Digital Diary
Submit Post
Chanchal Dhiman digital content writer
नमस्कार दोस्तों , उम्मीद करती हूं कि आप सभी अच्छे होंग। विषय: "मिट्टी से शिखर तक" कहानी का सार: एक ऐसे व्यक्ति की कहानी जो बहुत गरीब परिवार से था, जिसने अपनी पढ़ाई के लिए बहुत मेहनत कि , अखबार बेचे और मजदूरी की, और अंत में अपनी मेहनत से एक बड़ा मुकाम हासिल किया। जिसके लिए उसने दिन रात एक कर दिया। सिख: परिस्थितियांं चाहे जैसी भी हो , दृढ़ निश्चय ( Determination) से भाग्य बदला जा सकता है । ब...
Read More
नमस्कार दोस्तों , उम्मीद करती हूं कि आप सभी अच्छे होंग। विषय: "मिट्टी से शिखर तक" कहानी का सार: एक ऐसे व्यक्ति की कहानी जो बहुत गरीब परिवार से था, जिसने अपनी पढ़ाई के लिए बहुत मेहनत कि , अखबार बेचे और मजदूरी की, और अंत में अपनी मेहनत से एक बड़ा मुकाम हासिल किया। जिसके लिए उसने दिन रात एक कर दिया। सिख: परिस्थितियांं चाहे जैसी भी हो , दृढ़ निश्चय ( Determination) से भाग्य बदला जा सकता है । बस मन में कुछ करने की इच्छा होनी चाहिए।
Read Full Blog
dhimanc402@gmail.com
25 Mar 2026
93 Views
Likes: 0
नमस्कार दोस्तों उम्मीद करती हूं।आप सभी अच्छे होंगे । विषय: "छोटा सा नेक काम" कहानी का सार: एक व्यक्ति जो खुद परेशान है, लेकिन वह रास्ते में किसी और की मदद करता है। और एक दिन जब उसे मदद की जरूरत पड़ी तो आगे चलकर वही मदद उसके पास किसी बड़े रूप में वापस लौट कर आती है। सिख: आप जो दुनिया को देते हैं, वही लौट कर आपके पास लौट कर आता है। इसीलिए सभी का अच्छा करें, सभी के लिए अच्छे विचार रखें क्योंकि एक...
Read More
नमस्कार दोस्तों उम्मीद करती हूं।आप सभी अच्छे होंगे । विषय: "छोटा सा नेक काम" कहानी का सार: एक व्यक्ति जो खुद परेशान है, लेकिन वह रास्ते में किसी और की मदद करता है। और एक दिन जब उसे मदद की जरूरत पड़ी तो आगे चलकर वही मदद उसके पास किसी बड़े रूप में वापस लौट कर आती है। सिख: आप जो दुनिया को देते हैं, वही लौट कर आपके पास लौट कर आता है। इसीलिए सभी का अच्छा करें, सभी के लिए अच्छे विचार रखें क्योंकि एक दिन वही सभी हमें वापस मिलना है।
Read Full Blog
dhimanc402@gmail.com
23 Mar 2026
104 Views
Likes: 0
कोशिश कर नमस्कार दोस्तों उम्मीद करती हूं कि आप सभी अच्छे होंगे। आज मैं एक प्रेरणादायक कविता लाई हूं। जो हमें हमारे लक्ष्य की ओर जाने में उत्साहित करेगी। कोशिश कर, हल निकलेगा, आज नहीं तो, कल निकलेगा। अर्जुन सा लक्ष्य रख, निशान लगा , मरुस्थल से भी फिर, जल निकलेगा। मेहनत कर, पौधों को जल दे, बंजार में भी फिर, फल निकलेगा। ताकत जुटा, हिम्मत को आग दे, फौलाद का भी, बल निकलेगा। सीने में उम्मी...
Read More
कोशिश कर नमस्कार दोस्तों उम्मीद करती हूं कि आप सभी अच्छे होंगे। आज मैं एक प्रेरणादायक कविता लाई हूं। जो हमें हमारे लक्ष्य की ओर जाने में उत्साहित करेगी। कोशिश कर, हल निकलेगा, आज नहीं तो, कल निकलेगा। अर्जुन सा लक्ष्य रख, निशान लगा , मरुस्थल से भी फिर, जल निकलेगा। मेहनत कर, पौधों को जल दे, बंजार में भी फिर, फल निकलेगा। ताकत जुटा, हिम्मत को आग दे, फौलाद का भी, बल निकलेगा। सीने में उम्मीदो को, जिंदा रख, समंदर से भी, गंगाजल निकलेगा। कोशिशे जारी रख, कुछ कर गुजरने की, जो कुछ थमा-थमा है, चल निकलेगा। कोशिश कर, हल निकलेगा, आज नहीं तो, कल निकलेगा। सिख : इस कविता से हमें मेहनत और कोशिश करने की सीख मिली है। कैसी भी परिस्थिति हो कोशिश करते रहना चाहिए। इसलिए कहा गया है कि कोशिश कर, हल निकलेगा, आज नहीं तो ,कल निकलेगा।
Read Full Blog
dhimanc402@gmail.com
30 Dec 2025
167 Views
Likes: 0
आदत से लाचार [ हमें हमारे जीवन में कौन सी बुरी आदतों से बचना चाहिए।] नमस्कार दोस्तों उम्मीद करती हूं कि आप सभी अच्छे होंगे। आज हम एक मेंढक की कहानी के जारीय अपनी आदतों को जान सकते हैं और उन्हें दूर करने की कोशिश कर सकते हैं। प्रेरणादायक कहानी "आदत से लाचार मेंढक "- एक समय की बात है एक मेंढक रोज की तरह मक्खियों का शिकार कर रहा था। उसी समय एक सांप वहां से गुजर रहा था। सांप की नजर उस मेंढक पर...
Read More
आदत से लाचार [ हमें हमारे जीवन में कौन सी बुरी आदतों से बचना चाहिए।] नमस्कार दोस्तों उम्मीद करती हूं कि आप सभी अच्छे होंगे। आज हम एक मेंढक की कहानी के जारीय अपनी आदतों को जान सकते हैं और उन्हें दूर करने की कोशिश कर सकते हैं। प्रेरणादायक कहानी "आदत से लाचार मेंढक "- एक समय की बात है एक मेंढक रोज की तरह मक्खियों का शिकार कर रहा था। उसी समय एक सांप वहां से गुजर रहा था। सांप की नजर उस मेंढक पर पड़ जाती है सांप सोचता है चलो आज के भोजन का प्रबंध हुआ। और सांप उस मेंढक को पीछे की ओर से एक झटके में आधा मुंह में भर लेता है। अब स्थिति यह है कि मेंढक के शरीर का पीछे का आधा हस्सा सांप के मुंह में है और आगे का आधा हिस्सा मुंह के बाहर तभी उस मेंढक के सामने से एक मक्खी उड़ती हुई आती है। और मेंढक सांप के मुंह में दबे होने के बाद भी अपने आदत के कारण सामने आने वाली मक्खियों को खाने के लिए जीभ निकलता है। यह उसकी आदत है जिसे वह अपनी मौत को सामने देखते हुए भी छोड़ नहीं पता। " याद रखे आपकी आदत ही आपका भविष्य तय करती है समय रहते अपनी बुरी आदतों को बदले " सिख : हमें अपनी बुरी आदतों को छोड़ा होगा। क्योंकि हमारी आदत ही हमारा अच्छा भविष्य तय करेगी। अच्छी आदतों को अपनाओ।
Read Full Blog
dhimanc402@gmail.com
21 Dec 2025
177 Views
Likes: 0
एक युवक था, जो अपने सपने को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहा था। वह एक दिन में 12 घंटे पढ़ाई करता था। लेकिन फिर भी उसे सफलता नहीं मिल रही थी। एक दिन, उसने एक बूढ़े आदमी को देखा, जो एक पहाड़ी पर चढ़ रहा था। वह आदमी हर कदम पर रुक कर अपने आप से कहता था, " एक कदम और, एक कदम और।" युवक ने उसे आदमी से कहा, " मैं पहाड़ी की चोटी पर पहुंचने के लिए नहीं , बल्कि अपने हर कदम को पूरा करने के लिए चढ़ रहा हूं । म...
Read More
एक युवक था, जो अपने सपने को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहा था। वह एक दिन में 12 घंटे पढ़ाई करता था। लेकिन फिर भी उसे सफलता नहीं मिल रही थी। एक दिन, उसने एक बूढ़े आदमी को देखा, जो एक पहाड़ी पर चढ़ रहा था। वह आदमी हर कदम पर रुक कर अपने आप से कहता था, " एक कदम और, एक कदम और।" युवक ने उसे आदमी से कहा, " मैं पहाड़ी की चोटी पर पहुंचने के लिए नहीं , बल्कि अपने हर कदम को पूरा करने के लिए चढ़ रहा हूं । मैं हर कदम पर ध्यान देता हूं और उसे पूरा करता हूं।" युवक ने समझा की सफलता के लिए मेहनत ही नहीं , बल्कि हर कदम पर ध्यान देना भी जरूरी है। सिख : सफलता के लिए मेहनत करने के साथ-साथ, सफलता के कदम पर भी ध्यान देना जरूरी है, और हर काम को पूरी लगन से करना भी चाहिए और पूरे विश्वास के साथ ।
Read Full Blog
dhimanc402@gmail.com
16 Dec 2025
142 Views
Likes: 0
एक छोटी बूंद ,जो बड़े समुद्र में गिरी थी| वाह बहुत छोटी थी और सोचती थी कि वह समुद्र में कुछ नहीं कर सकती। एक दिन,उसने एक बड़े जहाज को देखा,जो समुद्र में डूब रहा था।बूंद ने सोचा कि वह समुद्र को नहीं बचा सकती, इसलिए मैं आगे बढ़ गई| तभी, उसने एक छोटे से पत्थर को देखा,जो समुद्र के किनारे पर था |वह पत्थर बार-बार समुद्र में गिर जाता था और समुद्र को छोटा करने की कोशिश करता था। बूंद ने पत्थर से कहा, "तुम...
Read More
एक छोटी बूंद ,जो बड़े समुद्र में गिरी थी| वाह बहुत छोटी थी और सोचती थी कि वह समुद्र में कुछ नहीं कर सकती। एक दिन,उसने एक बड़े जहाज को देखा,जो समुद्र में डूब रहा था।बूंद ने सोचा कि वह समुद्र को नहीं बचा सकती, इसलिए मैं आगे बढ़ गई| तभी, उसने एक छोटे से पत्थर को देखा,जो समुद्र के किनारे पर था |वह पत्थर बार-बार समुद्र में गिर जाता था और समुद्र को छोटा करने की कोशिश करता था। बूंद ने पत्थर से कहा, "तुम क्या कर रहे हो?तुम समुद्र को छोटा नहीं कर सकते।" पत्थर ने कहा," मैं समुद्र को छोटा नहीं कर रहा हूँ,बाल्की मैं अपने काम को कर रहा हूँ।अगर हर बूंद अपना काम करे, तो समुद्र भी छोटा हो जाएगा।" बूंद ने समझा कि हर छोटा काम भी महत्तवपूर्ण है,और अगर हर कोई अपना काम करे,तो बड़े-बड़े काम भी हो सकते हैं। सिख : हर छोटा काम भी महतवपूर्ण है,और अगर हर कोई अपना काम करे, तो बड़े-बड़े काम भी हो सकते हैं।बस खुद पर विश्वास होना चाहिए |
Read Full Blog
dhimanc402@gmail.com
13 Dec 2025
176 Views
Likes: 0
एक छोटे से गाँव में एक लड़का रहता था, जिसका नाम था राजू | वह बहुत गरीब था,लेकिन उसके सपने बड़े थे। राजू ने ठान लिया था कि वह अपने गांव का सबसे बड़ा इंजीनियर बनेगा। राजू ने दिन रात पढ़ाई की, मेहनत की,मैं और अपने लक्ष्य की और बढ़ता गया।उसने अपने गाँव के स्कूल में सबसे ज्यादा मेहनत की और फ़िर शहर के सबसे बड़े कॉलेज में दाखिला लिया। कुछ सालो बाद, वाह एक सफल इंजीनियर बन गया और उसने अपने गांव में एक बड...
Read More
एक छोटे से गाँव में एक लड़का रहता था, जिसका नाम था राजू | वह बहुत गरीब था,लेकिन उसके सपने बड़े थे। राजू ने ठान लिया था कि वह अपने गांव का सबसे बड़ा इंजीनियर बनेगा। राजू ने दिन रात पढ़ाई की, मेहनत की,मैं और अपने लक्ष्य की और बढ़ता गया।उसने अपने गाँव के स्कूल में सबसे ज्यादा मेहनत की और फ़िर शहर के सबसे बड़े कॉलेज में दाखिला लिया। कुछ सालो बाद, वाह एक सफल इंजीनियर बन गया और उसने अपने गांव में एक बड़ा अस्पताल खोला जहां गरीब लोगों को मुफ्त इलाज मिलता था। सिख: इस कहानी से हमे यह सिख मिली कि हमें कोई भी काम अपने हालात देख कर नहीं करना चाहिए बल्की उसके प्रति अच्छे से मेहनत करनी चाहिए |
Read Full Blog
dhimanc402@gmail.com
12 Dec 2025
204 Views
Likes: 0
Ek sant ke per me kata chubha,tej khoon bahne laga. Sant wahi baith kar Ishwar ko dhanyvad dene lage. Shishya ne kaha: aakhir ish baat per dhanyvad kaisa? Sant ne kaha: ish jungle mein Shikari aate Hain. Yahan koi shikar bhi ho sakta tha. Lekin Ishwar ne mujhe bacha liya. Yah Sun shishya maun Ho Gaya. Sant ne kaha: beta har paristhiti ko dekhne ka najriya hota hai. Agar log apna najriya Badal l...
Read More
Ek sant ke per me kata chubha,tej khoon bahne laga. Sant wahi baith kar Ishwar ko dhanyvad dene lage. Shishya ne kaha: aakhir ish baat per dhanyvad kaisa? Sant ne kaha: ish jungle mein Shikari aate Hain. Yahan koi shikar bhi ho sakta tha. Lekin Ishwar ne mujhe bacha liya. Yah Sun shishya maun Ho Gaya. Sant ne kaha: beta har paristhiti ko dekhne ka najriya hota hai. Agar log apna najriya Badal le To unke jivan se dukh pal bhar mein gayab ho sakta hai.! Lekin log dukh ke piche chhupe naye raste Ko nahin dekh paate aur apne najriye ko bin badle sari umra dukhi rahte hain. Shiksha : isliye apna najriya badlo jivan khud hi Badal jaega.
Read Full Blog
dhimanc402@gmail.com
11 Dec 2025
191 Views
Likes: 0
NA HAAR HONI CHAHIYE , NA THAKAN HONI CHAHIYE JEET KE LIYE NIKLE HO ,BSS JEET HONI CHAHIYE ITNI SIDDAT SE MEHNAT KARO KI HAAR KO BHI HAAR SE SHARM AANI CHAHIYE . LAKSHYA: BSS JEETNE KE LIYE NIKLE HAI, RASHTE ME JEET KE AALAVA OR KUCH NHI HONA CHAHIYE.
Read More
NA HAAR HONI CHAHIYE , NA THAKAN HONI CHAHIYE JEET KE LIYE NIKLE HO ,BSS JEET HONI CHAHIYE ITNI SIDDAT SE MEHNAT KARO KI HAAR KO BHI HAAR SE SHARM AANI CHAHIYE . LAKSHYA: BSS JEETNE KE LIYE NIKLE HAI, RASHTE ME JEET KE AALAVA OR KUCH NHI HONA CHAHIYE.
Read Full Blog
dhimanc402@gmail.com
10 Dec 2025
189 Views
Likes: 0
Raj dukhi tha kyuki use apni angreji ki Pariksha mein bhut kam number aaye the. Dadi uske pss mein Aakar baithi aur use ek pencil Di. Raj ne hairan hokar apne dadi ki or dekha aur kahan ki vah Pariksha mein Apne pradarshan ke bad ish pencil ke layak nahin hai. Uske dadi ne use samjhaya ki' Tum is pencil se bahut si chijen Sikh sakte ho kyunki yah tumhari tarah hi hai. Jab Tum use nukila banat...
Read More
Raj dukhi tha kyuki use apni angreji ki Pariksha mein bhut kam number aaye the. Dadi uske pss mein Aakar baithi aur use ek pencil Di. Raj ne hairan hokar apne dadi ki or dekha aur kahan ki vah Pariksha mein Apne pradarshan ke bad ish pencil ke layak nahin hai. Uske dadi ne use samjhaya ki' Tum is pencil se bahut si chijen Sikh sakte ho kyunki yah tumhari tarah hi hai. Jab Tum use nukila banate ho to vah bhi Aisa hi dukh mahsus Karti hai jaisa tum'apni Pariksha mein kam number aane per karte ho parantu yah aapko ek behtar Chhatra banane mein madad Karega. Jis tarah pencil ki sabhi achchaiyan uske andar hi hoti hai, usi tarah tumhen bhi is baton ko dur karne ke liye andar se hi takat milegi aur aakhir mein Jaise apan sil kisi bhi satah per apni chhap chhodati hai, waise hi aap bhi Jahan chahe vahan apni pahchan chhod sakte hain. Raj ka man shant Ho Gaya aur usne khud se Vada Kiya ki vah behtar pradarshan Karega. Kahani se Mili Sikh: Ham sabhi mein vah banne ki shakti hai jo ham Banna chahte Hain. Bus hamen use pahchana hai. Aur apne dradh nishchay se ush per kam karna hai.
Read Full Blog
dhimanc402@gmail.com
07 Dec 2025
209 Views
Likes: 0