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Khushi prerna

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Blog by Khushi prerna | Digital Diary

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मन को 'शांत' और लाइफ को 'शानदार' बनाने वाले 6 जादुई ध्यान!

मन को 'शांत' और लाइफ को 'शानदार' बनाने वाले 6 जादुई ध्यान!
माइंडफुलनेस मेडिटेशन:  इसमें आपको न तो अतीत की चिंता करनी है और न भविष्य का प्रेशर लेना है। बस अभी, इसी पल में जीना है। आपके दिमाग में जो भी विचार या भावनाएं आ रही है उन्हें बिना किसी जजमेंट के बस एक दर्शक की तरह देखना है। माइंडफुल वॉकिंग (चलते-फिरते ध्यान) अगर आप एक जगह नहीं बैठ सकते, तो जब आप सुबह या शाम को वॉक पर जाते हैं, तब मोबाइल जेब में रख लें। चलते समय अपने पैरों के ज़मीन को छूने के अहसास,... Read More
माइंडफुलनेस मेडिटेशन:  इसमें आपको न तो अतीत की चिंता करनी है और न भविष्य का प्रेशर लेना है। बस अभी, इसी पल में जीना है। आपके दिमाग में जो भी विचार या भावनाएं आ रही है उन्हें बिना किसी जजमेंट के बस एक दर्शक की तरह देखना है। माइंडफुल वॉकिंग (चलते-फिरते ध्यान) अगर आप एक जगह नहीं बैठ सकते, तो जब आप सुबह या शाम को वॉक पर जाते हैं, तब मोबाइल जेब में रख लें। चलते समय अपने पैरों के ज़मीन को छूने के अहसास, हवा के चेहरे से टकराने और चिड़ियों की आवाज़ पर ध्यान दें। यह भी एक सूपर-इफेक्टिव माइंडफुलनेस ध्यान है।   एकाग्रता ध्यान (Concentration):अर्जुन की नज़र क्या आपका मन भी बंदर की तरह यहाँ-वहाँ कूदता रहता है? तो यह आपके लिए है। इसमें आपको अपना पूरा फोकस किसी एक चीज़ पर टिकाना होता है-जैसे आपकी चलती हुई सांसें, कोई मंत्र या सामने रखी कोई चीज़। यह आपके फोकस को लेज़र जैसा तेज़ बना देता है।   आध्यात्मिक ध्यान (Spiritual): "सोल-कनेक्शन अगर आप खुद को उस सर्वशक्तिमान ईश्वर या ब्रह्मांड की जादुई ऊर्जा से जोड़ना चाहते हैं, तो यह ध्यान आपके लिए है। यह मन को एक गहरी शांति और सुरक्षा का अहसास कराता है।   ट्रान्सेंडैंटल मेडिटेशन (TM): "तनाव की छुट्टी"  यह एक बेहद खास और आसान तकनीक है। इसमें आपको एक विशेष 'मंत्र' दिया जाता है, जिसे चुपचाप दोहराना होता है। यह आपके दिमाग को इतनी गहराई से शांत करता है कि सारा स्ट्रेस पल भर में गायब हो जाता है।   विजुअलाइजेशन मेडिटेशन: "मन की सैर अपनी आंखें बंद कीजिए और कल्पना कीजिए कि आप किसी खूबसूरत बीच पर हैं या पहाड़ों के बीच ठंडी हवा का मज़ा ले रहे हैं। इस ध्यान में मन के अंदर सकारात्मक और सुंदर दृश्यों की कल्पना करके खुद को रिलैक्स किया जाता है। ध्यान शुरू करने के 3 'गोल्डन रूल्स' (ताकि आप बोर न हों) टाइमिंग का चक्कर छोड़ें: शुरू में 1 घंटे बैठने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं है। सिर्फ 2 से 5 मिनट से शुरुआत करें। जब आदत बन जाए, तब टाइम बढ़ाएं। विचारों से लड़ें मत: ध्यान करते समय दिमाग में विचार (जैसे- आज खाने में क्या बनेगा या उसने मुझे ऐसा क्यों कहा) आना बिल्कुल नॉर्मल है। विचारों को रोकने की कोशिश न करें, बस उन्हें आने दें और जाने दें। कम्फर्ट सबसे पहले: ज़रूरी नहीं कि आप ज़मीन पर आलथी-पालथी मारकर ही बैठें। आप कुर्सी पर बैठ सकते हैं, सोफे पर टेक लगा सकते हैं, या पीठ सीधी रखकर बेड पर भी बैठ सकते हैं। \ आपके रूटीन के हिसाब से बेस्ट मेडिटेशन: अगर सुबह टाइम कम है : 3 मिनट का माइंडफुलनेस ध्यान करें। बस चाय पीते समय या खिड़की से बाहर देखते समय अपना पूरा ध्यान उसी पल पर रखें। अगर ऑफिस में बहुत स्ट्रेस है : 5 मिनट का मंत्र या सांसों पर एकाग्रता ध्यान करें। यह दिमाग को तुरंत शांत करता है। अगर रात को नींद नहीं आती : बेड पर लेटकर विजुअलाइजेशन (मन की सैर) करें। किसी शांत जगह की कल्पना करने से नींद बहुत गहरी आती है।  
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dhimangori69@gmail.com 10 Mar 2025 466 Views

शुक्ल ध्यान क्या है? शुक्ल ध्यान के लक्षण ध्यान के बारे में कुछ और बातें शुक्ल ध्यान की विशेषताएं:

शुक्ल ध्यान क्या है? शुक्ल ध्यान के लक्षण, ध्यान के बारे में कुछ और बातें, शुक्ल ध्यान की विशेषताएं शुक्लध्यान एक तरह का ध्यान है. शुक्ल शब्द का मतलब है 'शुद्ध' या 'स्वच्छ'. किसी भी विषय पर बिना किसी वासना के विचारों को केंद्रित करना शुक्लध्यान कहलाता है. यह ध्यान ही उच्चतम ध्यान होता है.  शुक्लध्यान के बारे में ज़्यादा जानकारीः शुक्लध्यान में श्वासोच्छ्वास का निरोध हो जाता है.  श... Read More
शुक्ल ध्यान क्या है? शुक्ल ध्यान के लक्षण, ध्यान के बारे में कुछ और बातें, शुक्ल ध्यान की विशेषताएं शुक्लध्यान एक तरह का ध्यान है. शुक्ल शब्द का मतलब है 'शुद्ध' या 'स्वच्छ'. किसी भी विषय पर बिना किसी वासना के विचारों को केंद्रित करना शुक्लध्यान कहलाता है. यह ध्यान ही उच्चतम ध्यान होता है.  शुक्लध्यान के बारे में ज़्यादा जानकारीः शुक्लध्यान में श्वासोच्छ्वास का निरोध हो जाता है.  शुक्लध्यान में एक ही योग का आश्रय लेकर एक ही द्रव्य का ध्याता चिंतन करता है. इसलिए इसको एकत्व वितर्क ध्यान कहा गया है.  शुक्लध्यान में पृथक्करणात्मक चिंतन, एकात्मक चिंतन, सूक्ष्म अचूक शारीरिक क्रिया, आत्मा की अपरिवर्तनीय शांति होती है.  अभ्यास दशा समाप्त हो जाने पर पूर्ण ज्ञातादृष्टा भावरूप शुक्लध्यान हो जाता है .  ध्यान के प्रकारः  ध्यान चार प्रकार के होते हैं - आर्तध्यान, रौद्रध्यान, धर्मध्यान और शुक्लध्यान. इन चारों ध्यानों में प्रत्येक ध्यान के चार-चार भेद हैं. इस प्रकार कुल मिलाकर ध्यान सोलह प्रकार के हो जाते हैं. ध्यान करने से आत्मिक और मानसिक शक्तियों का विकास होता है. जैन धर्म में, शुक्ल ध्यान को उच्चतम ध्यान माना जाता है. यह ध्यान किसी भी तरह के विकार से रहित होता है. शुक्ल ध्यान के कुछ लक्षण ये हैं:  बुद्धिपूर्वक राग समाप्त होने पर जो निर्विकल्प समाधि प्रगट होती है, उसे शुक्ल ध्यान कहते हैं.  शुक्ल ध्यान में एक ही योग का आश्रय लेकर एक ही द्रव्य का ध्याता चिंतन करता है.  शुक्ल ध्यान में श्रुतज्ञान के आधार पर किसी एक ही द्रव्य, गुण या पर्याय का योग होता है.  शुक्ल ध्यान में वितर्क और विचार से रहित इस ध्यान में मन, वचन और कायरूप योगों का निरोध हो जाता है.  शुक्ल ध्यान में क्रिया से भी रहित हो जाता है.  शुक्ल ध्यान में श्वास निरोध करना नहीं पड़ता, अपितु स्वयं हो जाता है.  शुक्ल ध्यान साक्षात् मोक्ष का कारण है. शुक्ल ध्यान की विशेषताएं: शुक्ल ध्यान में आत्मा बिलकुल साफ़ यानी निर्मल हो जाती है.  इस ध्यान से आत्मा का फिर से जन्म-मरण होना हमेशा के लिए रुक जाता है.  साधु को बुद्धिपूर्वक राग समाप्त हो जाने पर जो निर्विकल्प समाधि प्रगट होती है, उसे शुक्लध्यान कहते हैं.  रत्न दीपक की ज्योति की भाँति निष्कंप होकर ठहरता है.  श्वास निरोध इसमें करना नहीं पड़ता अपितु स्वयं हो जाता है.  यह ध्यान साक्षात् मोक्ष का कारण है.
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dhimangori69@gmail.com 25 Feb 2025 412 Views

सूक्ष्म ध्यान क्या है ध्यान करने का तरीका सूक्ष्म ध्यान के फ़ायदे ध्यान के बारे में कुछ और बातें:

सूक्ष्म ध्यान क्या है? सूक्ष्म ध्यान का अर्थ है दिन भर में कई बार थोड़े समय के लिए ध्यान लगाना। विशेषज्ञों का कहना है कि कम समय के लिए ध्यान करना, एक बार में 60 मिनट तक एकांत में बैठने जितना ही सकारात्मक प्रतीत होता है। विंस्टन कहते हैं, "दिन में कई बार छोटे-छोटे अंतराल पर ऐसा करने से निश्चित रूप से लाभ होता है, क्योंकि इससे ध्यान की वह गुणवत्ता विकसित होती है जो हमें वर्तमान क्षण में ले जाती है,... Read More
सूक्ष्म ध्यान क्या है? सूक्ष्म ध्यान का अर्थ है दिन भर में कई बार थोड़े समय के लिए ध्यान लगाना। विशेषज्ञों का कहना है कि कम समय के लिए ध्यान करना, एक बार में 60 मिनट तक एकांत में बैठने जितना ही सकारात्मक प्रतीत होता है। विंस्टन कहते हैं, "दिन में कई बार छोटे-छोटे अंतराल पर ऐसा करने से निश्चित रूप से लाभ होता है, क्योंकि इससे ध्यान की वह गुणवत्ता विकसित होती है जो हमें वर्तमान क्षण में ले जाती है, हमें शांत करती है, सहजता और संतुलन लाती है।" जिस ध्यान में स्थूल शरीर का इस्तेमाल नहीं किया जाता और भौतिक देह की क्रियाएं नहीं होतीं, उसे सूक्ष्म ध्यान कहते हैं. इसमें अलौकिक या अतींद्रिय विषयों पर ध्यान किया जाता है.  सूक्ष्म ध्यान की कुछ विधियां:  ओंकार श्रवण आंतरिक आलोक दर्शन दिव्य सुगंध पर ध्यान साक्षी चैतन्य का ख्याल कुंडलिनी, सर्प शक्ति पर ध्यान ध्यान के बारे में कुछ और बातें: ध्यान में मन को विश्रांति देने की सरल तकनीक से लेकर आंतरिक ऊर्जा का निर्माण तक शामिल है.  ध्यान में करुणा, प्रेम, धैर्य, उदारता, क्षमा आदि गुणों का विकास होता है.  ध्यान में साधक अपने शरीर, वातावरण को भी भूल जाता है और समय का भान भी नहीं रहता.  ध्यान के अभ्यास से मन शांत हो जाता है, जिसे योग की भाषा में चित्तशुद्धि कहा जाता है.  ध्यान के अभ्यास के लिए प्राणायाम, नामस्मरण (जप), त्राटक का भी सहारा लिया जा सकता है.  ध्यान का अभ्यास करने के लिए सदाचार, सद्विचार, यम, नियम का पालन और सात्विक भोजन भी मददगार होता है. सूक्ष्म ध्यान करने से कई फ़ायदे होते हैं, जैसे कि:  मानसिक शांति मिलती है तनाव कम होता है एकाग्रता बढ़ती है शरीर लचीला बनता है जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है हड्डियों की बीमारियों में राहत मिलती है सांस से जुड़ी समस्याओं में फ़ायदेमंद होता है पाचन तंत्र ठीक होता है व्यक्तित्व प्रभावी बनता है दूर दृष्टि और निर्णय शक्ति बढ़ती है सूक्ष्म ध्यान करने का तरीका:  योगा मैट पर बैठ जाएं सुखासन या पद्मासन की मुद्रा में बैठें आंखें बंद कर ध्यान लगाएं सांसों पर ध्यान दें और लंबी-गहरी सांस लें हाथ जोड़कर ओम का उच्चारण करें और आंखें खोलें ध्यान करने के अन्य फ़ायदे:  मानसिक अनुशासन विकसित होता है नींद आने में लगने वाला समय कम हो सकता है और नींद की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है शारीरिक बीमारी में आराम मिल सकता है मूड बेहतर हो सकता है थकान के स्तर को घटाता है इच्छा शक्ति, स्मरण शक्ति, आत्मविश्वास, विचारों की स्पष्टता में वृद्धि करता है
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dhimangori69@gmail.com 24 Feb 2025 414 Views

शांति पाने के लिए 8 प्रकार के ध्यान

शांति पाने के लिए 8 प्रकार के ध्यान
आज और कल की चिंता में अक्सर रहते हैं परेशान तो सीखें माइंडफुल मेडिटेशन दूर होगी टेंशन और दिमाग रहेगा स्थिर ध्यान आपको दुनिया के शोर और अपने व्यस्त विचारों से एक बहुत ज़रूरी ब्रेक लेने का मौक़ा देता है। यह ब्रेक आपको अपने दिन के दौरान ज़्यादा आराम और स्पष्ट दिमाग़ का एहसास करा सकता है। अध्ययनों से पता चलता है कि ध्यान तनाव को कम करने, आपके ध्यान को बेहतर बनाने और आपको अपने विचारों और भावनाओं के बार... Read More
आज और कल की चिंता में अक्सर रहते हैं परेशान तो सीखें माइंडफुल मेडिटेशन दूर होगी टेंशन और दिमाग रहेगा स्थिर ध्यान आपको दुनिया के शोर और अपने व्यस्त विचारों से एक बहुत ज़रूरी ब्रेक लेने का मौक़ा देता है। यह ब्रेक आपको अपने दिन के दौरान ज़्यादा आराम और स्पष्ट दिमाग़ का एहसास करा सकता है। अध्ययनों से पता चलता है कि ध्यान तनाव को कम करने, आपके ध्यान को बेहतर बनाने और आपको अपने विचारों और भावनाओं के बारे में ज़्यादा जागरूक बनाने में मदद कर सकता है। यह आपके समग्र मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा हो सकता है।  अगर आपको अपने मन को शांत करने और आराम करने में परेशानी होती है, तो ध्यान एक सरल अभ्यास है जो काफी मदद कर सकता है। चाहे आपका शेड्यूल कैसा भी हो। अगर आप हर दिन ध्यान करने के लिए कुछ समय निकालते हैं, तो आप पाएंगे कि आप आम तौर पर काम, स्कूल या कहीं भी कम तनाव महसूस करते हैं और ज़्यादा ध्यान केंद्रित करते हैं। दुनिया भर में, कई लोग यह पा रहे हैं कि सिर्फ़ कुछ मिनट का ध्यान भी उनके दिन में बड़ा बदलाव ला सकता है।    
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dhimangori69@gmail.com 24 Feb 2025 374 Views

इस ध्यान में आरामदायक मानसिक चित्र या परिस्थितियां बनाई जाती हैं

इस ध्यान में आरामदायक मानसिक चित्र या परिस्थितियां बनाई जाती हैं
फोकस मेडिटेशन स्ट्रेसफुल लाइफस्टाइल के चलते हर कोई तनाव में रहता है. दिनभर घर और ऑफिस की जिम्मेदारियां और काम की चिंता हर समय तनाव का कारण बनी रहती है. स्ट्रेस का कारण चाहे जो भी हो, ये आपके मेंटल हेल्थ पर बहुत बुरा असर डालता है. एक अच्छी लाइफ जीने के लिए आपको फिजिकली और मेंटली दोनों तरह से स्वस्थ रहना जरूरी है. तनाव और स्ट्रेस से छुटकारा पाने के लिए मेडिटेशन सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है . मेडिट... Read More
फोकस मेडिटेशन स्ट्रेसफुल लाइफस्टाइल के चलते हर कोई तनाव में रहता है. दिनभर घर और ऑफिस की जिम्मेदारियां और काम की चिंता हर समय तनाव का कारण बनी रहती है. स्ट्रेस का कारण चाहे जो भी हो, ये आपके मेंटल हेल्थ पर बहुत बुरा असर डालता है. एक अच्छी लाइफ जीने के लिए आपको फिजिकली और मेंटली दोनों तरह से स्वस्थ रहना जरूरी है. तनाव और स्ट्रेस से छुटकारा पाने के लिए मेडिटेशन सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है . मेडिटेशन यानी ध्यान करने से तनाव दूर होता है और मन को शांति मिलती है. मेडिटेशन हर कोई कर सकता है और इसे करने के लिए किसी और चीज की जरूरत भी नहीं है. मेडिटेशन करने के लिए आपको केवल कुछ चीजों का ध्यान रखना है. आइए जानते हैं क्या है मेडिटेशन का सही तरीका और मेडिटेशन के लाभ. मेडिटेशन के लिए ऐसी मुद्रा चुनें जिसमें आप लम्बे समय तक बैठ सकें। खुद को रिलैक्स करते हुए इस समय चेहरे पर मुस्कुराहट के भाव रखें। मेडिटेशन के पहले 10-15 मिनट तक गहरी सांस लें। इससे आपका शांत भाव में जाना आरम्भ होता है। इस समय खाली पेट रहें और इसके लिए सुविधाजनक समय चुनें। इन्हे भी पड़े  इसमें चिंतन किया जाता है आज और कल की चिंता में अक्सर रहते हैं परेशान तो सीखें माइंडफुल मेडिटेशन दूर होगी टेंशन और दिमाग रहेगा स्थिर  
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dhimangori69@gmail.com 24 Feb 2025 363 Views

इसमें चिंतन किया जाता है

इसमें चिंतन किया जाता है
हममें से कई लोग खुद को चिंतन के दोहराव वाले चक्र में फंसा हुआ पाते हैं। यह बातचीत को फिर से दोहराना और यह इच्छा करना कि हमने कुछ अलग कहा होता, जितना हल्का हो सकता है। लेकिन इसके सबसे बुरे रूप में, चिंतन दुर्बल करने वाला हो सकता है, जिसमें अत्यधिक सोचना और नकारात्मक भावनाओं में लगातार फंसना शामिल है। यह जानने के लिए आगे पढ़ें कि हम चिंतन क्यों करते हैं, चिंतन के प्रभाव क्या हैं और इसे कैसे रोका जाए... Read More
हममें से कई लोग खुद को चिंतन के दोहराव वाले चक्र में फंसा हुआ पाते हैं। यह बातचीत को फिर से दोहराना और यह इच्छा करना कि हमने कुछ अलग कहा होता, जितना हल्का हो सकता है। लेकिन इसके सबसे बुरे रूप में, चिंतन दुर्बल करने वाला हो सकता है, जिसमें अत्यधिक सोचना और नकारात्मक भावनाओं में लगातार फंसना शामिल है। यह जानने के लिए आगे पढ़ें कि हम चिंतन क्यों करते हैं, चिंतन के प्रभाव क्या हैं और इसे कैसे रोका जाए। मनन क्या है?  शोधकर्ता व्यापक अध्ययन  के बाद भी चिंतन को सटीक रूप से परिभाषित करने और मापने के लिए संघर्ष कर रहे हैं । लेकिन मोटे तौर पर, चिंतन हमारी नकारात्मक भावनाओं के कारणों और प्रभावों के बारे में बार-बार सोचने की क्रिया है, विशेष रूप से समस्याओं या पिछली घटनाओं से संबंधित।  चिंतन के सामान्य लक्षण चिंतन कई तरह से खुद को प्रकट कर सकता है, भावनात्मक और शारीरिक दोनों रूप से। जिन सामान्य संकेतों पर ध्यान देना चाहिए, वे हैं: कष्टदायक भावनाओं पर विचार करना अतीत की घटनाओं या कथित गलतियों को भूलने में असमर्थ होना सबसे खराब स्थिति की सोच नकारात्मक विचारों के चक्र में फँस जाना तनाव या संभावित समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता बढ़ जाना प्रत्याशा चिंता चिंतन और भावनात्मक प्रसंस्करण के बीच अंतर  चिंतन भावनात्मक विनियमन से जटिल तरीके से जुड़ा हुआ है । यह एक मुकाबला करने का तंत्र और भावनात्मक कल्याण के लिए एक बाधा दोनों है। जबकि यह परेशान करने वाली भावनाओं पर नियंत्रण की एक अल्पकालिक भावना प्रदान करता है, यह टालने वाली मुकाबला करने की रणनीति नकारात्मक विचार पैटर्न को बढ़ावा दे सकती है और चिंता और अवसाद की भावनाओं को बदतर बना सकती है।  नकारात्मक भावनाओं पर ध्यान केन्द्रित करना  चिंतनशील विचार हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। लोग निजी रिश्तों, काम, स्वास्थ्य या जीवन के अन्य पहलुओं पर चिंतन कर सकते हैं। यहां तक कि चिंतन करने के हमारे तरीके भी अलग-अलग हो सकते हैं - कुछ लोगों को घुसपैठिया विचार आ सकते हैं जबकि अन्य लोग पिछली घटनाओं या गलतियों के बारे में सोचते हुए लंबा समय बिताते हैं चिंतन के उदाहरण क्या हैं? जहाँ चिंतन नकारात्मक भावनाओं को बढ़ाता है, वहीं भावनात्मक प्रसंस्करण हमें उन्हें समझने और स्वीकार करने में मदद करता है। भावनात्मक प्रसंस्करण न केवल सक्रिय और उद्देश्यपूर्ण है, बल्कि यह भावनात्मक विकास और लचीलेपन को भी बढ़ावा देता है।   चिंतन में चिंताजनक भावनाओं पर ध्यान केंद्रित करना शामिल हो सकता है। यह अवसाद और चिंता को बढ़ाता है या उसे और खराब करता है । इस तरह की सोच से ग्रस्त लोग अक्सर निम्न प्रकार की भावनाओं का अनुभव करते हैं: नाकाबिल अनुविता निराशा इन्हेन भी पड़े आज और कल की चिंता में अक्सर रहते हैं परेशान तो सीखें माइंडफुल मेडिटेशन दूर होगी टेंशन और दिमाग रहेगा स्थिर
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dhimangori69@gmail.com 24 Feb 2025 405 Views

आज और कल की चिंता में अक्सर रहते हैं परेशान तो सीखें माइंडफुल मेडिटेशन दूर होगी टेंशन और दिमाग रहेगा स्थिर

आज और कल की चिंता में अक्सर रहते हैं परेशान तो सीखें माइंडफुल मेडिटेशन, दूर होगी टेंशन और दिमाग रहेगा स्थिर माइंडफुल मेडिटेशन ध्‍यान का आसान तरीका है ज‍िससे आप अपने द‍िमाग को शांत और स्‍ट्रेस को पल भर में गायब कर सकते हैं। क्‍या आप हद से ज्‍यादा तनाव में रहते हैं? क्‍या वर्क प्रेशर के चलते आपकी याद्दाश कमजोर होने लगी है? अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो लाइफ से स्‍ट्रेस हटाकर खुश रहने का आसान तरीका... Read More
आज और कल की चिंता में अक्सर रहते हैं परेशान तो सीखें माइंडफुल मेडिटेशन, दूर होगी टेंशन और दिमाग रहेगा स्थिर माइंडफुल मेडिटेशन ध्‍यान का आसान तरीका है ज‍िससे आप अपने द‍िमाग को शांत और स्‍ट्रेस को पल भर में गायब कर सकते हैं। क्‍या आप हद से ज्‍यादा तनाव में रहते हैं? क्‍या वर्क प्रेशर के चलते आपकी याद्दाश कमजोर होने लगी है? अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो लाइफ से स्‍ट्रेस हटाकर खुश रहने का आसान तरीका हम आपको बताने जा रहे हैं। इसको माइंडफुलनेस मेडिटेशन कहा जाता है। इससे आपके द‍िमाग की उथल-पुथल शांत होती है और मन को आराम म‍िलता है। माइंडफुलनेस मेडिटेशन ध्यान करने का एक तरीका है ज‍िससे आप अपने माइंड को कंट्रोल कर सकते हैं। आज की भागती ज‍िंदगी में सब कुछ तेजी से चल रहा है पर हमारे द‍िमाग की क्षमता उतनी ही है। ज्‍यादा चीज़ों को एक साथ करने या सोचने से द‍िमाग परेशान हो जाता है और आप स्‍ट्रेस में आ जाते हैं। इससे बचने के ल‍िये मेडिटेशन की इस तकनीक को जरूर सीखें। इंटरनेट पर कई वीड‍ियो हैं ज‍िनकी मदद से आप माइंडफुलनेस मेडिटेशन सीख सकते हैं। इसे करने का तरीका और फायदे जानने के ल‍िये हमने बात की लखनऊ के बोधिट्री इंडिया सेंटर की काउन्‍सलिंग साइकोलॉज‍िस्‍ट डॉ नेहा आनंद से और समझा क‍ि ध्‍यान करने से हमारी ज‍िंदगी में क्‍या बदलाव आ सकता है। कैसे करते हैं माइंडफुल मेडिटेशन? (Steps of mindfulness meditation)  1 सबसे पहले पालथी लगाकर बैठ जायें। क‍िसी शांत जगह का चुनाव करें जहां आपध्‍यान लगा पायें।  2 पीठ को सीधा रखें। आप चाहें तो तक‍िए की मदद ले सकते हैं।  3 आंखों को बंद करके अपने अंदर की आवाज़ों को सुनने की कोश‍िश करें।  4 शांत‍ि से बैठकर सोचने पर आपको अहसास होगा क‍ि द‍िमाग में क‍ितनी उथल-पुथल है।   5 शुरूआत में कुछ म‍िनटों के ल‍िये करें और फिर धीरे-धीरे समय बढ़ाते जायें।  6 आप देखेंगे क‍ि कुछ ही हफ्तों में आपका स्‍ट्रेस लेवल कम हो रहा है। क्‍या हैं माइंडफुल मेडिटेशन के फायदे? (Benefits of mindfulness meditation) माइंडफुल मेडिटेशन को करने से स्‍ट्रेस दूर रहता है। अगर लंबे समय से आप क‍िसी बात से परेशान हैं तो इसे जरूर ट्राई करें।  इस मेड‍िटेशन से याद करने की शक्‍त‍ि सुधरती है। जो बच्‍चे को पढ़ाई को लेकर च‍िंता में हैं वो उसे करके देखें इससे याददाश अच्‍छी होती और आपको देर तक बातें याद रहती है।  अगर ऑफ‍िस में आपको गुड ड‍िसीज़न मेकर नहीं समझा जाता तो घबरायें नहीं एक बार माइंडफुल मेड‍िटेशन करके देखें। आपके फैसले लेने की क्षमता में बदलाव आयेगा। आप तुरंत न‍िर्णय ले पायेंगे। इससे एकाग्रता भी बढ़ती है तो देर तक आपका काम में मन लगा रहेगााा।  कपल्‍स को भी ये मेड‍िटेशन करना चाह‍िये। इसे करने से आप एक-दूसरे को और बेहतर तरीके से समझने लगते हैं। दूसरे शब्‍दों में कहें तो इसे करने से अंडरस्‍टैंड‍िंग बढ़ती है। माइंडफुल मेड‍िटेशन करने से हाइपर एक्‍ट‍िवि‍टी कम हो जाती है। इसका मतलब है क‍ि हम एक साथ कई चीज़ें सोचने लगतें हैं और हमारा द‍ि‍माग इसे समझ नहीं पाता इसल‍िये स्‍ट्रेस या स‍िर दर्द होने लगता है। इस मेड‍िटेशन से आपका द‍िमाग शांत होता है और द‍िमाग में चलने वाली उथल-पुथल बंद हो जाती है। ज‍िन लोगों को नींद नहीं आती उन्‍हें ये मेड‍िटेशन करना चाह‍िये। इसे आप क‍िसी भी समय कहीं पर भी कर सकते हैं। इसे रोज करने का सबसे बड़ा फायेदा ये है क‍ि आपको गहरी नींद आयेगी। अगर आपको बहुत ज्‍यादा गुस्‍सा आता है या आप च‍िड़च‍िड़े हो रहे हैं तो इस मेड‍िटेशन को जरूर करके देखें। आपका गुस्‍सा कंट्रोल होने लगेगा और आप इमोशनली स्‍टेबल हो जायेंगे।  खुश रहने का सबसे आसान उपाय है माइंडफुल मेड‍िटेशन। आपको इसे एक बार ट्राय करके अपनी ज‍िंदगी को नया नजर‍िया देना चाह‍िये। माइंडफुल मेड‍िटेशन को अपने रूटीन में शाम‍िल करें और इसका लाभ उठायें। काम तो पूरे द‍िन चलता है पर दो घड़ी अपने साथ भी ब‍ितायें। इन छोटी-छोटी चीज़ों को करने से तनाव आपका पीछा छोड़ देगा।
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dhimangori69@gmail.com 23 Feb 2025 427 Views

अगर एक जगह बैठकर ध्यान लगाना मुश्किल लगता है तो कोई भी काम करते हुए ध्यान लगाना

अगर एक जगह बैठकर ध्यान लगाना मुश्किल लगता है  तो कोई भी काम करते हुए ध्यान लगाना
क्या मेडिटेशन करते समय हो रही है कठिनाई? अपनाएं ये टिप्स जिस तरह हमको शारारिक रूप से स्वस्थ्य रहने के लिए योगा और एक्सरसाइज की जरूरत होती है। उसी प्रकार मेडिटेशन शारारिक और मानसिक तनाव को दूर करने का साधन है। जिसको करने के लिए लोगों को एकांत की आवश्यकता होती है। लेकिन एक जगह बैठकर ध्यान लगाने में लोगों को काफी कठिनाई महसूस होती है। इधर-उधर के विचारों से अपने मन को हटाकर, आंखें मूंद कर लोग उस दिव्... Read More
क्या मेडिटेशन करते समय हो रही है कठिनाई? अपनाएं ये टिप्स जिस तरह हमको शारारिक रूप से स्वस्थ्य रहने के लिए योगा और एक्सरसाइज की जरूरत होती है। उसी प्रकार मेडिटेशन शारारिक और मानसिक तनाव को दूर करने का साधन है। जिसको करने के लिए लोगों को एकांत की आवश्यकता होती है। लेकिन एक जगह बैठकर ध्यान लगाने में लोगों को काफी कठिनाई महसूस होती है। इधर-उधर के विचारों से अपने मन को हटाकर, आंखें मूंद कर लोग उस दिव्य प्रकाश या शांति की तलाश करते हैं। और जब दो मिनट में उनको वो अनुभूति नहीं होती तो वह इस प्रक्रिया को बीच में ही छोड़ देते हैं। मेडिटेशन कोई एक्सरसाइज नहीं है, बल्कि यह एक प्रैक्टिस है। जिसमें एक व्यक्ति विशेष एक विधि का प्रयोग कर या अपने मष्तिस्क को किसी एक विशेष विशेष वस्तु या विचार पर केंद्रित करता है। जिससे वह आत्मिक या आध्यात्मिक सुख का अनुभव कर सके। इसलिए यह सब लोगों को करना चाहिए। मैडिटेशन से शरीर और बॉडी का स्ट्रेस कम होता है। इससे आपको अपने विचारों और भावनाओं के बारे में ज्यादा अच्छी समझ पैदा होती है। साथ ही यह इमोशनल हेल्थ को इम्प्रूव करने में सहायक होता है। व्यक्ति को जीवन में स्थिरता का आभास होने लगता है। हमारे मन में हर समय अनेकों विचार चलते रहते हैं। मन में अस्थिरता बनी रहती है। दिमाग में अजीब सी हलचल का अहसास। ऐसी स्तिथि में अपने अनावश्यक विचारों और से हटाकर शुद्ध और शांत वातावरण में आध्यात्मिक सुख का अनुभव करना ही ध्यान होता है। लेकिन प्रश्न उठता है कि जब हम इस विधि में समस्या का अनुभव कर रहे हैं तो मैडिटेशन की अवस्था में कैसे पहुंचे। इसके लिए शायद हमारे ये टिप्स आपके काम आ सकते हैं। इन्हेन भी पड़े  
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dhimangori69@gmail.com 23 Feb 2025 423 Views

इसमें हर चीज़ के प्रति प्रेम और दया का दृष्टिकोण विकसित किया जाता है

इसमें हर चीज़ के प्रति प्रेम और दया का दृष्टिकोण विकसित किया जाता है
प्रेम-दया ध्यान के इस चरण-दर-चरण मार्गदर्शिका से मन की शांति पाएं प्रेमपूर्ण-दया ध्यान का अभ्यास करने के लिए यह चरण-दर-चरण मार्गदर्शिका किसी भी कौशल स्तर के लिए काम करती है। यदि आप इस अभ्यास में नए हैं, तो अपने आप को प्रेमपूर्ण विचार भेजने पर ध्यान केंद्रित रखें।  नियमित ध्यान के लाभ हालाँकि प्रेम-दया ध्यान की कला पारंपरिक ध्यान की तुलना में नई है, लेकिन कुछ प्रकाशित अध्ययन हैं जो इस अभ्यास के ला... Read More
प्रेम-दया ध्यान के इस चरण-दर-चरण मार्गदर्शिका से मन की शांति पाएं प्रेमपूर्ण-दया ध्यान का अभ्यास करने के लिए यह चरण-दर-चरण मार्गदर्शिका किसी भी कौशल स्तर के लिए काम करती है। यदि आप इस अभ्यास में नए हैं, तो अपने आप को प्रेमपूर्ण विचार भेजने पर ध्यान केंद्रित रखें।  नियमित ध्यान के लाभ हालाँकि प्रेम-दया ध्यान की कला पारंपरिक ध्यान की तुलना में नई है, लेकिन कुछ प्रकाशित अध्ययन हैं जो इस अभ्यास के लाभों को दर्शाते हैं। इन लाभों में शामिल हैं: तनाव में कमी सामाजिक चिंता का प्रबंधन वैवाहिक विवादों का प्रबंधन बेहतर क्रोध नियंत्रण दीर्घकालिक देखभाल के तनाव से निपटना अपने मन को दयालु, अधिक समझदार और कम आलोचनात्मक बनाने का यह कार्य आपके और आपके आस-पास के लोगों के साथ आपके संबंधों को सकारात्मक रूप से प्रभावित करना शुरू कर सकता है। मानवता एक शक्तिशाली औषधि है और इसमें आपके शरीर, मन और आत्मा को ठीक करने की क्षमता है।  कृपा इन्हेन भी पड़े रात को सोने से पहले मेड‍िटेशन करना कई मायनों में फायदेमंद होता है। जानें इसे करने का तरीका।
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dhimangori69@gmail.com 23 Feb 2025 520 Views

रात में सोने से पहले 20 मिनट कर लें ये काम दिमाग को मलेगा आराम और नींद होगी गहरी

रात में सोने से पहले 20 मिनट कर लें ये काम, दिमाग को मलेगा आराम और नींद होगी गहरी अक्सर लोगों को रात में नींद नहीं आती और लोग सोने के लिए परेशान रहते हैं। कुछ लोगों को तनाव भी होता है। ऐसे लोगों के लिए ये टिप्स फायदेमंद है। कहते हैं कि 20 मिनट मेडिटेशन, 4 घंटे की नींद के बराबर है। ऐसे में जब अक्सर रात में नींद नहीं आती और आपको एंग्जायटी की समस्या परेशान करती है तो आप सोने से पहले मेडिटेशन कर सकते... Read More
रात में सोने से पहले 20 मिनट कर लें ये काम, दिमाग को मलेगा आराम और नींद होगी गहरी अक्सर लोगों को रात में नींद नहीं आती और लोग सोने के लिए परेशान रहते हैं। कुछ लोगों को तनाव भी होता है। ऐसे लोगों के लिए ये टिप्स फायदेमंद है। कहते हैं कि 20 मिनट मेडिटेशन, 4 घंटे की नींद के बराबर है। ऐसे में जब अक्सर रात में नींद नहीं आती और आपको एंग्जायटी की समस्या परेशान करती है तो आप सोने से पहले मेडिटेशन कर सकते हैं। दरअसल, सोने से पहले मेडिटेशन करना आपके मन को शांत करने के अलावा भी शरीर पर एक गहरा प्रभाव डालता है। लेकिन, समझने वाली बात ये है कि सोने से पहले मेडिटेशन कैसे करें, क्या है इसका तरीका और फिर जानेंगे इसके तमाम फायदे जो आपको लगातार इसे करने से मिल सकते हैं। रात में सोने से पहले 20 मिनट करें मेडिटेशन-20 minute meditation before sleeping रात में सोने से पहले आपको 20 मिनट आराम से मेडिटेशन करना चाहिए। दअसल, मेडिटेशन यानी ध्यान लोगों को दोगुनी तेजी से सोने में मदद करता है, तीव्र नेत्र गति (आरईएम) नींद की स्थिति को बढ़ाता है और गहरी नींद को बनाए रखता है। वास्तव में, यह नींद की कमी को दूर करने में मददगार है और आपको मानसिक रूप से शांति देता है। सोने से पहले 20 मिनट मेडिटेशन कैसे करें-How to do meditation before sleeping सोने से पहले 20 मिनट मेडिटेशन करने के लिए आपको करना ये है कि -पहले तो लाइट ऑफ कर लें और फिर आंख बंद कर लें। -इसके बाद आराम से बैठें और फिर हल्की-हल्की सांस लें। -इसके बाद आपको अपने कानों को बंद करना है, आंखों को बंद रखना है और 10 मिनट तक बस सांस लें, सांस छोड़े। -ऐसा करने के बाद आपको अलग से शांति महसूस होगी और नींद आने लगेगी। सोने से पहले 20 मिनट मेडिटेशन करने के फायदे-benefits of meditation before sleeping सोने से पहले 20 मिनट मेडिटशन करने का सबसे बड़ा फायदा ये है कि ये पहले तो आपको शांत कर देता है। दिमाग के सोचने की गति कम हो जाती है और इससे मानसिक शांति मिलती है। इससे अलावा 20 मिनट मेडिटेशन से ही आपकी एंग्जायटी कम होने लगती है और आप बेहतर महसूस करने लगते हैं। इसके अलावा तनाव कम हो जाता है और आप सबकुछ भूलने लगते हैं। इस तरह दिमाग आपको नींद की ओर ले जाती है और फिर आप सो जाते हैं।
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dhimangori69@gmail.com 23 Feb 2025 425 Views

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