Fire And Ice Some say the world will end in fire Some say in ice From what I've tasted of desire I...
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Fire And Ice Some say the world will end in fire Some say in ice From what I've tasted of desire I hold with those who favour fire. But if had to perish twice, I think I know enough of hate To say that for destruction ice Is also great And would suffice.
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16 Jul 2026
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A Tiger in the zoo He stalk in his vivid stripes The few steps of his coge, On pads of velvet quiet, ...
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A Tiger in the zoo He stalk in his vivid stripes The few steps of his coge, On pads of velvet quiet, In his quiet rage. He Should be lurking in shadow, Sliding through long grass Near the water hole Where plump deer pass. He should be snarling arourd houses At the jungle 's edge, Baring his white fangs, his claws, Terrorising the village But he's locked in a concrete cell, His strengh behing bars, talking the length of his cage, Ignoring visitors. He hears the the last voice at night, The patrolling cars, And starts with his brilliant eyes At the brilliant stars.
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15 Jul 2026
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Dust Of Snow The way a crow Shook down on me The dust of snow ...
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Dust Of Snow The way a crow Shook down on me The dust of snow From a hemlock tree Has given my heart A change of mood And saved some part Of a day I had rued.
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15 Jul 2026
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एक घर में एक मोटी सी बिल्ली रहती थी वह हमेशा चूहे को पकड़न कोशिश करती रहती थी एक दिन उसने देखा की एक छोटा सा चूहा रसोई में से रोटी का टकड़ा लेकर भाग रहा है बिल्ली तुरंत उसके पीछ दौड़ी चूहा मेज के नीचे छुपा कभी डिब्बे के पीछे आखिर में वह दीवाल के छोटे से बल में छुप गया बिल्ली बाहर बैठी रही और मायूस होकर बोली आज फिर बच गया
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एक घर में एक मोटी सी बिल्ली रहती थी वह हमेशा चूहे को पकड़न कोशिश करती रहती थी एक दिन उसने देखा की एक छोटा सा चूहा रसोई में से रोटी का टकड़ा लेकर भाग रहा है बिल्ली तुरंत उसके पीछ दौड़ी चूहा मेज के नीचे छुपा कभी डिब्बे के पीछे आखिर में वह दीवाल के छोटे से बल में छुप गया बिल्ली बाहर बैठी रही और मायूस होकर बोली आज फिर बच गया
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23 Feb 2026
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एक घने जंगल में मोटा हथी रहता था वह बहुत सुंदर था उसका नाम था गोलू गोलू को खाने का बहुत शौक था वह दिन भर केल गाना मठा फल खाता रहता था जंगल में सभी जानवर उसे गोलू मोटा कहते थे एक दिन बोल नदी के किनारे पानी पीने गया तभी उसे एक छोटा खरगोश मिला खरगोश बोला गोलू भैया आप इतना क्यों खाते हो आप तो बहुत भारी हो गए गोलू हंसते हुए बोला खाने से ही तो ताकत मिलती है इतने में जंगल में जोर से आंधी चलने लगी छोटे-छो...
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एक घने जंगल में मोटा हथी रहता था वह बहुत सुंदर था उसका नाम था गोलू गोलू को खाने का बहुत शौक था वह दिन भर केल गाना मठा फल खाता रहता था जंगल में सभी जानवर उसे गोलू मोटा कहते थे एक दिन बोल नदी के किनारे पानी पीने गया तभी उसे एक छोटा खरगोश मिला खरगोश बोला गोलू भैया आप इतना क्यों खाते हो आप तो बहुत भारी हो गए गोलू हंसते हुए बोला खाने से ही तो ताकत मिलती है इतने में जंगल में जोर से आंधी चलने लगी छोटे-छोटे जानवर डरकर इधर-उधर भागने लगे एक नन्हा हिरण कीचड़ में फंस गया खरगोश घबराकर बोला गोलू भैया जल्दी मदद करो गोलू तुरंत दौड़ा अपने मजबूत और भरी शरीर की मदद से हिरणको कीचड़ से हिरणको बाहर निकाल लिया सब जानवर खुश हुए खरगोश मुस्कुरा कर बला आज पता चल गया कि आपका मोटापा नहीं आपकी ताकत कमाई
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22 Feb 2026
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एक जंगल में एक आलसी कौवे रहता था वह एक डाल पर बैठा रहता था वह सोचता मैं क्यों मेहनत करूं खाना तो मिल ही जाएगा एक दिन बारिश हुई सारे पक्षी अपने लिए दाना कथा कर चुके आलसी कुआं खाली पेट बैठा था भूख से बोल काश मैं भी मेहनत की होती तभी एक चिड़िया ने बोला मेहनत करने वाले को भूख नहीं रहना पड़ता कौवे को अपनी गलती समझ आ गई अगले दिन से वे भी मेहनत करने लगा
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एक जंगल में एक आलसी कौवे रहता था वह एक डाल पर बैठा रहता था वह सोचता मैं क्यों मेहनत करूं खाना तो मिल ही जाएगा एक दिन बारिश हुई सारे पक्षी अपने लिए दाना कथा कर चुके आलसी कुआं खाली पेट बैठा था भूख से बोल काश मैं भी मेहनत की होती तभी एक चिड़िया ने बोला मेहनत करने वाले को भूख नहीं रहना पड़ता कौवे को अपनी गलती समझ आ गई अगले दिन से वे भी मेहनत करने लगा
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20 Feb 2026
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कान खराब होने से सुनने में अवरोध उत्पादन होता है काम में एक मौत जिससे चिलकाना पदार्थ निकलता है जो बाहर की गंदगी को अंदर जाने से रोकना है यह कान का माल कहलाता है इस समय समय रुई की मदद से निकलते रहना चाहिए कान मैं पानी नहीं जाना देना चाहिए कान को रोग मुफ्त रखना के लिए गली के ट्रेसरीन वह जो काम से बचान चाहिए कानों की रंग बनता एवं सुरेश के लिए निम्नलिखित उपाय करने चाहिए
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कान खराब होने से सुनने में अवरोध उत्पादन होता है काम में एक मौत जिससे चिलकाना पदार्थ निकलता है जो बाहर की गंदगी को अंदर जाने से रोकना है यह कान का माल कहलाता है इस समय समय रुई की मदद से निकलते रहना चाहिए कान मैं पानी नहीं जाना देना चाहिए कान को रोग मुफ्त रखना के लिए गली के ट्रेसरीन वह जो काम से बचान चाहिए कानों की रंग बनता एवं सुरेश के लिए निम्नलिखित उपाय करने चाहिए
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16 Feb 2026
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हमारे आहार में जल का भी विशेष महत्वपूर्ण स्थान है यदि हम जल की कलम मात्रा ग्रहण करते हैं या शरीर में जल की कमी हो जाती है तो निश्चित रूप से व्यक्ति के स्वास्थ पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है शरीर में जल की कमी को निरंजन कारण कहते हैं निर्जन कलर अपने आप में एक गंभीर स्थिति है तथा उनके तंत्र उपचार न होने की दशा मैं व्यक्ति की मृत्यु तक हो सकती है
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हमारे आहार में जल का भी विशेष महत्वपूर्ण स्थान है यदि हम जल की कलम मात्रा ग्रहण करते हैं या शरीर में जल की कमी हो जाती है तो निश्चित रूप से व्यक्ति के स्वास्थ पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है शरीर में जल की कमी को निरंजन कारण कहते हैं निर्जन कलर अपने आप में एक गंभीर स्थिति है तथा उनके तंत्र उपचार न होने की दशा मैं व्यक्ति की मृत्यु तक हो सकती है
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16 Feb 2026
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रोगी के कमरे का महत्व रोगी के कमरे का अपना अलग महत्व है अलग कमरा होने से घर के सभी सदस्यों सकमक बीमारियों से ग्रसित नहीं हो सकेंगे रोगी भी संयुक्त वतावरण से दूर हो जएगा उसे अपने कमरे मैं शुद्ध वह स्वस्थ वातावरण मिलेगा जिससे वह अपने को जल्दी स्वस्थ महसूस कर लेगा
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रोगी के कमरे का महत्व रोगी के कमरे का अपना अलग महत्व है अलग कमरा होने से घर के सभी सदस्यों सकमक बीमारियों से ग्रसित नहीं हो सकेंगे रोगी भी संयुक्त वतावरण से दूर हो जएगा उसे अपने कमरे मैं शुद्ध वह स्वस्थ वातावरण मिलेगा जिससे वह अपने को जल्दी स्वस्थ महसूस कर लेगा
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16 Feb 2026
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भारतीय प्राचीन काल मैं जब मानव था और जंगलों में रहता था तो वह पेड़ों की चल और पशुओं कि कल से ही अपने शरीर दुख लेता था किंतु सभ्यता की विशाल के साथ उसने धीरे-धीरे वस्त्रो का आरंभ कर दिया वस्त्र का निर्माण के लिए मानव नेट तत्वोंक खोज कि किसी पदार्थ की वह इकई जिससे कपड़ों का निर्माण के लिए धागे बनाए जाता है तंत्र कहलाता है
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भारतीय प्राचीन काल मैं जब मानव था और जंगलों में रहता था तो वह पेड़ों की चल और पशुओं कि कल से ही अपने शरीर दुख लेता था किंतु सभ्यता की विशाल के साथ उसने धीरे-धीरे वस्त्रो का आरंभ कर दिया वस्त्र का निर्माण के लिए मानव नेट तत्वोंक खोज कि किसी पदार्थ की वह इकई जिससे कपड़ों का निर्माण के लिए धागे बनाए जाता है तंत्र कहलाता है
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12 Feb 2026
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