिक्षक रूपेश कुमार सोनी ने लोकल 18 को बताया कि आज की युवा पीढ़ी और विशेष कर बच्चे जो कल का भविष्य कहलाते हैं, उनका आजकल पढ़ाई में मन नहीं लगता है या तो कम लगता है ,आजकल के बच्चे सोशल मीडिया, मोबाइल का ज्यादातर इस्तेमाल के कारण काफी डिस्टर्ब होने लगे हैं. यहां तक की स्कूल में शिक्षक जो पढ़ाते वो याद भी नहीं कर पाते हैं. जिनके कारण उनके नंबर अच्छे नहीं आ रहे हैं. रिजल्ट खराब हो रहा है. कैसे बच्चों का पढ़ाई पर मन ज्यादा लगे और जो पढ़े वो उन्हें याद रहे उसके लिए आवश्यकता है, केवल एक योग करने की. जिसका नाम है अनुलोम विलोम जानिए क्या है प्रक्रिया सबसे पहले पद्मासन या वज्रासन में बैठ जाएंगे. दाहिने हाथ की अंगूठे से दाहिनी नासिका(नाक) बंद करेंगे. बाईं नासिका से धीरे-धीरे श्वास लेंगे. फिर अनामिका से बाईं नासिका बंद करेंगे. दाहिने से सांस छोड़ेंगे. फिर उसी से सांस लेंगे फिर बाईं नासिका से सांस छोड़ेंगे. फिर सांस लेंगे यह एक आवृत्ति होगी. इसको बार-बार दोहराते हुए कम से कम 5 मिनट प्रतिदिन अभ्यास करना है. अभ्यास शुरू करने के 15 से 20 दिनों में याददाश्त की स्थिति पहले से बेहतर आपको महसूस होने लगेगी. जिसे हम अपने दिनचर्या में प्रतिदिन ब्रश, शौच जाते हैं उसी तरह इसे भी अपने जीवन में स्वीकार कर लेना है. सुबह शौच क्रिया से निवृत होने के बाद प्रतिदिन 5 मिनट का अनुलोम विलोम का अभ्यास करें. उसके कुछ देर बाद नाश्ता करने के बाद स्कूल वगैरह या काम वगैरह में जाएं. यहां भी होगा फायदा शरीर के नस नाड़ियों की समस्याओं को भी समाप्त करने में कारगर है. पैर के अंगूठे से लेकर माथे तक किसी भी नस में यदि कोई समस्या है या कहीं कोई अवरोध आ गया है. या कोई नस सिकुड़ने लगा है. शरीर के किसी अंग में झुनझुनी हो रही है, पक्षाघात की समस्या हो रही है, किसी नस में अवरोध आने के कारण आपका कोई अंग सुन्न हो गया है, काम करना बंद कर दिया है, चक्कर, माथे में दर्द, छोटी बड़ी कोई भी समस्या हो यहां तक की कोई हड्डी बढ़ गया हो, नस को दबाने का कार्य कर रहा हो, जिससे आपका रक्त का संचरण अच्छे से नहीं हो पा रहा हो. इन सभी समस्याओं को समाप्त कर देगा यह एक छोटा सा अभ्यास अनुलोम विलोम. Comment me please Comment kerna mat bhulana Thank you
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nawazishgayyur@gmail.com
14 Sep 2025
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